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Bihar News Today Live 27 February 2026: बिहार की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, शिक्षा और क्राइम की ताज़ा अपडेट

27 फरवरी 2026 के लिए बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ और मुख्य ताजा घटनाओं का लाइव अपडेट है 👇

  • 📌 केंद्रीय मंत्री का आह्वान: कृषि मंत्री राम नाथ ठाकुर ने बिहार में मखाना अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिकों से काम करने का आह्वान किया है, जिससे कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी।
  • 📊 CAG रिपोर्ट में खामियाँ: कैग ने बिहार में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन में कमियों का हवाला दिया है, जिसमें लाभार्थियों तक जागरूकता और सेवाओं के वितरण में असंतुलन दिखा।
  • 📈 ‘Destination Bihar 2026’ एक्सपो शुरू: पटना में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का औद्योगिक एक्सपो शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय उत्पादन और रोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
  • 🏙️ पाँव की राहें सुदृढ़ करने का अभियान: बिहार सरकार ने राज्यव्यापी फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का आदेश जारी किया है, ताकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित हो सकें।
  • 🚓 दारू तस्करी में गिरफ्तारियाँ: उत्तर प्रदेश के बल्लिया जिले में 3 तस्करों को बिहार के लिए शराब तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया और 471 बॉक्स शराब जब्त हुई।
  • 📜 बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज 27 फरवरी से शुरू हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कई केंद्रों पर जांच कार्य जारी है, और परिणाम मार्च मध्य से अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
  • 🌤️ आज उत्तर भारत, विशेषकर यूपी–बिहार क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, हालांकि कुछ राज्यों में बारिश / अलर्ट जारी है। तापमान में वृद्धि जारी रहने के संकेत हैं।
  • 🗳️ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन व एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने के संकेत हैं।

बिहार के जिलावार मुख्य ताज़ा समाचार | 27 फरवरी 2026

📍 पटना

राजधानी पटना में ‘डेस्टिनेशन बिहार 2026’ इंडस्ट्रियल एक्सपो का शुभारंभ हुआ, जिसमें राज्य में निवेश आकर्षित करने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया। वहीं, नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज करते हुए मुख्य सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की है। राजनीतिक हलकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है।

📍 गया

गया जिले में पुलिस ने अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें कई ट्रैक्टर और ट्रकों को जब्त किया गया। बोधगया क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक भी की।

📍 भागलपुर

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग विभाग ने विशेष कार्यशाला आयोजित की। वहीं, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने रात में सघन वाहन जांच अभियान चलाया।

📍 मुज़फ़्फ़रपुर

मुज़फ़्फ़रपुर में लीची किसानों के लिए कृषि विभाग ने प्रशिक्षण शिविर लगाया, जिसमें फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए। शहर में सड़क मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है। साथ ही, उत्पाद विभाग ने शराबबंदी कानून के तहत कई जगह छापेमारी की।

📍 दरभंगा

दरभंगा में भूमि विवाद को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया है। विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद ने स्वच्छता अभियान चलाकर बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

📍 पूर्णिया

पूर्णिया में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट जांच की गई। कृषि विभाग ने मक्का किसानों को अनुदान योजना की जानकारी दी। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी द्वारा गश्त बढ़ाई गई है।

📍 आरा

आरा में बिजली आपूर्ति में सुधार को लेकर विभाग ने नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत पौधारोपण अभियान की तैयारी की जा रही है।

📍 छपरा

छपरा में गंडक नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठक की। वहीं, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।

27 फरवरी की मुख्य 20 खबरें: भारत-इजराइल में गहरा सहयोग, पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान का सैन्य अभियान

भारत और दुनिया भर में 27 फरवरी को कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, और अन्य क्षेत्रों में समझौते हुए। इसी बीच, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के हवाई हमले का जवाब देते हुए सैन्य कार्रवाई शुरू की।

भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर में प्रोटोकॉल तोड़कर सड़क पर उतरकर बच्चों को चॉकलेट बांटे।

चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन का अंतिम संस्कार जिलंगगोड़ा गांव में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेता शामिल हुए। चतरा में हुए एयर एंबुलेंस हादसे के मलबे को दिल्ली भेजा जाएगा।

पटना में एनईईटी छात्रा मौत मामले में आरोपी मनीष रंजन को जमानत नहीं मिली। तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में एनडीए के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया।

बिहार में दरभंगा को फोरलेन का बड़ा तोहफा मिला, जहां एकमी-शोभन बाईपास पर निर्माण शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में आदिवासियों के विरोध मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 मार्च को कोलकाता आ रहे हैं, जहां वे परिवर्तन यात्रा में शामिल होंगे। तमिलनाडु में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया।

12वीं के बाद डेटा एनालिस्ट बनने के लिए आपको डेटा के साथ काम करना पसंद होना चाहिए और लॉजिकल सोच रखनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू रॉयल एनफील्ड गोवन क्लासिक 350 बाइक के साथ दिखाई दिए।

सैमसंग ने गैलेक्सी एस26 सीरीज को ‘एजेंटिक एआई फोन’ के रूप में पेश किया, जिसमें गूगल जेमिनी इंटीग्रेट है। फिजिक्सवाला के शेयरों में 3% की गिरावट आई। दिल्ली में ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ शुरू किया जाएगा, जिससे महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को बसों में मुफ्त यात्रा के साथ-साथ मेट्रो, शॉपिंग और कैश निकालने की सुविधा मिलेगी।

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की पहली तस्वीरें सामने आईं, जिसमें दोनों ने ट्रेडिशनल और शाही आउटफिट्स में नजर आए।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को ब्रिटेन ने वीजा देने से इनकार कर दिया, सीएम योगी ने जापान और सिंगापुर से 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को ब्रिटेन ने वीजा देने से इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें अपना ब्रिटेन दौरा रद्द करना पड़ा है। यह दौरा 25 से 27 फरवरी तक निर्धारित था। केशव मौर्य ने इससे पहले जर्मनी का दौरा किया था, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और समझौते किए। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों, रक्षा कंपनियों, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठकें कीं।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान और सिंगापुर के दौरे के दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। उन्होंने जापान में मैग्लेव ट्रेन से यात्रा की और यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी P2G सिस्टम की साइट विजिट की और निवेशकों से बातचीत की।

केशव मौर्य ने जर्मनी में कई प्रमुख इंडस्ट्रियल ग्रुप और संगठनों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और एयरोस्पेस, स्मार्ट सिटी और ई-व्हीकल, और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के साथ समझौते किए और उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को भारत का ‘सेमीकंडक्टर हब’ बनाना है, जिसके लिए उन्होंने जर्मन तकनीक और विशेषज्ञता का सहयोग मांगा। उन्होंने जर्मन रक्षा कंपनी ‘क्वांटम सिस्टम्स’ के साथ बैठक की और यूपी को ड्रोन बनाने का गढ़ बनाने पर चर्चा की।

इस दौरे से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। केशव मौर्य और योगी आदित्यनाथ के दौरे से राज्य को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी और निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।

जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन: वाइस-चांसलर के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र, जानें पूरी खबर

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें वे वाइस-चांसलर शांतिश्री डी पंडित के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि वाइस-चांसलर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में जातिवादी और हाशिये पर पड़े समुदायों के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियां की थीं।

जेएनयू के छात्र संगठनों ने वाइस-चांसलर की टिप्पणियों की निंदा की है और उनके इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसे देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी थी। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का भी प्रयास किया, जिसका उन्होंने विरोध किया।

रविवार देर रात भी जेएनयू में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कुछ छात्र घायल हुए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी तरह के अराजक व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

छात्रों का कहना है कि वे वाइस-चांसलर के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक कि उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसमें छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत की सख्त टिप्पणी, जमानत याचिका खारिज, अगली सुनवाई 28 फरवरी को

पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत ने आरोपी मनीष रंजन को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिससे मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 28 फरवरी तय की है, जिसमें जांच एजेंसी से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है।

जमानत याचिका पर अदालत में करीब एक घंटे तक बहस चली, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और जांच की प्रक्रिया पर सख्त टिप्पणी की।

अदालत ने जांच अधिकारियों से पूछा कि आखिर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कैसे हुई और यदि लापरवाही सामने आती है, तो जांच अधिकारियों पर ही केस दर्ज क्यों न किया जाए। पीड़िता पक्ष के वकील ने सुनवाई के बाद बड़ा खुलासा किया और कहा कि अदालत के सामने साफ तौर पर यह मुद्दा उठाया गया कि कई अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई है।

वकील ने आरोप लगाया कि जांच पूरी तरह लापरवाही से की गई और सबूतों को सही तरीके से संकलित नहीं किया गया। कई दस्तावेज और सामग्री संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आई। अदालत ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को फटकार लगाई है।

अब इस मामले में 28 फरवरी को अगली सुनवाई होगी, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जमानत न मिलने से आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं और मामले की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

बिहार में ग्रीन कॉरिडोर की शुरुआत: पटना से डोभी तक 130 किमी लंबे रास्ते पर लगेंगे आम और जामुन के पेड़; किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आय का अवसर

बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए पटना से गयाजी जिले के डोभी तक करीब 130 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल राज्य के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाना है। हाईवे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे यह मार्ग हरियाली से आच्छादित होकर एक आदर्श पर्यावरणीय मॉडल के रूप में विकसित हो सके।

इस महत्वपूर्ण परियोजना की जानकारी राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दी। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है, और यह ग्रीन कॉरिडोर योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

हाईवे के दोनों किनारों पर लगेगा हरियाली का घेरा

सरकार की योजना के अनुसार, पटना से डोभी तक के राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों पर सुनियोजित तरीके से वृक्षारोपण किया जाएगा। इसमें आम, जामुन, नींबू, आंवला, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पेड़ शामिल होंगे। इन पेड़ों का चयन विशेष रूप से इस आधार पर किया गया है कि वे स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं, लंबी उम्र वाले हैं और पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।

फलदार वृक्षों के माध्यम से जहां एक ओर हरियाली बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। छायादार पेड़ यात्रियों को धूप और गर्मी से राहत देंगे, जिससे सफर अधिक सुखद और सुरक्षित बनेगा।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम

बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण होगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा। पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करेंगे, बल्कि धूल और ध्वनि प्रदूषण को भी कम करने में सहायक होंगे।

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए भी यह ग्रीन कॉरिडोर कारगर साबित हो सकता है। सड़क किनारे घनी हरियाली से तापमान में कमी आएगी और स्थानीय सूक्ष्म जलवायु (माइक्रो क्लाइमेट) बेहतर होगी।

किसानों और स्थानीय लोगों की भागीदारी

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार इसे केवल सरकारी परियोजना तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसमें स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी। सरकार की मंशा है कि फलदार पेड़ लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय किसानों को सौंपी जाए।

इससे दोहरा लाभ होगा—एक ओर वृक्षों की बेहतर देखभाल होगी, तो दूसरी ओर किसानों को भविष्य में फलों की बिक्री से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए यह मॉडल अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है। यदि यह योजना सफल होती है, तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

मानसून से पहले शुरू होगा पौधारोपण

सरकार ने इस परियोजना को लेकर तैयारी शुरू कर दी है और लक्ष्य रखा गया है कि मानसून से पहले पौधारोपण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। मानसून का मौसम पौधों के विकास के लिए अनुकूल होता है, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है।

वन विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूमि चिह्नांकन, पौधों की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था जैसे सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करें। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी, ताकि पौधारोपण वैज्ञानिक पद्धति से हो सके।

सड़क सुरक्षा और सौंदर्य में वृद्धि

ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग केवल परिवहन का साधन नहीं रहेगा, बल्कि एक आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल मार्ग के रूप में विकसित होगा। सड़क किनारे हरियाली से न केवल दृश्य सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि ड्राइवरों को भी लंबे सफर में मानसिक सुकून मिलेगा।

