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UPSC 2025 टॉपर लिस्ट: बिहार के छात्रों ने दिखाई शानदार उपलब्धि, AIR 4 और टॉप 10 में बिहार के नाम

रिज़ल्ट का एलान: देश की सबसे कठिन परीक्षा में 958 सफल

UPSC ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के परिणाम ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि लाखों उम्मीदवारों के बीच चयन होना कितना कठिन है। इस सत्र में कुल 958 अभ्यर्थियों को विभिन्न सेवाओं के लिए सिफारिश की गई है, जिनमें Indian Administrative Service (IAS), Indian Police Service (IPS), Indian Foreign Service (IFS) तथा अन्य केंद्रीय सेवाएँ (Group A और Group B) शामिल हैं।

यह परीक्षा तीन चरणों में होती है:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) – वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित
  2. मुख्य परीक्षा (Mains) – वर्णनात्मक प्रश्न
  3. व्यक्तित्व परीक्षा (Interview/Personality Test)

इन तीनों चरणों में सफलता प्राप्त करने के बाद ही अंतिम सिफारिश मिलती है। UPSC CSE को भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी और कठिन परीक्षा माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों उम्मीदवार भाग लेते हैं और केवल एक छोटा प्रतिशत ही चयन पाते हैं।

शीर्ष 10 रैंक धारक

UPSC द्वारा जारी मेरिट लिस्ट में शीर्ष 10 सफल उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं:

रैंकनामरोल नंबर
1Anuj Agnihotri1131589
2Rajeshwari Suve M4000040
3Akansh Dhull3512521
4Raghav Jhunjhunwala0834732
5Ishan Bhatnagar0409847
6Zinnia Aurora6410067
7A R Rajah Mohaideen0818306
8Pakshal Secretry0843487
9Astha Jain0831647
10Ujjwal Priyank1523945

यह सूची UPSC की आधिकारिक मेरिट लिस्ट पर आधारित है, जिसमें सिविल सेवा के विभिन्न प्रतिष्ठित पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों का नाम शामिल है।

बिहार का विशेष योगदान

इस बार बिहार राज्य के उम्मीदवारों ने जिस तरह से UPSC 2025 में सफलता हासिल की है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। बिहार की प्रतिभा ने देश भर में अपना लोहा मनवाया है। दो प्रमुख नाम जो विशेष रूप से चर्चा में रहे:

✔️ राघव झुनझुनवाला — AIR 4

मुजफ्फरपुर (बिहार) के राघव झुनझुनवाला ने UPSC CSE 2025 में All India Rank 4 हासिल किया है — यह न केवल बिहार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि कठिन प्रतिस्पर्धा में भी अनुशासन, कड़ी मेहनत और रणनीतिक तैयारी के बल पर उच्च रैंक हासिल की जा सकती है।

राघव की सफलता की कहानी का अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा और तीसरे प्रयास में यह शानदार उपलब्धि हासिल की। उनके आसपास के लोग उन्हें एक दृढ़, समर्पित और लक्ष्य‑उन्मुख छात्र के रूप में जानते हैं, जिसने परिवार और समाज का नाम गौरवान्वित किया है।

✔️ उज्जवल प्रियांक — टॉप 10 में स्थान

पटना (बिहार) के उज्जवल प्रियांक ने भी UPSC 2025 में टॉप‑10 सूची में अपनी जगह बनाई है, जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों में शामिल हुए। उज्जवल का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बिहार में पढ़ाई‑लिखाई के प्रति युवाओं में मजबूत लगन और तैयारी की गुणवत्ता है।

अन्य टॉपर्स की विविध पृष्ठभूमि

UPSC टॉपरों की लिस्ट में केवल बिहार के ही नहीं बल्कि कई राज्यों और विविध पृष्ठभूमि से आए उम्मीदवार शामिल हैं। जैसे:

  • अनुज अग्निहोत्री ने शीर्ष रैंक प्राप्त कर टॉप बनाया।
  • राजेश्वरी सुवे M ने रैंक 2 प्राप्त किया और महिला टॉपर के रूप में विशिष्ट स्थान बनाया।
  • अकांश धूल ने रैंक 3 हासिल की।

ये टॉपर केवल लेखांकन और अंक के आधार पर नहीं, बल्कि स्किल, सोच, व्यक्तित्व और परीक्षा की मांग को समझने की क्षमता के आधार पर चयनित हुए हैं — जो UPSC CSE के वास्तविक उद्देश्य को दर्शाता है।

UPSC CSE की तैयारी: कथाएँ और प्रेरणाएँ

📌 लगातार प्रयास और समर्पण

UPSC परीक्षा की तैयारी एक लंबी यात्रा होती है। इसमें पढ़ाई के साथ रणनीति, समय प्रबंधन, विषयों की गहराई से समझ तथा निरंतर समीक्षा शामिल होती है। उम्मीदवारों को वर्षों तक तैयारी करनी पड़ती है, कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन अंततः जो तैयारी दृढ़ रहती है उसी का फल मिलता है।

राघव जैसी सफलता की कहानियाँ यह संदेश देती हैं कि निराशा से ऊपर उठकर लगातार प्रयास करना सबसे बड़ा गुण है। उन उम्मीदवारों के लिए यह प्रेरणा है जो पहली बार सफल नहीं हुए हैं, लेकिन अंदर की जिजीविषा को कायम रखते हैं।

📌 परिवार और शिक्षण समर्थन का प्रभाव

कई सफल उम्मीदवारों ने अपने परिवार, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को अपनी सफलता का मूल आधार बताया है। तैयारी के कठिन दौर में परिवार का समर्थन, गुरुजनों का मार्गदर्शन और मित्रों का उत्साह सबसे बड़ी ताकत होती है।

कई टॉपरों ने अध्ययन‑सहायता समूह, नोट‑शेयरिंग, पूर्व प्रश्नपत्रों का विश्लेषण और मॉक टेस्ट का व्यापक अभ्यास अपनी तैयारी का आधार बताया है। उम्मीदवारों ने बताया है कि नियमित अध्ययन, संशय समाधान और आत्म‑विश्लेषण UPSC CSE की सफलता की कुंजी है।

UPSC 2025 परिणाम के सामाजिक‑आर्थिक प्रभाव

✔️ स्थानीय समुदायों में उत्साह

राघव, उज्जवल और अन्य टॉपरों की सफलता से उनके स्थानीय समुदायों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। बिहार जैसे राज्यों में जहां युवा बहुमुखी करियर विकल्पों की तलाश में रहते हैं, इस प्रकार की UPSC सफलता भविष्य की पीढ़ियों को प्रशासनिक सेवाओं की ओर आकर्षित कर रहा है।

✔️ शिक्षा प्रणालियों पर प्रभाव

ये परिणाम बिहार और अन्य राज्यों की शिक्षा प्रणालियों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। परिणाम दिखाते हैं कि गुणवत्तापूर्ण तैयारी और शिक्षा संसाधन उपलब्ध होने पर किसी भी राज्य के युवा राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

अब आगे क्या होगा?

📌 सेवा आवंटन और प्रशिक्षण

चयनित उम्मीदवार विभागों और सेवाओं में आवंटन प्रक्रिया से गुजरेंगे। IAS, IPS, IFS तथा अन्य सेवाओं में उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित होंगे। उदाहरण के रूप में:

  • IAS उम्मीदवार को Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA) में प्रशिक्षण मिलेगा।
  • IPS उम्मीदवार को पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में भेजा जाएगा।
  • IFS उम्मीदवार को विदेशी सेवा‑केंद्रित प्रशिक्षण सत्रों से गुजारा जाएगा।

यह प्रशिक्षण उन्हें प्रशासनिक समस्याओं, नीति‑निर्माण, नेतृत्व कौशल और व्यवहारिक प्रबंधन में सक्षम करेगा।

UPSC Result 2025 Bihar Toppers: मुज़फ़्फ़रपुर से राष्ट्रीय गौरव तक – राघव झुनझुनवाला की UPSC सफलता की कहानी

भारत की प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की दुनिया में, UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों ने 6 मार्च 2026 को छात्रों और शिक्षकों के बीच उत्साह और चर्चा का नया माहौल पैदा कर दिया। हजारों अभ्यर्थियों में से एक नाम जो अपनी उच्च रैंक और प्रेरक कहानी के लिए सभी की नज़रों में रहा, वह था राघव झुनझुनवाला

25 वर्ष की उम्र में, मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार के इस युवा ने ऑल इंडिया रैंक 4 (AIR 4) प्राप्त की। इसके साथ ही वह बिहार के टॉपर बने और देशभर के UPSC उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए।

यह कहानी केवल अंकों और रैंक की नहीं है, बल्कि यह परिवार के सहयोग, शैक्षणिक उत्कृष्टता, संघर्ष, लगातार मेहनत और रणनीति से परीक्षा की तैयारी करने की कहानी है। इस लेख में हम राघव के जीवन के विभिन्न पहलुओं — उनके प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, तैयारी, मानसिक दृष्टिकोण और भविष्य के उम्मीदवारों के लिए सीख — पर विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे।

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि — सफलता की जड़ें

राघव का जन्म और पालन‑पोषण मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार में हुआ। उनके परिवार में शिक्षा को केवल प्राथमिकता नहीं बल्कि जीवन का मूल मंत्र माना जाता था। बचपन से ही उन्हें अनुशासन, जिज्ञासा और दृढ़ता की सीख मिली, जो बाद में उनके UPSC सफर में सफलता की नींव बनी।

परिवार का योगदान

  • उनके पिता, नवीन झुनझुनवाला, ने शुरुआती दौर में सोचने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद की।
  • उनके माता, अंजू देवी झुनझुनवाला, ने हर कदम पर उनके साथ खड़े रहकर मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान किया।

शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता

स्कूलिंग वर्ष

राघव ने 10वीं कक्षा (मैट्रिक) 2017 में उत्तीर्ण की। इस दौरान उनकी अकादमिक क्षमता और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा में विशेष रूप से अच्छे अंक प्राप्त किए, जिससे उनकी तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच मजबूत हुई।

हायर सेकेंडरी और कॉलेज

राघव ने 12वीं कक्षा 2019 में उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में उच्च शिक्षा के लिए सिरी राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) में अर्थशास्त्र (B.A. Hons) का चयन किया।

SRCC में:

  • उन्होंने अपने विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और ‘चरट राम गोल्ड मेडल’ प्राप्त किया।
  • उन्होंने अर्थशास्त्र से संबंधित शोध कार्य भी किए, जिसमें भारत के नॉन‑परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) संकट पर एक शोध पत्र शामिल था।

UPSC का लक्ष्य — राष्ट्रीय सेवा की दिशा

राघव ने कॉमर्स पृष्ठभूमि से सिविल सेवा परीक्षा में आने का निर्णय लिया। UPSC परीक्षा व्यापक सिलेबस और कठिनाई के लिए जानी जाती है। इसमें सफलता न केवल ज्ञान बल्कि रणनीति, समय प्रबंधन और मानसिक दृढ़ता की मांग करती है।

उनकी तैयारी का उद्देश्य सिर्फ नौकरी प्राप्त करना नहीं था, बल्कि देश की सेवा और नीति निर्माण में योगदान देना था।

UPSC तैयारी — रणनीति, चुनौतियाँ और सफलता की कुंजी

तीन प्रयास, तीन अनुभव

राघव का UPSC सफर सीधा नहीं था। उन्होंने तीन लगातार प्रयास किए, जिनमें हर बार सीख और सुधार की कहानी थी।

