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ईरान युद्ध और महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1,097 अंक टूटा, निवेशकों के ₹13 लाख करोड़ डूबे

भारत के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद

6 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,097 अंक टूटकर 78,918.90 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 करीब 315 अंक गिरकर 24,450.45 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण देखी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का असर सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है।


चार दिनों में निवेशकों को भारी नुकसान

पिछले चार कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ चार दिनों में निवेशकों की संपत्ति लगभग 13.46 लाख करोड़ घट गई। कुल बाजार पूंजीकरण करीब 463.25 लाख करोड़ से गिरकर 449.79 लाख करोड़ रह गया।

यह गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।


युद्ध का असर: तेल, मुद्रा और बाजार पर दबाव

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं है।

  • कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
  • डॉलर मजबूत होना
  • उभरते बाजारों से विदेशी निवेश की निकासी

इन सभी कारणों से भारतीय वित्तीय बाजार दबाव में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इस तनाव के कारण तेल की कीमतों में 2026 में अब तक लगभग 16% की वृद्धि हो चुकी है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत के आयात बिल और महंगाई पर पड़ता है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है।


RBI को भी करनी पड़ी दखलअंदाजी

बाजार और मुद्रा पर बढ़ते दबाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, रुपये को स्थिर रखने के लिए आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर तक बाजार में हस्तक्षेप किया

युद्ध के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से धन निकालना शुरू किया, जिससे रुपये में गिरावट आई। आरबीआई ने डॉलर बेचकर और विभिन्न वित्तीय उपकरणों के जरिए रुपये को संभालने की कोशिश की।


किन सेक्टरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर कुछ खास सेक्टरों पर पड़ा:

1. बैंकिंग और वित्तीय शेयर

बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई।
एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े बैंकिंग शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

2. तेल विपणन कंपनियां (OMCs)

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से तेल विपणन कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे रिफाइनिंग मार्जिन और LPG सब्सिडी का बोझ बढ़ सकता है

3. निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर

लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखा गया क्योंकि इनकी कई परियोजनाएं पश्चिम एशिया से जुड़ी हैं।


किन सेक्टरों को मिला फायदा

हालांकि बाजार में गिरावट रही, लेकिन कुछ सेक्टरों ने मजबूती भी दिखाई।

1. रक्षा क्षेत्र (Defence Stocks)

ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी आई।
रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों में निवेश बढ़ता देखा गया।

2. अपस्ट्रीम तेल कंपनियां

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से तेल उत्पादन करने वाली कंपनियों को फायदा हो सकता है।


वैश्विक बाजारों का भी पड़ा असर

भारतीय बाजार की कमजोरी का कारण सिर्फ घरेलू परिस्थितियां नहीं हैं।

  • अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए
  • एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही
  • निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़े

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।


क्या आगे भी गिर सकता है बाजार?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि:

  • तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो महंगाई बढ़ेगी
  • विदेशी निवेश कम हो सकता है
  • बाजार में अल्पकालिक दबाव बना रहेगा

हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध से जुड़े बाजार गिरावट अक्सर अस्थायी होती हैं और बाद में बाजार में तेजी लौट सकती है


आने वाले दिनों में इन शेयरों पर नजर

मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ शेयरों पर विशेष नजर रखी जाएगी:

  • ONGC
  • Oil India
  • Indian Oil
  • GAIL
  • Mazagon Dock
  • GRSE

इन कंपनियों के शेयर वैश्विक ऊर्जा बाजार और रक्षा क्षेत्र की मांग से प्रभावित हो सकते हैं।

Bihar MFI Bill से माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में चिंता, विश्लेषकों ने कहा-संचालन बाधित होगा और लोन रिकवरी में आ सकती है देरी

बिहार में प्रस्तावित माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFI) विनियमन और जबरन वसूली रोकथाम विधेयक, 2026 ने देश के माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में हलचल मचा दी है। वित्तीय विश्लेषकों और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के संचालन को प्रभावित कर सकता है और लोन की रिकवरी प्रक्रिया में देरी ला सकता है।

बिहार सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के उधारकर्ताओं को शोषण और जबरन वसूली से बचाना है। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस संस्थानों और निवेशकों को डर है कि सख्त नियमों के कारण राज्य में ऋण वितरण और वसूली प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

बिहार भारत के सबसे बड़े माइक्रोफाइनेंस बाजारों में से एक है और देश के कुल माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो का लगभग 15–16 प्रतिशत हिस्सा अकेले बिहार से आता है। ऐसे में इस राज्य में किसी भी प्रकार का नियामकीय बदलाव पूरे सेक्टर को प्रभावित कर सकता है।


बिहार MFI बिल क्या है

बिहार सरकार ने माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के कामकाज को नियंत्रित करने और उधारकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बिल पेश किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्ज लेने वाले गरीब परिवारों को अत्यधिक ब्याज दरों और दबाव वाली वसूली से बचाना है।

इस बिल के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

मुख्य प्रावधान

  1. राज्य सरकार के साथ अनिवार्य पंजीकरण
    बिहार में काम करने वाली सभी माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं को राज्य सरकार के साथ पंजीकरण कराना होगा।
  2. लोन देने से पहले अनुमति
    किसी भी संस्था को उधार देने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी।
  3. ब्याज सीमा तय
    बिल के अनुसार, कुल ब्याज राशि मूलधन के 100 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती
  4. एक व्यक्ति को सीमित संस्थाओं से ही कर्ज
    कोई भी उधारकर्ता अधिकतम दो माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से ही लोन ले सकेगा
  5. जबरन वसूली पर रोक
    उधार की वसूली के दौरान किसी भी तरह की धमकी, दबाव या उत्पीड़न को सख्ती से प्रतिबंधित किया जाएगा।
  6. विशेष निगरानी और शिकायत व्यवस्था
    कानून के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई के लिए विशेष अधिकारी या तंत्र बनाया जाएगा।

सरकार ने यह कानून क्यों लाया

पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि ग्रामीण और गरीब परिवार कई अलग-अलग संस्थाओं से कर्ज लेकर कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। कई मामलों में वसूली एजेंटों द्वारा कठोर और दबावपूर्ण तरीके अपनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

बिहार सरकार का मानना है कि इस बिल के जरिए:

  • उधारकर्ताओं को सुरक्षा मिलेगी
  • अत्यधिक कर्ज लेने की प्रवृत्ति कम होगी
  • वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा

राज्य में माइक्रोफाइनेंस के लगभग 2 करोड़ से अधिक लोन खाते हैं और कुल बकाया राशि करीब 57,000 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है।


विश्लेषकों की चिंता: संचालन पर असर

हालांकि इस बिल का उद्देश्य उधारकर्ताओं की सुरक्षा है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इसके कारण माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।

1. संचालन में बाधा

राज्य स्तर पर पंजीकरण और अनुमति की नई प्रक्रिया के कारण कंपनियों को अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इससे लोन देने की गति धीमी हो सकती है।

2. रिकवरी में देरी

जबरन वसूली पर रोक जरूरी है, लेकिन इससे कुछ मामलों में लोन की रिकवरी में देरी हो सकती है।

3. भुगतान अनुशासन में गिरावट

कई विशेषज्ञों का कहना है कि जब ऐसे कानून आते हैं तो कुछ उधारकर्ता भुगतान को लेकर ढील बरतने लगते हैं, जिससे बकाया राशि बढ़ सकती है।

4. कर्ज वितरण में कमी

कुछ वित्तीय संस्थान जोखिम कम करने के लिए बिहार में लोन देना कम कर सकते हैं।


बैंकों और NBFC पर असर

यह बिल केवल माइक्रोफाइनेंस कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसका असर कई प्रकार की वित्तीय संस्थाओं पर पड़ सकता है, जैसे:

  • NBFC-MFI (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी माइक्रोफाइनेंस)
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक
  • वाणिज्यिक बैंक जिनका माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो बड़ा है

इन संस्थाओं के लाखों ग्राहक बिहार के ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में रहते हैं।


शेयर बाजार में प्रतिक्रिया

इस बिल की खबर सामने आने के बाद माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। निवेशकों को डर है कि सख्त नियमों के कारण कंपनियों की आय और विकास दर प्रभावित हो सकती है।

कुछ माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के शेयरों में 10–11 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई।

निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि:

  • लोन की वृद्धि धीमी हो सकती है
  • रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है
  • परिचालन लागत बढ़ सकती है

माइक्रोफाइनेंस के लिए बिहार क्यों महत्वपूर्ण

बिहार माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के लिए एक प्रमुख बाजार है।

इसके पीछे कई कारण हैं:

  • बड़ी ग्रामीण आबादी
  • कम आय वाले परिवारों की संख्या अधिक
  • छोटे कारोबार और स्वरोजगार के लिए कर्ज की मांग
  • पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच

इन परिस्थितियों में माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं छोटे व्यवसाय, महिला स्वयं सहायता समूह और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं।


उधारकर्ता सुरक्षा बनाम वित्तीय पहुंच

इस बिल को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि उधारकर्ताओं की सुरक्षा और वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

समर्थकों का कहना है कि:

  • यह कानून गरीबों को शोषण से बचाएगा
  • ब्याज दरों को नियंत्रित करेगा

वहीं आलोचकों का कहना है कि:

  • ज्यादा सख्त नियमों से लोन की उपलब्धता कम हो सकती है
  • कंपनियां जोखिम से बचने के लिए राज्य में निवेश घटा सकती हैं

अन्य राज्यों से मिले सबक

भारत में पहले भी कुछ राज्यों में माइक्रोफाइनेंस सेक्टर पर कड़े नियम लागू किए गए थे। उन मामलों में देखा गया कि:

  • लोन वसूली में अचानक गिरावट आई
  • कई संस्थाओं को नुकसान हुआ
  • कुछ क्षेत्रों में कर्ज देना लगभग बंद हो गया

इसलिए वित्तीय क्षेत्र बिहार के नए कानून को लेकर सतर्क नजर रखे हुए है।


बढ़ सकते हैं NPA

विश्लेषकों का मानना है कि यदि लोन की वसूली में देरी हुई या भुगतान अनुशासन कमजोर हुआ तो माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के एनपीए (Non-Performing Assets) बढ़ सकते हैं।

इससे कंपनियों को:

  • ज्यादा प्रावधान करना पड़ेगा
  • लाभ कम हो सकता है
  • निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है

छोटी कंपनियों के लिए यह जोखिम ज्यादा हो सकता है।


संस्थाओं की संभावित रणनीति

इस बिल के बाद कई माइक्रोफाइनेंस कंपनियां अपनी रणनीति बदल सकती हैं।

संभावित कदम:

  • कर्ज देने से पहले अधिक सख्त जांच
  • बिहार में कर्ज वितरण सीमित करना
  • दूसरे राज्यों में विस्तार
  • उधारकर्ताओं को वित्तीय शिक्षा देना

Stock Market Today: सेंसेक्स 900 अंक उछला, निफ्टी 24,750 के पार; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारतीय बाजार में जोरदार रिकवरी

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के बाद बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों तेजी के साथ बंद हुए।

दिन के कारोबार के अंत में BSE Sensex लगभग 900 अंकों की तेजी के साथ 80,000 के करीब बंद हुआ, जबकि Nifty 50 करीब 285 अंकों की बढ़त के साथ 24,750 के ऊपर पहुंच गया। इस उछाल के साथ ही निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, गिरावट के बाद सस्ती वैल्यूएशन और कई सेक्टरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की तेजी को गति दी।

लगातार गिरावट के बाद बाजार में वापसी

पिछले चार दिनों से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर चल रहा था। इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव था। खासकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को दबाव में रखा था।

हालांकि गुरुवार को बाजार ने इस नकारात्मक माहौल से बाहर निकलते हुए जोरदार रिकवरी दिखाई। कई बड़े निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाते हुए बाजार में खरीदारी की।

इससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक तेजी के साथ ऊपर चढ़ गए और बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया।

किन सेक्टरों ने बाजार को दिया सहारा

आज के कारोबार में कई सेक्टरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। खासकर बैंकिंग, मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल-एंड-गैस सेक्टर के शेयरों में तेजी रही।

1. बैंकिंग सेक्टर

बैंकिंग शेयरों ने बाजार की तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई प्रमुख बैंकों के शेयरों में 2% से 4% तक की तेजी दर्ज की गई।

बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ने का कारण मजबूत आर्थिक संकेत और बेहतर लोन ग्रोथ की उम्मीद है।

2. मेटल सेक्टर

मेटल कंपनियों के शेयरों में भी शानदार उछाल देखने को मिला। वैश्विक बाजार में धातुओं की कीमतों में तेजी के कारण इस सेक्टर में खरीदारी बढ़ी।