छायादार वृक्ष धूप की तीव्रता को कम करेंगे, जिससे सड़क की सतह का तापमान भी नियंत्रित रहेगा। इससे सड़क की उम्र बढ़ने की संभावना भी है। साथ ही, व्यवस्थित वृक्षारोपण से मिट्टी का कटाव कम होगा और वर्षा जल का संरक्षण बेहतर तरीके से हो सकेगा।

भविष्य में अन्य हिस्सों में भी बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

सरकार की योजना है कि इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद बिहार के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को भी ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। यदि पटना से गयाजी तक का यह मॉडल सफल रहता है, तो यह पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगा।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की यह पहल विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में बिहार की पहचान को नई दिशा दे सकती है—जहां आधुनिक सड़कें और हरियाली साथ-साथ चलें।

पटना मेट्रो का विस्तार: भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक ट्रायल रन सफल, होली के बाद शुरू हो सकती है सेवा

पटना में मेट्रो सेवा का विस्तार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को पटना मेट्रो ने पहली बार शहर के अंदर नए सेक्शन पर ट्रायल रन किया। भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से खेमनीचक और मलाही पकड़ी तक मेट्रो ट्रेन चलाई गई। यह ट्रायल रन सफल रहा और इसे देखते हुए उम्मीद है कि होली के बाद भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच 2.75 किलोमीटर की दूरी पर ट्रेन चलाई गई। इस दौरान ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग नेटवर्क, और पावर सप्लाई की जांच की गई। स्टेशनों के बीच तालमेल भी देखा गया। अधिकारी हर तकनीकी बिंदु को बारीकी से जांच रहे हैं।

फिलहाल पटना मेट्रो सेवा भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक 3.45 किमी की दूरी पर संचालित हो रही है। नए सेक्शन के जुड़ने के बाद कुल दूरी 6.2 किमी हो जाएगी। तब पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम मार्च में पटना पहुंचेगी। वह ट्रैक, सिग्नलिंग, प्लेटफॉर्म सुरक्षा, और यात्री सुविधाओं की जांच करेगी। यदि सब कुछ सही पाया गया, तो होली के बाद 5 स्टेशनों तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

नए रूट पर पांच स्टेशन होंगे, जिनमें पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक, और मलाही पकड़ी शामिल हैं। खेमनीचक स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की सुविधा मिलेगी। दूसरे चरण में खेमनीचक से मीठापुर तक मेट्रो चलेगी, जिसमें जगनपुरा, रामकृष्णानगर, और मीठापुर स्टेशन शामिल होंगे।

बिहार में जमीन विवादों पर सरकार की सख्ती, अपार्टमेंट में रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी अनिवार्य; पुलिस की भूमिका सीमित

NASA की चेतावनी: हवाई जहाज जितना 140 फीट का एस्टेरॉयड ‘2026 CU1’ 18,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के पास से गुजरा, टक्कर का खतरा नहीं

अंतरिक्ष से जुड़ी हर बड़ी हलचल दुनिया भर में जिज्ञासा और चिंता दोनों पैदा करती है। इसी कड़ी में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। NASA के वैज्ञानिकों ने बताया कि हवाई जहाज के आकार का लगभग 140 फीट चौड़ा एस्टेरॉयड ‘2026 CU1’ पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरा। इसकी रफ्तार लगभग 18,000 से 19,000 मील प्रति घंटे (करीब 30,000 किमी/घंटा) आंकी गई।

हालांकि यह खबर सुनकर लोगों के मन में टक्कर की आशंका पैदा हुई, लेकिन वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इस एस्टेरॉयड से पृथ्वी को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं था। फिर भी यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अंतरिक्ष में लगातार निगरानी और ग्रह सुरक्षा (Planetary Defence) कितनी आवश्यक है।

एस्टेरॉयड 2026 CU1 क्या है?

एस्टेरॉयड 2026 CU1 एक नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) है। NEO वे खगोलीय पिंड होते हैं जिनकी कक्षा (Orbit) सूर्य के चारों ओर घूमते हुए पृथ्वी की कक्षा के नजदीक आ जाती है।

यह एस्टेरॉयड लगभग 140 फीट (करीब 43 मीटर) चौड़ा है। आकार की तुलना करें तो यह एक छोटे यात्री विमान जितना बड़ा है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार, इतनी आकार का एस्टेरॉयड यदि पृथ्वी से टकराए तो स्थानीय स्तर पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन यह वैश्विक विनाश का कारण नहीं बनेगा।

NASA के आंकड़ों के अनुसार, 2026 CU1 पृथ्वी से लगभग 7.6 लाख मील (करीब 12 लाख किलोमीटर) की दूरी से गुजरा। यह दूरी चंद्रमा की दूरी से लगभग तीन गुना अधिक है। इसलिए टक्कर की कोई संभावना नहीं थी।

कितनी थी इसकी रफ्तार?

एस्टेरॉयड 2026 CU1 की रफ्तार लगभग 18,803 मील प्रति घंटे (करीब 30,250 किमी/घंटा) दर्ज की गई। अंतरिक्ष में यह सामान्य गति मानी जाती है, क्योंकि खगोलीय पिंड सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में अत्यधिक तेज गति से परिक्रमा करते हैं।

इतनी तेज रफ्तार के बावजूद इसकी दिशा और कक्षा पहले से ही सटीक रूप से गणना कर ली गई थी, जिससे वैज्ञानिकों को पूरा भरोसा था कि यह पृथ्वी से सुरक्षित दूरी बनाकर निकलेगा।

‘पोटेंशियली हैजर्डस’ क्यों नहीं माना गया?

NASA किसी भी एस्टेरॉयड को “Potentially Hazardous Asteroid (PHA)” तब मानता है जब:

  • उसका आकार 140 मीटर (460 फीट) से अधिक हो
  • वह पृथ्वी के 75 लाख किलोमीटर के भीतर से गुजरने की संभावना रखता हो

2026 CU1 का आकार लगभग 43 मीटर है, जो निर्धारित सीमा से काफी कम है। इसलिए इसे खतरनाक श्रेणी में नहीं रखा गया।

NASA कैसे रखता है नजर?

NASA के पास विशेष विभाग है जिसे Planetary Defense Coordination Office (PDCO) कहा जाता है। यह विभाग पृथ्वी के पास आने वाले सभी एस्टेरॉयड और धूमकेतुओं की निगरानी करता है।

इसके अलावा Jet Propulsion Laboratory (JPL) का Center for Near-Earth Object Studies (CNEOS) लगातार इन वस्तुओं की कक्षाओं की गणना और अपडेट करता रहता है।

दुनिया भर के वेधशालाओं (Observatories) से डेटा एकत्र कर वैज्ञानिक:

  • एस्टेरॉयड की दिशा
  • उसकी गति
  • आकार
  • भविष्य की संभावित स्थिति

का सटीक अनुमान लगाते हैं।

क्या ऐसे एस्टेरॉयड अक्सर आते हैं?

जी हां। हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरते हैं। अधिकतर इतने छोटे होते हैं कि वे वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल जाते हैं।

बड़े आकार के एस्टेरॉयड की निगरानी विशेष रूप से की जाती है। NASA का दावा है कि अब तक पृथ्वी के लिए तत्काल खतरा पैदा करने वाला कोई बड़ा एस्टेरॉयड चिन्हित नहीं हुआ है

ग्रह सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है NASA?

NASA केवल निगरानी ही नहीं कर रहा, बल्कि संभावित खतरे से निपटने की तैयारी भी कर रहा है।

2022 में NASA ने DART मिशन के तहत एक एस्टेरॉयड की कक्षा बदलने का सफल परीक्षण किया था। यह पहली बार था जब मानव ने किसी खगोलीय पिंड की दिशा को जानबूझकर बदला।

इस मिशन ने साबित किया कि भविष्य में यदि कोई खतरनाक एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़े, तो उसे मोड़ा जा सकता है।

क्या लोगों को घबराने की जरूरत है?

बिल्कुल नहीं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि:

  • एस्टेरॉयड 2026 CU1 पूरी तरह सुरक्षित दूरी से गुजरा
  • टक्कर की कोई संभावना नहीं थी
  • NASA और अन्य एजेंसियां 24×7 निगरानी कर रही हैं

अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं, जिससे भ्रम फैलता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि अंतरिक्ष एजेंसियों के पास अत्याधुनिक तकनीक है, जिससे वे दशकों पहले संभावित खतरों का अनुमान लगा सकती हैं।

Sunetra Pawar बनीं NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष: अजित पवार के निधन के बाद सर्वसम्मति से मिली कमान, महाराष्ट्र की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और भावनात्मक मोड़ उस समय आया जब सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। यह फैसला पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया, जो मुंबई में आयोजित हुई। यह चुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के लगभग एक महीने बाद हुआ है।

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में जो शून्य उत्पन्न हुआ था, उसे भरने के लिए पार्टी ने तेज़ी से नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की। सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी एकजुट है और नेतृत्व के सवाल पर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

अजित पवार का निधन और राजनीतिक शून्य

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार एक प्रभावशाली और रणनीतिक नेता के रूप में जाने जाते थे। बारामती से कई बार विधायक चुने गए अजित पवार ने राज्य की सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर मजबूत पकड़ बनाई थी। उनके अचानक निधन (बारामती के पास विमान हादसे में) ने न केवल एनसीपी बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर दिया।

उनके निधन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भावनात्मक माहौल था। ऐसे समय में नेतृत्व का सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो गया था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श के बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बनाई।

सर्वसम्मति से हुआ चयन

एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सदस्यों ने समर्थन दिया। इस प्रकार उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

यह निर्णय केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि पार्टी के भीतर स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम पार्टी को एकजुट रखने और आगामी चुनावों की तैयारियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक था।

सुनेत्रा पवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुनेत्रा पवार पहले से ही सक्रिय राजनीति में रही हैं। वह राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अजित पवार के साथ लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सहयोगी रहीं सुनेत्रा पवार को जमीनी राजनीति की समझ रखने वाली नेता माना जाता है।

अजित पवार के निधन के बाद उन्हें महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया था, जिससे उनकी प्रशासनिक भूमिका और मजबूत हुई। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

एनसीपी के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?

1. संगठनात्मक स्थिरता

पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद संगठन में कोई बड़ा मतभेद सामने नहीं आया। इससे कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश गया है कि पार्टी नेतृत्व को लेकर एकजुट है।

2. महिला नेतृत्व का सशक्त उदाहरण

सुनेत्रा पवार का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह पहली बार है जब किसी महिला को एनसीपी की राष्ट्रीय कमान सौंपी गई है। इससे महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

3. आगामी चुनावों की तैयारी

महाराष्ट्र में आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह फैसला रणनीतिक रूप से अहम है। पार्टी को नए सिरे से संगठित करने और गठबंधन राजनीति को संतुलित रखने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।

बारामती पर सबकी नजर

बारामती विधानसभा क्षेत्र अजित पवार का गढ़ रहा है। उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार यहां से चुनाव लड़ सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा और पूरे राज्य की निगाहें इस सीट पर टिकी रहेंगी।गठबंधन राजनीति पर प्रभाव

महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति गठबंधन समीकरणों पर आधारित है। एनसीपी की भूमिका राज्य सरकार में अहम है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार को न केवल संगठन बल्कि गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल भी साधना होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि वह संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाए रखने में सफल रहती हैं तो पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती है।


पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी कार्यालयों में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे “नए युग की शुरुआत” बताया। सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने इसे स्थिरता और निरंतरता का प्रतीक बताया।

BPSC AEDO परीक्षा 2026 की नई तारीख घोषित: 14 से 21 मार्च के बीच होगी परीक्षा, जानें पूरा शेड्यूल, एडमिट कार्ड अपडेट और ताज़ा जानकारी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (Assistant Education Development Officer – AEDO) भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। पहले स्थगित की गई इस परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा कर दी गई है। आयोग के अनुसार अब BPSC AEDO परीक्षा 14 मार्च से 21 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। यह भर्ती अभियान शिक्षा विभाग में 935 पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है।

करीब 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिसके कारण यह राज्य की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। परीक्षा तिथि में बदलाव के बाद उम्मीदवारों के बीच नई तैयारी रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर।

पहले क्यों स्थगित हुई थी परीक्षा?