पहला प्रयास (UPSC 2023)

  • प्रीलिम्स पास करने के बाद मेन्स में सफलता नहीं मिली।
  • इस अनुभव ने उन्हें परीक्षा पैटर्न और अपनी कमजोरी समझने में मदद की।

दूसरा प्रयास (UPSC 2024)

  • प्रीलिम्स और मेन्स पास करने के बाद इंटरव्यू तक पहुँचे।
  • अंतिम मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आया।
  • यह असफलता उन्हें और अधिक प्रेरित करने वाली साबित हुई।

तीसरा प्रयास (UPSC 2025)

  • पूरी तैयारी और रणनीति के साथ तीसरे प्रयास में राघव ने AIR 4 प्राप्त की।
  • यह दिखाता है कि लगातार प्रयास और सीखना सफलता की कुंजी है।

तैयारी की रणनीति और विषय चयन

विषय: अर्थशास्त्र (Economics)

राघव ने UPSC मेन्स के लिए अर्थशास्त्र को विकल्प विषय के रूप में चुना।

  • यह विषय उनकी अकादमिक ताकत के अनुरूप था।
  • इस विषय में उनकी गहरी समझ ने उनके उत्तरों को स्पष्ट, तार्किक और विश्लेषणात्मक बनाया।

रेलवे में अग्निवीरों के लिए नौकरी के नए अवसर, 5000 पदों पर निकलेगी वैकेंसी

भारतीय सेना और भारतीय रेलवे ने मिलकर एक नए को-ऑपरेशन फ्रेमवर्क की शुरुआत की है, जिसके तहत रिटायर अग्निवीरों को रेलवे में नौकरी दी जाएगी। यह पहल पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को दोबारा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए की गई है। रेल मंत्रालय ने रेलवे में खाली पोस्ट को जल्द-से-जल्द भरने के लिए 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को ‘प्वाइंट्समैन’ के पद पर संविदा आधार पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

इस पहल के तहत, लेवल-1, लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर रिजर्वेशन लागू किया जाएगा। पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को रेलवे में नौकरी देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे ने देश के विभिन्न रेलवे जोन और मंडलों में इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रेलवे में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में पूर्व सैनिकों के लिए 10% आरक्षण और लेवल-1 पदों में 20% आरक्षण दिया जाएगा। पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 5% आरक्षण और लेवल-1 पदों में 10% आरक्षण दिया जाएगा।

वर्ष 2024 और 2025 में अधिसूचित रिक्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 6,485 पद लेवल-1 और 8,303 पद लेवल-2 व उससे ऊपर के शामिल हैं। पॉइंट्समैन पोस्ट एक महत्वपूर्ण पद है, जिसका मुख्य काम ट्रेनों के लिए रेलवे ट्रैक की लाइन बदलने वाले हिस्से को सही दिशा में सेट करना होता है।

इससे पहले भी पूर्व सैनिकों को सीएपीएफ और दिल्ली पुलिस जैसी सेवा में आरक्षण दिया गया है। दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती में 20% आरक्षण तय किया गया है। सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और दिल्ली पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का प्रावधान किया है।

अग्निवीर योजना के तहत, सेना में अग्निवीर की भर्ती होती है। अग्निपथ योजना साल 2022 में 14 जून को लाई गई थी। इसके तहत युवाओं को सेना, नौसेना और वायुसेना में 4 वर्ष के लिए भर्ती किया जाता है। चार साल बाद केवल 25% अग्निवीरों को स्थायी सेवा मिलती है। शेष 75% अग्निवीरों को सेवा मुक्त कर दिया जाता है।

BPSC AEDO परीक्षा 2026 की नई तारीख घोषित: 14 से 21 मार्च के बीच होगी परीक्षा, जानें पूरा शेड्यूल, एडमिट कार्ड अपडेट और ताज़ा जानकारी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (Assistant Education Development Officer – AEDO) भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। पहले स्थगित की गई इस परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा कर दी गई है। आयोग के अनुसार अब BPSC AEDO परीक्षा 14 मार्च से 21 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। यह भर्ती अभियान शिक्षा विभाग में 935 पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है।

करीब 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिसके कारण यह राज्य की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। परीक्षा तिथि में बदलाव के बाद उम्मीदवारों के बीच नई तैयारी रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर।

पहले क्यों स्थगित हुई थी परीक्षा?

BPSC ने पहले AEDO परीक्षा को जनवरी 2026 में आयोजित करने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासनिक कारणों और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते आयोग ने परीक्षा को स्थगित कर दिया था। उस समय आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया था कि नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

परीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी, क्योंकि लाखों उम्मीदवारों ने पहले से तैयारी पूरी कर ली थी। हालांकि अब आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा मार्च के मध्य में आयोजित की जाएगी।

नई परीक्षा तिथि: 14 से 21 मार्च 2026

BPSC द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा निम्नलिखित तिथियों पर आयोजित होगी:

📅 14 मार्च 2026
📅 15 मार्च 2026
📅 17 मार्च 2026
📅 18 मार्च 2026
📅 20 मार्च 2026
📅 21 मार्च 2026

परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाएगी ताकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को सुचारु रूप से परीक्षा दिलाई जा सके।

रीक्षा का संभावित शेड्यूल और शिफ्ट टाइमिंग

आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जा सकती है:

  • प्रथम शिफ्ट: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • द्वितीय शिफ्ट: दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक

परीक्षा में सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा और सामान्य अभिरुचि (General Aptitude) से प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होंगे।

कितने पदों पर हो रही है भर्ती?

BPSC AEDO भर्ती अभियान के तहत कुल 935 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह पद बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं और इनकी जिम्मेदारी जिला एवं प्रखंड स्तर पर शिक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और विकास कार्यों की देखरेख करना है।

एडमिट कार्ड कब जारी होगा?

परीक्षा से लगभग 7 से 10 दिन पहले BPSC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी करेगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड अनिवार्य है
  • एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ ले जाना होगा
  • समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें
  • एडमिट कार्ड में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें

चयन प्रक्रिया क्या है?

BPSC AEDO भर्ती की चयन प्रक्रिया निम्न चरणों में पूरी होगी:

  1. लिखित परीक्षा
  2. दस्तावेज सत्यापन
  3. अंतिम मेरिट सूची

लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

  • प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ (MCQ)
  • कुल अवधि: प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे
  • विषय: सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा, सामान्य अभिरुचि
  • नकारात्मक अंकन: आयोग की अधिसूचना के अनुसार लागू हो सकता है

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

  • नई परीक्षा तिथि के अनुसार तैयारी की रणनीति बनाएं
  • नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें
  • आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें
  • स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का ध्यान रखें

NCERT की कक्षा 8 की विवादित सामाजिक विज्ञान पुस्तक: सीजेआई की आपत्ति के बाद पुनः समीक्षा, बिक्री रोक और बिके 38 प्रतियों की वापसी की कोशिश

नई दिल्ली – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की सोशल साइंस भाग-2 की पाठ्यपुस्तक को विवाद का विषय बनने के बाद वापस बुला लिया है। इसका कारण एक अध्याय था जिसमें न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों, विशेषकर ‘भ्रष्टाचार’ पर चर्चा की गई थी। इस अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कड़ी आपत्ति जताई, जिस पर NCERT ने वितरण रोक दिया और पुस्तक को बाजार से हटा लिया।

विवाद का मूल — ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला अध्याय

पुस्तक का चैप्टर 4, जिसका शीर्षक था “The Role of Judiciary in Our Society”, इसमें न्यायपालिका की भूमिका के साथ न्यायिक प्रणाली द्वारा सामना किए जाने वाले चुनौतियों जैसे लंबित मामलों और भ्रष्टाचार पर भी सामग्री शामिल थी। इस खंड में अदालतों के सामने ठोस मुद्दों के रूप में न्यायाधीशों की संख्या की कमी, प्रक्रियात्मक जटिलताएं और भ्रष्टाचार की बात की गई थी, जिसे पढ़ाने का उद्देश्य था छात्रों को वास्तविकता-आधारित दृष्टिकोण देना।

एनसीईआरटी की इस नई पाठ्यपुस्तक का लक्ष्य था रिमूव प्रभावित सामग्री और स्कूल पाठ्यक्रम को नया रूप देना, लेकिन कोर्ट की आपत्ति के चलते इस प्रक्रिया को रोकना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट में मामला और कड़ी प्रतिक्रिया

इस विवाद ने सुप्रीम कोर्ट तक ध्यान आकर्षित किया, जब वरिष्ठ वकीलों ने इस मुद्दे को कोर्ट में उठाया और सीजेआई सूर्यकांत ने खुद इस पर गंभीर आपत्ति जताई। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि वह “किसी भी व्यक्ति या संस्थान को न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को बदनाम करने की अनुमति नहीं देंगे”। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसे आरोपों से बचाना आवश्यक है जो उसके प्रति आम जनता का विश्वास प्रभावित कर सकते हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि “संस्था को बदनाम नहीं करने देंगे और न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा करेंगे”, और इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की।

NCERT की प्रतिक्रिया और माफी

NCERT ने कोर्ट की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद इस विवादित पाठ्यपुस्तक को बाजार से हटा दिया और एक बयान जारी कर “भूल और अनुचित सामग्री” की पहचान करने की बात कही। संस्थान ने कहा कि यह गलती “पूरी तरह से अनजाने में हुई थी” और उसने जनता से क्षमा भी मांगी। NCERT ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य किसी संवैधानिक संस्था का अपमान करना नहीं था और वह न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखता है।

NCERT ने यह भी कहा कि अब यह अध्याय समीक्षा और पुनर्लेखन के बाद 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पाठ्यक्रम में संतुलित और उपयुक्त सामग्री शामिल की जा सके।

बिके 38 कॉपियों की वापसी की कोशिश

कुल मिलाकर इस किताब की 2.25 लाख प्रतियां छापी गई थीं, लेकिन वितरण के तुरंत बाद ही NCERT ने किताब को वापस बुला लिया। उनमें से केवल 38 प्रतियां ही खरीदी गईं थीं, और एनसीईआरटी अब उन सभी को वापस लेने की कोशिश में है।

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अब तक 16 प्रतियां वापिस आ चुकी हैं, जबकि अन्य खरीदारों से संपर्क करके किताबें वापस लेने की प्रक्रिया जारी है। उन खरीदारों से संपर्क नहीं हो पाने पर बैंक विवरण और यूपीआई आईडी के आधार पर प्रयास किया जा रहा है।

निष्कर्ष और व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह विवाद न केवल स्कूल पाठ्यक्रमों में सामग्री के चयन पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि यह शिक्षा, संवैधानिक संस्थाओं के प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रति सम्मान जैसे विषयों पर भी बहस का कारण बन रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा में वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा होना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि संवैधानिक संस्थानों की भूमिका और प्रतिष्ठा का संतुलित और सम्मानजनक तरीके से वर्णन किया जाए, खासकर जब यह आकांक्षी युवा छात्र पीढ़ी को तैयार कर रहा हो।

UPSC ने CSE 2026 और IFS परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई, अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 और भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 फरवरी 2026 शाम 6:00 बजे तक कर दिया गया है। आयोग के इस फैसले से उन उम्मीदवारों को विशेष लाभ मिलेगा जो तकनीकी समस्याओं या अन्य कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट पर आई तकनीकी दिक्कतें

इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा और भारतीय वन सेवा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की भारी संख्या में रुचि देखने को मिली। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अंतिम तिथि के नजदीक बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन किया, जिससे सर्वर पर दबाव बढ़ गया। परिणामस्वरूप कई छात्रों को वेबसाइट धीमी चलने, पेज लोड न होने या भुगतान प्रक्रिया अटकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर अत्यधिक ट्रैफिक के चलते आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई। अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए UPSC ने स्थिति की समीक्षा की और आवेदन की अंतिम तिथि तीन दिन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

आयोग का मानवीय और पारदर्शी कदम

UPSC का यह कदम न केवल तकनीकी समस्या का समाधान है, बल्कि यह आयोग की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों युवा IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं में जाने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं।

ऐसे में यदि कोई उम्मीदवार केवल तकनीकी कारणों से आवेदन करने से वंचित रह जाए तो यह उसके लिए बड़ा झटका हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अंतिम तिथि बढ़ाकर समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया है।

महत्वपूर्ण तिथियां – UPSC CSE 2026 और IFS 2026

  • अधिसूचना जारी होने की तिथि: 4 फरवरी 2026
  • आवेदन की नई अंतिम तिथि: 27 फरवरी 2026 (शाम 6:00 बजे तक)
  • प्रारंभिक परीक्षा की तिथि: 24 मई 2026

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी संभावित तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

आवेदन प्रक्रिया: कैसे करें UPSC CSE 2026 के लिए अप्लाई

जो उम्मीदवार अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से आवेदन कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाएं।
  2. यदि आपने पहले वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) नहीं किया है, तो पहले OTR प्रक्रिया पूरी करें।
  3. लॉगिन करने के बाद CSE 2026 या IFS 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें।
  4. अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
  5. निर्धारित प्रारूप में फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  6. ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)।
  7. आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले सभी विवरणों की जांच करें।
  8. सबमिशन के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।

पात्रता मानदंड पर दें विशेष ध्यान

आयोग ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि आवेदन करने से पहले वे आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ें। आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, प्रयासों की संख्या और अन्य आवश्यक शर्तों को अच्छी तरह समझ लें। गलत जानकारी देने या पात्रता पूरी न होने की स्थिति में आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

लाखों युवाओं के सपनों से जुड़ी है यह परीक्षा

सिविल सेवा परीक्षा केवल एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि देश की प्रशासनिक व्यवस्था में योगदान देने का माध्यम है। IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयनित अधिकारी देश के विकास, नीति निर्माण और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हर साल लाखों अभ्यर्थी वर्षों की तैयारी के बाद इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में आवेदन की तिथि बढ़ने से उन उम्मीदवारों को विशेष राहत मिली है जो अंतिम समय में तकनीकी कारणों से परेशान थे।

5 Toughest Competitive Exams in India: जिन्हें पास करना है सबसे बड़ी चुनौती

भारत में उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित सरकारी या कॉरपोरेट नौकरियों की राह अक्सर कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं से होकर गुजरती है। हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को साकार करने के लिए इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन सफल वही हो पाते हैं जो अनुशासन, रणनीति, निरंतर अभ्यास और मानसिक मजबूती के साथ तैयारी करते हैं। कुछ परीक्षाएं ऐसी हैं जिनका सिलेबस व्यापक, चयन प्रक्रिया बहु-स्तरीय और प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होती है। इन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है।

यहां हम भारत की 5 सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं—उनकी संरचना, चयन प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धा का स्तर और सफलता के लिए जरूरी रणनीति के साथ।

1. JEE Advanced: IIT का सपना और कठिनतम चुनौती

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैं। इन संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को JEE Advanced परीक्षा पास करनी होती है, जो देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है।

परीक्षा संरचना – JEE Advanced दो पेपरों में आयोजित की जाती है, जिनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का पैटर्न हर साल बदल सकता है—कभी मल्टीपल करेक्ट ऑप्शन, कभी न्यूमेरिकल वैल्यू आधारित प्रश्न—जिससे अनिश्चितता बनी रहती है।

कठिनाई का स्तर

  • कॉन्सेप्ट आधारित गहरे प्रश्न
  • समय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा
  • नेगेटिव मार्किंग
  • उच्च स्तर की तार्किक सोच की आवश्यकता

हर साल लगभग 2 लाख छात्र JEE Advanced में बैठते हैं, लेकिन सीटें सीमित होती हैं। सफलता दर बेहद कम होती है, जिससे यह परीक्षा और भी चुनौतीपूर्ण बन जाती है।

तैयारी रणनीति

  • NCERT की मजबूत पकड़
  • कॉन्सेप्ट क्लियरिटी पर फोकस
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास
  • मॉक टेस्ट के जरिए टाइम मैनेजमेंट

2. UPSC Civil Services Examination: प्रशासनिक सेवा की सबसे कठिन राह

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षा मानी जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से IAS, IPS, IFS सहित कई उच्च प्रशासनिक सेवाओं में चयन होता है।

परीक्षा के तीन चरण

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) – वस्तुनिष्ठ प्रश्न
  2. मुख्य परीक्षा (Mains) – वर्णनात्मक प्रश्न
  3. व्यक्तित्व परीक्षण (Interview)

हर वर्ष लगभग 10-12 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं, लेकिन अंतिम चयन कुछ सौ उम्मीदवारों का ही होता है।

क्यों है यह इतनी कठिन?

  • विशाल और विविध सिलेबस
  • करंट अफेयर्स की गहरी समझ
  • विश्लेषणात्मक लेखन क्षमता
  • मानसिक और भावनात्मक संतुलन

सफलता के मंत्र

  • नियमित समाचार पत्र अध्ययन
  • उत्तर लेखन का अभ्यास
  • वैकल्पिक विषय का सही चयन
  • निरंतर पुनरावृत्ति

UPSC केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल की भी परीक्षा लेती है।


3. NEET: डॉक्टर बनने की कठिन परीक्षा

मेडिकल और डेंटल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित NEET परीक्षा भी भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शामिल है। यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती है और इसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं।

परीक्षा पैटर्न

  • विषय: बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री
  • कुल 720 अंक
  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

बायोलॉजी का वेटेज सबसे अधिक होता है, लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री के कठिन प्रश्न छात्रों को चुनौती देते हैं।

प्रतिस्पर्धा का स्तर

हर साल 20 लाख से अधिक छात्र NEET में बैठते हैं, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित होती हैं।

तैयारी के लिए सुझाव

  • NCERT बायोलॉजी की गहन पढ़ाई
  • नियमित मॉक टेस्ट
  • फिजिक्स के कॉन्सेप्ट पर विशेष ध्यान
  • समयबद्ध अभ्यास

NEET में सफलता के लिए धैर्य, निरंतर अभ्यास और सटीक रणनीति आवश्यक है।


4. SSC CGL: सरकारी नौकरी की प्रतिस्पर्धी परीक्षा

ग्रेजुएट युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा माध्यम है SSC CGL परीक्षा। इसके जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाती हैं।

परीक्षा के चरण

  • टियर-1 (ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ)
  • टियर-2 (मुख्य परीक्षा)
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

विषय

  • सामान्य ज्ञान
  • गणित
  • रीजनिंग
  • अंग्रेजी

कठिनाई क्यों?

हालांकि सिलेबस सीमित लगता है, लेकिन प्रतियोगिता बेहद कड़ी होती है। लाखों छात्र हर साल इस परीक्षा में बैठते हैं, जबकि चयन प्रतिशत बहुत कम होता है।

सफलता की रणनीति

  • बेसिक गणित और रीजनिंग मजबूत करना
  • करंट अफेयर्स की तैयारी
  • पिछले प्रश्नपत्रों का विश्लेषण
  • स्पीड और एक्यूरेसी पर काम

SSC CGL उन छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है जो स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी चाहते हैं।


5. Common Admission Test: IIM में प्रवेश की कठिन कसौटी

मैनेजमेंट क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए CAT परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस परीक्षा के जरिए IIM और अन्य शीर्ष बिजनेस स्कूलों में MBA/PGDM कोर्स में प्रवेश मिलता है।

परीक्षा संरचना

  • वर्बल एबिलिटी और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन
  • डेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग
  • क्वांटिटेटिव एबिलिटी

CAT का पेपर समयबद्ध और सेक्शन-वाइज होता है, जिससे छात्रों को रणनीतिक ढंग से प्रश्न हल करने होते हैं।

कठिनाई का स्तर

  • उच्च स्तरीय लॉजिकल प्रश्न
  • सीमित समय में अधिक प्रश्न
  • प्रतिशताइल आधारित मूल्यांकन

सफलता के टिप्स

  • मॉक टेस्ट का नियमित अभ्यास
  • डेटा एनालिसिस की क्षमता विकसित करना
  • रीडिंग हैबिट बढ़ाना
  • समय प्रबंधन की कला सीखना

CAT में सफलता केवल ज्ञान नहीं, बल्कि तेज सोच और सटीक निर्णय क्षमता पर निर्भर करती है।


क्यों कठिन हैं ये परीक्षाएं?

इन सभी परीक्षाओं की कुछ समान विशेषताएं हैं जो इन्हें कठिन बनाती हैं:

  • भारी प्रतिस्पर्धा – लाखों उम्मीदवार, सीमित सीटें
  • विस्तृत सिलेबस – बहु-विषयक अध्ययन
  • बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया
  • उच्च मानसिक दबाव
  • लंबी तैयारी अवधि

इन परीक्षाओं में सफलता केवल बुद्धिमत्ता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन पर भी आधारित होती है।

स्मार्ट राशन वितरण और एआई आधारित संवाद: भारत की जनकल्याणकारी योजनाओं में तकनीकी क्रांति

भारत में जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। हाल ही में आयोजित AI India Impact Summit में दो अत्याधुनिक तकनीकों – “अन्नपूर्णा” (स्मार्ट पीडीएस मशीन) और “आशा” (एआई संचालित वॉयस सिस्टम) – ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन दोनों नवाचारों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और सरकारी सर्वे प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज़ और भरोसेमंद बनाना है।


अन्नपूर्णा: सटीक और पारदर्शी राशन वितरण की स्मार्ट मशीन

“अन्नपूर्णा” एक उन्नत स्मार्ट मशीन है, जिसे विशेष रूप से पीडीएस दुकानों के लिए विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न सटीकता के साथ उपलब्ध कराना है।

यह मशीन स्वचालित रूप से तय मात्रा में अनाज वितरित करती है, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना समाप्त हो जाती है। पारंपरिक प्रणाली में अक्सर वजन की गड़बड़ी, हेराफेरी या अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अन्नपूर्णा मशीन इन समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है।

इसमें लगी डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वितरण से संबंधित सभी आंकड़े रियल-टाइम में दर्ज और प्रदर्शित होते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लीकेज को रोका जा सकता है।

समिट के दौरान इसके डेमो में दिखाया गया कि यह मशीन कम समय में अधिक संख्या में लाभार्थियों को सेवा देने में सक्षम है। इससे पीडीएस दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी और वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी।


आशा: संवाद को आसान बनाने वाला एआई आधारित वॉयस सिस्टम

“आशा” एक अत्याधुनिक एआई संचालित वॉयस प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य नागरिकों और सरकारी तंत्र के बीच संवाद को मजबूत बनाना है।

