10 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद मंगलवार को घरेलू इक्विटी बाजार ने मजबूत वापसी की। कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 639.82 अंक की बढ़त के साथ 78,205.98 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 233.55 अंक चढ़कर 24,261.60 पर पहुंच गया।
दिनभर के कारोबार में बाजार में सकारात्मक रुख बना रहा। ऑटो, बैंकिंग, वित्तीय और उपभोक्ता शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई, जबकि आईटी और तेल से जुड़े कुछ शेयरों में सीमित कमजोरी रही। वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे बाजार में तेजी का माहौल बना।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
भारतीय शेयर बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण रहे। सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रहा। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में सुधार, निवेशकों की खरीदारी और कुछ सेक्टरों में मजबूत प्रदर्शन ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई थी। लेकिन मंगलवार को तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड करीब 10 प्रतिशत गिरकर लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया।
तेल की कीमतों में यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। इससे वैश्विक बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई और निवेशकों ने फिर से शेयर बाजार की ओर रुख किया।
भारत जैसे देश के लिए तेल की कीमतों में गिरावट बेहद सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होता है और अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है।
2. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत
अमेरिकी शेयर बाजारों में मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। वॉल स्ट्रीट में पिछली रात अच्छी तेजी देखने को मिली थी, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
एशियाई बाजार भी गिरावट के बाद उछले, जिससे घरेलू निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ और भारतीय बाजारों में खरीदारी का माहौल बना।
3. ऑटो और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई
मंगलवार के कारोबार में ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। वाहन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखी गई।
इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई, जिससे बाजार को मजबूत समर्थन मिला।
4. निवेशकों की खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में आई तेजी का एक कारण शॉर्ट कवरिंग भी रहा। पिछले सत्रों में आई गिरावट के बाद कई निवेशकों ने अपने शॉर्ट पोजिशन बंद किए, जिससे बाजार में तेजी बढ़ गई।
इसके साथ ही संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक रही।
दिनभर का बाजार प्रदर्शन
मंगलवार को बाजार ने मजबूत शुरुआत की। प्री-ओपनिंग सत्र में ही सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछल गया था। इसके बाद बाजार में हल्की उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरे दिन सकारात्मक रुख बना रहा।
दोपहर के बाद खरीदारी और तेज हुई और बाजार अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।
सेक्टरवार प्रदर्शन
दिन के कारोबार में अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर:
- ऑटो
- बैंकिंग
- वित्तीय सेवाएं
- उपभोक्ता कंपनियां
- मिडकैप और फार्मा
कमजोर सेक्टर:
- आईटी
- तेल और गैस से जुड़े कुछ शेयर
सेक्टर आधारित रैली से यह संकेत मिला कि निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान अभी भी बना हुआ है।
प्रमुख शेयरों की हलचल
मंगलवार को कई बड़े शेयरों में तेज हलचल देखने को मिली।
- हैप्पिएस्ट माइंड्स के शेयर करीब 17 प्रतिशत तक उछले, क्योंकि कंपनी ने अपनी ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाई और AI आधारित रणनीति की घोषणा की।
- इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयरों में भी 8 प्रतिशत तक की तेजी आई, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइन कंपनियों को फायदा होता है।
- मारुति सुजुकी के शेयरों में लगभग 2.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
- टाटा स्टील के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी रही।
- इंडसइंड बैंक और अन्य बैंकिंग शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया।
रुपये में मजबूती
शेयर बाजार की तेजी के साथ ही भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ।
रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 0.5 प्रतिशत मजबूत होकर 91.80 के आसपास पहुंच गया।
रुपये में मजबूती का कारण तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों का भरोसा माना जा रहा है।





















































































