BPSC ने पहले AEDO परीक्षा को जनवरी 2026 में आयोजित करने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासनिक कारणों और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते आयोग ने परीक्षा को स्थगित कर दिया था। उस समय आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया था कि नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

परीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी, क्योंकि लाखों उम्मीदवारों ने पहले से तैयारी पूरी कर ली थी। हालांकि अब आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा मार्च के मध्य में आयोजित की जाएगी।

नई परीक्षा तिथि: 14 से 21 मार्च 2026

BPSC द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा निम्नलिखित तिथियों पर आयोजित होगी:

📅 14 मार्च 2026
📅 15 मार्च 2026
📅 17 मार्च 2026
📅 18 मार्च 2026
📅 20 मार्च 2026
📅 21 मार्च 2026

परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाएगी ताकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को सुचारु रूप से परीक्षा दिलाई जा सके।

रीक्षा का संभावित शेड्यूल और शिफ्ट टाइमिंग

आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जा सकती है:

  • प्रथम शिफ्ट: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • द्वितीय शिफ्ट: दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक

परीक्षा में सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा और सामान्य अभिरुचि (General Aptitude) से प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होंगे।

कितने पदों पर हो रही है भर्ती?

BPSC AEDO भर्ती अभियान के तहत कुल 935 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह पद बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं और इनकी जिम्मेदारी जिला एवं प्रखंड स्तर पर शिक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और विकास कार्यों की देखरेख करना है।

एडमिट कार्ड कब जारी होगा?

परीक्षा से लगभग 7 से 10 दिन पहले BPSC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी करेगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड अनिवार्य है
  • एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ ले जाना होगा
  • समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें
  • एडमिट कार्ड में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें

चयन प्रक्रिया क्या है?

BPSC AEDO भर्ती की चयन प्रक्रिया निम्न चरणों में पूरी होगी:

  1. लिखित परीक्षा
  2. दस्तावेज सत्यापन
  3. अंतिम मेरिट सूची

लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

  • प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ (MCQ)
  • कुल अवधि: प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे
  • विषय: सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा, सामान्य अभिरुचि
  • नकारात्मक अंकन: आयोग की अधिसूचना के अनुसार लागू हो सकता है

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

  • नई परीक्षा तिथि के अनुसार तैयारी की रणनीति बनाएं
  • नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें
  • आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें
  • स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का ध्यान रखें

Bihar Darbhanga News: दरभंगा लव जिहाद केस – फरार आरोपी का वायरल वीडियो, पुलिस ने की संपत्ति कुर्क

बिहार के बिहार राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। दरभंगा जिले में कथित ‘लव जिहाद’ प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी की संपत्ति को पुलिस ने कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दी और गिरफ्तारी से बचता रहा। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आरोपी के घर से दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर, चारपाई, अलमारी समेत अन्य घरेलू सामान जब्त कर थाने में जमा कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दरभंगा जिले के कमटौल थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण और कथित धर्मांतरण से संबंधित प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने प्रेम संबंध के बहाने लड़की को बहलाया-फुसलाया और उसे अपने साथ ले गया।

एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में मोहम्मद सितारे नदाफ का नाम दर्ज है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। साथ ही उस पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। लेकिन आरोपी लगातार फरार रहा।

गिरफ्तारी से बचता रहा आरोपी

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की। स्थानीय स्तर पर दबिश दी गई, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया।

पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के घर पर इश्तेहार चिपकाया और उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। सामान्यतः ऐसी कार्रवाई के बाद आरोपी अदालत में पेश हो जाता है या पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चुनौती

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई का मजाक उड़ाता दिखाई दिया। वीडियो में उसने संकेत दिया कि पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी और वह कानून से नहीं डरता।

यह वीडियो तेजी से व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल गया। इससे न केवल पुलिस की छवि को चुनौती मिली बल्कि स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति भी बनने लगी।

पुलिस अधिकारियों ने इसे कानून के प्रति खुली अवमानना माना। उनका कहना था कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: संपत्ति कुर्क

आखिरकार, पुलिस ने अदालत से आदेश प्राप्त कर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई की निगरानी शुभेंद्र कुमार सुमन ने की।

पुलिस टीम ने आरोपी के घर पहुंचकर वहां मौजूद घरेलू सामान जब्त किया। कुर्की के दौरान दरवाजे, खिड़कियां, बिस्तर, कुर्सियां, मेज, अलमारी आदि सामान जब्त कर थाने में जमा किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की संबंधित धाराओं के तहत की गई है, जो फरार अभियुक्त की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति देती हैं, यदि वह बार-बार नोटिस के बावजूद आत्मसमर्पण नहीं करता।

क्यों जरूरी समझी गई यह कार्रवाई?

पुलिस का तर्क है कि:

  1. आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था।
  2. उसे कई बार आत्मसमर्पण के लिए कहा गया।
  3. उसने सोशल मीडिया पर पुलिस को चुनौती दी।
  4. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सार्वजनिक शांति बनाए रखना जरूरी था।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है और कानून के दायरे में रहकर की गई है।

सामाजिक और राजनीतिक असर

‘लव जिहाद’ शब्द अपने आप में बेहद संवेदनशील और विवादास्पद है। ऐसे मामलों में अक्सर सामाजिक तनाव बढ़ जाता है। दरभंगा में भी घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच चर्चा और तनाव की स्थिति देखी गई।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल बढ़ाया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि संपत्ति कुर्क करना एक असाधारण कदम है, जिसे सामान्यतः तब अपनाया जाता है जब आरोपी लगातार फरार रहे और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग न करे।

हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब तक अदालत दोष सिद्ध न कर दे, तब तक इस तरह की कार्रवाई पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कुर्की दोष सिद्धि नहीं है, बल्कि आरोपी को कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

डिजिटल युग में अपराध और चुनौती

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज कानून-व्यवस्था के मामलों में किस तरह भूमिका निभा रहे हैं।

पहले जहां आरोपी छिपकर रहता था, अब वह सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी कर सकता है, वीडियो अपलोड कर सकता है और सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।

इस मामले में भी वायरल वीडियो ने पुलिस की रणनीति को बदलने में अहम भूमिका निभाई।

पीड़िता और परिवार की स्थिति

पीड़िता के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आरोपी के खुलेआम वीडियो जारी करने से वे मानसिक रूप से आहत थे।

परिवार का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी को बहकाया और सामाजिक बदनामी का भय दिखाया। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।

बिहार की इस वक्त की 10 बड़ी खबरें: राज्य के अलग-अलग जिलों की इस वक्त की प्रमुख खबरें

पटना | 26 फरवरी 2026

पटना/बिहार: राज्य की राजनीति, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और मौसम से जुड़ी कई अहम खबरें इस वक्त सुर्खियों में हैं। पढ़ें इस घंटे की प्रमुख अपडेट्स—

1. सीमांचल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ पर कड़ा संदेश

Amit Shah ने बिहार दौरे के दौरान Seemanchal क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


2. बिहार विधानसभा में हंगामा, कई विधेयक पेश

Bihar Vidhan Sabha के बजट सत्र में आज जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने विकास कार्यों का ब्योरा पेश किया। सदन में चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए गए, जिन पर चर्चा जारी है।


3. अररिया में राजनीतिक माहौल गरम

Araria में केंद्रीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


4. दरभंगा में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Darbhanga में आपसी विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।


5. जमुई में दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

Jamui में फाइलेरिया रोधी दवा लेने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों का इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।


6. भागलपुर में इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bhagalpur में बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने समय पर परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।


7. होली से पहले बढ़ा तापमान, मौसम विभाग का अलर्ट

राजधानी Patna समेत कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। India Meteorological Department के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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बिहार में बाल तस्करी पर बड़ा अभियान: 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तैनात, बच्चों की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

बिहार में बच्चों की चोरी और तस्करी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सीआईडी (कमजोर वर्ग) के एडीजी डॉ. अमित जैन ने राज्य में 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के गठन का ऐलान किया है, जो एयरपोर्ट से लेकर जिलों तक सुरक्षा का नया नेटवर्क तैयार करेंगी।

इन यूनिटों का नेतृत्व इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) होंगे। एयरपोर्ट अक्सर तस्करी के संवेदनशील ट्रांजिट पॉइंट होते हैं, इसलिए यहां चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की गई है। अब किसी भी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाने वाले व्यक्ति की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में अब जांच को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। बिहार में लागू नई व्यवस्था के तहत यदि कोई बच्चा चार महीने तक बरामद नहीं होता है, तो उसका केस स्वतः जिला स्तर की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ जांच तेज होगी, बल्कि संगठित तस्करी गिरोहों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी।

राज्य के 1196 थानों को राष्ट्रीय स्तर के मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे गुमशुदा और बरामद बच्चों का डाटा अपलोड किया जा सके और जानकारी देशभर में साझा हो सके। साल 2025 के आंकड़े बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। बिहार में बीते वर्ष कुल 14,699 बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की गई, जिनमें से 7,772 बच्चों को अब तक सुरक्षित बरामद किया जा चुका है। शेष 6,927 बच्चों की तलाश जारी है और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को पुराने मामलों की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

बिहार विधानसभा में आरजेडी विधायकों का दलितों के जमीन अधिकार के लिए प्रदर्शन

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 18वें दिन आरजेडी के विधायकों ने दलितों की जमीन के अधिकार के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। विधायकों ने दलितों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की, जिससे वे अपने लिए घर बनवा सकें। आरजेडी विधायकों का कहना है कि बिहार में बड़ी संख्या में दलित परिवार जमीन की कमी से जूझ रहे हैं और सरकार को उनके लिए आवास योग्य जमीन उपलब्ध करानी चाहिए।

आरजेडी विधायकों ने कहा कि जमीन का अधिकार सम्मान से जीने का आधार है और अगर उनकी मांगों पर पहल नहीं किया गया तो वे आंदोलन और तेजी से करेंगे। विधायकों ने सरकार को चेतावनी दी कि वे दलितों के हक और अधिकार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

इसके अलावा, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला, जो तीन दिवसीय दौरे पर बिहार में हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि अमित शाह जहां भी जाते हैं, आतंकवाद को हवा देते हैं और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ते हैं।

बिहार विधानसभा में यह प्रदर्शन दलितों के अधिकारों के मुद्दे पर किया गया है, जो राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। आरजेडी विधायकों की मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प होगा।

बिहार में परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई: 40 अधिकारियों को नोटिस, 3 दिन में जवाब देना अनिवार्य

बिहार के परिवहन विभाग ने लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने 10 जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) समेत कुल 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं किया और कार्य में लापरवाही बरती।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों से पूछा गया है कि जब वे तय लक्ष्य हासिल करने में विफल रहे, तो किन कारणों से उन्हें पद पर बनाए रखा जाए।

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और प्रदर्शन के आधार पर ही जवाबदेही तय होगी। नोटिस मिलने के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है और विभागीय कार्रवाई की आशंका से महकमे में हलचल तेज हो गई है।