यह सिस्टम राशन वितरण के 24 से 48 घंटे के भीतर लाभार्थियों को फोन कॉल करता है। खास बात यह है कि यह स्थानीय भाषाओं में बातचीत करने में सक्षम है और स्पीच-टू-टेक्स्ट तकनीक का उपयोग करता है।

आशा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी “इंटेलिजेंट इंटेंट डिटेक्शन” क्षमता है, जो लाभार्थी की बात को समझकर स्वतः अगला प्रश्न तैयार करती है या आवश्यक कार्रवाई का सुझाव देती है। इससे सर्वेक्षण और फीडबैक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बन जाती है।

डेमो के दौरान यह भी दिखाया गया कि आशा लाभार्थियों को उनके नाम से संबोधित करती है, उनका अभिवादन करती है और फिर सहज संवाद के माध्यम से आवश्यक जानकारी एकत्रित करती है। इससे न केवल सरकारी सर्वे की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि नागरिकों को भी यह महसूस होता है कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है।


जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ा बदलाव

AI India Impact Summit में प्रदर्शित इन तकनीकों ने यह साबित कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत की सार्वजनिक योजनाओं को नई दिशा दे सकता है।

  • अन्नपूर्णा राशन वितरण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगी।
  • आशा नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद की खाई को पाटेगी।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इन तकनीकों का प्रभाव समान रूप से देखा जा सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।


India AI Impact Summit 2026: बिहार को ₹468 करोड़ का निवेश, IIT पटना में बनेगा रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit & Expo 2026 के दौरान बिहार सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने कुल 468 करोड़ के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिसर्च, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इनोवेशन को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और हजारों युवाओं को हाई-टेक स्किल ट्रेनिंग मिलेगी।

IIT पटना में बनेगा 250 करोड़ का रिसर्च पार्क

सबसे बड़ा समझौता IIT Patna में ₹250 करोड़ के रिसर्च पार्क की स्थापना को लेकर हुआ है। यह पार्क शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु का कार्य करेगा।

रिसर्च पार्क में स्थापित होंगी:

  • एआई और मशीन लर्निंग लैब
  • स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर
  • इंडस्ट्री-एकेडमिक कोलैबोरेशन हब
  • हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर

इस पहल से बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी और रिसर्च हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

60 करोड़ का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बिहार सरकार ने 60 करोड़ की लागत से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इसमें Tiger Analytics उद्योग साझेदार और IIT Patna शैक्षणिक सहयोगी होंगे।

यह सेंटर:

  • युवाओं को डेटा साइंस और एआई में प्रशिक्षण देगा
  • एग्रीटेक, हेल्थटेक और ई-गवर्नेंस समाधान विकसित करेगा
  • स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में 50,000 से अधिक युवाओं को एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जाए।

पटना में CIPL का कोर डेवलपमेंट सेंटर

Corporate Infotech Pvt Ltd (CIPL) ने बिहार सरकार के साथ समझौता कर पटना में कोर डेवलपमेंट सेंटर और एआई हब स्थापित करने की घोषणा की है।

इस परियोजना के तहत:

  • SAP आधारित एंटरप्राइज सॉल्यूशंस
  • क्लाउड कंप्यूटिंग
  • साइबर सुरक्षा
  • डेटा सेंटर सेवाएं

विकसित की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में इस परियोजना से लगभग 2000 आईटी पेशेवरों को रोजगार मिलने की संभावना है।

अन्य कंपनियों से भी निवेश

बिहार सरकार ने निम्न कंपनियों के साथ भी निवेश समझौते किए हैं:

  • Red Cyber – 103 करोड़
  • GrowQR – 30 करोड़

इन निवेशों से राज्य में साइबर सुरक्षा, फिनटेक और डिजिटल पेमेंट सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

नई आईटी नीतियों का प्रभाव

बिहार सरकार ने हाल ही में कई नई नीतियाँ लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Bihar GCC Policy 2026
  • Bihar Semiconductor Policy 2026
  • Bihar IT Policy 2024

इन नीतियों के तहत निवेशकों को टैक्स छूट, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब केवल श्रम आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान आधारित और डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ेगा। आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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JEE Main 2026 Result: National Testing Agency ने जारी किया सेशन-1 का परिणाम, 12 छात्रों ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल, श्रेयस मिश्रा टॉपर

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक JEE Main 2026 के सेशन-1 का परिणाम आखिरकार जारी कर दिया गया है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था National Testing Agency (NTA) ने आधिकारिक वेबसाइट National Testing Agency के पोर्टल jeemain.nta.nic.in पर स्कोरकार्ड अपलोड कर दिए हैं। लंबे समय से लाखों छात्र-छात्राएं अपने परिणाम का इंतजार कर रहे थे। परिणाम घोषित होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखा गया।

जारी किए गए नतीजों के अनुसार इस बार कुल 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। इनमें श्रेयस मिश्रा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। परीक्षा परिणाम के साथ ही टॉप 10 छात्रों की सूची भी जारी कर दी गई है, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर साफ झलकता है।


100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले 12 छात्र

इस वर्ष JEE Main 2026 सेशन-1 में 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले छात्रों की संख्या 12 रही। यह उपलब्धि दर्शाती है कि देशभर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और कड़ी मेहनत के साथ छात्र सर्वोच्च अंक हासिल कर रहे हैं।

टॉपर्स की सूची में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  1. श्रेयस मिश्रा
  2. नरेन्द्रबाबू गारी महित
  3. शुभम कुमार
  4. कबीर छिल्लर
  5. चिरंजीब कर
  6. भावेष पात्र
  7. अनय जै
  8. अर्नव गौत
  9. पासाला मोहित
  10. माधव विराड़िया

इन छात्रों ने न केवल 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किया बल्कि देशभर के लाखों परीक्षार्थियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।


रिजल्ट से पहले जारी हुई फाइनल आंसर की

परिणाम घोषित करने से एक दिन पहले, यानी 16 फरवरी 2026 को National Testing Agency ने JEE Main 2026 सेशन-1 की फाइनल आंसर की जारी की थी। NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया कि उम्मीदवार वेबसाइट से पीडीएफ डाउनलोड कर अपने प्रश्नों के उत्तर सत्यापित कर सकते हैं।

इस बार परीक्षा में पूछे गए 9 प्रश्नों को हटा दिया गया। जिन प्रश्नों को हटाया गया, उनके अंक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अभ्यर्थियों को दिए गए। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद छात्रों को अपने संभावित स्कोर का अंदाजा हो गया था, जिसके बाद सभी की नजरें रिजल्ट पर टिक गई थीं।


13 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा

JEE Main 2026 के पेपर-1 (BE/BTech) में इस बार कुल 13,04,653 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। यह संख्या दर्शाती है कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

जेंडर के आधार पर आंकड़े:

  • पुरुष परीक्षार्थी: 8,55,085
  • महिला परीक्षार्थी: 4,49,568

कैटेगरी के अनुसार उपस्थिति:

  • सामान्य वर्ग: 4,52,825
  • ओबीसी-एनसीएल: 5,17,336
  • ईडब्ल्यूएस: 1,60,958
  • एससी: 1,29,902
  • एसटी: 43,632

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विभिन्न सामाजिक वर्गों से बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए, जो उच्च शिक्षा में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।


कैसे करें JEE Main 2026 सेशन-1 का रिजल्ट डाउनलोड?

जो अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित आसान स्टेप्स फॉलो करें:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर “JEE Main 2026 Session-1 Result” लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना Application Number और Password/Date of Birth दर्ज करें।
  4. स्क्रीन पर दिख रहे Security Code को भरें।
  5. लॉगिन बटन पर क्लिक करें।
  6. आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  7. इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

स्कोरकार्ड में उम्मीदवार का पर्सेंटाइल स्कोर, ऑल इंडिया रैंक (जब जारी होगी), कैटेगरी रैंक और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज होती है।


पर्सेंटाइल सिस्टम को समझें

JEE Main में पर्सेंटाइल स्कोर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के आधार पर तय किया जाता है। परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाती है, इसलिए कठिनाई स्तर में अंतर को संतुलित करने के लिए यह प्रणाली लागू की जाती है। 100 पर्सेंटाइल का अर्थ है कि उम्मीदवार ने अपनी शिफ्ट में सभी परीक्षार्थियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।


आगे क्या?

JEE Main के दो सेशन होते हैं। सेशन-1 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्र सेशन-2 की तैयारी में जुट जाएंगे। अंतिम ऑल इंडिया रैंक दोनों सेशनों के सर्वश्रेष्ठ स्कोर के आधार पर तय की जाएगी। इसके बाद JEE Advanced के लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी होगी।

CBSE Board Exam 2026 Live Updates: सुबह 10 बजे बंद होगा एंट्री गेट, जानें आज की पूरी परीक्षा शेड्यूल और जरूरी दिशा-निर्देश

नई दिल्ली: देशभर में लाखों विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। Central Board of Secondary Education (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2026 आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। परीक्षा के पहले ही दिन बोर्ड ने छात्रों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 10 बजे तक ही मिलेगा। इसके बाद किसी भी छात्र को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सुरक्षा, समय-प्रबंधन, दो-परीक्षा प्रणाली और सुधार (इम्प्रूवमेंट) के अवसर को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बोर्ड ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, तनावमुक्त और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं।

नीचे हम आपको आज की परीक्षा का पूरा शेड्यूल, एंट्री नियम, जरूरी निर्देश, नई दो-परीक्षा प्रणाली की पूरी जानकारी, और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह विस्तार से बता रहे हैं।


सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री

CBSE ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे।

  • परीक्षा का समय सामान्यतः सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा।
  • छात्रों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम 30-45 मिनट पहले केंद्र पर पहुंच जाएं।
  • 10 बजे के बाद आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे कारण कुछ भी हो।

यह नियम इसलिए सख्ती से लागू किया गया है ताकि प्रश्नपत्र वितरण, उपस्थिति प्रक्रिया और सुरक्षा जांच सुचारू रूप से पूरी की जा सके।


आज की परीक्षा का पूरा शेड्यूल

आज बोर्ड परीक्षा के पहले दिन विभिन्न विषयों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित हैं।

कक्षा 10वीं

  • पहला पेपर: प्रमुख विषय (जैसे हिंदी, अंग्रेजी या क्षेत्रीय भाषा)
  • समय: 10:30 AM से 1:30 PM
  • प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट (10:15 से 10:30)

कक्षा 12वीं

  • पहले दिन वैकल्पिक और मुख्य विषयों की परीक्षा
  • समय वही: 10:30 AM से 1:30 PM

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपना एडमिट कार्ड पर अंकित विषय और केंद्र का नाम ध्यान से जांच लें।


दो-परीक्षा प्रणाली: क्या है नई व्यवस्था?

CBSE ने 2026 से कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है। इसका उद्देश्य छात्रों को एक अतिरिक्त अवसर देना है ताकि वे अपने अंकों में सुधार कर सकें।

लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:

  • पहली परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
  • छात्र पहली परीक्षा छोड़कर सीधे दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते।
  • दूसरी परीक्षा केवल सुधार (Improvement) के लिए है।

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में कम से कम तीन मुख्य विषयों में शामिल नहीं होता, तो उसे दूसरी परीक्षा का अवसर नहीं मिलेगा और उसे अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में बैठना होगा।


परीक्षा केंद्र पर क्या-क्या ले जाना जरूरी है?

