सोमवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 1,000 अंकों से अधिक गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। यह गिरावट केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से उत्पन्न व्यापक जोखिम भावना का परिणाम थी।
शुरुआती कारोबार से ही दबाव
सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी का संकेत मिल गया था। एशियाई बाजारों में गिरावट और गिफ्ट निफ्टी में नकारात्मक संकेतों के चलते घरेलू बाजार गैप-डाउन खुले।
- सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 अंक से ज्यादा टूट गया।
- निफ्टी 25,000 के नीचे फिसलकर लगातार दबाव में रहा।
- बैंकिंग, ऑटो, एविएशन और आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई।
दिन के अंत तक गिरावट और गहरी हो गई, जिससे निवेशकों की बड़ी पूंजी डूब गई।
गिरावट की सबसे बड़ी वजह: मिडिल ईस्ट में युद्ध
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष रहा। क्षेत्र में मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक बाजारों में घबराहट पैदा कर दी।
तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 7-12% तक चढ़ गया।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी से देश के चालू खाता घाटे, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। यही डर निवेशकों की बिकवाली का कारण बना।
| Market Indicator | Closing / Prevailing Price | Notes |
|---|---|---|
| Sensex (BSE) | ~80,238.85 points | Fell over 1,000 pts amid global sell-off. |
| Nifty 50 (NSE) | ~24,865.70 points | Down ~313 pts or ~1.24%. |
| Brent Crude Oil | ~$77.56 per barrel | Crude prices surged on Middle East tensions. |
| Rupee / US Dollar | ₹91.47 ≈ $1 | Rupee weakened to a one-month low against USD. |
| Gold (24K) | ~₹1,70,510 / 10 g | 24K gold prices elevated amid safe-haven buying. |
| Silver | ~₹2,95,000 / kg | Silver prices firm and rallying across markets. |
Notes:
• Sensex & Nifty values are based on closing figures after the trading session on 2 Mar 2026 when markets ended sharply lower due to geopolitical risks.
• Crude oil price used here is an approximate closing/prevailing benchmark for Brent crude on that day.
• Rupee exchange rate is based on reported closing level against the U.S. dollar amid geopolitical pressure.
• Gold & Silver figures reflect typical 24K/24-carat gold per 10 g and silver per kg domestic rates as reported on 2 Mar 2026.
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
📊 बाजार बंद होते समय स्थिति
- सेंसेक्स: लगभग 1,048 अंकों की गिरावट के साथ 80,200 के आसपास बंद
- निफ्टी 50: लगभग 313 अंक गिरकर 24,866 के आसपास बंद
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 2-3% तक की गिरावट
यह गिरावट पिछले कई सप्ताह की कमाई को लगभग मिटाने वाली रही।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर?
🔻 सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर
- एविएशन कंपनियां – ईंधन महंगा होने की आशंका
- ऑटो सेक्टर – कच्चे माल और ईंधन लागत बढ़ने का डर
- ऑयल मार्केटिंग कंपनियां – मार्जिन पर दबाव
- बैंकिंग और फाइनेंशियल – विदेशी निवेशकों की बिकवाली
- आईटी शेयर – वैश्विक अनिश्चितता का असर
🔺 बढ़त में रहने वाले शेयर
तेल की कीमतों में तेजी का फायदा कुछ कंपनियों को मिला:
- ONGC के शेयरों में तेजी
- Oil India Limited में भी उछाल
- कुछ डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में सीमित बढ़त
विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारी मात्रा में भारतीय शेयरों की बिक्री की। वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं।
इससे बाजार में लिक्विडिटी कम हुई और गिरावट और गहरी हो गई।
सोना और चांदी में जबरदस्त उछाल
शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प की ओर रुख किया।
- सोने की कीमतों में तेज उछाल
- चांदी में भी बड़ी तेजी
- डॉलर मजबूत हुआ
- रुपया कमजोर पड़ा
यह स्पष्ट संकेत था कि निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं।
रुपये पर दबाव
तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी पूंजी निकासी के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।
कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। इससे आरबीआई की नीतियों पर भी असर पड़ सकता है।