एल्यूमिनियम और स्टील कंपनियों के शेयरों में 3% से 6% तक की तेजी देखी गई।

3. इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स

सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और निवेश बढ़ने की उम्मीद के चलते इंफ्रा सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

इससे कई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी तेजी

आज के कारोबार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

कई मिड-कैप कंपनियों के शेयरों में 3% से 5% तक की तेजी देखी गई। इससे बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही।

यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है।

इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आई तेजी

आज के कारोबार में कई ब्लू-चिप कंपनियों के शेयरों ने बाजार को मजबूती दी।

तेजी वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:

  • Reliance Industries
  • Larsen & Toubro
  • Adani Ports
  • Hindalco
  • Tata Steel

इन कंपनियों के शेयरों में 2% से 4% तक की तेजी देखी गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती मिली।

निवेशकों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी

शेयर बाजार में आई तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को हुआ।

BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक ही दिन में कई लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। इससे निवेशकों की कुल संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में जब बड़े पैमाने पर खरीदारी होती है तो उसका असर पूरे बाजार की वैल्यूएशन पर दिखाई देता है।

वैश्विक बाजारों का असर

भारतीय शेयर बाजार पर हमेशा वैश्विक बाजारों का प्रभाव पड़ता है।

हाल के दिनों में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया था। इस कारण तेल की कीमतें बढ़ीं और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना।

लेकिन गुरुवार को एशियाई बाजारों में कुछ स्थिरता देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार को भी समर्थन मिला।

कच्चे तेल की कीमतें अभी भी चिंता का विषय

हालांकि बाजार में तेजी आई, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति आर्थिक दबाव पैदा कर सकती है।

यदि तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो इससे महंगाई और चालू खाता घाटा दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

विदेशी निवेशकों की भूमिका

भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बड़ी भूमिका होती है।

हाल के दिनों में एफआईआई ने भारतीय बाजार से कुछ पूंजी निकाली थी, जिससे बाजार पर दबाव बना था। लेकिन गुरुवार को घरेलू निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि एफआईआई फिर से भारतीय बाजार में निवेश बढ़ाते हैं तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।

मिडिल ईस्ट युद्ध के असर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक टूटा, निफ्टी 24,900 के नीचे फिसला

सोमवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।

दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 1,000 अंकों से अधिक गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। यह गिरावट केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से उत्पन्न व्यापक जोखिम भावना का परिणाम थी।

शुरुआती कारोबार से ही दबाव

सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी का संकेत मिल गया था। एशियाई बाजारों में गिरावट और गिफ्ट निफ्टी में नकारात्मक संकेतों के चलते घरेलू बाजार गैप-डाउन खुले।

  • सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 अंक से ज्यादा टूट गया।
  • निफ्टी 25,000 के नीचे फिसलकर लगातार दबाव में रहा।
  • बैंकिंग, ऑटो, एविएशन और आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई।

दिन के अंत तक गिरावट और गहरी हो गई, जिससे निवेशकों की बड़ी पूंजी डूब गई।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह: मिडिल ईस्ट में युद्ध

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष रहा। क्षेत्र में मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक बाजारों में घबराहट पैदा कर दी।

तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 7-12% तक चढ़ गया।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी से देश के चालू खाता घाटे, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। यही डर निवेशकों की बिकवाली का कारण बना।

Market IndicatorClosing / Prevailing PriceNotes
Sensex (BSE)~80,238.85 pointsFell over 1,000 pts amid global sell-off.
Nifty 50 (NSE)~24,865.70 pointsDown ~313 pts or ~1.24%.
Brent Crude Oil~$77.56 per barrelCrude prices surged on Middle East tensions.
Rupee / US Dollar₹91.47 ≈ $1Rupee weakened to a one-month low against USD.
Gold (24K)~₹1,70,510 / 10 g24K gold prices elevated amid safe-haven buying.
Silver~₹2,95,000 / kgSilver prices firm and rallying across markets.

Notes:
Sensex & Nifty values are based on closing figures after the trading session on 2 Mar 2026 when markets ended sharply lower due to geopolitical risks.
Crude oil price used here is an approximate closing/prevailing benchmark for Brent crude on that day.
Rupee exchange rate is based on reported closing level against the U.S. dollar amid geopolitical pressure.
Gold & Silver figures reflect typical 24K/24-carat gold per 10 g and silver per kg domestic rates as reported on 2 Mar 2026.

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

📊 बाजार बंद होते समय स्थिति

  • सेंसेक्स: लगभग 1,048 अंकों की गिरावट के साथ 80,200 के आसपास बंद
  • निफ्टी 50: लगभग 313 अंक गिरकर 24,866 के आसपास बंद
  • मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 2-3% तक की गिरावट

यह गिरावट पिछले कई सप्ताह की कमाई को लगभग मिटाने वाली रही।

किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर?

🔻 सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर

  1. एविएशन कंपनियां – ईंधन महंगा होने की आशंका
  2. ऑटो सेक्टर – कच्चे माल और ईंधन लागत बढ़ने का डर
  3. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां – मार्जिन पर दबाव
  4. बैंकिंग और फाइनेंशियल – विदेशी निवेशकों की बिकवाली
  5. आईटी शेयर – वैश्विक अनिश्चितता का असर

🔺 बढ़त में रहने वाले शेयर

तेल की कीमतों में तेजी का फायदा कुछ कंपनियों को मिला:

  • ONGC के शेयरों में तेजी
  • Oil India Limited में भी उछाल
  • कुछ डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में सीमित बढ़त

विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारी मात्रा में भारतीय शेयरों की बिक्री की। वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं।

इससे बाजार में लिक्विडिटी कम हुई और गिरावट और गहरी हो गई।

सोना और चांदी में जबरदस्त उछाल

शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प की ओर रुख किया।

  • सोने की कीमतों में तेज उछाल
  • चांदी में भी बड़ी तेजी
  • डॉलर मजबूत हुआ
  • रुपया कमजोर पड़ा

यह स्पष्ट संकेत था कि निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं।

रुपये पर दबाव

तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी पूंजी निकासी के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।

कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। इससे आरबीआई की नीतियों पर भी असर पड़ सकता है।

Stock Market 26 फरवरी 2026: सेंसेक्स-निफ्टी सपाट बंद, फार्मा-ऑयल शेयरों में तेजी; जानें टॉप गेनर्स और लूजर्स

26 फरवरी 2026, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद दिनभर मुनाफावसूली और सेक्टर रोटेशन के चलते प्रमुख सूचकांक अंत में लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण बाजार की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली हावी हो गई।

घरेलू निवेशकों की नजरें वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख शेयरों की चाल पर टिकी रहीं। दिन के अंत में बेंचमार्क सूचकांकों ने मामूली बदलाव के साथ कारोबार समाप्त किया।

बाजार की शुरुआत: मजबूत ग्लोबल संकेतों का असर

गुरुवार सुबह गिफ्ट निफ्टी के सकारात्मक संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी के चलते भारतीय बाजार हरे निशान में खुले।

  • BSE Sensex ने शुरुआती कारोबार में लगभग 200 अंकों की बढ़त दर्ज की।
  • Nifty 50 25,500 के ऊपर कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजारों की मजबूती और एशियाई शेयर बाजारों में तेजी ने घरेलू निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। हालांकि यह बढ़त ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।

दिनभर का कारोबार: उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली

शुरुआती तेजी के बाद बाजार में अस्थिरता बढ़ी। निवेशकों ने हालिया रैली के बाद कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी।

दोपहर के सत्र में:

  • आईटी और कुछ बैंकिंग शेयरों में हल्की कमजोरी देखी गई
  • मीडिया और चुनिंदा कंज्यूमर शेयर दबाव में रहे
  • जबकि फार्मा और ऑयल-एंड-गैस सेक्टर में खरीदारी बनी रही

दिन के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए, जिससे यह साफ हुआ कि बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा का इंतजार कर रहा है।

सेक्टरवार प्रदर्शन: किस सेक्टर में रही तेजी?

1. फार्मा सेक्टर में मजबूती

फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई।

  • Sun Pharmaceutical Industries के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
    रक्षा और हेल्थकेयर से जुड़े शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

2. ऑटो सेक्टर में चुनिंदा तेजी

  • Bajaj Auto
  • Eicher Motors
  • Hero MotoCorp

इन कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

3. ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी

ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।

26 फरवरी 2026 के टॉप गेनर्स

आज के कारोबार में जिन शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, उनमें शामिल रहे:

  • Bosch Ltd
  • Oracle Financial Services Software
  • Hindustan Aeronautics Limited
  • Cummins India

इन शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते ये दिन के प्रमुख गेनर्स की सूची में रहे।

टॉप लूजर्स: किन शेयरों में आई गिरावट?

कुछ बड़े और मिडकैप शेयरों में बिकवाली देखी गई।

  • Trent Ltd के शेयर दबाव में रहे।
  • चुनिंदा आईटी और मीडिया कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफा बुक किया, जिससे बाजार में संतुलन की स्थिति बनी रही।

बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

1. वैश्विक बाजारों का असर

अमेरिकी और एशियाई बाजारों की मजबूती ने शुरुआत में सकारात्मक संकेत दिए, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक सतर्क दिखे।

2. कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव का असर ऊर्जा और परिवहन कंपनियों पर पड़ा।

3. मुनाफावसूली

हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में मुनाफा बुक किया।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर नियम: HRA दावों में मकान मालिक के साथ रिश्ता बताना अनिवार्य

भारत सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत ड्राफ्ट आयकर नियम और फॉर्म जारी कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य कर अनुपालन को अधिक पारदर्शी बनाना, फर्जी दावों पर रोक लगाना और ऑडिटर व कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाना है। इन प्रस्तावित नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों में घर किराया भत्ता (HRA) दावों में मकान मालिक के साथ रिश्ता बताना अनिवार्य होगा।

वर्तमान में, HRA दावा करते समय कर्मचारी को केवल किराये का विवरण देना होता है, लेकिन नए नियमों के तहत मकान मालिक से संबंध का खुलासा अनिवार्य होगा। कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर प्रभावी रोक लगेगी।

नए नियमों में विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट (एफटीसी) के दावों को लेकर ऑडिटर के साथ-साथ कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, कंपनियों के पैन आवेदन प्रक्रिया में भी सख्ती की गई है, जिसमें आवेदन के समय यह घोषणा देना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से कोई पैन नहीं है।

नए कर ऑडिट फॉर्म 26 के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि यदि वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई प्रतिकूल टिप्पणी, अस्वीकरण या पात्रता है, तो उसका आय, हानि या बुक प्रॉफिट पर प्रभाव स्पष्ट रूप से बताया जाए। इसके अलावा, कर ऑडिट रिपोर्ट में अब इस्तेमाल किए गए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, क्लाउड या सर्वर का विवरण, आईपी पता, डेटा भंडारण का देश और भारत में स्थित बैकअप सर्वर का पता भी दर्ज करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रावधानों से कंपनियों और करदाताओं की अनुपालन लागत बढ़ सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे कर व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता को मजबूती मिलेगी।

अमेरिका ने भारतीय सोलर पैनलों पर लगाया 126% शुल्क, व्यापारिक संबंधों में आया बड़ा बदलाव

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में एक बड़ा मोड़ आया है, जब अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत से आयातित सोलर पैनलों और सेल पर 126% की भारी शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। यह फैसला न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन में मचे घमासान को भी दर्शाता है।

अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स के एक समूह, ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने शिकायत दर्ज की थी कि विदेशी कंपनियां अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद ‘डंप’ कर रही हैं। उनका आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देश अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सरकारी सब्सिडी दे रहे हैं, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को व्यापार में भारी नुकसान हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को निष्पक्ष बनाने के लिए दो तरह के मुख्य टैक्स (टैरिफ) लगाए जाते हैं – एंटी-डंपिंग ड्यूटी और काउंटरवेलिंग ड्यूटी। एंटी-डंपिंग ड्यूटी तब लगती है जब कोई देश अपने माल को जानबूझकर बहुत कम कीमत पर दूसरे देश में बेचता है, जबकि काउंटरवेलिंग ड्यूटी तब लगती है जब कोई सरकार अपने एक्सपोर्टर्स को वित्तीय मदद या सब्सिडी देती है।

भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना लगभग असंभव हो जाएगा, क्योंकि इतने ऊंचे टैरिफ के बाद उनके उत्पादों की कीमतें बहुत अधिक हो जाएंगी। अमेरिकी कंपनियों का आरोप है कि चीनी कंपनियां सीधे तौर पर अमेरिकी टैक्स से बचने के लिए भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों का इस्तेमाल ‘ट्रांस-शिपमेंट’ हब के रूप में कर रही हैं।

इस फैसले के बाद, भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा। भारत के लिए 126% की नई शुरुआती ड्यूटी लगाई गई है, जबकि इंडोनेशिया के लिए 143% और लाओस के लिए 81% की ड्यूटी लगाई गई है। यह फैसला वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

3 लाख करोड़ का सफाया: सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक टूटा, निफ्टी 1% गिरा — अब किन स्तरों पर रहेगी बाजार की नजर?

भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹3 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया और आने वाले दिनों के लिए कई अहम तकनीकी स्तरों पर नजरें टिक गई हैं।

बाजार की शुरुआत से ही दबाव

कारोबार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। वैश्विक संकेतों में कमजोरी और एशियाई बाजारों में सुस्ती का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती घंटों में ही बिकवाली हावी हो गई, जिससे प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे फिसलने लगे। दिन भर बाजार रिकवरी की कोशिश करता रहा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली के चलते मजबूती कायम नहीं रह सकी।

किन कारणों से आई इतनी बड़ी गिरावट?

विश्लेषकों के मुताबिक बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण रहे:

  1. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत – अमेरिकी बाजारों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
  2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली – विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजारों से लगातार पूंजी निकाली, जिससे दबाव और बढ़ गया।
  3. मुनाफावसूली – हालिया तेजी के बाद कई निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की।
  4. आईटी और बैंकिंग शेयरों में गिरावट – बड़े वेटेज वाले सेक्टरों में बिकवाली से सूचकांकों पर ज्यादा असर पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

बीएसई सेंसेक्स दिन के दौरान 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया और अंत में भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी लगभग 1% फिसलकर महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के पास पहुंच गया।

निफ्टी के लिए 22,000-21,900 का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो अगला मजबूत सपोर्ट 21,700 के आसपास माना जा रहा है। वहीं ऊपर की ओर 22,300-22,400 का स्तर अब रेजिस्टेंस बन सकता है।

सेक्टरवार प्रदर्शन

  • आईटी सेक्टर: डॉलर की मजबूती और वैश्विक मांग को लेकर चिंता के चलते आईटी शेयरों में दबाव रहा।
  • बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं: बड़े निजी बैंकों में बिकवाली से बैंक निफ्टी भी नीचे आया।
  • ऑटो और मेटल: वैश्विक मांग और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर दिखा।
  • एफएमसीजी: रक्षात्मक सेक्टर होने के कारण अपेक्षाकृत कम गिरावट दर्ज की गई।

Stock Market News 19 February 2026 : सेंसेक्स 1,236 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,500 के नीचे बंद — निवेशकों में बढ़ी चिंता

मुंबई, 19 फरवरी 2026। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली। सप्ताह की लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद आज बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव के चलते बड़ी बिकवाली दर्ज की गई।

घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक — BSE Sensex और Nifty 50 — भारी गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में चौतरफा बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में हजारों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

📊 बाजार बंद होने के आंकड़े

  • सेंसेक्स: 1,236 अंकों की गिरावट के साथ लगभग 82,498 के स्तर पर बंद
  • निफ्टी 50: करीब 365 अंक टूटकर 25,500 के नीचे बंद
  • मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर: बड़े पैमाने पर दबाव में

आज के कारोबारी सत्र में शुरुआती बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई और दोपहर बाद बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।

📌 गिरावट की बड़ी वजहें

1️⃣ वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत

अमेरिकी और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव बढ़ा।

2️⃣ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका बढ़ी, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

3️⃣ मुनाफावसूली

पिछले तीन सत्रों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक किया, जिससे बाजार में गिरावट तेज हो गई।

4️⃣ बढ़ती अस्थिरता (Volatility)

बाजार में अस्थिरता सूचकांक (India VIX) में बढ़ोतरी देखी गई, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।

🏦 सेक्टरवार प्रदर्शन

आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए:

  • बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट
  • ऑटो सेक्टर दबाव में
  • रियल्टी और FMCG शेयर भी कमजोर
  • आईटी सेक्टर में सीमित गिरावट

बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) नकारात्मक रही, यानी गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से अधिक रही।

🚀 टॉप गेनर (Nifty 50)

  1. Infosys – +1.85%
  2. Tata Consultancy Services – +1.42%
  3. HCL Technologies – +1.10%
  4. Sun Pharmaceutical Industries – +0.95%
  5. Dr. Reddy’s Laboratories – +0.82%

📉 टॉप लूजर (Nifty 50)

  1. HDFC Bank – -3.10%
  2. Reliance Industries – -2.75%
  3. ICICI Bank – -2.40%
  4. State Bank of India – -2.15%
  5. Larsen & Toubro – -1.98%

तीसरे दिन भी शेयर बाजार में मजबूती: सेंसेक्स 283 अंक उछला, निफ्टी 25,800 के पार; मेटल-PSU बैंक शेयरों में जोरदार खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 18 फरवरी 2026 को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 283 अंकों की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty 50 25,800 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहा। दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, खासकर मेटल और PSU बैंक शेयरों में।

यह तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे और निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों तथा कॉर्पोरेट अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं। आईटी शेयरों में मुनाफावसूली के बावजूद बाजार का समग्र रुख सकारात्मक रहा।

📊 बाजार का समापन: आंकड़ों में तस्वीर

  • सेंसेक्स: लगभग 83,700 के आसपास बंद, +283 अंक
  • निफ्टी 50: 25,800 के ऊपर बंद, लगभग +90 अंक
  • मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त
  • बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही — बढ़ने वाले शेयर गिरने वालों से अधिक रहे

यह लगातार तीसरा सत्र है जब बाजार हरे निशान में बंद हुआ है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

🔔 दिनभर का कारोबार: कैसे बदला मूड?

🕘 शुरुआत: सतर्कता के साथ फ्लैट ओपनिंग

कारोबार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ हुई, लेकिन शुरुआती घंटों में बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा। वैश्विक बाजारों से स्पष्ट दिशा न मिलने के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

🕛 दोपहर बाद: मेटल और बैंकिंग शेयरों ने पकड़ी रफ्तार

दोपहर के सत्र में बाजार में तेजी आई।

  • मेटल शेयरों में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में सुधार की उम्मीद से खरीदारी बढ़ी।
  • PSU बैंकों में बेहतर क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी सुधार की उम्मीद से निवेशकों ने दांव लगाया।

🕒 आईटी शेयरों में दबाव

आईटी सेक्टर में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसने बाजार की तेजी को कुछ हद तक सीमित किया। हालांकि अन्य सेक्टरों में मजबूती के चलते कुल मिलाकर सूचकांक सकारात्मक दायरे में बने रहे।

🏭 सेक्टरवार प्रदर्शन

🚀 सबसे ज्यादा चमके सेक्टर

  • मेटल सेक्टर – वैश्विक मांग में सुधार के संकेत
  • PSU बैंक – मजबूत लोन ग्रोथ की उम्मीद
  • FMCG – रक्षात्मक निवेश के रूप में खरीदारी

🔻 दबाव में रहे

  • आईटी सेक्टर
  • कुछ ऑटो शेयरों में सीमित उतार-चढ़ाव

📈 प्रमुख शेयरों की हलचल

  • Godfrey Phillips India के शेयरों में लगभग 20% की तेज उछाल देखने को मिली।
  • Maruti Suzuki India के शेयर बाजार की तेजी के बावजूद अपेक्षाकृत कमजोर रहे।
  • स्टील और धातु कंपनियों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।

भारतीय शेयर बाज़ार में मिली-जुली चाल: सेंसेक्स और निफ़्टी दूसरे दिन भी बढ़त पर बंद

मुंबई, १७ फ़रवरी २०२६: भारतीय शेयर बाज़ार ने मंगलवार को बाजार खुलने पर नरमी के बीच शुरुआती गिरावट को पार करते हुए आखिरकार मजबूती दिखाई और प्रमुख सूचकांक BSE सेंसेक्स और NSE Nifty 50 ने लाभ के साथ सत्र समाप्त किया।

बाज़ार शुरुआत में कमजोरी के साथ गिरावट में खुला — निफ़्टी 50 खुलते समय लगभग 25,600 के स्तर के नीचे व्यापार कर रहा था और सेंसेक्स लगभग 200 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में था।

लेकिन जैसे-जैसे दिन चला, खरीदारी का दबाव बढ़ा और निवेशकों ने मजबूत बाजार संकेतों की ओर रुख किया। अंत में निफ़्टी 50 25,700 के ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स लगभग 174 अंकों की बढ़त के साथ सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुआ।

बाज़ार का विस्तृत प्रदर्शन

📊 मुख्य सूचकांकों की स्थिति:

  • BSE सेंसेक्स: लगभग 83,450 के स्तर पर बंद, 170+ अंकों की वृद्धि।
  • NSE Nifty 50: करीब 25,725 के स्तर पर बंद, 40+ अंकों की बढ़त।

दिन भर में बाजार ने तकनीकी समर्थन स्तर पर मजबूती पाई और निवेशक सकारात्मक रुख अपनाया, खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और PSU बैंक क्षेत्रों में लाभ के साथ।

ख़ास क्षेत्रों और शेयरों की चाल

सेक्टरल प्रदर्शन:

  • PSU बैंक इंडेक्स ने लगभग 2% की मजबूती दिखायी।
  • IT क्षेत्र में लगभग 1% की बढ़त दर्ज हुई।
  • मेटल और रियल्टी क्षेत्र हल्की गिरावट के साथ पीछे रहे।

कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने भी मजबूती दिखाई, जिसमें आडानी उद्यम, आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फ़ोसिस शामिल रहे। वहीं हिंदालको इंडस्ट्रीज़, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और टाटा स्टील जैसे शेयरों ने कुछ दबाव भी देखा।

बिहार को 1 बिलियन डॉलर का ग्लोबल बूस्ट: ADB का 9000 करोड़ निवेश, उद्योग-टूरिज्म और हेल्थ सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट

बिहार की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। राजधानी पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में Asian Development Bank (एडीबी) के साथ 1 बिलियन डॉलर (करीब 9000 करोड़ रुपये से अधिक) के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है। यह समझौता केवल वित्तीय सहयोग भर नहीं है, बल्कि बिहार को एक नई विकास दिशा देने वाला बहुआयामी रोडमैप है, जो उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला उद्यमिता तक फैला हुआ है।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट संकेत दिए कि बिहार अब पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर संरचनात्मक सुधारों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक साझेदारियों के सहारे तेज़ आर्थिक छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। एडीबी के साथ यह भागीदारी राज्य को निवेश, नवाचार और संस्थागत सुधारों के नए युग में प्रवेश कराएगी।

औद्योगिक ढांचे में बड़ा बदलाव: गया और मुजफ्फरपुर बनेंगे विकास के नए इंजन

इस निवेश योजना का सबसे बड़ा और रणनीतिक हिस्सा औद्योगिक क्लस्टर विकास पर केंद्रित है। राज्य सरकार ने गया और मुजफ्फरपुर को एकीकृत औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।

गया: आध्यात्मिक पहचान से औद्योगिक पहचान तक

Gaya अब तक मुख्य रूप से धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन नई योजना के तहत यहां एक आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विनिर्माण इकाइयों, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और निर्यात-उन्मुख उद्योगों को एकीकृत मंच देना है।

  • भूमि अधिग्रहण और मास्टर प्लानिंग
  • कॉमन फैसिलिटी सेंटर
  • स्किल डेवलपमेंट हब
  • निर्यात सहायता तंत्र

इन पहलों से गया क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की संभावना है।

मुजफ्फरपुर: कृषि और उद्योग का संगम

Muzaffarpur पहले से ही लीची उत्पादन और कृषि गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां एग्रो-प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग और हल्के विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • कोल्ड चेन नेटवर्क का विस्तार
  • प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना
  • निर्यात मानकों के अनुरूप पैकेजिंग अवसंरचना
  • MSME इकाइयों के लिए आसान वित्तपोषण

इससे कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा और किसानों की आय में सीधा लाभ पहुंचेगा।

बिहार को उच्च उत्पादकता वाली अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति

राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को एक उच्च उत्पादकता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है। इसके लिए केवल पूंजी निवेश ही नहीं, बल्कि संस्थागत सुधार और कौशल विकास भी समानांतर रूप से किए जाएंगे।

  • युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम
  • इंडस्ट्री-अकादमिक साझेदारी
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-गवर्नेंस

एडीबी तकनीकी सहायता, नीति परामर्श और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान में भी सहयोग देगा।