छात्रों को निम्नलिखित चीजें साथ ले जानी अनिवार्य हैं:

✔️ एडमिट कार्ड (मूल प्रति)
✔️ स्कूल आईडी कार्ड
✔️ पारदर्शी पेन-पेंसिल बॉक्स
✔️ नीला/काला पेन
✔️ पेंसिल, रबर, स्केल


क्या ले जाना सख्त मना है?

❌ मोबाइल फोन
❌ स्मार्टवॉच
❌ ब्लूटूथ डिवाइस
❌ कैलकुलेटर (जब तक अनुमति न हो)
❌ किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट

यदि कोई छात्र प्रतिबंधित वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसे अनुचित साधन (Unfair Means) के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है।

  • सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
  • फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती की गई है।
  • प्रश्नपत्र वितरण की डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है।
  • संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बोर्ड का उद्देश्य नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना है।


छात्रों के लिए बोर्ड की विशेष सलाह

CBSE ने छात्रों को परीक्षा को लेकर घबराने से बचने और शांत मन से पेपर देने की सलाह दी है।

परीक्षा से पहले:

  • रात में पर्याप्त नींद लें
  • हल्का और पौष्टिक भोजन करें
  • एडमिट कार्ड पहले से तैयार रखें

परीक्षा के दौरान:

  • पहले प्रश्नपत्र पूरा पढ़ें
  • समय का सही विभाजन करें
  • जिन प्रश्नों का उत्तर अच्छी तरह आता है, उन्हें पहले हल करें

परीक्षा के बाद:

  • अगले पेपर की तैयारी पर ध्यान दें
  • पिछले पेपर को लेकर तनाव न लें

अभिभावकों की भूमिका

बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें।

  • सकारात्मक माहौल बनाए रखें
  • तुलना करने से बचें
  • बच्चों का मनोबल बढ़ाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के समय मानसिक समर्थन उतना ही जरूरी है जितना शैक्षणिक तैयारी।


सुधार परीक्षा का पूरा प्रावधान

जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल होते हैं और अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते, उन्हें सुधार परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

  • अधिकतम 3 विषयों में सुधार का मौका
  • बेहतर अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे
  • सुधार परीक्षा का शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा

यह व्यवस्था छात्रों को तनाव से राहत देने और बेहतर परिणाम का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।


मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता

CBSE ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

  • डिजिटल मार्किंग सिस्टम
  • डबल वैरिफिकेशन
  • मॉडरेशन नीति में सुधार

छात्रों को परिणाम जारी होने के बाद उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का विकल्प भी मिलेगा।


परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश

हालांकि कोविड जैसी स्थिति अब सामान्य हो चुकी है, फिर भी बोर्ड ने स्वास्थ्य सावधानियों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • बीमार होने पर तुरंत सुपरवाइजर को सूचित करें
  • पानी की पारदर्शी बोतल साथ रखें
  • आवश्यक दवाइयों की जानकारी पहले से दें

विशेषज्ञों की राय: दो परीक्षा प्रणाली का प्रभाव

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई प्रणाली छात्रों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

फायदे:

  • तनाव कम होगा
  • बेहतर प्रदर्शन का दूसरा अवसर
  • प्रतिशत सुधारने का मौका

सावधानी:

  • पहली परीक्षा को हल्के में न लें
  • दूसरी परीक्षा को बैकअप न समझें

संभावित चुनौतियां

नई व्यवस्था के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं:

  • परीक्षा कैलेंडर लंबा होना
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में समय
  • स्कूलों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव

हालांकि बोर्ड का कहना है कि वह सभी व्यवस्थाओं के लिए पूरी तरह तैयार है।


परिणाम कब आएंगे?

CBSE के अनुसार:

  • पहली परीक्षा का परिणाम मई-जून तक जारी किया जा सकता है
  • सुधार परीक्षा के बाद अंतिम परिणाम अपडेट होगा

छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से देख सकेंगे।


छात्रों के लिए मोटिवेशनल संदेश

बोर्ड परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण चरण है।

  • अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे भविष्य की एकमात्र पहचान नहीं हैं।
  • आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास सफलता की कुंजी है।
  • सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें।

JPSC CCE 2026: झारखंड सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 20 फरवरी तक करें अप्लाई

झारखंड में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Jharkhand Public Service Commission (जेपीएससी) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 20 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 21 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।

पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 फरवरी तय की गई थी, लेकिन अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने समयसीमा में विस्तार किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य की विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं में कुल 103 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

103 पदों पर होगी भर्ती

इस परीक्षा के जरिए झारखंड सरकार की विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), वित्त एवं लेखा सेवा सहित अन्य प्रशासनिक पद शामिल हैं। राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन पदों पर चयन के लिए हजारों अभ्यर्थी हर वर्ष आवेदन करते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • आवेदन की नई अंतिम तिथि: 20 फरवरी 2026
  • परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 21 फरवरी 2026
  • कुल पदों की संख्या: 103

कैसे करें आवेदन?

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रणाली के तहत संपन्न होगी। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

  1. सबसे पहले जेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. Civil Services Examination 2026 से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड करें और पात्रता, आयु सीमा व पदों की जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  3. नया रजिस्ट्रेशन करें (यदि पहले से OTR नहीं किया है)।
  4. लॉगिन कर आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज, हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपलोड करें।
  6. निर्धारित आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करें।
  7. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य

आवेदन प्रक्रिया वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों की मूल जानकारी को एक बार दर्ज कर भविष्य की परीक्षाओं के लिए संरक्षित रखना है। इससे बार-बार व्यक्तिगत विवरण भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती और आवेदन प्रक्रिया सरल हो जाती है।

जेपीएससी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले विस्तृत विज्ञापन और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। किसी भी प्रकार की तकनीकी या अन्य जानकारी के लिए आयोग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9431301636 और 9431301419 पर कार्य दिवसों में संपर्क किया जा सकता है।


चयन प्रक्रिया: तीन चरणों में होगी परीक्षा

झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाएगी:

  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  • मुख्य परीक्षा (Mains)
  • साक्षात्कार (Interview)

1. प्रारंभिक परीक्षा

यह वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार की परीक्षा होती है, जिसमें सामान्य अध्ययन से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा केवल क्वालिफाइंग प्रकृति की होती है और इसके आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

2. मुख्य परीक्षा

मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक (Descriptive) होती है, जिसमें उम्मीदवार की विश्लेषण क्षमता, विषय की गहराई और अभिव्यक्ति कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें विभिन्न विषयों पर विस्तृत उत्तर लिखने होते हैं।

3. साक्षात्कार

मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। इस चरण में उम्मीदवार के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और प्रशासनिक समझ का आकलन किया जाता है।

अंतिम चयन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेरिट सूची के अनुसार किया जाता है।

Aerospace Engineering बन रही पहली पसंद: जानें सैलरी और करियर स्कोप

Aerospace Engineering: इंजीनियरिंग की दुनिया में लंबे समय तक कंप्यूटर साइंस (CS) का दबदबा रहा है। लेकिन अब स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन, डिफेंस और एविएशन इंडस्ट्री में तेजी से हो रही प्रोग्रेस ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग को भी स्टूडेंट्स की पहली पसंद बना दिया है। जानें कि एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्या है और करियर व सैलरी कितनी होती है।

Aerospace Engineering क्या है ?

Aerospace Engineering वह ब्रांच है जिसमें हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, रॉकेट और सैटेलाइट जैसी उड़ने वाली मशीनों को डिजाइन, बनाना और टेस्ट करना सिखाया जाता है। इसके दो मुख्य पार्ट हैं: Aeronautical Engineering और Astronautical Engineering। इस क्षेत्र में एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर, रॉकेट साइंस, कंट्रोल सिस्टम और Aerodynamics जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं।

CS से आगे Aerospace

भारत सहित कई देश स्पेस मिशन में भारी निवेश कर रहे हैं। प्राइवेट कंपनियां जैसे SpaceX, Blue Origin और भारत में Skyroot नई संभावनाएं खोल रही हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिफेंस और एविएशन इंडस्ट्री में एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। पहले एयरोस्पेस में ज्यादातर सरकारी नौकरियां थीं, लेकिन अब प्राइवेट सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

करियर स्कोप और सैलरी

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के बाद स्टूडेंट्स को ISRO, DRDO, HAL, एयरलाइंस कंपनियों और प्राइवेट स्पेस कंपनियों में नौकरी मिलती है। शुरुआती सैलरी लगभग 5 से 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष होती है। अनुभव और स्किल बढ़ने पर सैलरी काफी ज्यादा बढ़ सकती है।

टॉप कॉलेज

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने के लिए सही कॉलेज का चयन बहुत जरूरी है। भारत के पॉपुलर इंस्टीट्यूट्स में शामिल हैं:

  • IIT मद्रास
  • IIT कानपुर
  • IIT बॉम्बे
  • IISc बैंगलोर
  • IIST तिरुवनंतपुरम

सरकार की AI for All स्कीम: घर बैठे फ्री में करें 6 AI कोर्स

AI for All Scheme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब हर फील्ड में तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस, मेडिकल और खेल तक में AI का इस्तेमाल हो रहा है। सरकार ने युवाओं और स्टूडेंट्स के लिए AI for All Scheme शुरू की है, जिसके तहत आप घर बैठे फ्री में AI से जुड़े कोर्स कर सकते हैं।

स्वयं पोर्टल (SWAYAM Portal) पर IIT मद्रास प्रेरणा प्रोग्राम के जरिए ये कोर्स उपलब्ध हैं। ये फ्री हैं और इनमें क्रेडिट भी मिलता है, जो पढ़ाई और करियर में काम आ सकता है।

AI for All स्कीम क्या है?

इस स्कीम का मकसद युवाओं को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ना है। इसमें छात्रों, शिक्षकों और कामकाजी लोगों को AI की बेसिक और एडवांस जानकारी दी जाती है। स्कीम में 6 कोर्स उपलब्ध हैं।

AI for All स्कीम के फ्री कोर्स

कोर्स का नामसमयभाषाफीस
AI / ML using Python36 घंटेहिंदीफ्री
क्रिकेट एनालिटिक्स और AI25 घंटेहिंदीफ्री
AI फॉर एजुकेटर्स40 घंटेहिंदीफ्री
AI इन फिजिक्स45 घंटेहिंदीफ्री
AI इन केमिस्ट्री45 घंटेहिंदीफ्री
AI इन एकाउंटिंग45 घंटेहिंदीफ्री

कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाता है?