कार्रवाई का दायरा सिर्फ डीटीओ तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन विभाग ने अब उन जमीनी अधिकारियों पर भी शिकंजा कस दिया है जिनकी जिम्मेदारी सड़कों पर जांच अभियान चलाने और जुर्माना वसूलने की होती है। मुजफ्फरपुर, गया और बेतिया जैसे जिलों में तैनात मोटर वाहन निरीक्षकों (MVI) से भी जवाब मांगा गया है। प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) पर भी विभाग की नजर टेढ़ी हुई है।

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि वह अब ‘बहानेबाजी’ सुनने के मूड में नहीं है। सभी 40 अधिकारियों को महज तीन दिनों का समय दिया गया है। यदि जवाब में ठोस वजह नहीं बताई गई, तो इन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों के प्रमोशन से लेकर इंक्रीमेंट तक पर रोक लग सकती है और भविष्य में उनकी पोस्टिंग पर भी काले बादल मंडरा सकते हैं।

अमित शाह का सीमांचल दौरा: घुसपैठियों को चिह्नित कर बाहर निकालने का अभियान जल्द

गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांचल में एक कार्यक्रम के दौरान घुसपैठियों को चिह्नित कर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए जल्द ही अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सीमांचल इलाके में घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और फिर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है, लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा चैलेंजिंग होती है। उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि लगभग 554 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड के निर्माण की भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि सीमा से करीब 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण किए गए हैं, उसे हटाया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।

अमित शाह ने सीमा पर तैनात जवानों को ट्रेनिंग देने की बात भी कही और बंगाल में बीजेपी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ा गया था और इसे जनता ने स्वीकार भी किया। अब बंगाल में चुनाव है और वहां भी बीजेपी जीतेगी। जीत के बाद सबसे पहले वहां सीमा वाले इलाके में बाड़ का काम किया जाएगा और चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: तृणमूल कांग्रेस का दबदबा, BJP की चुनौती और विधानसभा इतिहास का विस्तृत विश्लेषण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया – बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय

समिक भट्टाचार्य का बड़ा दावा—‘बंगाल बदलने को तैयार, पहले शुद्ध वोटर लिस्ट फिर वोटिंग’

पंचकूला प्लॉट मामले में बड़ी राहत: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भूपिंदर सिंह हुड्डा और एजेएल को दी क्लीन चिट, सभी आरोप रद्द

हरियाणा की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे पंचकूला प्लॉट पुनः आवंटन मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। Punjab and Haryana High Court ने पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda और Associated Journals Limited (एजेएल) को सभी आपराधिक आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने न केवल ट्रायल कोर्ट द्वारा तय किए गए आरोपों को रद्द किया, बल्कि जांच एजेंसी की कार्रवाई पर भी कड़ी टिप्पणी की।

यह फैसला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला पिछले एक दशक से अधिक समय से विवादों में रहा है।

क्या है पूरा मामला?

पंचकूला के सेक्टर-6 में स्थित संस्थागत प्लॉट नंबर C-17 को मूल रूप से 1982 में एजेएल को आवंटित किया गया था। एजेएल ऐतिहासिक रूप से ‘नेशनल हेराल्ड’ जैसे प्रकाशनों से जुड़ी कंपनी रही है। उस समय प्लॉट का उद्देश्य समाचार पत्र प्रकाशन से संबंधित गतिविधियों के लिए भवन निर्माण था।

निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण 1992 में तत्कालीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) ने प्लॉट का आवंटन रद्द कर दिया। इसके बाद एजेएल ने अपील और पुनर्विचार याचिकाएं दायर कीं, लेकिन लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकला।

2005 में पुनः आवंटन और विवाद की शुरुआत

2005 में जब भूपिंदर सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने एजेएल को वही प्लॉट पुनः आवंटित करने का आदेश दिया। यह पुनः आवंटन मूल दर (1982 की कीमत) पर ब्याज सहित किया गया। एजेएल ने आवश्यक शुल्क और विस्तार शुल्क जमा कर निर्माण कार्य पूरा किया और बाद में उसे ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी मिल गया।

यहीं से विवाद शुरू हुआ। आरोप लगाए गए कि प्लॉट का पुनः आवंटन मौजूदा बाजार दरों के बजाय पुरानी दरों पर किया गया, जिससे राज्य सरकार को कथित वित्तीय नुकसान हुआ।

सरकार बदलने के बाद जांच

2014 में हरियाणा में सरकार बदलने के बाद इस मामले की विजिलेंस जांच शुरू हुई। बाद में मामला Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दिया गया। CBI ने 2018 में हुड्डा, एजेएल और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया।

CBI का आरोप था कि मुख्यमंत्री के रूप में हुड्डा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एजेएल को अनुचित लाभ पहुंचाया।

ट्रायल कोर्ट में आरोप तय

विशेष CBI अदालत ने 2021 में आरोप तय किए। इसके खिलाफ हुड्डा और एजेएल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप रद्द करने की मांग की। उनका तर्क था कि यह प्रशासनिक निर्णय था, न कि आपराधिक कृत्य।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

फरवरी 2026 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा:

  • अभियोजन पक्ष कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया जिससे आपराधिक साजिश साबित हो।
  • सरकारी खजाने को वास्तविक नुकसान हुआ, इसका प्रमाण नहीं दिया गया।
  • पुनः आवंटन का आदेश वैध प्रशासनिक निर्णय था, जिसे कभी रद्द नहीं किया गया।
  • भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए आवश्यक तत्वों की कमी है।

अदालत ने कहा कि इस मामले में मुकदमा चलाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

अदालत की CBI पर टिप्पणी

हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों से प्रथम दृष्टया आपराधिक मामला नहीं बनता। इस प्रकार, आरोप तय करने का आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है।

राजनीतिक असर

यह फैसला भूपिंदर सिंह हुड्डा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विपक्ष के नेता के रूप में उनकी राजनीतिक छवि पर इस मामले का प्रभाव रहा था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे “सत्य की जीत” बताया।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला हरियाणा की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।

Red Fort Blast Case: NIA की बड़ी कार्रवाई, 2 और आतंकी गिरफ्तार, कुल 11 आरोपी हिरासत में; साजिश की परतें खुलीं

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक लाल किला के पास हुए चर्चित बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ताजा गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। एजेंसी का दावा है कि जांच में एक सुनियोजित आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें लॉजिस्टिक सपोर्ट, हथियारों की आपूर्ति और विदेशी संपर्कों की भूमिका सामने आ रही है।

यह मामला नवंबर 2025 में लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट से जुड़ा है, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी थी।

ताजा गिरफ्तारी: कौन हैं आरोपी?

NIA ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान जमीर अहमद अहंगर और तौफैल अहमद भट के रूप में हुई है। दोनों जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए जा रहे हैं। एजेंसी के अनुसार, ये दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ (OGW) के तौर पर काम कर रहे थे।

जांच एजेंसी का कहना है कि ये आरोपी मुख्य साजिशकर्ता को हथियार और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में शामिल थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिला है कि इन्होंने विस्फोट में इस्तेमाल हुए नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

दोनों आरोपियों को दिल्ली की विशेष NIA अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी की रिमांड पर भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

नवंबर 2025 में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुए धमाके से पूरा इलाका दहल गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कई लोग घायल हो गए। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल था।

जांच में सामने आया कि विस्फोटक से लदी कार को एक संदिग्ध ने मौके पर खड़ा किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से मिले डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर कई राज्यों में छापेमारी की।

साजिश की परतें: ‘व्हाइट कॉलर मॉड्यूल’ का खुलासा

NIA की जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। एजेंसी का दावा है कि इस हमले के पीछे एक तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल’ सक्रिय था। यानी ऐसे लोग, जो पेशे से शिक्षित और पेशेवर पृष्ठभूमि रखते हैं, लेकिन गुप्त रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त थे।

इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ डॉक्टर और धार्मिक कार्यकर्ता भी शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये लोग सीधे तौर पर विस्फोट को अंजाम देने में शामिल नहीं थे, बल्कि साजिश रचने, फंडिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और छिपने की जगह उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रहे थे।

विदेशी कनेक्शन की जांच

NIA इस मामले में विदेशी लिंक की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ संदिग्धों के संपर्क पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैठे हैंडलर्स से हो सकते हैं। हालांकि, एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया है।

जांच टीम डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और हवाला ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, फंडिंग का नेटवर्क बहुस्तरीय और जटिल था, जिसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण है।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती

लाल किला जैसे राष्ट्रीय प्रतीक स्थल के पास हुए विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। संवेदनशील इलाकों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। NIA के साथ-साथ स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी मिलकर काम कर रही हैं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति

NIA ने अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है।

विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी, जिसका मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देना और दहशत फैलाना था।

मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का बड़ा बयान: भारत को हिंसक अपराधों से अब नहीं जोड़ा, द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत

कनाडा की सरकार ने कहा है कि वह अब यह नहीं मानती कि भारत कनाडा में हो रहे हिंसक अपराधों से जुड़ा हुआ है — यह जानकारी उस बयान में सामने आई है जो कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney की भारत यात्रा से पहले दी गई।

इस बयान को द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पिछले कई वर्षों से भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव काफी बढ़ गया था।

🧭 क्या कहा गया?

एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब कनाडाई सरकार को यह यकीन है कि भारत का किसी भी प्रकार के हिंसक गतिविधि या अपराधों से जुड़ाव नहीं है और वह इस बात पर आश्वस्त है कि ऐसी गतिविधियाँ संचालित नहीं हो रही हैं।

उन्होंने कहा:

“हम बहुत व्यापक राजनयिक संपर्क में हैं, और हमें विश्वास है कि यह गतिविधि अब जारी नहीं है। अगर यह जारी होती, तो यह यात्रा नहीं हो रही होती।”

कनाडा के इस रुख बदलाव से संकेत मिलता है कि दोनों देशों में राजनयिक और सुरक्षा संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश की जा रही है

📍 पृष्ठभूमि — तनाव का इतिहास

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में खटास तब आई जब 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में घायल हुई खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में तब की सरकार ने आरोप लगाया था कि भारत संभवत: इसमें शामिल था

उस समय के प्रधानमंत्री Justin Trudeau ने कहा था कि उनके पास “विश्वसनीय सबूत” हैं कि भारत से जुड़े अधिकारियों का इस हत्या से संबंध हो सकता है — जिसे भारत ने पूरी तरह से नकार दिया था।

इसके बाद दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों और राजनयिकों को वापस बुलाया या निकाल दिया, जिससे तनाव और बिगड़ा।

🤝 बदलते रिश्तों का नया चरण

अब, लगभग तीन साल बाद, नई सरकार के नेतृत्व में कनाडा ने अपना रुख नरम कर दिया है, और इस बयान से दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई दिशा और संवाद का मार्ग मिल सकता है।

कनाडा की तरफ से यह भी कहा गया है कि वह भारत के साथ सुरक्षा और आपराधिक न्याय सहयोग को मजबूत करना चाहता है, जिसमें दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच संवाद प्रमुख है।

📌 क्या आगे होने की संभावना है?