बौद्ध सर्किट का कायाकल्प: पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान

बिहार का बौद्ध सर्किट विश्व स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। Buddhist Circuit के अंतर्गत आने वाले स्थलों का व्यापक विकास प्रस्तावित है।

विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास

  • बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी
  • पर्यटक सुविधाएं और वे-साइड एमेनिटीज
  • डिजिटल सूचना केंद्र
  • स्वच्छता और सुरक्षा प्रबंधन

इससे दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान, कोरिया और श्रीलंका जैसे देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। पर्यटन में बढ़ोतरी से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि और जल संसाधन में डिजिटल परिवर्तन

बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है। एडीबी के निवेश के तहत कृषि रूपांतरण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

सिंचाई प्रणाली का आधुनिकीकरण

  • पुरानी नहर प्रणालियों का पुनरुद्धार
  • माइक्रो-इरिगेशन तकनीक
  • जल प्रबंधन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग

कृषि में तकनीकी हस्तक्षेप

  • स्मार्ट फार्मिंग तकनीक
  • फसल विविधीकरण
  • बाजार तक सीधी पहुंच के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म

इससे उत्पादकता बढ़ेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

ऊर्जा क्षेत्र में ‘स्मार्ट ग्रिड’ और नवीकरणीय ऊर्जा

ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए ‘स्मार्ट ग्रिड’ तकनीक लागू करने की योजना है।

  • बिजली वितरण नेटवर्क का आधुनिकीकरण
  • सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार
  • ऊर्जा हानि में कमी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय आपूर्ति

इससे औद्योगिक विकास को स्थिर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी निवेश

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बिहार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना को गति दी जाएगी।

  • जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण
  • मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
  • नई चिकित्सा तकनीक की स्थापना
  • डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण कार्यक्रम

इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच व्यापक होगी।

शिक्षा सुधार: बुनियाद मजबूत करने पर जोर

स्कूली शिक्षा में ‘स्कूल रेडीनेस गैप’ को कम करने के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

  • प्रारंभिक कक्षाओं में लर्निंग आउटकम सुधार
  • शिक्षक प्रशिक्षण
  • डिजिटल लर्निंग टूल्स
  • इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन

लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में बिहार की स्कूली शिक्षा राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धी बने।

महिलाओं के लिए MSME और PPP मॉडल को बढ़ावा

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं।

  • महिला-केंद्रित MSME इकाइयों को प्रोत्साहन
  • आसान ऋण सुविधा
  • कौशल विकास प्रशिक्षण
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल

इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में सुधार

राज्य की वित्तीय सेहत को मजबूत करने के लिए राजस्व संग्रहण और व्यय प्रबंधन में सुधार की रणनीति बनाई गई है।

  • डिजिटल टैक्स मॉनिटरिंग
  • बजट प्रबंधन प्रणाली का उन्नयन
  • पारदर्शिता और जवाबदेही

एडीबी इन सुधारों में तकनीकी और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।

बिहार के लिए दीर्घकालिक प्रभाव

यह 9000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश केवल परियोजनाओं का समूह नहीं, बल्कि बिहार की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर है।

  • औद्योगिक आधार का विस्तार
  • रोजगार के व्यापक अवसर
  • पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय
  • कृषि उत्पादकता में वृद्धि
  • स्वास्थ्य और शिक्षा में गुणवत्ता सुधार

यदि योजनाएं तय समयसीमा में लागू होती हैं, तो आने वाले दशक में बिहार पूर्वी भारत का एक प्रमुख औद्योगिक और सेवा क्षेत्र का केंद्र बन सकता है।

AI की दस्तक से हिला बाजार: IT शेयरों में गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आहट से असामान्य उतार-चढ़ाव का सामना कर रहा है। जिस तरह कभी इंटरनेट और स्मार्टफोन ने उद्योगों की संरचना बदल दी थी, उसी तरह अब AI को अगली बड़ी तकनीकी क्रांति माना जा रहा है। हाल ही में अमेरिका में एक उन्नत AI टूल लॉन्च हुआ, जो वकीलों की तरह कॉन्ट्रैक्ट ड्राफ्ट कर सकता है और इंजीनियरों की तरह कोडिंग भी कर सकता है। इस खबर ने भारतीय बाजार, खासकर IT सेक्टर में चिंता की लहर पैदा कर दी।

निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे—अगर AI वही काम कर सकता है जो हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर करते हैं, तो कंपनियों का भविष्य क्या होगा? और सबसे बड़ा सवाल, क्या भारतीय IT सेक्टर की चमक फीकी पड़ने वाली है?


क्यों गिरे Infosys और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गजों के शेयर?

पिछले एक सप्ताह में IT शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे बड़े नामों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बाजार पूंजीकरण में अरबों रुपये की गिरावट आई।

गिरावट की मुख्य वजह निवेशकों की आशंका है। उनका मानना है कि यदि AI कोडिंग, टेस्टिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कार्यों को तेज और सस्ता बना देता है, तो पारंपरिक IT सेवाओं की मांग घट सकती है। भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल मुख्यतः मानव संसाधन आधारित है—यानी अधिक प्रोजेक्ट, अधिक इंजीनियर और अधिक बिलिंग।

अगर AI कम लोगों के साथ अधिक काम करने में सक्षम हो गया, तो यह मॉडल चुनौती में पड़ सकता है। यही डर बाजार में घबराहट का कारण बना।


क्या वाकई खतरे में है भारतीय IT सेक्टर?

हालांकि विशेषज्ञों की राय कुछ अलग है। उनका मानना है कि तकनीकी बदलाव हर बार नए अवसर भी लेकर आता है। जब क्लाउड कंप्यूटिंग आई थी, तब भी पारंपरिक IT सेवाओं को लेकर चिंता थी। लेकिन समय के साथ कंपनियों ने खुद को ढाल लिया।

AI के मामले में भी ऐसा ही हो सकता है। अगर कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सस्ता और तेज हो जाएगा, तो कंपनियां अधिक डिजिटल प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकती हैं। इससे कुल काम की मात्रा बढ़ सकती है।

बैंकिंग, फिनटेक, हेल्थकेयर और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में डेटा सुरक्षा, अनुपालन (compliance) और कस्टम सॉल्यूशंस की जरूरत बनी रहेगी, जहां केवल AI पर्याप्त नहीं होगा। वहां मानव विशेषज्ञता की भूमिका अहम रहेगी।

Nifty IT इंडेक्स के पिछले एक साल के रिटर्न की तुलना निफ्टी 50 और अन्य इंडेक्स से


ऑटोमेशन बनाम मानव कौशल

यह सच है कि AI कई दोहराए जाने वाले (repetitive) कार्यों को स्वचालित कर सकता है। इससे एंट्री-लेवल नौकरियों पर असर पड़ सकता है। लेकिन उच्च स्तर की रणनीति, क्लाइंट मैनेजमेंट, सिस्टम आर्किटेक्चर और जटिल समस्या समाधान के लिए अभी भी अनुभवी पेशेवरों की जरूरत होगी।

इसके अलावा, AI खुद एक नया उद्योग बना रहा है—AI डेवलपमेंट, AI ट्रेनिंग, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां पैदा हो रही हैं।

इसलिए तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है, बल्कि यह बदलाव का दौर है।


निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

अब सबसे अहम सवाल—क्या निवेश का तरीका बदलना चाहिए?

AI डेटा का विश्लेषण तेजी से कर सकता है, जोखिम का आकलन कर सकता है और बाजार की प्रवृत्तियों को समझने में मदद कर सकता है। कई निवेश प्लेटफॉर्म पहले से ही AI-आधारित एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लेकिन AI केवल एक टूल है, अंतिम निर्णय निवेशक को ही लेना होगा। बाजार में घबराहट के समय धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अधिक महत्वपूर्ण होता है।

IT सेक्टर की कंपनियां मजबूत बैलेंस शीट, वैश्विक क्लाइंट बेस और वर्षों के अनुभव के साथ खड़ी हैं। वे नई तकनीकों को अपनाने और खुद को बदलने की क्षमता रखती हैं।


आगे का रास्ता

AI का प्रभाव शेयर बाजार पर अल्पकालिक अस्थिरता ला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह उत्पादकता बढ़ाने और नए अवसर पैदा करने का माध्यम भी बन सकता है।

भारतीय IT कंपनियों के लिए यह चुनौती जरूर है, लेकिन साथ ही यह अवसर भी है कि वे AI को अपनाकर अपनी सेवाओं को और उन्नत बनाएं। जो कंपनियां तेजी से अनुकूलन करेंगी, वे इस बदलाव से लाभ उठा सकती हैं।

IT शेयरों में हालिया गिरावट डर और अनिश्चितता का परिणाम है, न कि किसी तत्कालिक आर्थिक संकट का। AI तकनीक निश्चित रूप से कार्यशैली को बदलने वाली है, लेकिन यह पूरी इंडस्ट्री को खत्म नहीं करेगी।

निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है—भावनाओं में बहकर निर्णय न लें, बल्कि तथ्यों और दीर्घकालिक रणनीति पर भरोसा रखें। तकनीक बदलती है, बाजार बदलता है, लेकिन मजबूत कंपनियां हर बदलाव के साथ खुद को ढालना जानती हैं।

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 25,500 के नीचे बंद

मुंबई: सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बाद तेज गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और आईटी व बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा। वैश्विक कमजोर संकेतों और घरेलू आईटी सेक्टर में गिरावट के बीच प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे दिन मंदी में रहे।

📊 प्रमुख सूचकांकों का समापन

  • Sensex: 82,627.00 पर बंद, 1,048 अंकों की गिरावट (लगभग −1.25%)
  • Nifty 50: 25,471.00 पर बंद, 336 अंकों की गिरावट (लगभग −1.30%)

आज के कारोबार से बाजार ने करीब 7.4 लाख करोड़ से ज्यादा निवेशक पूंजी को खोते देखा, जो दिखाता है कि बिकवाली कितना व्यापक थी।

🏦 बैंकिंग और वित्तीय इंडेक्स

  • Nifty Bank: बैंकिंग शेयरों में भी दबाव बना रहा और बैंक निफ्टी ने गिरावट दर्ज की क्योंकि बड़ी बैंकिंग कंपनियों और फाइनेंशियल सर्विसेज में बिकवाली देखी गई।

📉 मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स

  • मिडकैप इंडेक्स: लगभग −1.31% गिरावट
  • स्मॉलकैप इंडेक्स: लगभग −1.47% गिरावट
    बाजार के विस्तृत हिस्से में भी बिकवाली का असर दिखा, जिससे छोटी और मध्यम कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट रही।

🔍 सेक्टोरियल प्रदर्शन

  • आईटी सेक्टर: भारी दबाव में रहा और आज सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख आईटी शेयरों जैसे Infosys, TCS, HCL Tech, Wipro आदि में 4–5% तक की गिरावट देखने को मिली।
  • मेटल शेयर: कमजोर क्यू3 परिणामों और वैश्विक मांग की चिंता के बाद गिरावट में रहे।
  • वित्त और बैंकिंग: बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी बनी रही।
  • भारी उपभोक्ता (FMCG): अपेक्षाकृत कम गिरावट या स्थिरता, लेकिन बाजार के समग्र दबाव में सीमित प्रभाव।

📈 वैश्विक संकेत और मुद्रा

  • वैश्विक बाजार कमजोर संकेतों के साथ मिले, जिससे निवेशकों की नकारात्मक भावना बढ़ी।
  • रुपया: डॉलर के मुकाबले लगभग ₹90.63 पर बंद रहा, जो थोड़ी कमजोरी दिखाता है।

🧠 विश्लेषक क्या कह रहे हैं?

विश्लेषकों के अनुसार आज की बिकवाली का मुख्य कारण:

  • वैश्विक तकनीकी शेयरों में कमजोरी और अमेरिकी सूचकांकों का दबाव
  • AI-संबंधित चिंता से आईटी शेयरों में बिकवाली
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतर्कता
    इन सबने मिलकर बाजार में बिकवाली का माहौल बनाया।

9 करोड़ का कर्ज और करोड़ों की संपत्ति, जानिए कितनी है राजपाल यादव की कुल नेटवर्थ

Rajpal Yadav Net Worth: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा एक पुराने कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। सालों पहले शुरू हुआ चेक बाउंस केस अब इतना आगे बढ़ चुका है कि उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है और उनकी कुल संपत्ति कितनी बताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। समय के साथ इस पर ब्याज और जुर्माना जुड़ता गया और रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया और उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई गई। 12 फरवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई निर्धारित है, जिसे उनके लिए अहम माना जा रहा है।

कितनी है कुल संपत्ति?