  • AI इन एकाउंटिंग: Python और डेटा एनालिसिस के जरिए अकाउंटिंग और फाइनेंस में AI का इस्तेमाल।
  • AI इन केमिस्ट्री: रासायनिक प्रक्रियाएं, दवा बनाना और भविष्यवाणी करना।
  • AI इन फिजिक्स: मशीन लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क से फिजिक्स समस्याओं का समाधान।
  • AI फॉर एजुकेटर्स: टीचर्स के लिए पढ़ाने के नए तरीके, डिजिटल टूल्स और AI से आसान पढ़ाई।
  • क्रिकेट एनालिटिक्स और AI: खेल डेटा एनालिसिस और रिपोर्टिंग।
  • AI / ML using Python: बेसिक से एडवांस तक AI और मशीन लर्निंग।

AI फॉर एजुकेटर्स कोर्स

शिक्षकों के लिए खास कोर्स, ताकि AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करके पढ़ाई आसान और असरदार बन सके।

AI for Educators

  • Module 1: Generative AI टूल्स और डिजिटल पढ़ाने की तकनीक।
  • Module 2: गेम और एक्टिविटी से पढ़ाई मजेदार बनाना।
  • Module 3: AI से लेसन प्लान, क्विज और असेसमेंट तैयार करना।
  • Module 4: Canva, Animation, AR और VR जैसे टूल्स का इस्तेमाल।
  • Module 5: एग्जाम के काम जैसे सवाल बनाना और OMR शीट जांचना।
  • Module 6: Physics, Accounting और Chemistry में AI का सही इस्तेमाल।
  • Module 7: अलग-अलग बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बनाने की तकनीक।
  • Module 8: Google Meet, Zoom और Otter.ai का सही इस्तेमाल।

इस कोर्स को करने के बाद टीचर्स स्मार्ट क्लास चला सकते हैं, रिपोर्ट और पेपर जल्दी तैयार कर सकते हैं, जिससे प्रोफाइल मजबूत होती है और प्रमोशन या नई नौकरी के अवसर बढ़ते हैं।

IIITM ग्वालियर में Google समेत टॉप कंपनियों में प्लेसमेंट, मिला 67.5 लाख का पैकेज

IIITM Gwalior Admission: IIITM ग्वालियर एक सरकारी इंस्टीट्यूट है, जहां कंप्यूटर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई कराई जाती है। स्टूडेंट्स टेक्नोलॉजी के साथ बिजनेस स्किल भी सीखते हैं। यह कॉलेज अपनी मॉडर्न फैसिलिटी, बेहतरीन पढ़ाई और शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है। Google, Amazon और अन्य टॉप कंपनियां प्लेसमेंट ऑफर देने आती हैं।

IIITM Gwalior Admission: एडमिशन प्रोसेस

BTech में एडमिशन के लिए JEE Main पास करना आवश्यक है, फिर JoSAA/CSAB काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट होती है। MTech के लिए GATE स्कोर ज़रूरी है। MBA में प्रवेश के लिए CAT एग्जाम क्लियर करना होता है।

IIITM Gwalior Fees: फीस स्ट्रक्चर

BTech की सालाना फीस लगभग ₹1,50,250 है, जिसमें ट्यूशन, हॉस्टल और मेस चार्ज शामिल हैं। MBA की फीस लगभग ₹1,51,250 प्रति वर्ष और MTech की फीस ₹1,32,250 है।

IIITM Gwalior Fees Structure 2024-25 देखें

IIITM Gwalियर Placement Details: प्लेसमेंट डिटेल्स

IIITM ग्वालियर का प्लेसमेंट रिकॉर्ड बेहतरीन है। हर साल नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियां स्टूडेंट्स को नौकरी के अवसर देती हैं। ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल स्टूडेंट्स को इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और टेक्निकल टेस्ट के लिए तैयार करता है।

2025 में BTech ब्रांच के स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज ₹67.5 लाख था। टॉप कंपनियों में Google, Amazon, Microsoft, Deloitte, और Goldman Sachs शामिल हैं। प्लेसमेंट रेट लगभग 97.76% है।

नोट: स्टूडेंट्स को एडमिशन, फीस और प्लेसमेंट के लिए कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट और नोटिफिकेशन चेक करना चाहिए।

टॉप 100 GK के सवाल और उनके जवाब – बच्चों के लिए सामान्य ज्ञान

Top 100 GK Questions for Kids: सामान्य ज्ञान बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। इससे वे अपने आसपास की दुनिया, देश-दुनिया, विज्ञान, इतिहास और खेल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सीखते हैं। जनरल नॉलेज पढ़ने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्हें मदद मिलती है। आइए जानते हैं 100 महत्वपूर्ण GK सवाल और उनके जवाब।

भारत से जुड़े सामान्य ज्ञान के सवाल

  1. भारत की राजधानी क्या है?
    नई दिल्ली
  2. भारत का राष्ट्रीय पशु कौन है?
    बाघ
  3. भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है?
    मोर
  4. भारत का राष्ट्रीय फूल कौन सा है?
    कमल
  5. भारत का राष्ट्रीय खेल किसे माना जाता है?
    हॉकी
  6. भारत का राष्ट्रीय गान कौन सा है?
    जन गण मन
  7. भारत का राष्ट्रीय गीत क्या है?
    वंदे मातरम्
  8. भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है?
    गंगा
  9. पृथ्वी को किस नाम से जाना जाता है?
    नीला ग्रह
  10. सूर्य किस दिशा से उगता है?
    पूर्व

विश्व से जुड़े GK सवाल

  1. दुनिया का सबसे बड़ा देश कौन सा है?
    रूस
  2. सबसे छोटा देश कौन सा है?
    वेटिकन सिटी
  3. दुनिया की सबसे लंबी नदी कौन सी है?
    नील नदी
  4. दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत कौन सा है?
    माउंट एवरेस्ट
  5. अमेरिका की राजधानी क्या है?
    वॉशिंगटन डी.सी.
  6. चीन की राजधानी क्या है?
    बीजिंग
  7. जापान की राजधानी क्या है?
    टोक्यो
  8. चांद पर कदम रखने वाला पहला व्यक्ति कौन था?
    नील आर्मस्ट्रॉन्ग
  9. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई?
    1945
  10. पृथ्वी पर कितने महाद्वीप हैं?
    7

विज्ञान से जुड़े सवाल

  1. पानी का रासायनिक सूत्र क्या है?
    H₂O
  2. मनुष्य के शरीर में कितनी हड्डियां होती हैं?
    206
  3. सबसे बड़ा ग्रह कौन सा है?
    बृहस्पति
  4. सबसे छोटा ग्रह कौन सा है?
    बुध
  5. बल्ब का आविष्कार किसने किया?
    थॉमस एडिसन
  6. टेलीफोन का आविष्कार किसने किया?
    अलेक्जेंडर ग्राहम बेल

इतिहास से जुड़े प्रश्न

  1. भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?
    जवाहरलाल नेहरू
  2. भारत को आजादी कब मिली?
    1947
  3. ताजमहल किसने बनवाया?
    शाहजहां
  4. जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?
    1919
  5. भारत के पहले राष्ट्रपति कौन थे?
    डॉ. राजेंद्र प्रसाद

खेल और अन्य महत्वपूर्ण सवाल

  1. क्रिकेट टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?
    11
  2. ओलंपिक खेल कितने साल में आयोजित होते हैं?
    4 साल
  3. भारत ने पहला क्रिकेट विश्व कप कब जीता?
    1983
  4. किस ग्रह को लाल ग्रह कहा जाता है?
    मंगल
  5. हवा में सबसे अधिक पाई जाने वाली गैस कौन सी है?
    नाइट्रोजन

नोट: बच्चों के लिए नियमित रूप से GK पढ़ना बेहद फायदेमंद होता है। इससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

Website Designing से कमाएं शानदार पैसा, बनाएं डिजिटल करियर

Website Designing: डिजिटल दौर में हर छोटा-बड़ा बिजनेस अपनी ऑनलाइन पहचान मजबूत करने के लिए वेबसाइट बना रहा है। इसी वजह से वेबसाइट डिजाइनिंग की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। यह केवल एक तकनीकी स्किल नहीं, बल्कि एक मजबूत और कमाई वाला करियर विकल्प बन चुका है।

Website Designing क्या है?

वेबसाइट डिजाइनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वेबसाइट को आकर्षक, व्यवस्थित और उपयोग में आसान बनाया जाता है। एक अच्छी वेबसाइट न सिर्फ देखने में सुंदर होती है, बल्कि यूजर को बेहतर अनुभव भी प्रदान करती है।

वेबसाइट डिजाइनिंग के लिए HTML, CSS, JavaScript के साथ-साथ ग्राफिक डिजाइन की समझ, क्रिएटिव सोच और बेसिक SEO की जानकारी जरूरी होती है।

वेबसाइट डिजाइनिंग के मुख्य तत्व

  • सही और संतुलित लेआउट
  • आकर्षक रंग और फॉन्ट चयन
  • बेहतर यूजर एक्सपीरियंस (UX)
  • मोबाइल फ्रेंडली रेस्पॉन्सिव डिजाइन

करियर के अवसर

वेबसाइट डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद युवा Web Designer, Frontend Developer, UI/UX Designer या फ्रीलांसर के रूप में काम कर सकते हैं। शुरुआती स्तर पर 15,000 से 30,000 रुपये प्रति माह तक की सैलरी मिल सकती है, जबकि अनुभव बढ़ने के साथ आय में तेजी से बढ़ोतरी होती है।

आज लगभग हर कंपनी को अपनी वेबसाइट की जरूरत है, इसलिए इस क्षेत्र में नौकरी और फ्रीलांस दोनों तरह के अवसर उपलब्ध हैं।

BPSC 67th final results 2023: पटना के अमन आनंद ने परीक्षा में किया टॉप, जहानाबाद की निकिता को दूसरा रैंक

बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) के अंतिम परिणाम 2023 घोषित कर दिए हैं। बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा 2023 में उत्तीर्ण होने वाले 2,104 उम्मीदवारों में से कुल 2,090 उम्मीदवार व्यक्तिगत साक्षात्कार में उपस्थित हुए। फाइनल दौर के उम्मीदवार बीपीएससी 67वीं के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in से देख सकते हैं।

BPSC 67वीं मेन्स कट-ऑफ: कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

आयोग ने कहा कि साक्षात्कार में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संयुक्त मेरिट सूची बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त कुल अंकों को जोड़कर तैयार की गई थी।

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आयोग द्वारा अधिसूचित कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची के अनुसार, छह महिला उम्मीदवारों ने शीर्ष 10 में स्थान हासिल किया है।

BPSC 67th final results 2023 Topper list : बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची

1 अमन आनंद
2 निकिता कुमारी
3 अंकिता चौधरी
4 अपेक्षा मोदी
5 सोनल सिंह
6 मुकेश कुमार यादव
7 उज्जवल कुमार
8 शालू कुमारी
9 रूपेश कुमार
10 सोनाली

Bihar BPSC TRE Result 2023 : बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी; हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए

BPSC TRE Result 2023 । बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अभी 11वीं 12वीं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम की घोषणा की है। BPSC ने उच्च माध्यमिक के लिए हिंदी विषय के शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया गया है । हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए हैं।

BPSC ने अभी हिंदी विषय का परिणाम अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड किया है। हिंदी विषय में शशिकांत पाण्डेय टॉपर बने हैं। रविशंकर दूसरे और राकेश कुमार पाण्डेय को तीसरा स्थान मिला है। चौथे स्थान पर ऋषिकेश तिवारी हैं और पांचवें परआभास कुमार हैं।

बिहार  शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट bpsc.bih.nic.in पर चेक किया जा सकता है। बिहार लोक प्रशासनिक सेवा ने अगस्त में 1.70 लाख सीट पर शिक्षकों की भर्ती परीक्षा की परीक्षा ली थी जिसके बाद से ही राज्य में परीक्षा के रिजल्ट को लेकर इंतजार था। 

BPSC
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बिहार में उच्च माध्यमिक शिक्षक के पदों की कुल संख्या 57,616 है जिसके लिए 39 हज़ार उमीदवारों ने फॉर्म भरा था। हिंदी में 3221 पद के लिए सिर्फ 525 उम्मीदवार सफल हुए हैं।