गले मिले राजनयिक:
प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा (मुंबई और नई दिल्ली) के दौरान दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठकें होने की संभावना है।

व्यापार और ऊर्जा:
कार्नी और भारत के शीर्ष नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और शिक्षा क्षेत्रों को लेकर सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है।

आर्थिक साझेदारी:
दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए संभावित समझौते, जैसे CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) पर चर्चा की उम्मीद जताई जा रही है।

NCERT की कक्षा 8 की विवादित सामाजिक विज्ञान पुस्तक: सीजेआई की आपत्ति के बाद पुनः समीक्षा, बिक्री रोक और बिके 38 प्रतियों की वापसी की कोशिश

नई दिल्ली – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की सोशल साइंस भाग-2 की पाठ्यपुस्तक को विवाद का विषय बनने के बाद वापस बुला लिया है। इसका कारण एक अध्याय था जिसमें न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों, विशेषकर ‘भ्रष्टाचार’ पर चर्चा की गई थी। इस अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कड़ी आपत्ति जताई, जिस पर NCERT ने वितरण रोक दिया और पुस्तक को बाजार से हटा लिया।

विवाद का मूल — ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला अध्याय

पुस्तक का चैप्टर 4, जिसका शीर्षक था “The Role of Judiciary in Our Society”, इसमें न्यायपालिका की भूमिका के साथ न्यायिक प्रणाली द्वारा सामना किए जाने वाले चुनौतियों जैसे लंबित मामलों और भ्रष्टाचार पर भी सामग्री शामिल थी। इस खंड में अदालतों के सामने ठोस मुद्दों के रूप में न्यायाधीशों की संख्या की कमी, प्रक्रियात्मक जटिलताएं और भ्रष्टाचार की बात की गई थी, जिसे पढ़ाने का उद्देश्य था छात्रों को वास्तविकता-आधारित दृष्टिकोण देना।

एनसीईआरटी की इस नई पाठ्यपुस्तक का लक्ष्य था रिमूव प्रभावित सामग्री और स्कूल पाठ्यक्रम को नया रूप देना, लेकिन कोर्ट की आपत्ति के चलते इस प्रक्रिया को रोकना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट में मामला और कड़ी प्रतिक्रिया

इस विवाद ने सुप्रीम कोर्ट तक ध्यान आकर्षित किया, जब वरिष्ठ वकीलों ने इस मुद्दे को कोर्ट में उठाया और सीजेआई सूर्यकांत ने खुद इस पर गंभीर आपत्ति जताई। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि वह “किसी भी व्यक्ति या संस्थान को न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को बदनाम करने की अनुमति नहीं देंगे”। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसे आरोपों से बचाना आवश्यक है जो उसके प्रति आम जनता का विश्वास प्रभावित कर सकते हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि “संस्था को बदनाम नहीं करने देंगे और न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा करेंगे”, और इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की।

NCERT की प्रतिक्रिया और माफी

NCERT ने कोर्ट की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद इस विवादित पाठ्यपुस्तक को बाजार से हटा दिया और एक बयान जारी कर “भूल और अनुचित सामग्री” की पहचान करने की बात कही। संस्थान ने कहा कि यह गलती “पूरी तरह से अनजाने में हुई थी” और उसने जनता से क्षमा भी मांगी। NCERT ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य किसी संवैधानिक संस्था का अपमान करना नहीं था और वह न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखता है।

NCERT ने यह भी कहा कि अब यह अध्याय समीक्षा और पुनर्लेखन के बाद 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पाठ्यक्रम में संतुलित और उपयुक्त सामग्री शामिल की जा सके।

बिके 38 कॉपियों की वापसी की कोशिश

कुल मिलाकर इस किताब की 2.25 लाख प्रतियां छापी गई थीं, लेकिन वितरण के तुरंत बाद ही NCERT ने किताब को वापस बुला लिया। उनमें से केवल 38 प्रतियां ही खरीदी गईं थीं, और एनसीईआरटी अब उन सभी को वापस लेने की कोशिश में है।

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अब तक 16 प्रतियां वापिस आ चुकी हैं, जबकि अन्य खरीदारों से संपर्क करके किताबें वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। उन खरीदारों से संपर्क नहीं हो पाने पर बैंक विवरण और यूपीआई आईडी के आधार पर प्रयास किया जा रहा है।

निष्कर्ष और व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह विवाद न केवल स्कूल पाठ्यक्रमों में सामग्री के चयन पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि यह शिक्षा, संवैधानिक संस्थाओं के प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रति सम्मान जैसे विषयों पर भी बहस का कारण बन रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा में वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा होना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि संवैधानिक संस्थानों की भूमिका और प्रतिष्ठा का संतुलित और सम्मानजनक तरीके से वर्णन किया जाए, खासकर जब यह आकांक्षी युवा छात्र पीढ़ी को तैयार कर रहा हो।

बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 28 फरवरी, जानें क्या होगा यदि नहीं किया सत्यापन

बिहार सरकार ने राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने के लिए 28 फरवरी तक की समय सीमा तय की है। यदि इस तिथि तक लाभुक ई-केवाईसी नहीं कराते हैं, तो उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाले हर लाभुक के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है।

सिवान जिले में लगभग 20 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। जिला आपूर्ति शाखा के आंकड़ों के अनुसार, सिवान में कुल 27 लाख 73 हजार 954 लाभुक हैं, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत ने ई-केवाईसी पूरा करा लिया है। लेकिन अभी भी 5 लाख 71 हजार 528 लाभुकों का सत्यापन लंबित है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने बताया कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर सिर्फ राशन ही नहीं, बल्कि अन्य योजनाओं का लाभ भी बंद हो सकता है। जिनका राशन कार्ड निरस्त होगा, वे कई सरकारी योजनाओं से बाहर हो जाएंगे, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, श्रमिक योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शामिल हैं।

प्रशासन ने अपील की है कि जिन लाभुकों का ई-केवाईसी लंबित है, वे तुरंत नजदीकी जनवितरण प्रणाली दुकान या संबंधित केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर लें। 28 फरवरी के बाद कोई मौका नहीं मिलेगा, इसलिए लाभुकों को जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की सलाह दी जा रही है।

होली 2026: पटना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन निगरानी और सख्त कानून व्यवस्था शामिल

पटना में होली के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अश्लीलता या हुड़दंग नहीं हो। प्रशासन ने ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और गश्ती के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है।

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी ड्रोन, वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का आदेश दिया गया है। अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ साइबर सेल तुरंत कार्रवाई करेगी।

प्रशासन ने साफ किया है कि होली में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, नशीले पदार्थों के सेवन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शांति समिति की बैठकें समय पर आयोजित कर स्थानीय स्तर पर संवाद बनाए रखें, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।

होली के मद्देनजर जिले में कई स्थानों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। थानों में अतिरिक्त गश्ती दल बनाए जा रहे हैं और 28 फरवरी से 5 मार्च तक विशेष सतर्कता बरती जाएगी। हुड़दंगियों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही वीडियोग्राफी और सीसीटीवी के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

बिहार राज्य महिला आयोग ने भी होली के दौरान अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखा है। आयोग का मानना है कि ऐसे गानों से न केवल सामाजिक माहौल दूषित होता है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जो अक्सर छेड़खानी और विवाद का कारण बनता है। पुलिस अब ऐसे डीजे और साउंड सिस्टम मालिकों को चिह्नित कर रही है जो अश्लीलता परोसेंगे।

होली के दौरान आपको कहीं भी हिंसा, अशांति या अश्लीलता की शिकायत करनी हो, तो प्रशासन ने इसके लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। 0612-2219810, 2219234, और 2210116 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में डायल 112 हमेशा की तरह सक्रिय रहेगा।

बिहार में भूमि विवाद निपटाने के लिए सख्ती: 3 महीने में मामलों का निपटारा, लंबित मामलों की नई परिभाषा लागू

बिहार में जमीन विवादों के लंबे समय तक लंबित रहने की समस्या पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भूमि से जुड़े वादों का निष्पादन हर हाल में तीन महीने के भीतर किया जाएगा। इसके साथ ही, ‘लंबित’ मामलों की परिभाषा भी तय कर दी गई है, जिससे फाइलों को बेवजह अटकाने की गुंजाइश कम होगी।

अब केवल उन्हीं मामलों को ‘लंबित’ माना जाएगा, जिनमें सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी), 1908 के तहत किसी सक्षम न्यायालय द्वारा ‘स्टे ऑर्डर’ या ‘अस्थायी निषेधाज्ञा’ जारी की गई हो। इसके अलावा अन्य सभी मामलों को हर हाल में समय-सीमा के भीतर निपटाना होगा। बिना ठोस कानूनी रुकावट के फाइल दबाकर बैठने वाले अफसरों पर गाज गिरना तय है।

प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी डिविजनल कमिश्नर, कलेक्टर और भूमि सुधार डिप्टी कलेक्टर को लेटर लिखकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक अनिवार्य करने को कहा है, ताकि तय समय-सीमा में मामलों का निष्पादन सुनिश्चित हो सके। अलग-अलग मामलों के लिए तय समय सीमा के अनुसार दाखिल-खारिज, अपील, जमाबंदी रद्दीकरण, लगान निर्धारण, बटाइदारी वाद, अतिक्रमण और भू-हदबंदी जैसे अधिकांश मामलों को 30 से 90 दिनों के भीतर निपटाना होगा।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि आरसीएमएस (RCMS) या बिहार भूमि पोर्टल पर दर्ज मामलों में देरी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब, लापरवाही या उदासीनता दिखाने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के आम नागरिक को अपने ही हक की जमीन के लिए सालों इंतजार न करना पड़े। डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए अब हर फाइल की मूवमेंट पर मुख्यालय से नजर रखी जा रही है।

टी20 वर्ल्ड कप: न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराया, सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर किया

टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका की टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है। न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रनों से हराया और अपनी सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं। यह मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया था।

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 168 रन बनाए। कप्तान मिशेल सैंटनर ने 47 रनों की ऑलराउंडर पारी खेली, जिसमें उन्होंने 2 चौके और 4 छक्के जमाए। कोल मैककॉन्ची ने 31 रनों की नाबाद पारी खेली।

श्रीलंका की ओर से कामिंदु मेंडिस ने सबसे अधिक 31 रन बनाए। दुनिथ वेलालेज ने 29 और कुसल मेंडिस ने 11 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने 2 और रचिन रविंद्र ने 4 विकेट चटकाए।

न्यूजीलैंड की इस जीत के बाद सेमीफाइनल की दौड़ में इंग्लैंड की टीम पहले ही क्वालीफाई कर चुकी है। न्यूजीलैंड को अब अपना आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ 27 फरवरी को खेलना है। अगर न्यूजीलैंड यह मैच जीत जाता है, तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। लेकिन अगर न्यूजीलैंड हारता है और पाकिस्तान श्रीलंका को 28 फरवरी को हरा देता है, तो न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल का फैसला होगा।

26 फरवरी की शीर्ष खबरें: पीएम मोदी को मिला इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान, न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को वर्ल्ड कप से बाहर किया

आज की शीर्ष 20 खबरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान मिलना, न्यूजीलैंड द्वारा श्रीलंका को वर्ल्ड कप से बाहर करना, बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की आखिरी तारीख का ऐलान, और विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की हल्दी सेरेमनी की तस्वीरें वायरल होना शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायली संसद ने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, जबकि न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। बिहार में राशन कार्डधारकों को 28 फरवरी तक ई-केवाईसी करानी होगी, नहीं तो उनका नाम कार्ड से कट जाएगा।

इसके अलावा, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की हल्दी सेरेमनी की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। दोनों 26 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं।

आज की अन्य महत्वपूर्ण खबरों में बंगाल चुनाव 2026 में हर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात करने का फैसला, अमेरिका द्वारा भारतीय सोलर पैनलों पर 126% शुल्क लगाना, और BPSC द्वारा सिविल जज की वैकेंसी निकालना शामिल है।

इन खबरों के अलावा, आज की अन्य महत्वपूर्ण खबरों में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते का निधन, गया-सासाराम के यात्रियों के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ, और आईसीसी टी20 रैंकिंग में ईशान किशन की लंबी छलांग शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल की संसद नेसेट द्वारा सर्वोच्च सम्मान, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए सम्मानित