जहां एक ओर उन पर करीब 9 करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है, वहीं विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल नेटवर्थ 50 से 85 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है।

  • एक फिल्म के लिए फीस: लगभग 1 से 2 करोड़ रुपये
  • लग्जरी कारें: ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियां
  • अन्य कमाई: ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन

हालांकि सटीक आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन वे इंडस्ट्री के स्थापित कॉमेडी अभिनेताओं में गिने जाते हैं।

किसने बढ़ाया मदद का हाथ?

इस कठिन समय में कुछ फिल्मी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। अभिनेता सोनू सूद ने उन्हें अपनी अगली फिल्म में काम देने की बात कही है और अन्य कलाकारों से भी सहयोग की अपील की है। वहीं अभिनेता गुरमीत चौधरी ने भी फिल्म निर्माताओं से अनुरोध किया है कि वे राजपाल को काम देकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करें।

अब सभी की नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से उनके भविष्य को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

सोने में हल्की गिरावट जारी, चांदी की कीमतों में उछाल, जानें 13 फरवरी 2026 का ताजा भाव

Aaj Ka Sona Chandi Bhav 13 February 2026: 13 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। कल आई तेज गिरावट के बाद आज भी सोने के दाम में हल्की नरमी बनी हुई है, जबकि चांदी की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। यहां दिए गए रेट कल बाजार बंद होने के भाव और आज सुबह के शुरुआती संकेतों पर आधारित हैं।

क्या आज सोना और सस्ता हुआ?

आज सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो कल 1,58,400 रुपये था। वहीं 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। पिछले दिनों आई तेजी के बाद यह गिरावट खरीदारों, खासकर शादी सीजन में खरीदारी करने वालों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।

आज के सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम):

सोने की शुद्धताआज का भाव (13 Feb)कल का भाव (12 Feb)अंतर
24 कैरेट₹1,58,390₹1,58,400– ₹10
22 कैरेट₹1,45,190₹1,45,200– ₹10
18 कैरेट₹1,18,790₹1,18,800– ₹10

शहर-वार सोने की कीमत (1 ग्राम)

शहर24 कैरेट22 कैरेट18 कैरेट
चेन्नई₹15,927₹14,599₹12,599
मुंबई₹15,839₹14,519₹11,879
दिल्ली₹15,854₹14,534₹11,894
कोलकाता₹15,839₹14,519₹11,879
बेंगलुरु₹15,839₹14,519₹11,879
हैदराबाद₹15,839₹14,519₹11,879

चांदी की कीमतों में कितनी तेजी?

सोने में नरमी के बीच चांदी की कीमतों में आज बढ़त दर्ज की गई है। 1 किलोग्राम चांदी 100 रुपये महंगी होकर 2,95,100 रुपये पर पहुंच गई है। वहीं 100 ग्राम चांदी का भाव 29,510 रुपये है।

आज के चांदी के भाव:

वजनआज का भाव (13 Feb)कल का भाव (12 Feb)
10 ग्राम₹2,951₹2,950
100 ग्राम₹29,510₹29,500
1 किलोग्राम₹2,95,100₹2,95,000

शहर-वार चांदी की कीमत

शहर10 ग्राम100 ग्राम1 किलोग्राम
मुंबई₹2,951₹29,510₹2,95,100
दिल्ली₹2,951₹29,510₹2,95,100
चेन्नई₹2,999₹29,990₹2,99,900
बेंगलुरु₹2,951₹29,510₹2,95,100
हैदराबाद₹2,999₹29,990₹2,99,900
कोलकाता₹2,951₹29,510₹2,95,100

पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी, 13 फरवरी 2026 को जानें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today 13 February 2026: 13 फरवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। पिछले कई दिनों से ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। हालांकि राज्यों में लगने वाले अलग-अलग VAT के कारण शहरों के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा सकता है। आइए जानते हैं आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल किस रेट पर मिल रहा है।

आज पेट्रोल की कीमत क्या है?

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं मुंबई में यह 103.54 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी दाम लगभग स्थिर हैं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमत (13 फरवरी 2026):

शहर / राज्यपेट्रोल (₹/लीटर)बदलाव
नई दिल्ली₹94.770.00
मुंबई₹103.540.00
चेन्नई₹101.06+0.26
बेंगलुरु₹102.920.00
कोलकाता₹103.940.00
गुरुग्राम₹95.26-0.24
नोएडा₹94.74-0.31
पटना (बिहार)₹105.43+0.20
हैदराबाद₹107.460.00
भुवनेश्वर₹101.03+0.06
झारखंड₹98.26+0.40
जयपुर₹104.880.00
लखनऊ₹94.650.00

डीजल की कीमतों का ताजा अपडेट

डीजल की बात करें तो दिल्ली में इसका दाम 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। परिवहन और कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले डीजल की कीमतों में स्थिरता से माल ढुलाई और अन्य खर्चों पर नियंत्रण बना हुआ है। मुंबई में डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

प्रमुख शहरों में डीजल की कीमत (13 फरवरी 2026):

शहर / राज्यडीजल (₹/लीटर)बदलाव
नई दिल्ली₹87.670.00
मुंबई₹90.030.00
चेन्नई₹92.61+0.22
बेंगलुरु₹90.990.00
नोएडा₹87.81-0.38
गुरुग्राम₹87.73-0.24
हैदराबाद₹95.700.00
पटना₹91.67+0.18
भुवनेश्वर₹92.60+0.05
चंडीगढ़₹82.450.00
झारखंड₹93.02+0.40
अहमदाबाद₹90.110.00

कीमतें स्थिर रहने की वजह क्या है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू तेल कंपनियां पिछले कुछ महीनों से दामों को संतुलित बनाए हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के कर ढांचे में समन्वय के कारण उपभोक्ताओं को अचानक बढ़ोतरी से राहत मिल रही है।

पेट्रोल-डीजल के रेट कैसे तय होते हैं?

ईंधन की कीमतें मुख्य रूप से निम्न कारकों पर निर्भर करती हैं:

  1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत
  2. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
  3. केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और राज्य का VAT
  4. डीलर कमीशन और रिफाइनिंग लागत

SMS से जानें अपने शहर का ताजा रेट

आप मोबाइल से SMS भेजकर भी अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं:

  • Indian Oil: RSP <शहर का कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें।
  • BPCL: RSP <शहर का कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें।
  • HPCL: HP Price <शहर का कोड> लिखकर 9222201122 पर भेजें।

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट: जानिए क्यों औंधे मुंह गिरे आज भारतीय बाजार

Indian Stock Market 13 February 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन बेहद भारी रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार खुलते ही निवेशकों में अफरा-तफरी मच गई है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुले हैं। निफ्टी 236 अंक गिरकर 25,571 पर आ गया, वहीं सेंसेक्स में 772 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई है।

Indian Stock Market: क्यों टूटा बाजार और क्या है बड़ी वजह?

बाजार गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेत हैं। अमेरिकी बाजार में मंदी की आहट और टेक कंपनियों के गिरते शेयरों ने भारतीय बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनिया भर में निवेशक अब जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिसका सीधा असर भारत के ‘आईटी सेक्टर’ पर पड़ा है।

sharemarket

Indian Stock Market: आईटी शेयरों में भारी गिरावट क्यों आई?

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर (Nifty IT) पर पड़ी है, जो करीब 5.5% तक टूट गया। दरअसल, दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर मची हलचल और बड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन में हो रहे बदलाव ने निवेशकों को डरा दिया है। इसके अलावा ऑटो, रियल्टी और ऑयल सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली है।

क्या सोने-चांदी में निवेश करना अब सुरक्षित है?

जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक अक्सर सोने और चांदी का रुख करते हैं। आज भी यही हुआ है। जहां एक तरफ शेयर औंधे मुंह गिरे, वहीं सोने की कीमत में 1% और चांदी में करीब 1.66% की बढ़त देखी गई है। सोना 1,54,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो साफ दिखाता है कि लोग अब सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं।

आगे क्या होगा और आपकी क्या होनी चाहिए रणनीति?

बाजार की नजर अब अमेरिका में आने वाले महंगाई के आंकड़ों (CPI Data) पर है। अगर वहां के हालात नहीं सुधरे, तो भारतीय बाजार में कुछ और दिन दबाव रह सकता है। जानकारों की सलाह है कि ऐसे उतार-चढ़ाव वाले समय में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।

लाल निशान में खुला शेयर बाजार, IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव

Indian Stock Market 12 February 2026: गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही गिरावट के साथ खुले। निफ्टी 50 करीब 47 अंक फिसलकर 25,906 के स्तर पर आ गया, जबकि सेंसेक्स में लगभग 265 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में किसी मजबूत सकारात्मक संकेत की कमी और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली को इस गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों का रुख कैसा है?

गिरावट के बीच राहत की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अब भी भारतीय बाजार में रुचि दिखा रहे हैं। पिछले 7 कारोबारी सत्रों में से 6 में उन्होंने खरीदारी की है। बुधवार को भी FIIs ने करीब 943.8 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार भागीदारी बाजार को आगे चलकर सहारा दे सकती है।

कौन से सेक्टर रहे दबाव में?

आज के कारोबार में IT सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई, जहां 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी आधा प्रतिशत से ज्यादा टूटे।

  • IT सेक्टर – 2% से अधिक गिरावट
  • मिडकैप और स्मॉलकैप – 0.5% से ज्यादा कमजोरी
  • ऑटो, मेटल और बैंकिंग – हल्की बिकवाली

हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटोमोबाइल, ज्वेलरी और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में आने वाली तिमाहियों में बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं।

कमोडिटी और ग्लोबल मार्केट का हाल

आज सोने और चांदी की कीमतों में भी नरमी देखी गई। 24 कैरेट सोना 0.43% गिरकर 1,58,079 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

एशियाई बाजारों में जापान और दक्षिण कोरिया के सूचकांक बढ़त के साथ खुले, जबकि हांगकांग में कमजोरी रही। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया था, जिसका असर घरेलू बाजार की शुरुआत पर दिखाई दिया।

कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और निवेशकों की नजरें घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई हैं।

मोबाइल ऐप से मिनटों में PF निकालना अब आसान: जानें कितना पैसा मिलेगा

PF Withdrawal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सिस्टम को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है. अप्रैल 2026 तक EPFO एक नया और एडवांस मोबाइल ऐप पेश करने जा रहा है, जिससे करीब 8 करोड़ PF खाताधारकों की लाइफ आसान हो जाएगी. EPFO 3.0 प्रोजेक्ट के तहत अब PF का पैसा निकालना उतना ही आसान होगा जितना बैंक से पैसे ट्रांसफर करना.

अब हफ्ते भर का इंतजार खत्म

अब तक पीएफ निकालने के लिए क्लेम फॉर्म भरने और कई दिनों तक इंतजार करने की जरूरत पड़ती थी. लेकिन नए ऐप के आने के बाद आप UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पैसा मंगा सकेंगे. आपको बस ऐप पर लॉगिन करना होगा और अपना UPI पिन डालना होगा. जानकारी के मुताबिक एक बार में 25,000 रुपए तक निकालने की सुविधा मिल सकती है.

भविष्य में ऐप खोलते ही आपको अपना पीएफ बैलेंस दो अलग-अलग कैटेगरी में दिखाई देगा

  • एलिजिबल बैलेंस (Eligible Balance): यह वह रकम होगी जिसे आप अपनी जरूरतों के लिए तुरंत निकाल सकते हैं.
  • लॉक्ड बैलेंस (Locked Balance): यह हिस्सा आपकी रिटायरमेंट की सुरक्षा के लिए रिजर्व रहेगा, जिसे निकाला नहीं जा सकेगा. इससे यूजर्स को यह समझने में आसानी होगी कि उनके पास खर्च के लिए असल में कितना पैसा उपलब्ध है.

3 दिन में बैंक अकाउंट में आएंगे पैसे

EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. अब 5 लाख रुपये तक के क्लेम के लिए किसी अधिकारी की मंजूरी का इंतजार नहीं करना होगा. यह काम सॉफ्टवेयर के जरिए ऑटोमैटिक होगा और महज 3 दिनों के भीतर पैसा आपके पास होगा. पहले यह लिमिट सिर्फ 1 लाख रुपये थी. बीमारी, शादी या घर बनाने जैसे जरूरी कामों के लिए यह फीचर गेम-चेंजर साबित होगा.

BHIM UPI से होगा डाइरेक्ट कनेक्शन

EPFO का यह नया ऐप BHIM और अन्य UPI प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा. श्रम मंत्रालय फिलहाल 100 डमी खातों पर इसका ट्रायल कर रहा है ताकि लॉन्च के समय कोई तकनीकी दिक्कत न आए.