इजराइल की पार्लियामेंट नेसेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया है, जो नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के असाधारण योगदान के लिए दिया गया है, जिन्होंने भारत और इजराइल के बीच स्ट्रेटेजिक रिश्तों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नेसेट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी है और जल्द ही दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं और एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा पीस इनिशिएटिव को भारत का समर्थन देने की बात कही और कहा कि यह पहल एक रास्ता दिखाता है जो शांति और स्थिरता को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने कहा कि भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।

नेसेट के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीरें लीं और उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत-इजराइल संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को दर्शाता है।

रमजान के महीने में ममता बनर्जी सरकार का मुस्लिम समाज को तोहफा, सस्ती दर पर मिलेगी खाद्य सामग्री

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी की सरकार ने मुस्लिम समाज के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने पवित्र रमजान के महीने में मुस्लिम समाज को विशेष खाद्य सहायता पैकेज प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी एक नोटिस के माध्यम से की गई है।

इस नोटिस के अनुसार, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और विशेष प्राथमिकता श्रेणी (एसपीएचएच) के राशन कार्डधारक परिवारों को सस्ती दर पर खाद्य सामग्री प्रदान की जाएगी। यह सुविधा इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगी और 19 मार्च तक लागू रहेगी। लाभुक परिवार अपने नजदीकी राशन दुकानों से प्रति परिवार एक किलोग्राम चीनी 32 रुपए में, एक किलोग्राम मैदा 30 रुपए में और एक किलोग्राम चना 65 रुपए में प्राप्त कर सकेंगे।

खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रमजान के दौरान खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है। राज्य भर के राशन डीलरों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को वंचित न होना पड़े।

सरकार का दावा है कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। प्रशासन ने अपील की है कि पात्र कार्डधारक तय समयसीमा के भीतर राशन दुकानों से सामग्री प्राप्त करें। यह घोषणा मुस्लिम समाज के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफा है और इससे उन्हें रमजान के महीने में खाद्य सामग्री की खरीद में मदद मिलेगी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती, हर विधानसभा क्षेत्र में तैनात होंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी सख्त करने का निर्णय लिया है। आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती करने का फैसला किया है, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। यह पर्यवेक्षक चुनाव की अधिसूचना जारी होने के दिन से ही राज्य में मौजूद रहेंगे और नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव खत्म होने तक कड़ी नजर रखेंगे।

चुनाव आयोग ने 1,444 अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है, जिनमें आईएएस, आईपीएस, आईआरएस सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को पश्चिम बंगाल सहित तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में तैनात किया जाएगा। आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि पिछले चुनावों में कई जगहों से शिकायतें और अशांति की खबरें आई थीं।

चुनाव आयोग के इस निर्णय से उम्मीद है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी। आयोग ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के लिए राज्य पुलिस को निर्देश दिया है, ताकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस बार आयोग ने तय किया है कि अधिसूचना जारी होने के दिन से ही सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों को तैनात कर दिया जाएगा, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर नियम: HRA दावों में मकान मालिक के साथ रिश्ता बताना अनिवार्य

भारत सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत ड्राफ्ट आयकर नियम और फॉर्म जारी कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य कर अनुपालन को अधिक पारदर्शी बनाना, फर्जी दावों पर रोक लगाना और ऑडिटर व कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाना है। इन प्रस्तावित नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों में घर किराया भत्ता (HRA) दावों में मकान मालिक के साथ रिश्ता बताना अनिवार्य होगा।

वर्तमान में, HRA दावा करते समय कर्मचारी को केवल किराये का विवरण देना होता है, लेकिन नए नियमों के तहत मकान मालिक से संबंध का खुलासा अनिवार्य होगा। कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर प्रभावी रोक लगेगी।

नए नियमों में विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट (एफटीसी) के दावों को लेकर ऑडिटर के साथ-साथ कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, कंपनियों के पैन आवेदन प्रक्रिया में भी सख्ती की गई है, जिसमें आवेदन के समय यह घोषणा देना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से कोई पैन नहीं है।

नए कर ऑडिट फॉर्म 26 के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि यदि वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई प्रतिकूल टिप्पणी, अस्वीकरण या पात्रता है, तो उसका आय, हानि या बुक प्रॉफिट पर प्रभाव स्पष्ट रूप से बताया जाए। इसके अलावा, कर ऑडिट रिपोर्ट में अब इस्तेमाल किए गए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, क्लाउड या सर्वर का विवरण, आईपी पता, डेटा भंडारण का देश और भारत में स्थित बैकअप सर्वर का पता भी दर्ज करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रावधानों से कंपनियों और करदाताओं की अनुपालन लागत बढ़ सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे कर व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता को मजबूती मिलेगी।

पीएम किसान योजना में बड़ा बदलाव: लिस्ट से कट गए लाखों नाम, जानें अपना स्टेटस चेक करने का तरीका

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा बदलाव आया है, जिसमें लाखों किसानों के नाम लिस्ट से कट गए हैं। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि योजना का पैसा सिर्फ उन्हीं को मिले जो इसके असली हकदार हैं। जिन किसानों के नाम पर जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद दर्ज हुई है, उनके कागजों की बारीकी से दोबारा जांच हो रही है। अगर मालिकाना हक को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तो किस्त रोकी जा सकती है।

नियम के मुताबिक, एक परिवार में पति या पत्नी में से किसी एक को ही यह पैसा मिल सकता है। कई मामलों में दोनों ही किस्त उठा रहे थे, ऐसे लोगों का भुगतान न सिर्फ रोका गया है, बल्कि उनसे पुराने पैसों की वसूली भी हो सकती है। अगर आप भी इस योजना का लाभ ले रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि आपका नाम भी लिस्ट से बाहर किया जा सकता है।

22वीं किस्त कब तक आ सकती है, इसकी अभी तक कोई फिक्स तारीख नहीं है, लेकिन चर्चा है कि मार्च 2026 के पहले हफ्ते या होली के त्योहार से ठीक पहले किसानों के खातों में 2000 रुपए ट्रांसफर किए जा सकते हैं। त्योहार के समय यह राशि किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

अपना स्टेटस चेक करने के लिए, आप घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जा सकते हैं और नीचे की तरफ ‘Know Your Status’ वाले विकल्प पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालें और कैप्चा कोड भरकर Get Data पर क्लिक करें। अब आपकी स्क्रीन पर सारी जानकारी आ जाएगी। यहां e-KYC और Land Seeding के आगे ‘YES’ लिखा होना जरूरी है।

अगर आपका स्टेटस पेंडिंग दिखा रहा है, तो बिना देर किए अपने पास के CSC सेंटर पर जाकर e-KYC पूरी करवाएं, पीएम किसान ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें, और सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी (DBT) सुविधा चालू है।

मार्च 2026 में बैंक अवकाश: होली और रामनवमी समेत 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें ऑनलाइन सेवाओं का लाभ

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, मार्च 2026 में कुल 18 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा। इसमें साप्ताहिक छुट्टियों (5 रविवार और 2 शनिवार) के अलावा, विभिन्न राज्यों के स्थानीय त्योहारों और राष्ट्रीय अवकाशों के कारण 11 दिन बैंक बंद रहेंगे।

मार्च महीने में होली, रामनवमी, और अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा, साप्ताहिक अवकाशों के कारण भी बैंक बंद रहेंगे। यदि आपका बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो योजना पहले ही बना लें और अपने जरूरी कामों को समय पर निपटाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाएं।

बैंकों की शाखाएं बंद होने के बावजूद, आप ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप, और एटीएम के जरिए अपना लेनदेन बिना किसी रुकावट के कर सकते हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में इस महीने कुल 12 दिन ट्रेडिंग नहीं होगी, जिसमें साप्ताहिक अवकाश और त्योहारों की छुट्टियां शामिल हैं।

मार्च 2026 में बैंक अवकाश की सूची इस प्रकार है:

* 1 मार्च: रविवार
* 2 मार्च: होलिका दहन (उत्तर प्रदेश)
* 3 मार्च: होली (15 राज्यों में)
* 4 मार्च: अलग-अलग राज्यों में त्योहार (17 राज्यों में)
* 8 मार्च: रविवार
* 13 मार्च: चापचर कुट (मिजोरम)
* 14 मार्च: दूसरा शनिवार
* 15 मार्च: रविवार
* 17 मार्च: शब-ए-कद्र (जम्मू और श्रीनगर)
* 19 मार्च: गुड़ी पड़वा, उगादी और नवरात्र की शुरुआत (11 राज्यों में)
* 20 मार्च: ईद-उल-फितर और जुमात-उल-विदा (5 राज्यों में)
* 21 मार्च: रमजान ईद और सरहुल
* 22 मार्च: रविवार
* 26 मार्च: श्री रामनवमी (13 राज्यों में)
* 27 मार्च: श्री राम नवमी (6 राज्यों में)
* 28 मार्च: दूसरा शनिवार
* 29 मार्च: रविवार
* 31 मार्च: श्री महावीर जयंती (15 राज्यों में)

इसलिए, यदि आपका बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो योजना पहले ही बना लें और अपने जरूरी कामों को समय पर निपटाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाएं।

अमेरिका ने भारतीय सोलर पैनलों पर लगाया 126% शुल्क, व्यापारिक संबंधों में आया बड़ा बदलाव

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में एक बड़ा मोड़ आया है, जब अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत से आयातित सोलर पैनलों और सेल पर 126% की भारी शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। यह फैसला न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन में मचे घमासान को भी दर्शाता है।

अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स के एक समूह, ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने शिकायत दर्ज की थी कि विदेशी कंपनियां अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद ‘डंप’ कर रही हैं। उनका आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देश अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सरकारी सब्सिडी दे रहे हैं, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को व्यापार में भारी नुकसान हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को निष्पक्ष बनाने के लिए दो तरह के मुख्य टैक्स (टैरिफ) लगाए जाते हैं – एंटी-डंपिंग ड्यूटी और काउंटरवेलिंग ड्यूटी। एंटी-डंपिंग ड्यूटी तब लगती है जब कोई देश अपने माल को जानबूझकर बहुत कम कीमत पर दूसरे देश में बेचता है, जबकि काउंटरवेलिंग ड्यूटी तब लगती है जब कोई सरकार अपने एक्सपोर्टर्स को वित्तीय मदद या सब्सिडी देती है।

भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना लगभग असंभव हो जाएगा, क्योंकि इतने ऊंचे टैरिफ के बाद उनके उत्पादों की कीमतें बहुत अधिक हो जाएंगी। अमेरिकी कंपनियों का आरोप है कि चीनी कंपनियां सीधे तौर पर अमेरिकी टैक्स से बचने के लिए भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों का इस्तेमाल ‘ट्रांस-शिपमेंट’ हब के रूप में कर रही हैं।

इस फैसले के बाद, भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा। भारत के लिए 126% की नई शुरुआती ड्यूटी लगाई गई है, जबकि इंडोनेशिया के लिए 143% और लाओस के लिए 81% की ड्यूटी लगाई गई है। यह फैसला वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप: आशुतोष महाराज ने लगाया UP डिप्टी CM पर साजिश रचने का आरोप

प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों के मामले में नया मोड़ आ गया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने बुधवार को मीडिया से बात की, जिसमें उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद पर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के मठ-आश्रमों में बटुकों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया। आशुतोष महाराज ने दावा किया कि उनके पास सभी सबूत हैं और मेडिकल रिपोर्ट में भी यौन शोषण की पुष्टि हो गई है।

आशुतोष महाराज ने यूपी के डिप्टी सीएम पर माघ मेले में साजिश रचने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने डिप्टी सीएम का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ने उनसे कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं, तब खत्म करना। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आशुतोष महाराज के आरोपों का जवाब दिया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह बच्चा उनके पास आया ही नहीं, तो यह सब कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनके वकीलों ने सारे प्रमाण दिखा दिए कि वह बच्चे उनके पास थे, इसलिए अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो बच्चे जिसके साथ थे, उसी ने किया होगा। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता जांच के घेरे में अपने आप आ जाएगा और उन्हें बताना पड़ेगा कि इन बच्चों का उनके साथ संपर्क कहां हुआ।