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सेंसेक्स 1090 अंक से अधिक गिरा,निफ्टी 17,531 पर बंद हुआ; सभी सेक्टर लाल निशान पर बंद

शुक्रवार को कमजोर वैश्विक बाजार के बीच सेंसेक्स 1,093 अंक से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ । सेंसेक्स 1,093 अंक की गिरावट से 58,841 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 346 अंक की गिरावट से 17530 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (16.09.2022) एक नजर में

रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, एमएंडएम, नेस्ले इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), डॉ रेड्डीज, एशियन पेंट्स शीर्ष घाटे के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक एकमात्र लाभार्थी थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 1 शेयर बढ़त के साथ और 29 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी इंडेक्स 1% गिरकर 40,777 पर बंद हुआ । सेक्टरों में, आईटी और रियल्टी में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में से प्रत्येक में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 2 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 48 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

होली से पहले दलाल स्ट्रीट पर होली का जश्न शुरू; सेंसेक्स 1047 अंक चढ़ा, निफ्टी 17300 के करीब बंद हुआ

गुरुवार को साप्ताहिक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस एक्सपायरी सत्र के दिन इक्विटी बाजारों में तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स 1,047 अंक बढ़कर 57,863 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 311 अंक बढ़कर 17,287 पर बंद हुआ।

Sensex 17032022
सेंसेक्स चार्ट (17.03.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में एक-एक प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। ऑटो इंडेक्स में 2 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 3 फीसदी की तेजी के साथ सभी सेक्टोरियल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स पर एचडीएफसी 5.5% ऊपर था, इसके बाद टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज थे।
केवल इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज घाटे के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 28 शेयर बढ़त के साथ और 2 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

Stock 17032022
सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

मिड और स्मॉल-कैप शेयर मजबूत नोट पर समाप्त हुए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.38 फीसदी और स्मॉल-कैप शेयरों में 1.23 फीसदी की तेजी आई।

दिन के कारोबार के अंत में बैंक निफ्टी 1.9% बढ़कर 36,428 पर था । निफ्टी रियल्टी इंडेक्स आज 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ा । निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, बैंक और मेटल इंडेक्स 2 से 2.5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी आईटी 0.24 फीसदी टूटा।

nifty INDEX 17032022
निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 46 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 4 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

nifty 17032022

रूस-यूक्रेन संकट के बीच बाजार लगातार पांचवें सत्र लाल निशान पर बंद हुआ; निफ्टी 17,100 के करीब, सेंसेक्स 382 अंक गिरा

मंगलवार को लगातार पांचवें सत्र में सेंसेक्स, निफ्टी लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 383 अंक गिरकर 57,300 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 114 अंक की गिरावट के साथ 17,092 पर बंद हुआ। इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 56395 पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 16,843.80 के निचले स्तर पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबार की अंतिम घड़ी में रिकवरी की, लेकिन लाल निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स चार्ट (22.02.2022) एक नजर में

आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, कैपिटल गुड्स, एफएमसीजी, रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 1-3 फीसदी की गिरावट के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7-1.6 फीसदी गिरे। बीएसई मिडकैप 0.7 फीसदी या 165 अंक गिरकर 23,417 पर, जबकि एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप 440 अंक या 1.6 फीसदी की गिरावट के साथ 26,697.23 पर बंद हुआ।

बीएसई पर टाटा स्टील, टीसीएस, एसबीआई, डॉ रेड्डीज, इंडसइंड बैंक और आईटीसी शेयरों में 3.64 – 1.39 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान किया।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 10 शेयर बढ़त के साथ और 20 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी के सभी सेक्टोरियल इंडेक्स नकारात्मक दायरे में बंद हुए।
आज के कारोबार में बैंक निफ्टी करीब 1 फीसदी नीचे था।
मिड और स्मॉल-कैप शेयर नकारात्मक नोट पर समाप्त हुए, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.02 फीसदी और स्मॉल-कैप शेयरों में 2.05 फीसदी की गिरावट आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 36 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 14 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

5 दिनों के गिरावट का सिलसिला टूटा; सेंसेक्स 367 अंक चढ़ा, निफ्टी 17250 के पार

मंगलवार को सेंसेक्स, निफ्टी में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा , अंत में हरे निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 366.64 अंक ऊपर 57,858.15 पर और निफ्टी 128.85 अंक ऊपर 17,277.95 पर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी ने 56,410 और 16,837 के अपने-अपने इंट्राडे लो को हिट करने के बाद अंत में हरे निशान में बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट 25.01.2022) एक नजर में

बीएसई मिडकैप इंडेक्स में एक प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

मारुति सुजुकी इंडिया और एक्सिस बैंक के शेयर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहे, जो 6.75 प्रतिशत से ऊपर तक बढ़ गए ।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) शीर्ष सूचकांक प्राप्त करने वालों में से थे।
दूसरी तरफ, विप्रो, बजाज फिनसर्व, टाइटन कंपनी, इंफोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) सेंसेक्स के शीर्ष लूजर में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 18 शेयर बढ़त के साथ और 22 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 2.05 फीसदी चढ़ा, बैंक निफ्टी 759.20 अंक बढ़कर 37706.75 पर बंद हुआ।  मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 फीसदी और स्मॉल-कैप शेयरों में 0.90 फीसदी की तेजी आई। सेक्टोरल मोर्चे पर, निफ्टी आईटी को छोड़कर, सभी सेक्टोरल इंडेक्स सकारात्मक क्षेत्र में समाप्त हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक 4.24 फीसदी की तेजी के साथ शीर्ष पर रहा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 36 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 14 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

लगातार पांचवें सत्र बाजार गिरा; सेंसेक्स 1545 अंक गिरा, निफ्टी 17150 के नीचे, ज़ोमैटो 20% गिरा

सोमवार को सेंसेक्स 1,545 अंक की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 468 अंक की गिरावट के साथ 17,149 पर बंद हुआ।

Sensex 24012022
सेंसेक्स चार्ट (24.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 4-4 फीसदी की गिरावट आई। ऑटो, मेटल, आईटी, पावर, फार्मा, रियल्टी, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स 2-6 फीसदी की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, विप्रो, आरआईएल, टाइटन कंपनी के साथ सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक लाल रंग में समाप्त हुए, जिसमें 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी करीब 2 फीसदी गिरकर 36,947 पर बंद हुए था। निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स नकारात्मक दायरे में बंद हुए । निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गीरावट रही, इसके बाद निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी आईटी थे।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 2 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 48 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

4 दिनों में सेंसेक्स 2300 अंक गिरा; निफ्टी 17,620 अंक से नीचे, सेंसेक्स 427 अंक टूटा

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) लगातार चौथे दिन गिरे। सेंसेक्स 427.44 अंक की गिरावट के साथ 59,037.18 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 139.85 अंक की गिरावट के साथ 17,617.15 पर बंद हुआ । दिन के दौरान, बीएसई इंडेक्स 58,621 के इंट्रा डे लो पर पहुंच गया और निफ्टी ने 17,486 का निचला स्तर छुआ ।

सेंसेक्स चार्ट (21.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुए। बिजली, रियल्टी और धातु को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फार्मा सूचकांकों के साथ 0.8-1.7 प्रतिशत की गिरावट रही।

सेंसेक्स पर, बजाज फिनसर्व 5.37 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा। इसके बाद टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का स्थान रहा। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), मारुति सुजुकी इंडिया, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी), नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) शीर्ष लाभार्थियों में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 8 शेयर बढ़त के साथ और 22 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी व्यापक बाजारों के साथ लाल निशान में बंद हुआ, निफ्टी बैंक 276.55 अंक गिरकर 37,574.30 पर रहा । मिडकैप, स्मॉलकैप सूचकांकों में 2% से अधिक की गिरावट रही। आईटी शेयरों पर दबाव, मिडकैप आईटी शेयरों में गिरावट जारी रही।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट; सेंसेक्स 656 अंक टूटा, निफ्टी 17,940 के नीचे बंद हुआ।

बुधवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रहा जिससे सेंसेक्स और निफ्टी गहरे लाल रंग में बंद हुए। सेंसेक्स 656 अंक गिरकर 60,098 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 174 अंक गिरकर लाल रंग में 17,938 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (19.01.2022) एक नजर में

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.3 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ । सेक्टोरल मोर्चे पर मिलाजुला रुख देखा गया, ऑटो, धातु, बिजली और तेल और गैस सूचकांक हरे रंग में समाप्त हुए, जबकि बैंक, एफएमसीजी, आईटी, फार्मा और रियल्टी क्षेत्रों में बिकवाली देखी गई।

भारतीय स्टेट बैंक 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद टाटा स्टील और मारुति सुजुकी इंडिया का स्थान रहा। शीर्ष पिछड़ने के रूप में इंफोसिस 2,77% नीचे था, इसके बाद एशियन पेंट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 8 शेयर बढ़त के साथ और 22 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 0.44% नीचे था। मिड और स्मॉल-कैप शेयर मिश्रित नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स 0.21 फीसदी गिरकर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.01 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

आखिरी घंटे की बिकवाली से बाजार लाल रंग में बंद हुए; सेंसेक्स 554 अंक गिरा, निफ्टी 18,115 से नीचे

मंगलवार को बाजार के दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी)
और इंफोसिस में आखिरी घंटे की बिकवाली के कारण बीएसई और एनएसई गिरकर लाल रंग में बंद हुए। सेंसेक्स 554 अंक की गिरावट के साथ 60,754 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 195 की गिरावट के साथ 18,113 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (18.01.2022) एक नजर में

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1-2 फीसदी नीचे रहे । ऑटो, आईटी, मेटल, फार्मा, एफएमसीजी के साथ सभी सेक्टोरियल इंडेक्स 1-2 फीसदी की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

बीएसई पर मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट्स, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील और इंडसइंड बैंक ने अपने शेयरों में 4.05 से 2.22 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, डॉ रेड्डीज, टाइटन और नेस्ले इंडिया लाभ पाने वालों में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 7 शेयर बढ़त के साथ और 23 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी मेटल और निफ्टी आईटी में भी बिकवाली का बड़ा दबाव देखा गया। मिड और स्मॉल-कैप शेयर कमजोर नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.06 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.45 फीसदी फिसले।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 6 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 43 लाल निशान में बंद हुए और 1 बिना बदलाव के बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार; निफ्टी 18,300, सेंसेक्स 61300 के ऊपर बंद हुआ

सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार मामूली बढ़त के साथ हरे रंग में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 85.88 अंक बढ़कर 61,308.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 52.35 अंक बढ़कर 18,308.10 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (17.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फार्मा और बैंक को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स ऑटो, पावर और रियल्टी के साथ 1-2 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।

अल्ट्राटेक सीमेंट 2.78% उछलकर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा। अन्य लाभार्थियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील शामिल थे। एचसीएल टेक 5.89% की गिरावट के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा, इसके बाद एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और टेक महिंद्रा का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 शेयर बढ़त के साथ और 11 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 154.25 अंक या 0.40% गिरकर 38,216.15 पर बंद हुआ।  निफ्टी ऑटो ने इंडेक्स को 2.05 फीसदी तक चढ़ाकर बेहतर प्रदर्शन किया। मिड और स्मॉल-कैप शेयरों ने निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.16 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.60 फीसदी की तेजी दर्ज की।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 34 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 16 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

उतार-चढ़ाव भरे सत्र में सेंसेक्स, निफ्टी सपाट बंद हुए

शुक्रवार को, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार सपाट बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 12.27 अंक की गिरावट के साथ 61,223.03 पर बंद हुआ, एनएसई निफ्टी 2.05 अंक की गिरावट के साथ 18,255.75 पर बंद हुआ । सेंसेक्स ने अपने इंट्राडे लो 60,757 से 450 अंक से अधिक की रिकवरी की।

सेंसेक्स चार्ट (14.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टरों में आईटी, कैपिटल गुड्स और रियल्टी इंडेक्स में 1 फीसदी की तेजी आई, जबकि ऑटो, फार्मा, बैंक, एफएमसीजी सेक्टरों में बिकवाली देखी गई।

सेंसेक्स 30 में एशियन पेंट्स 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद एक्सिस बैंक, एचयूएल, एमएंडएम, विप्रो, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा। टीसीएस, इंफोसिस, लार्सन एंड टुब्रो, टेक महिंद्रा , एचडीएफसी बैंक लाभ पाने वालों में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 12 शेयर बढ़त के साथ और 18 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 99 अंक या 0.26% गिरकर 38,370 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर मिश्रित नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.02 फीसदी की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.75 फीसदी की तेजी आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, यूपीएल, एचयूएल और ओएनजीसी निफ्टी में गिरावट के साथ शीर्ष पर रहे, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आईओसी, टीसीएस, इंफोसिस और अदानीपोर्ट्स लाभ में रहे।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 30 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 20 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में उछाल जारी; सेंसेक्स 85 अंक ऊपर, निफ्टी 18,250 के ऊपर बंद हुआ

गुरूवार को साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन भारतीय इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा । सेंसेक्स 85.26 अंक ऊपर 61,235.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 45.45 अंक बढ़कर 18,257.80 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (13.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर, धातु, फार्मा, बिजली, तेल और गैस और पूंजीगत सामान सूचकांक 1-3 प्रतिशत बढ़े, जबकि बैंक और रियल्टी सूचकांक 0.5 प्रतिशत से अधिक गिरे।

टाटा स्टील, सन फार्मा, एल एंड टी सेंसेक्स में शीर्ष पर रहे। दूसरी ओर, विप्रो, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडसइंड बैंक पिछड़ गए।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 19 शेयर बढ़त के साथ और 11 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 257.60 अंक या 0.67% गिरकर 38469.95 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.65 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.61 प्रतिशत बढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 36 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 14 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बाजार में उछाल जारी; निफ्टी 18200 के ऊपर पहुंचा तो सेंसेक्स 533 अंक उछलकर 61150 पर बंद हुआ

बुधवार को इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा, बीएसई सेंसेक्स 533.15 अंक बढ़कर 61,150.04 पर, निफ्टी 156.60 अंक बढ़कर 18,212.35 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (12.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7-1 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए। सेक्टरों में मेटल, पावर, ऑटो, ऑयल एंड गैस और रियल्टी में 1-2 फीसदी की तेजी रही, जबकि आईटी और फार्मा इंडेक्स सपाट रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बेंचमार्क के अनुरूप तेजी रही।

एमएंडएम, भारती एयरटेल चार्ट में सबसे ऊपर है, जबकि टीसीएस और टाइटन सबसे बड़े पिछड़े हुए हैं।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 24 शेयर बढ़त के साथ और 6 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 285.35 अंक या 0.74% बढ़कर 38727.55 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.25 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.88 फीसदी चढ़े।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

एमएंडएम, भारती एयरटेल, इंडसइंड बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी में शीर्ष पर रहे। टाइटन कंपनी, टीसीएस, श्री सीमेंट, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और सिप्ला खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 35 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 15 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बाजार में तीसरे दिन भी उछला जारी; सेंसेक्स 221 अंक ऊपर, निफ्टी 18,050 के ऊपर बंद हुआ

मंगलवार को भारतीय इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा । सेंसेक्स 221.26 अंक बढ़कर 60,616.89 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 52.45 अंक चढ़कर 18,055.75 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स चार्ट (11.01.2022) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुए। सेक्टरों में मेटल इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा गिरा, जबकि आईटी, पावर, ऑयल एंड गैस और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, एचडीएफसी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, आरआईएल, इंफोसिस, और एचडीएफसी बैंक शीर्ष पर रहे। टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, कोटक बैंक, आईटीसी और डॉ रेड्डीज खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 16 शेयर बढ़त के साथ और 14 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.57% बढ़ा, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2% से ज्यादा टूटा । वहीं आईटी, पावर, ऑयल एंड गैस और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.09 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.06 फीसदी चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अदानी पोर्ट्स, एचडीएफसी, टेक महिंद्रा और ओएनजीसी निफ्टी में शीर्ष पर रहे, जबकि जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, बीपीसीएल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और कोल इंडिया खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 25 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 24 लाल निशान में बंद हुए और 1 बिना बदलाव के बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

सेंसेक्स में 651 अंक का उछाल, निफ्टी 18,000 से ऊपर बंद; टाइटन 3.29% उछला, पेटीएम 6% गिरा

सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार में उछाल जारी रहा। सेंसेक्स 650 अंक बढ़कर 60,395 पर समाप्त हुआ, निफ्टी 190 अंक बढ़कर 18,003 पर के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

सेंसेक्स 10012022

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.7 फीसदी बढ़ा जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2 फीसदी बढ़ा। पीएसयू बैंक, आईटी, ऑटो, कैपिटल गुड्स, पावर, बैंक, रियल्टी सूचकांकों में 1-3 फीसदी की तेजी के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

बीएसई पर टाइटन, मारुति, एलएंडटी, एसबीआई, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईटीसी ने अपने शेयरों में 3.29 – 2.20 फीसदी की तेजी के साथ सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की। विप्रो, नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और डॉ रेड्डीज सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 20 शेयर बढ़त के साथ और 10 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑटो 3.23-1.6 फीसदी तक चढ़े। मिड और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.84 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.28 फीसदी की
तेजी आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

यूपीएल लिमिटेड निफ्टी में शीर्ष पर रहा क्योंकि स्टॉक 4.57 प्रतिशत बढ़ा, हीरो मोटोकॉर्प, टाइटन, एसबीआई और मारुति भी लाभ में थे। लूजर में , विप्रो, नेस्ले इंडिया, डिविज लैब, एशियन पेंट्स और पावरग्रिड थे ।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 35 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 15 लाल निशान में बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में तेजी; सेंसेक्स 142 अंक चढ़ा, निफ्टी 17,800 के ऊपर बंद हुआ।

शुक्रवार को घरेलू बाजारों में फिर से तेजी आई और हरे रंग में कारोबार हुआ। सेंसेक्स 142.81 अंक बढ़कर 59,744.65 पर बंद हुआ। निफ्टी 66.80 अंक बढ़कर 17,812.70 पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 60,130.18 के उच्च और 59,401.44 के निचले स्तर को छुआ।

Sensex 07012022
सेंसेक्स 07012022

एशियन पेंट्स 1.79% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद टीसीएस, नेस्ले इंडिया और अल्ट्राटेक सीमेंट का स्थान रहा।
बजाज फिनसर्व 1.39% की गिरावट के साथ महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस सेंसेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 15 शेयर बढ़त के साथ और 15 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में


बैंक निफ्टी 0.67% चढ़ा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी मेटल 0.67 फीसदी तक चढ़े। मिड- और स्मॉल-कैप शेयर सकारात्मक नोट पर समाप्त हुए क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.50 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.37 फीसदी चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, हिंडाल्को, एचडीएफसी लाइफ और श्री सीमेंट्स शीर्ष पर रहे, जबकि बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और टाइटन सबसे ज्यादा गिरे।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 32 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 17 लाल निशान में बंद हुए और 1 बिना बदलाव के बंद हुए । निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

कोविड -19 मामलों में भारी उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स 621 अंक गिरा, निफ्टी 17,750 के नीचे बंद।

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क गुरुवार को, कोविड -19 मामलों में भारी उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 621 अंक की गिरावट के साथ 59601.84 पर और निफ्टी 50, 179 अंक गिरकर 17745.90 पर आ गया।

सेंसेक्स चार्ट (06.01.2022) एक नजर में

ऑटो और ऑयल एंड गैस को छोड़कर सेक्टरों में, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स आईटी और रियल्टी इंडेक्स में 1-1 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट नोट पर बंद हुए।

इंडसइंड बैंक 1.74% ऊपर, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी इंडिया बाद में शीर्ष पर रहा। टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट 2.49% गिरकर सेंसेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा ।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 7 शेयर बढ़त के साथ और 23 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी बैंक 205.65 अंक की गिरावट के साथ 37,490.25 पहुंच गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.13 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में मामूली तेजी आई। निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में भी गिरावट आई।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

यूपीएल लिमिटेड, इंडसइंड बैंक, बजाज ऑटो, मारुति और भारती एयरटेल लाभ पाने वालों में से थे। जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट्स, श्री सीमेंट, टेक महिंद्रा और अदानी पोर्ट्स गिरने वालों में से थे।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र हरे निशान में बंद हुए; सेंसेक्स 60223, निफ्टी 17900 से ऊपर बंद हुआ।

बुधवार को दोनों सूचकांकों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 367.22 अंक या 0.61% बढ़कर 60,223.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 120 अंक ऊपर 17,925.30 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (05.01.2022) एक नजर में

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.36 फीसदी बढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ। आईटी, फार्मा और पावर को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स ऑटो, बैंक, मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-2% की तेजी के साथ बंद हुए।

बजाज फिनसर्व 5.09% ऊपर रहा, इसके बाद बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और टाटा स्टील थे। टेक महिंद्रा 2.87% नीचे, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और पावर ग्रिड लाल निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 18 शेयर बढ़त के साथ और 12 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक 2.32 फीसदी तक चढ़े। बैंक निफ्टी 2.32% बढ़कर 37,695.90 पर बंद हुआ ।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी पर बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शीर्ष पर रहे, जबकि टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, डिविस लैब्स और विप्रो सबसे ज्यादा गिरे।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 33 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 17 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

सेंसेक्स, निफ्टी में बढ़त; निफ्टी 17,800 के ऊपर, सेंसेक्स 672 अंक चढ़ा ।

मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स 672.71 अंक बढ़कर 59,855.93 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 179.55 अंक उछलकर 17,805.25 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (04.01.2022) एक नजर में

मेटल और फार्मा को छोड़कर, बैंक, ऑयल एंड गैस और पावर इंडेक्स के साथ अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स 1-2 फीसदी चढ़े।
बीएसई का मिडकैप इंडेक्स सपाट और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.39 फीसदी चढ़ा।

एनटीपीसी 5.48% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद पावरग्रिड, एसबीआई, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की। खराब प्रदर्शन करने वालों में सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और डॉ रेड्डीज था।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 25 शेयर बढ़त के साथ और 5 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 1.15% चढ़कर 36,840 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.27 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.32 फीसदी चढ़े। निफ्टी बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो 1.24 फीसदी तक उछले।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 35 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 15 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बाजार में दिखा नए साल का जश्न: सेंसेक्स में 929 अंक का उछाल, निफ्टी 17,600 के पार।

सोमवार को सेंसेक्स 929 अंक बढ़कर 59,183 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 272 अंक प्रतिशत बढ़कर 17,626 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (03.01.2022) एक नजर में

बैंकिंग एंड फाइनेंशियल, मेटल, आईटी और ऑटो के साथ फार्मा को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक ने बीएसई इंडेक्स पर सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की और उनके शेयरों में 2.60 – 3.56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा और नेस्ले इंडिया के साथ डॉ रेड्डीज 1.13% नीचे था।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 25 शेयर बढ़त के साथ और 5 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी इंडेक्स 2.65% बढ़कर 36,421.90 पर बंद हुआ ।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.33 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.15 फीसदी चढ़कर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में उछाल आया। निफ्टी बैंकिंग, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो 2.65 फीसदी तक उछले।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 45 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 5 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

शुक्रवार को साल के अंतिम सत्र में निफ्टी 17350 के ऊपर, सेंसेक्स 460 अंक चढ़ा।

2021 के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 459.50 अंक की तेजी के साथ 58253.82 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 150.10 अंक बढ़कर 17354.50 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (31.12.21) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 1% से अधिक की तेजी आई। बैंकों, ऑटो, धातु, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी, तेल और गैस सूचकांकों में 1-2% की वृद्धि के साथ सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे रंग में समाप्त हुए।

टाइटन कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) शीर्ष सूचकांक नेताओं में शामिल थे। इसके विपरीत, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड नीचे थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 26 शेयर बढ़त के साथ और 4 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी के सभी सेक्टोरियल इंडेक्स सकारात्मक दायरे में बंद हुए। बैंक निफ्टी 1.2 फीसदी उछलकर 35,482 पर बंद हुआ
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.40 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.41 फीसदी चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी पर हिंडाल्को, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स और कोटक बैंक शीर्ष पर रहे। एनटीपीसी, सिप्ला, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड और एसबीआई लाइफ में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 45 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 5 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

निफ्टी 17,400 के पार, सेंसेक्स 776 अंक चढ़ा; आईटी, धातु, बिजली शेयरों में तेजी।

गुरुवार को एफएंडओ एक्सपायरी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 234.75 अंक ऊपर 17401.65 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 776.5 अंक ऊपर 58461.29 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (02.12.21) एक नजर में

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 फीसदी की तेजी आई। आईटी, मेटल, रियल्टी, ऑटो, एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस, पावर इंडेक्स 1-2 फीसदी की बढ़त के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

एचडीएफसी लगभग 3.92% ऊपर रहा, इसके बाद पावरग्रिड, सन फार्मा और टाटा स्टील का स्थान रहा। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक लगभग 0.80% नीचे थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 27 शेयर बढ़त के साथ और 3 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.39% बढ़ा । मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में भी दिलचस्पी देखी गई क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.21 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.66 फीसदी चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी निफ्टी ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मीडिया, मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी करीब 1 फीसदी चढ़े।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 47 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 3 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