इस मामले में प्रयागराज पुलिस पिछले 3 दिन से वाराणसी में डेरा डाले हुए है और शंकराचार्य से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। मामला हाई-प्रोफाइल होने से पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शंकराचार्य के समर्थन में उतर आई है और प्रदेश के सभी 75 जिलों में उनके समर्थन में प्रदर्शन करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान दौरा: यूपी में निवेश का न्योता और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं, जहां उन्होंने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया। यह उनका पहला जापान दौरा है, जहां उन्हें एक बच्ची ने तिलक लगाकर स्वागत किया।

टोक्यो में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक नया अध्याय लिख रहा है, जहां विकास, विरासत और उत्सवों की पहचान है। उन्होंने कहा कि जापान को ‘राइजिंग सन’ की धरती कहा जाता है, लेकिन भारत ‘सन ऑफ द सन’ की भूमि है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का जिक्र किया, जहां 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे वर्ष में लगभग 156 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी समाज अपनी विरासत पर गर्व करके ही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विरासत पर गर्व अपने पूर्वजों और महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में दंगा और कर्फ्यू की खबरें नहीं आतीं, बल्कि विकास और उत्सवों की चर्चा होती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और कहा कि प्रदेश में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जापान की कई कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है और उन्हें प्रदेश में सुरक्षित महसूस हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्केल को स्किल में बदलने का सामर्थ्य है और प्रदेश में सुरक्षित माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में यंग वर्कफोर्स है और इंडस्ट्रियल पार्क के लिए फोरलेन कनेक्टिविटी और पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं और प्रदेश में 34 से ज्यादा सेक्टरल पॉलिसीज हैं। उन्होंने कहा कि 55% मोबाइल बनाने का काम सिर्फ उत्तर प्रदेश में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60% मैन्युफैक्चर उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने यह भी कहा कि डाटा सेंटर बनाने का प्रस्ताव मिले हैं और हाल ही में सेमी कंडक्टर यूनिट का शिलान्यास किया गया है।

कानपुर के PSIT कॉलेज में छात्रों का हंगामा: लाठीचार्ज में कई घायल, कॉलेज 8 मार्च तक बंद

कानपुर के पनकी स्थित प्रोडेशन्स इंजीनियरिंग कॉलेज (PSIT) में बुधवार को छात्रों ने हंगामा किया, जिसमें कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यह हंगामा सोमवार को कॉलेज कैंपस में एक छात्र की जेसीबी से टकराकर मौत होने के बाद हुआ था। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की।

मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ गई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प होने के बाद कॉलेज को 8 मार्च तक बंद कर दिया गया है।

इस मामले में कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों की मांगों को मान लिया है और उन्हें आश्वस्त किया है कि जल्द ही कॉलेज की टाइमिंग में बदलाव किया जाएगा। फिलहाल, कॉलेज में पीएसी तैनात है और सभी छात्रों को वहां से हटा दिया गया है।

सोमवार को हुए हादसे में बीसीए फाइनल ईयर के छात्र प्रखर सिंह की मौत हो गई थी, जो जेसीबी से टकरा गए थे। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने निर्माण काम के दौरान सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे, जिससे यह हादसा हुआ। कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है।

इस मामले में डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी, एडीसीपी वेस्ट कपिलदेव, एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार, और एसीपी अमरनाथ यादव ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें शांत करने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और 10 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची थीं।

वैभव सूर्यवंशी को टाटा मोटर्स ने दी टाटा कर्व एसयूवी, जानें इसकी विशेषताएं और कीमत

बिहार के समस्तीपुर जिले के 14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को टाटा मोटर्स ने एक नई टाटा कर्व एसयूवी गाड़ी दी है। वैभव ने हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार बल्लेबाजी की थी और इससे पहले उन्होंने आईपीएल 2025 में भी अपने बल्ले से काफी रन बनाए थे। टाटा मोटर्स ने पिछले साल अच्छा खेल दिखाने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया और वैभव को कर्व सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन का अवार्ड दिया गया है।

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने अपने पहले ही आईपीएल सीजन में कुल 7 मैच खेले और 206.56 के बेहद आक्रामक स्ट्राइक रेट और 36 के औसत से कुल 252 रन बनाए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने केवल 35 गेंदों में 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी, जिससे वे आईपीएल इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए थे।

वैभव सूर्यवंशी अपनी नई गाड़ी लेने के लिए अपने पूरे परिवार के साथ बिहार की राजधानी पटना गए थे। वहां उन्होंने पटना में मौजूद अनाया ऑटो शोरूम से अपनी नई टाटा कर्व एसयूवी की डिलीवरी ली। अपनी गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले वैभव ने इस नए शोरूम की शुरुआत भी की।

टाटा कर्व एसयूवी पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक तीनों रूप में उपलब्ध है। इसकी कीमत 9.66 लाख रुपये से शुरू होकर 18.85 लाख रुपये तक जाती है। इलेक्ट्रिक मॉडल की कीमत 17.49 लाख रुपये से शुरू होकर 22.24 लाख रुपये तक जाती है। यह गाड़ी तीन शानदार इंजन के ऑप्शन के साथ आती है, जिनमें 1.2 लीटर डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो पेट्रोल इंजन, 1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर डीजल इंजन शामिल हैं। ये सभी इंजन गाड़ी को अच्छी ताकत और रफ्तार देते हैं जिससे चलाने वाले को काफी अच्छा अनुभव मिलता है।

भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर भर्ती के लिए आयु सीमा बढ़ाई, युवाओं के लिए नए अवसर!

भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर भर्ती के लिए आयु सीमा बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुल गए हैं। पहले अग्निवीर वायु भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 21 वर्ष थी, लेकिन अब 22 वर्ष तक के युवक आवेदन कर सकते हैं। यह निर्णय युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो भारतीय वायु सेना में शामिल होने का सपना देखते हैं।

आवेदन करने की समय सीमा क्या है?
सभी पात्र उम्मीदवार 3 मार्च 2026 से 10 मार्च 2026 के बीच iafrecruitment.edcil.co.in/agniveervayu पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पहले यह आवेदन प्रक्रिया 8 फरवरी 2026 तक चली थी, लेकिन अब आयु सीमा बढ़ाने के साथ एक बार फिर आवेदन विंडो खोली जा रही है।

शैक्षणिक योग्यता क्या है?
अग्निवीर वायु भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 10+2 (इंटरमीडिएट) परीक्षा फिजिक्स, मैथ्स और इंग्लिश विषयों के साथ पास करनी होगी। कुल अंक कम से कम 50% और इंग्लिश में कम से कम 50% अंक होने चाहिए। यह योग्यता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से होनी चाहिए।

चयन प्रक्रिया क्या है?
अग्निवीर वायु में चयन कई चरणों में होता है:

लिखित परीक्षा (सीधा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट)
फिजिकल फिटनेस टेस्ट (पीएफटी) – दौड़, पुश-अप्स, सीटी टेस्ट आदि
मेडिकल परीक्षा – भारतीय वायु सेना के तय मानकों के अनुरूप फिटनेस
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

सैलरी और अन्य लाभ क्या हैं?
अग्निवीर वायु को चार साल की सेवा अवधि के लिए भर्ती किया जाता है। पहले साल उन्हें लगभग 30,000 रुपये की सैलरी मिलेगी, दूसरे साल 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये की सैलरी मिलेगी।

आवेदन शुल्क क्या है?
सभी उम्मीदवारों के लिए 550 रुपये + 18% जीएसटी आवेदन शुल्क होगा। यह शुल्क ऑनलाइन ही भुगतान करना होगा और जमा किया गया शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

बिहार में नए रेलवे मार्गों की सौगात, छपरा से पटना के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव मंजूर

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिनमें से एक छपरा, सीवान और गोपालगंज के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भाजपा विधायक छोटी कुमारी के प्रस्ताव पर सरकार ने सहमति जताई है कि छपरा से पटना के बीच यात्रियों का दबाव बहुत ज्यादा है, इसलिए राज्य सरकार केंद्र को एक प्रस्ताव भेजेगी ताकि इस रूट पर एक नई जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन नियमित रूप से चलाई जा सके।
इसके अलावा, मिथिलांचल की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए दरभंगा जिले में लोहना और मुक्तापुर रेलवे लाइन को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। विधायक मैथिली ठाकुर ने सदन में यह मुद्दा उठाया कि इस लिंक के बनने से घनश्यामपुर और तारडीह जैसे पिछड़े इलाकों में विकास तेजी से होगा और लोकल लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
गोपालगंज के हथुआ स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग को भी सरकार ने सही माना और इसे मंजूर कर लिया है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि अगर किसी गांव की छोटी नदी पर पुल बनाना है, तो अब जिला संचालन समिति की रिपोर्ट सबसे जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि बिना जिला समिति की सिफारिश के विभाग आगे की कार्रवाई नहीं कर पाएगा।
एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल इमान ने एक दिलचस्प मांग उठाई कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के लिए विधायकों के लिए भी एक स्पष्ट नीति होनी चाहिए। उनका तर्क दिया कि प्रोटोकॉल न होने से विधायकों की अनदेखी होती है। सरकार की ओर से फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं होने की बात कही गई। इस पर सदन में काफी शोरशराबा हुआ।

अमित शाह की किशनगंज यात्रा: भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर हाई लेवल मीटिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बिहार के किशनगंज में एक उच्च स्तरीय बैठक में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर चर्चा की। यह बैठक मेंची सभागार में आयोजित की गई, जहां जिला प्रशासन, एसएसबी, बीएसएफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

अमित शाह का यह दौरा 25 से 27 फरवरी तक चलेगा और इसका मुख्य फोकस किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों पर है, जो नेपाल सीमा से सटे हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माने जाते हैं और सीमा पार गतिविधियों, घुसपैठ और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है।

अमित शाह ने किशनगंज के ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम में भी भाग लिया और कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। रात में उन्होंने मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास पर एक राजनीतिक बैठक में भाग लिया, जिसमें 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी तंत्र मजबूत करने, अवैध गतिविधियों पर रोक, खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के तालमेल को भी प्राथमिकता दी गई।

अमित शाह 26 फरवरी को अररिया और पूर्णिया का दौरा करेंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। यह दौरा भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार में बकाया बिजली बिल: 1 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की तैयारी, विभाग ने शुरू किया विशेष अभियान

बिहार में बिजली विभाग ने बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास 5 हजार रुपये या अधिक का बकाया है, उनके कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने मार्च तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।

बांका और अमरपुर डिवीजन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों डिवीजन में लगभग 1 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर बिजली बिल बकाया है। इनमें से 50-50 हजार उपभोक्ता दोनों डिवीजन में शामिल हैं।

विभाग ने 20 विशेष टीमों का गठन किया है, जो घर-घर जाकर कार्रवाई करेंगी। कनीय अभियंता की निगरानी में टीमें रोजाना का लक्ष्य पूरा करेंगी। एसडीओ और कार्यपालक अभियंता रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विभाग के मुताबिक, कई उपभोक्ता ज्यादा बकाया होने पर दूसरे के नाम से नया कनेक्शन ले रहे हैं। पुराने कनेक्शन का बिल लंबित है, लेकिन बिजली का उपयोग जारी है। ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है। टीमें पहले उपभोक्ताओं से बकाया जमा करने का अनुरोध करेंगी। भुगतान नहीं होने पर सीधे कनेक्शन काट दिया जाएगा।