जीडीपी डेटा से पहले और वैश्विक संकेतों से सेंसेक्स, निफ्टी में गिरावट ; ऑटो, वित्तीय, धातु में तेजी।

मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद घरेलू बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 195 अंक नीचे 57,064 पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 70 अंक गिरकर 16,983 पर बंद हुआ। आज इंट्राडे में, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 1,250 अंक से अधिक गिर गया और निफ्टी 50 इंडेक्स 17,324 के उच्च स्तर पर पहुंचकर 17,000 से नीचे गिर गया।

सेंसेक्स चार्ट (30.11.21) एक नजर में

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेक्टरों में, धातु सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया, उसके बाद बैंक, ऑटो और बिजली जबकि आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी हरे रंग में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए ।

पावर ग्रिड 3.43% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद टाइटन, बजाज फिनसर्व, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा। टाटा स्टील 3.87% कम था, इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज ऑटो थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 13 शेयर बढ़त के साथ और 17 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी मिडकैप 50 में 0.12% जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.34% की तेजी आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.5 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ। इसका स्मॉलकैप समकक्ष 1.6 प्रतिशत चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट निफ्टी बैंक, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी 0.7-1 फीसदी के बीच गिरे। भारत VIX 21 के स्तर से ऊपर बंद हुआ।

निफ़्टी के प्रमुनिफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 22 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 28 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

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बाजार में तेजी; निफ्टी 17050 से ऊपर, सेंसेक्स 57260 पर बंद

सोमवार को उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 27.5 अंक ऊपर 17053.95 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 153.43 अंक ऊपर 57260.58 पर बंद हुआ। आज इंट्राडे में, सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,200 अंक से अधिक और निफ्टी 50 इंडेक्स 16,782 के निचले स्तर पर पहुंचकर 17,160 के उच्च स्तर को छू गया।

सेंसेक्स चार्ट (29.11.21) एक नजर में

आईटी को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स फार्मा, पावर, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक में 1-2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1-2 फीसदी गिरे।

कोटक महिंद्रा बैंक 2.4% ऊपर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाइटन, टीसीएस और बजाज फाइनेंस के बाद शीर्ष पर रहा। सन फार्मा, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी शीर्ष पर रहे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 13 शेयर बढ़त के साथ और 17 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.35 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.6 फीसदी गिरा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.07% गिरा, बैंक निफ्टी व्यापक बाजारों के साथ लाल निशान में बंद हुआ। भारत VIX 20.83 अंक पर बंद हुआ। वोडाफोन आइडिया, टाटा पावर, यस बैंक, पीएनबी और सेल एनएसई पर सबसे अधिक कारोबार वाले शेयरों में से थे।

निफ़्टी के प्रमुनिफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 15 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 35 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

फ्राइडे बना ब्लैक फ्राइडे: नए कोरोनोवायरस वैरिएंट चिंताओं पर सेंसेक्स, निफ्टी लगभग 3% टूटा।

फ्राइडे को दलाल स्ट्रीट पर तबाही देखने को मिली, दक्षिण अफ्रीका में एक नए और संभवतः वैक्सीन-प्रतिरोधी कोरोनावायरस संस्करण की पहचान के बाद सेंसेक्स 1,688 अंक की गिरावट के साथ 57,107 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक निफ्टी 509 अंक की गिरावट के साथ 17,026 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (26.11.21) एक नजर में

भारत अस्थिरता सूचकांक या VIX 24.84 प्रतिशत बढ़कर 20.8025 पर पहुंच गया। सेक्टरों में, फार्मा को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में 1-6 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 829 अंक की गिरावट के साथ 24,846 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप 751 अंक गिरकर 28,071 पर बंद हुआ।

डॉ रेड्डीज 3.32% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, नेस्ले इंडिया ने भी उसका अनुसरण किया, जबकि अन्य सभी स्टॉक लाल रंग में नीचे थे। इंडसइंड बैंक 6.01% की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 4 शेयर बढ़त के साथ और 26 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

बैंक निफ्टी 3.58% गिरा, निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.70 फीसदी चढ़ा, निफ्टी रियल्टी 6.26 फीसदी टूटा, निफ्टी मेटल भी 5.34 फीसदी गिरा ।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 4 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 46 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।


#biharnewspost #nifty #sensex #sharemarket #sharemarketnews

निफ्टी 17,500 के ऊपर, सेंसेक्स 454 अंक बढ़कर 58,795 पर बंद; आरआईएल, वेदांता और वोडा आइडिया में 6% की उछाल।

गुरुवार को मासिक एफएंडओ एक्सपायरी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 454 अंक बढ़कर 58,795 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 121 अंक बढ़कर 17,536 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (25.11.21) एक नजर में

सूचकांकों में – तेल और गैस, रियल्टी, फार्मा सूचकांकों में से प्रत्येक में 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हालांकि, ऑटो और बैंकिंग नामों में कुछ बिकवाली देखी गई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5-0.5 फीसदी चढ़े।

रिलायंस इंडस्ट्रीज सेंसेक्स में 6.1% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रही, इसके बाद आईटीसी ,इंफोसिस और टेक महिंद्रा का स्थान रहा। इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी और आईसीआईसीआई बैंक पिछड़ों में से थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 14 शेयर बढ़त के साथ और 16 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.54% गिरा । बैंक निफ्टी 0.21% की गिरावट के साथ समाप्त हुआ । निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.21 फीसदी चढ़ा।

निफ़्टी के प्रमुख इंडेक्स

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 25 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 25 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

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बाज़ार में फिर गिरावट; सेंसेक्स 323 अंक टूटा, निफ्टी 17,450 से नीचे।

फ&ओ एक्सपायरी से एक दिन पहले आज बुधवार को निफ्टी 50 इंडेक्स 88.3 अंक नीचे 17415.05 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 323.34 अंक नीचे 58340.99 पर बंद हुआ। इंट्राडे में सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 825 अंक तक गिर गया और निफ्टी 17,354 के निचले स्तर को छू गया।

सेंसेक्स चार्ट (24.11.21) एक नजर में

सेक्टरों में ऑटो, एफएमसीजी और आईटी इंडेक्स में 1-1 फीसदी की गिरावट आई, जबकि तेल & गैस और बैंकिंग नामों में खरीदारी देखी गई। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी चढ़ा।

कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक 1% से अधिक की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहे। सेंसेक्स के सबसे खराब प्रदर्शन के रूप में मारुति सुजुकी इंडिया 2.62% नीचे थी, इसके बाद इंफोसिस, आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 8 शेयर बढ़त के साथ और 22 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ मिड- और स्मॉल-कैप स्टॉक मिले-जुले रहे, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.5 फीसदी की गिरावट। निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स भी 0.5-1.3 फीसदी के बीच गिरे।

निफ्टी बैंक, मीडिया, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.61% गिरा ।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 13 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 36 लाल निशान में बंद हुए, 1 अपरिवर्तित रहा। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

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सेंसेक्स, निफ्टी में 4 दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा; सेंसेक्स 58664 पर, निफ्टी 17503 पर बंद हुआ।

मंगलवार को गिरावट का सिलसिला टूटा, बीएसई सेंसेक्स 198 अंक उछलकर 58,664 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 86.80 अंक बढ़कर 17,503 पर बंद हुआ। आज इंट्रा-डे में दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 1,100 अंक से अधिक चढ़ गया और निफ्टी 17,216 के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 17,500 से ऊपर चला गया।

सेंसेक्स चार्ट (23.11.21) एक नजर में

आईटी को छोड़कर, बिजली, धातु, रियल्टी, फार्मा, पूंजीगत सामान, तेल और गैस, पीएसयू बैंक सूचकांकों के साथ अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे रंग में समाप्त हुए, 1-3 प्रतिशत ऊपर।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में से प्रत्येक में लगभग 2% की बढ़त के साथ व्यापक बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

पावर ग्रिड 3.89% ऊपर सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद एनटीपीसी, टाटा स्टील, भारती एयरटेल और सन फार्मा का स्थान रहा। दूसरी ओर, इंडसइंड बैंक 2.59% की गिरावट के साथ शीर्ष स्थान पर रहा, इसके बाद एशियन पेंट्स, इंफोसिस, बजाज ऑटो और मारुति का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 21 शेयर बढ़त के साथ और 9 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.76 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2 फीसदी चढ़े, मिड- और स्मॉल-कैप शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई। बैंक निफ्टी 0.4% चढ़ा।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 40 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 10 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

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7 महीने में सबसे बड़ी गिरावट; निफ्टी 17,450 के नीचे, सेंसेक्स 58,465 पर हुआ बंद।

सोमवार को लगातार चौथे सत्र बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद। सेंसेक्स 1,170 अंक की गिरावट के साथ 58,465 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 348 अंक गिरकर 17,416 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 2.23% की गिरावट के साथ 37,128 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (22.11.21) एक नजर में

अधिकांश मिडकैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में से प्रत्येक में 2% से अधिक की गिरावट के साथ व्यापक बाजारों में गिरावट देखी गई। भारत VIX, अस्थिरता का एक बैरोमीटर, 18 प्रतिशत चढ़कर 17.5 के स्तर पर पंहुचा।

भारती एयरटेल 3.9% की बढ़त के साथ सेंसेक्स में शीर्ष पर रही, इसके बाद एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और इंडसइंड बैंक का स्थान रहा। बजाज फाइनेंस 5.74% की गिरावट के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेंसेक्स स्टॉक था, इसके बाद बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी का स्थान ।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 3 शेयर बढ़त के साथ और 27 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर, प्राइवेट बैंक, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और बैंक इंडेक्स भी 2-4 फीसदी के बीच गिरे। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 4.5 फीसदी की गिरावट।

मिड और स्मॉल कैप शेयरों को भी भारी बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.74 फीसदी की गिरावट आई।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 9 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 41 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

सेंसेक्स 372 अंक गिरा, निफ्टी 17770 के नीचे; मार्केट डेब्यू पर पेटीएम 27% गिरा।

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन, लगातार तीसरे दिन उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स 0.75% गिरकर 17,764.80 पर आ गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.62% नीचे 59,636.01 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (18.11.21) एक नजर में

ऑटो और मेटल इंडेक्स में 2-2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5-1.5 फीसदी गिरे। आईटी, वित्तीय और ऑटोमोबाइल शेयरों के नेतृत्व में अधिकांश क्षेत्रों में नुकसान ने इंडेक्स को नीचे खींच लिया।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 1% से अधिक की बढ़त के साथ सेंसेक्स में शीर्ष पर रहा, इसके बाद पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा।
नुकसान में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा स्टील और मारुति सुजुकी इंडिया शामिल थे।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 6 शेयर बढ़त के साथ और 24 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.61% गिरा, निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.03% गिरा। बैंक निफ्टी 0.17 प्रतिशत गिरकर 37,976 पर आ गया।मिड और स्मॉल-कैप शेयरों को भी बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.44 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.63 फीसदी गिर गए।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 7 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 43 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।

बाजार में गिरावट : सेंसेक्स 396 अंक गिरा, निफ्टी 18,000 के नीचे

बीएसई सेंसेक्स 396 अंक फिसलकर 60,322 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 110 अंक गिरकर 17,999 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स चार्ट (16.11.21) एक नजर में

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.22 फीसदी नीचे , जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। सेक्टरों में, पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई, जबकि निफ्टी बैंक, एनर्जी और फार्मा इंडेक्स में 1-1 फीसदी की गिरावट आई।
बीएसई एनर्जी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूटा। दूसरी ओर, एसएंडपी बीएसई ऑटो इंडेक्स 2.6% से अधिक चढ़ा।

सेंसेक्स पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला स्टॉक था, जिसमें 2.58% की गिरावट आई, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट का स्थान रहा। सेंसेक्स पर मारुति सुजुकी इंडिया 7.31% ऊपर थी, इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा और इंफोसिस का स्थान रहा।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 9 शेयर बढ़त के साथ और 21 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स के शेयर एक नजर में

निफ्टी प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर, फार्मा, बैंक, एफएमसीजी, मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी 0.8-1.6 फीसदी के बीच गिरे।

बैंक निफ्टी 1% गिरा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.49% चढ़ा। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 0.58% की बढ़त के साथ स्मॉलकैप इंडेक्स को छोड़कर व्यापक बाजारों में गिरावट देखी गई।

निफ्टी इंडेक्स के 50 शेयरों में से 13 हरे निशान में बंद हुए, जबकि 37 लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी के प्रमुख शेयरों के टॉप गेनर और लूजर का हाल ।