विभाग ने गर्मी से पहले मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कार्यपालक अभियंता कुमार सौरभ ने कहा कि जर्जर तार बदले जाएंगे। पेड़ों की डालियों की कटाई भी होगी। उद्देश्य है कि गर्मी में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

टी20 विश्व कप 2026: सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के लिए भारत के लिए सभी संभावित परिदृश्य

टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है, और भारतीय टीम अपने अभियान को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इस टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने के लिए, भारत को सेमीफाइनल में पहुंचना होगा, जिसके लिए उन्हें विभिन्न परिदृश्यों का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख में, हम भारत के लिए सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के सभी संभावित परिदृश्यों को विस्तार से समझाएंगे और उनकी संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे।

टी20 विश्व कप 2026 में भारत की स्थिति को समझने के लिए, हमें पहले टूर्नामेंट के प्रारूप और नियमों को समझना होगा। इस टूर्नामेंट में 12 टीमें भाग ले रही हैं, जो दो ग्रुप में विभाजित हैं – ग्रुप 1 और ग्रुप 2। प्रत्येक ग्रुप में 6 टीमें हैं, और प्रत्येक टीम अपने ग्रुप में अन्य 5 टीमों के साथ मैच खेलेगी। ग्रुप चरण के बाद, प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष 2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जहां वे अन्य ग्रुप की शीर्ष 2 टीमों के साथ मैच खेलेंगी।

अब, भारत के लिए सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के संभावित परिदृश्यों पर नजर डालते हैं। यदि भारत अपने ग्रुप में शीर्ष 2 टीमों में स्थान बनाने में सफल रहता है, तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि, यदि भारत अपने ग्रुप में तीसरे या चौथे स्थान पर रहता है, तो उसे अपने ग्रुप की अन्य टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना होगा और उनके बीच के मैचों के परिणामों को ध्यान में रखना होगा।

भारत के लिए सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के लिए, उन्हें अपने ग्रुप में शीर्ष 2 टीमों में स्थान बनाने के लिए मजबूत प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए, उन्हें अपने सभी मैचों में जीत हासिल करनी होगी और अपने ग्रुप में अन्य टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इसके अलावा, उन्हें अपने ग्रुप की अन्य टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी और उनके बीच के मैचों के परिणामों को ध्यान में रखना होगा।

इस लेख में, हमने टी20 विश्व कप 2026 में भारत के लिए सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के सभी संभावित परिदृश्यों को विस्तार से समझाया है और उनकी संभावनाओं का विश्लेषण किया है। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी और आपको टूर्नामेंट के बारे में बेहतर समझ प्रदान करेगी।

मौसम अलर्ट: 26 फरवरी से 3 मार्च तक देश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग ने 26 फरवरी से 3 मार्च तक देश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष रूप से इसका प्रभाव देखा जा सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 फरवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 25 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

उत्तरी भारत के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। राजस्थान में दिन का तापमान बढ़ने लगा है, जहां बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 7 दिनों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस हफ्ते उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रह सकता है।

पीएम मोदी की इज़राइल यात्रा: नेतन्याहू ने गर्मजोशी से स्वागत किया, दोनों देशों के बीच संबंध होंगे मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिवसीय इज़राइल यात्रा पर बुधवार को इज़राइल पहुंचे। एयरपोर्ट पर इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और गले लगाकर अभिवादन किया। नेतन्याहू अपनी पत्नी सारा के साथ हवाई अड्डे पर पीएम मोदी की अगवानी के लिए मौजूद थे।

यह पीएम मोदी की दूसरी इज़राइल यात्रा है, जो साल 2017 के बाद हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा उनके मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू के निमंत्रण पर हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल की संसद नेसेट को संबोधित करेंगे, जो एक ऐतिहासिक क्षण होगा और इसके साथ ही वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जो नेसेट को संबोधित करेंगे।

इज़राइली मीडिया ने पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे को भारत-इज़राइल द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण बताया है। संसद भवन की ओर जाने वाली सड़कों के किनारे भारतीय और इज़राइली झंडे लगाए गए हैं और नेसेट को भारत के तिरंगे से रोशन किया गया है। इज़राइली मीडिया ने यह भी कहा है कि एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में उच्च स्तरीय सहयोग के साथ-साथ रक्षा संबंधों में संयुक्त उत्पादन की ओर बढ़ने पर भारत-इज़राइल संबंध और मजबूत होंगे।

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इज़राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राहुल गांधी पर पीयूष गोयल का जोरदार हमला: नकारात्मक राजनीति के पोस्टर बॉय के रूप में उभरे

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति के पोस्टर बॉय बन गए हैं और उन्होंने भारत विरोधी ताकतों के साथ हाथ मिलाकर देश के हितों से समझौता किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि गांधी परिवार ने हमेशा देश के हितों से समझौता किया है, जिसकी शुरुआत देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से ही हो गई थी।

पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार विदेश यात्राएं कर विभिन्न प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्थाओं से समझौता करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 247 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं और इस दौरान उन्होंने कई बार येलो बुक प्रोटोकॉल की अनदेखी की। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए सुरक्षा इंतजामों से समझौता करते हैं और विदेश जाकर भारत और भारतीयों के हितों के खिलाफ काम करते हैं।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी के संबंध देश विरोधी ताकतों से रहे हैं और उन्होंने सोरोस के साथ कथित गैर-कानूनी संबंधों के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लद्दाख के संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में गए और वहां भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाले विदेशी व्यक्तियों के साथ संपर्क बनाए। पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी का संबंध चीन और पाकिस्तान से जुड़े लोगों से भी रहा है।

पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने संविधान से बाहर की शक्तियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उस समय कैबिनेट के फैसलों का सार्वजनिक रूप से विरोध किया गया और प्रधानमंत्री पद का भी अपमान हुआ। पीयूष गोयल ने कहा कि नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से सरकार को प्रभावित किया गया और वामपंथी विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।

पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी एक तरह से समानांतर कैबिनेट चलाते थे और सुपर प्रधानमंत्री की तरह फैसलों को प्रभावित करते थे। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार पर देश के हितों से समझौता करने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी अपने कार्यकाल के दौरान देश के हितों से समझौता करने में हिचकिचाहट नहीं दिखाई।

पीयूष गोयल ने बोफोर्स मामले को लेकर आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर उस समय के विदेश मंत्री ने स्वीडिश अधिकारियों से बोफोर्स घोटाले की जांच रोकने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के मित्र ओटावियो क्वात्रोची को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच को प्रभावित किया गया। पीयूष गोयल ने कहा कि बोफोर्स मामले में कांग्रेस और राजीव गांधी की भूमिका को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया और भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।

Bihar News Today 25 फरवरी 2026 Live: विधानसभा हंगामा, दुल्हन को गोली, अमित शाह का दौरा – दिनभर की टॉप खबरें

Bihar में आज कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। अपराध, राजनीति, विकास और प्रशासन से जुड़ी प्रमुख खबरें इस प्रकार हैं:

🔴 शादी के मंच पर दुल्हन को गोली

Buxar जिले से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जयमाला के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर दुल्हन को गोली मार दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दुल्हन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।


🏛 शराबबंदी पर विधानसभा में बहस

राजधानी Patna में विधानसभा सत्र के दौरान शराबबंदी कानून और कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने राज्य में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरा, वहीं सरकार ने विकास योजनाओं और औद्योगिक निवेश के आंकड़े पेश किए। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। प्रशासन ने प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।


🏭 BIADA ने 14 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की

राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए Bihar Industrial Area Development Authority (BIADA) ने 14 नई औद्योगिक इकाइयों को करीब 10 एकड़ भूमि आवंटित की है। इससे लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 1200 से ज्यादा रोजगार सृजन की संभावना है। इस पहल को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


🌾 चीनी मिलों में टिशू कल्चर और मिट्टी जांच लैब

राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सभी चीनी मिलों में टिशू कल्चर लैब, मिट्टी जांच केंद्र और बायो-कंट्रोल लैब स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे गन्ना उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


🛡 अमित शाह का सीमांचल दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बिहार के Seemanchal क्षेत्र के दौरे पर हैं। इस दौरान वे सीमा सुरक्षा, जनसांख्यिकीय बदलाव और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


📍 गया

Gaya में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। बोधगया क्षेत्र में सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटकों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। रेलवे स्टेशन और प्रमुख मंदिरों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है।


📍 मुज़फ्फरपुर

Muzaffarpur में साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। पुलिस ने ऑनलाइन लॉटरी और फर्जी कॉल सेंटर गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया है। कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। आम लोगों को अज्ञात लिंक और कॉल से सावधान रहने की अपील की गई है।


📍 भागलपुर

Bhagalpur में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। साथ ही, शहर में सड़क निर्माण परियोजनाओं को तेज करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय किसानों ने सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा का संकल्प: चीफ जस्टिस सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा को धूमिल करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। यह बयान तब आया जब अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने एनसीईआरटी की एक किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित विषय की जानकारी दी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और वे किसी भी हाल में इसकी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश नहीं होने दी जाएगी।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है और कहा है कि कानून अपना काम करेगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ना है तो इसमें प्रशासनिक अधिकारियों का जिक्र क्यों नहीं है, सिर्फ न्यायपालिका की चर्चा क्यों?

एनसीईआरटी की सोशल स्टडी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों और न्यायाधीशों की कमी को न्यायिक प्रणाली के सामने चुनौतियों के रूप में पढ़ाया जा रहा है। इस विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विवाद हुआ है और चीफ जस्टिस ने कहा है कि न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा।

यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता के मुद्दे से जुड़ा हुआ है और सुप्रीम कोर्ट ने इसकी रक्षा का संकल्प लिया है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर याचिका खारिज, जानें क्या कहा अदालत ने

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका विश्व यादव परिषद की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें फिल्म के शीर्षक को यादव समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फिल्म के शीर्षक में ऐसा कुछ नहीं है जो यादव समुदाय को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता हो।

न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि किसी फिल्म का शीर्षक मात्र इस आधार पर असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी समुदाय की छवि खराब होने की आशंका जताई जा रही है। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री देखने के बाद वह यह समझने में असमर्थ है कि फिल्म का शीर्षक किस तरह यादव समुदाय को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।

याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी थी कि फिल्म पूरी तरह काल्पनिक नहीं, बल्कि एक वास्तविक घटना से प्रेरित है, जिसमें यादव समाज की एक हिंदू युवती को एक मुस्लिम युवक के साथ प्रेम संबंध में दिखाया गया है। उन्होंने कहा था कि लड़की के किरदार को जैसे फिल्माया गया है, वह आपत्तिजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया था कि वह दो समुदायों के बीच इस तरह के विवाह का विरोध नहीं करते।

अदालत ने फिल्म बैंडिट क्वीन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मामले में भी गुर्जर समुदाय की छवि को लेकर आपत्तियां उठी थीं, लेकिन अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार किया था। अदालत ने अंत में दोहराया कि केवल आशंका या संवेदनशीलता के आधार पर किसी फिल्म के शीर्षक या प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई जा सकती, जब तक कि अनुच्छेद 19(2) के तहत स्पष्ट प्रतिबंध लागू न हों।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी थी कि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और यदि बाद में कुछ आपत्तिजनक पाया गया तो उन्हें दोबारा अदालत आने की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘थोड़ी मोटी चमड़ी रखिए। यह फिक्शन है। एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा। आजकल कोई भी थिएटर नहीं जा रहे। सभी फोन पर देख रहे हैं।’

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ का निर्देशन अंकित भड़ाना ने किया है, जबकि संदीप तोमर निर्माता हैं और कविता सह-निर्माता हैं। फिल्म में प्रगति तिवारी, विशाल मोहन, अंकित भड़ाना, सुविंदर विक्की, मानसी रावत और दीपक कपूर प्रमुख किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है।