BPSC बिहार टीचर भर्ती परीक्षा में पास होने के लिए जनरल कैंडिडेट्स को कम से कम 40 फीसदी मार्क्स, ओबीसी को 36.5 फीसदी, एससी व एसटी को 34 फीसदी और दिव्यांग कैंडिडेट्स को 32 फीसदी मार्क्स लाने जरूरी हैं।

BPSC बिहार टीचर भर्ती 2023 की लिखित परीक्षा पास करने के बाद अब काउंसलिंग होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आयोग ने कहा है कि काउंसलिंग के समय बीपीएससी के वाटरमार्क के बिना कोई प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन की प्रकिया के बाद कैंडिडेट्स का मेडिकल टेस्ट होगा।

BPSC 67th Mains Result 2023: बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी

कुल 2104 अभ्यर्थी हुए सफल

मुख्य परीक्षा 30, 31 दिसंबर 2022 और 7 जनवरी 2023 को पटना में आयोजित की गई थी

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बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं

अभ्यर्थी BPSC 67th Mains Result 2023 ऐसे करें चेक

  • BPSC ऑफिसियल वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाएँ। 
  • आपकी स्क्रीन पर वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा। 
  • अब आप होमपेज पर “इनफार्मेशन काउंटर” के सेक्शन पर जाएँ।
  • यहाँ आपको BPSC 67th Main Result 2023 पर क्लिक करना है। 
  • आपके सामने BPSC 67th Main Result 2023 Pdf खुल जायेगा। 
  • अब अपने रोल नंबर से अपना रिजल्ट चेक करें। 

BPSC 67th मुख्य परीक्षा में हुए सभी सफल कैंडिडेट्स का 120 अंको का इंटरव्यू होगा, जिसके बाद ही फाइनल मेरिट लिस्ट घोषित की जाएगी। मुख्य परीक्षा रिजल्ट के 15 दिन बाद कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, इंटरव्यू के एडमिट कार्ड इंटरव्यू तिथि के 1 सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर bpsc.bih.nic.in उपलब्ध कराये जाएंगे।  

Bihar Teacher Exam 2023 : बिहार में आज से सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन; 1.70 लाख पदों के लिए 8.10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जाने परीक्षा के नियम और निर्देश

Bihar Teacher Exam 2023 : बिहार में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा सबसे बड़ी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 24 से 26 अगस्त तक दो पालियों में आयोजित की जा रही है। 1.70 लाख पदों के लिए 8.10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया है। पटना में 40 सेंटर तो सूबे में 876 सेंटर पर इस परीक्षा का आयोजन हो रहा है।

बिहार के जिला और पुलिस प्रशासन को परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने का निर्देश दिया है। सभी केन्द्रों पर धारा 144 लागू रहेगा। हर केन्द्र पर पर्यवेक्षक रहेंगे। परीक्षा केन्द्र के 100 गज के अंदर किसी को रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। खासकर फर्जी प्रश्न पत्र वायरल करने वाले गैंग पर प्रशासन की विशेष नजर होगी।

कोई भी बिना अनुमति के परीक्षा केन्द्र से बाहर नहीं निकल सकते । परीक्षा में प्रश्न पत्र सीधे परीक्षा हॉल में भेजा जाएगा और अभ्यर्थियों के समक्ष खोला जाएगा। परीक्षा समाप्ति के बाद OMR सीट सील होगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। इसबार आयोग ने OMR बॉक्स को सील करने के लिए एक जैकेट तैयार किया है।

Bihar Teacher Exam 2023 : जाने परीक्षा के नियम और निर्देश

  • अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर प्रथम पाली 0730 बजे पूर्वाह्न एवं द्वितीय पाली 0100 बजे अपराह्न से प्रवेश दिया जायेगा। परीक्षा केन्द्र पर ढाई घंटे पहले अभ्यर्थियों को पहुंचना होगा। जांच-पड़ताल के बाद एक घंटे पहले परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे।
  • परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी। आंख की पुतली का मिलान करने के साथ एडमिड कार्ड का भी मिलान किया जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर ढाई घंटे पहले पहुंचना होगा। एक घंटे पहले परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
  • सभी अभ्यर्थियों के लिए हर शिफ्ट में ई एडमिट कार्ड की एक एक्स्ट्रा कॉपी अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जाना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान वीक्षक के सामने हस्ताक्षर कर उन्हें देना होगा।
  • परीक्षा केन्द्र पर छात्रों को सिर्फ ब्लैक, ब्लू बॉल पेन और व्हाइट बॉल पेन के साथ प्रवेश मिलेगा। हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट पर रोक होगी।
  • परीक्षार्थी अपने ऑनलाईन आवेदन में भरे गये मूल फोटो पहचान पत्र साथ में रखना सुनिश्चित करेंगे।
  • इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकृति होगी। परीक्षार्थियों को मार्कर परीक्षा कक्ष में ले जाना वर्जित है।
  • परीक्षा समाप्ति के बाद भी अभ्यर्थी बिना वीक्षक की अनुमति के बाहर नहीं निकल सकते।

Bihar Teacher Exam 2023

परीक्षा केंद्र सभी 38 जिलों में बनाए गए हैं। तीन दिन तक चलने वाली परीक्षा को देखते हुए सभी जिला मुख्यालयों के होटल और लॉज की बुकिंग अभ्यर्थियों ने पहले ही करा ली है। होटल में कमरे फुल हो चुके हैं। अभ्यर्थी सगे- संबंधियों और जाननेवालों के यहां भी पहुंच रहे हैं।

UPSC Result 2022: बिहार का UPSC पर कब्जा, टॉपर बनीं पटना की इशिता किशोर; द्वितीय स्थान पर गरिमा लोहिया

UPSC सिविल सेवा परिणाम 2022: यूपीएससी परीक्षा अपने कठिन स्तर और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए प्रसिद्ध है। UPSC ने मंगलवार को सिविल सेवा अंतिम परिणाम 2022 घोषित कर दिया गया। इशिता किशोर इस साल UPSC IAS टॉपर बनी हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट- upsc.gov.in पर सिविल सेवा अंतिम परिणाम 2022 घोषित कर दिया है। इशिता किशोर इस साल UPSC IAS टॉपर बनी हैं। उम्मीदवार यूपीएससी की मेरिट लिस्ट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

नियुक्ति के लिए कुल 1022 का चयन किया गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए कुल 180 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। भारतीय विदेश सेवा के लिए 38 और भारतीय पुलिस सेवा के लिए 200 का चयन किया गया है।

UPSC TOPPER 2022

473 का चयन केंद्रीय सेवा समूह ‘ए’ और 131 का चयन समूह ‘बी’ सेवाओं के लिए किया गया है। अनुशंसित 101 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अनंतिम है। ऐसे उम्मीदवारों के रोल नंबरों की सूची मेरिट सूची में उल्लिखित है।।

यूपीएससी आईएएस टॉपर लिस्ट 2022

RankNameRoll Number
1Ishita Kishore5809986
2Garima Lohia1506175
3Uma Harathin N1019872
4Smriti Mishra0858695
5Mayur Hazarika0906457
6Gahana Navya James2409491
7Waseem Ahmad Bhat1802522

UPSC RESULT 2022 यहां देखें टॉपर्स की लिस्ट

उम्मीदवार यूपीएससी की मेरिट लिस्ट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। यूपीएससी मेरिट लिस्ट 2022 की जांच के लिए सीधा लिंक-

  • यूपीएससी सीएसई फाइनल मेरिट लिस्ट 2022 कैसे चेक करें
  • आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं
  • होमपेज पर उस लिंक पर क्लिक करें जिसमें UPSC CSE मुख्य परिणाम 2022 (अंतिम) लिखा हो
  • स्क्रीन पर एक पीडीएफ फाइल खुलेगी
  • पीडीएफ फाइल में यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य अंतिम परिणाम 2022 होगा।
  • मेरिट लिस्ट चेक करें और उसे डाउनलोड करें

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक (10th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी; 81.04 फीसदी छात्र हुए पास, यहां देखें रिजल्ट-टॉपर्स लिस्ट

पटना । बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल शुक्रवार दिनांक 31.03.2023 को अपराह्न 1:30 बजे जारी किया गया। शिक्षा मंत्री ने जारी किया मैट्रिक का रिजल्ट, इस बार 81.04 फीसदी छात्र हुए पास।

 इस परीक्षा में प्रदेश भर से 1637414 लाख बच्चे शामिल हुए थे। इनमें 806201 छात्र और 831213 छात्राएं शामिल हुईं थीं।

बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में शेखपुरा के मोहम्मद युम्मान अशरफ ने पूरे राज्य में टॉप किया। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि इस बार 81.04 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं।

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मोहम्मद युम्मान अशरफ ने 489 अंक के साथ टॉप किया है, जो इस्लामिया हाई स्कूल शेखपुरा का छात्र है। दूसरे स्थान पर दो लड़कियां हैं, नम्रता कुमारी (भोजपुर) और ज्ञानी अनुपना (औरंगाबाद) 486 अंक मिले हैं। नालंदा की संजू कुमारी, पश्चिम चंपारण की भावना कुमारी और लखीसराय के जयनंनदन कुमार पंडित तीसरे स्थान पर हैं।

BSEB 10th Result 2023 यहाँ करें चेक

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

BSEB 10th Result 2023 Toppers को मिलेंगे ये इनाम

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति की ओर से घोषणा की गई है कि BSEB 10th Result 2023 वरीयता सूची में शीर्ष पांच स्थान पर काबिज होने वाले मेधावियों को एक लाख रुपये के साथ मिलेंगे ये उपहार; लैपटॉप, नकद पुरस्कार और ई-बुक रीडर उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। 

वहीं, तीसरी रैंक पाने वाले होनहारों को भी 50,000 रुपये के साथ एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर से नवाजा जाएगा।

जबकि, चौथी और पांचवीं रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 15 – 15 हजार रुपये और एक लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा।

Bihar Board 10th Result 2023: आज जारी हो सकता है बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट, यहाँ करें चेक

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आज कभी भी बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा परिणाम की घोषणा की जा सकती है।

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

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BSEB 10th Result 2023 Toppers को मिलेंगे ये इनाम

बिहार विद्यालयी परीक्षा समिति की ओर से घोषणा की गई है कि BSEB 10th Result 2023 वरीयता सूची में शीर्ष पांच स्थान पर काबिज होने वाले मेधावियों को एक लाख रुपये के साथ मिलेंगे ये उपहार; लैपटॉप, नकद पुरस्कार और ई-बुक रीडर उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। 

वहीं, तीसरी रैंक पाने वाले होनहारों को भी 50,000 रुपये के साथ एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर से नवाजा जाएगा।

जबकि, चौथी और पांचवीं रैंक हासिल करने वाले छात्रों को 15 – 15 हजार रुपये और एक लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा।

BSEB 10th Result 2023 यहाँ करें चेक

बिहार बोर्ड रिजल्ट का ऐलान होने के बाद इसे ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक किया जा सकता है। मैट्रिक रिजल्ट को दो वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

BPSC 68th Prelims Result 2023 का रिजल्ट जारी; यहां से करें अपना रिजल्ट चेक

पटना । BPSC 68th Prelims Result 2023: बिहार लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर सोमवार (27 मार्च) की सुबह रिजल्ट का नोटिफिकेशन जारी किया गया है । रिजल्ट को लेकर 68वीं बीपीएससी (68th BPSC) के अभ्यर्थी काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे. अब यह खत्म हो गया है ।

12 फरवरी को बिहार के 38 जिलों के 806 केंद्रों पर 68वीं बीपीएससी की पीटी परीक्षा का आयोजन हुआ था।

BPSC
BPSC

68वीं बीपीएससी का रिजल्ट ऐसे चेक करें
रिजल्ट देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://www.bpsc.bih.nic.in  पर जाएं

आज 27 तारीख की तिथि में रिजल्ट जारी किया गया है. 27 तारीख में आपको 68वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा के रिजल्ट का लिंक दिखेगा.

लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पीडीएफ सामने आएगा

इसके बाद यहां से रोल नंबर के अनुसार चेक कर सकते हैं

इसके अलावा एक और वेबसाइट https://onlinebpsc.bihar.gov.in/ पर जाकर आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं. 

BPSC 68th Prelims 2023 परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थी मेंस की परीक्षा में शामिल होंगे । मुख्य परीक्षा के लिए आयोग की ओर से कैलेंडर जारी हो चुका है ।

एग्जाम कैलेंडर के अनुसार 12 मई को मुख्य परीक्षा होगी । 26 जुलाई को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा ।11 अगस्त को इंटरव्यू होगा, इसके बाद नौ अक्टूबर को फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा ।

बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट (12th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी; 83.70% स्टूडेंट्स हुए पास, यहां देखें रिजल्ट-टॉपर्स लिस्ट

पटना । बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल मंगलवार दिनांक 21.03.2023 को अपराह्न 02:00 बजे जारी किया गया। बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर और बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषित किया रिजल्ट। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि टॉप 6 स्टूडेंट्स को लैपटॉप, किंडल ई-बुक और 1 लाख नगद इनाम दिया जाएगा।

बिहार बोर्ड ने इंटर का रिजल्ट जारी किया, जिसमें 83.70% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछली बार से 3.55% ज्यादा है। तीनों स्ट्रीम में लड़कियां टॉपर रही हैं। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स मिलाकर 13 साल 4 हजार 586 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।

आर्ट्स में 82.74%, वाणिज्य में 93.35% और साइंस में 83.93% छात्र सफल। साइंस में आयुषी नंदन बनी टॉपर , आर्ट्स में मोहनिशा और कॉमर्स में सौम्या और रजनीश बने टॉपर।

साइंस स्ट्रीम में आयुषी नंदन 94.8% के साथ, कॉमर्स स्ट्रीम में सौम्या शर्मा और रजनीश 95% के साथ और आर्ट्स स्ट्रीम में पूर्णिया की मोहनिसा 95% के साथ टॉपर घोषित।

छात्र-छात्राएं अपना परिणाम, घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, secondary.biharboardonline.com और results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।

बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट (12th) वार्षिक परीक्षा, 2023 का रिजल्ट किया जारी

पटना । बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2023 का परीक्षाफल मंगलवार दिनांक 21.03.2023 को अपराह्न 02:00 बजे जारी किया गया। बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर और बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषित किया रिजल्ट। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि टॉप 6 स्टूडेंट्स को लैपटॉप, किंडल ई-बुक और 1 लाख नगद इनाम दिया जाएगा।

बिहार बोर्ड ने इंटर का रिजल्ट जारी किया, जिसमें 83.70% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यह पिछली बार से 3.55% ज्यादा है। तीनों स्ट्रीम में लड़कियां टॉपर रही हैं। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स मिलाकर 13 साल 4 हजार 586 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।

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छात्र-छात्राएं अपना परिणाम, घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, secondary.biharboardonline.com और results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने ट्विट कर जानकारी दी।

बिहार में जुनियर इंजीनियर के 6379 पदों पर बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा

पटना । बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अंतर्गत जुनियर इंजीनियर के 6379 पदों पर बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। पटना हाईकोर्ट में अजय कुमार भारती की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई।

इस मामलें की सुनवाई जस्टिस पी वी बजंत्री की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुनियर अभियंताओं की बहाली नियमों में परिवर्तन और नए सिरे से बहाली का विज्ञापन चार माह में निकालने का निर्देश दिया।

साथ ही इस प्रक्रिया में जिन उम्मीद्वारों की उम्र सीमा खत्म हो जायेगी,उन्हें उम्र सीमा में ढील दी जाएगी।जूनियर इंजीनियर की बहाली के लिए जो 2015और 2017 अर्हताएं रखी गई थी,उन्हें इस याचिका में चुनौती दिया था।

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25 जनवरी,2023 को राज्य सरकार ने एक बैठक की।इसमें ये निर्णय हुआ कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में जुनियर इंजीनियर की बहाली सम्बन्धी विज्ञापन को वापस लिया जाएगा।साथ ही इनकी बहाली के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजे गए प्रस्ताव वापस लिए जाएँगे।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को ये जानकारी दी गई कि इन पदों पर नए नियम बनाने के बाद से फिर से बहाली हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार व रितिका रानी ने पक्ष प्रस्तुत किया, जबकि राज्य सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने प्रस्तुत किया।

कोर्ट ने उपरोक्त आदेश के साथ याचिका को निष्पादित कर दिया।

बिहार बोर्ड (BSEB) की 10 वीं की परीक्षा 14 फरवरी से शुरू, परीक्षा से पहले जानें नए नियम

पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना की मैट्रिक की परीक्षा 14 फरवरी से शुरू होने वाली है। मैट्रिक (10 वीं) की परीक्षा 14 फरवरी से शुरू होकार 22 फरवरी तक चलेगी ।

नए नियमों के अनुसार अब मैट्रिक की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों को केंद्र पर आधे घंटे पहले पहुंचना होगा। अगर छात्र दिए गए समय पर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचते है तो उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी ।

नए नियमों के मुताबिक मैट्रिक का एग्जाम सुबह की शिफ्ट 9.30 बजे से शुरू होगी। पहले शिफ्ट के परीक्षा के लिये केंद्र पर एंट्री का समय 9:00 बजे किया गया है। निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पर कोई एंट्री नहीं होगी।

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वही दोपहर की शिफ्ट यानि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा 1.45 बजे से शुरू होगी। दुसरे शिफ्ट के परीक्षा के एंट्री का समय 1.15 बजे है। इस समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को एंट्री नहीं मिलेगी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), पटना ने इसकी जानकरी ट्विट करके दी है…

बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने BSSC CGL 3 Exam 2022 रद्द कर दिया; रद्द की गयी परीक्षा पुनः दिनांक 05.03.2023 को संभावित है

पटना । बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने आयोजित प्रथम चरण के तृतीय स्नातक स्तरीय संयुक्त (प्रारम्भिक ) प्रतियोगिता परीक्षा -2022 को रद्द कर दिया गया है। प्रश्न पत्र लीक होने के चलते आयोग ने ये निर्णय लिया है।

23 दिसंबर को प्रथम चरण, जिसका आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ था। उस दौरान प्रश्न पत्र के कुछ पन्ने व्हाट्सएप पर लीक कर दिए गए थे। जिसके बाद सवाल उठ रहे थे, कि परीक्षा रद्द की जाएगी या नहीं। हालांकि अब आयोग ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए स्पष्ट रूप से परीक्षा रद्द करने की सूचना दे दी है।

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नोटिफिकेशन के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि रद्द की गयी परीक्षा पुनः दिनांक 05.03.2023 (रविवार) को संभावित है ।

नोटिफिकेशन के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि रद्द की गयी परीक्षा पुनः दिनांक 05.03.2023 (रविवार) को संभावित है ।

Bihar Board Class 10th Exams: बिहार बोर्ड ने 10वीं कक्षा का किया एडमिट कार्ड जारी

पटना । बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आज 10वीं कक्षा का एडमिट कार्ड जारी किया है । 10वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 19 जनवरी से 21 जनवरी के बीच आयोजित होंगी । बिहार बोर्ड की ओर से हाईस्कूल की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 8 जनवरी से 15 जनवरी तक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे ।

बिहार बोर्ड के अधीन संचालित स्कूलों के प्रिंसिपल आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in और secondary.biharboardonline.com से हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में इस बार शामिल होने वाले पंजीकृत स्टूडेंट का एडमिट कार्ड यानी हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं ।

Bihar Board Class 10th Exam full details of exam: बिहार स्कूल बोर्ड की ओर से हाईस्कूल का एनुअल एग्जाम दो पालियों में आयोजित किया जाना है। बोर्ड परीक्षा के शुरू होने वाले दिन पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 1:45 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षा के आखिरी दिन मॉर्निंग शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक और इवनिंग शिफ्ट दोपहर 1:45 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी।

CBSE Board Exams 2023 Time Table: 10वीं, 12वीं की डेटशीट आउट, परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होगी

सीबीएसई 10वीं, 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई ने 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए टाइम टेबल रिलीज कर दिया है। छात्र CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल चेक कर सकते हैं।

CBSE कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2023 15 फरवरी से 21 मार्च के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से 5 अप्रैल, 2023 तक आयोजित की जाएगी।

CBSE की ओर से जारी डेटशीट के अनुसार 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होगी एवं 21 मार्च तक चलेगी. वहीं 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 5 अप्रैल को खत्म होगी। 10वीं, 12वीं दोनों कक्षा के लिए परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी।

CBSE ने कक्षा 10, 12 की बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2023 की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा: “आमतौर पर दोनों कक्षाओं में एक छात्र द्वारा पेश किए जाने वाले दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतर दिया गया है।”

बोर्ड ने आगे कहा, “12वीं की डेट शीट तैयार करते समय जेईई मेन सहित प्रतियोगी परीक्षाओं का ध्यान रखा गया है।”

CBSE Board Exams 2023 Class 10th Time Table

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CBSE Board Exams 2023 Class 12th Time Table

12वीं कक्षा पास उम्मीदवार भी अब अमीन बन सकते हैं: पटना हाइकोर्ट

पटना हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य में अमीनों की बहाली का रास्ता साफ कर दिया है । जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने अपने निर्णय मे स्पष्ट किया कि 12वीं कक्षा पास उम्मीदवार भी अब अमीन बन सकते हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने अमीनों की बहाली के लिए वर्ष 2016 – 17 में जो संशोधन किया है ,उसके अनुसार बारहवीं पास उम्मीदवार को भी इस पद के लिये योग्य माना गया।

कोर्ट ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार द्वारा दायर अपील और चुने गए उन उम्मीदवारों द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका, जिनकी नियुक्ति इस पद पर चयन के बाद भी नहीं की गई थी, पर कोर्ट ने सुनवाई की।

कोर्ट ने कहा कि एकल पीठ ने वर्ष 2013 के रूल के अनुसार ही अमानत डिग्री प्राप्त उम्मीदवारों को अमीन के पद पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया था।कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस पद पर किए गए नियुक्ति के लिए वर्ष 2016-17 में किए गए संशोधन की जानकारी सिंगल बेंच को नहीं दी गई थी ,जिसके कारण कोर्ट ने 12वीं पास उम्मीदवारों को आमीन के पद पर नियुक्ति के लिए योग्य नहीं माना था।

इससे पूर्व जस्टिस पी.बी.बजनथरी की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा राज्य में 1767 अमीन के रिक्त पड़े पदों पर बहाली के लिए जनवरी,2020 में निकाले गए विज्ञापन को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह नए सिरे अमीनो के रिक्त पड़े 1767 पदों पर बहाली के लिए तीन माह में नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित कर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करे।

PatnaHighCourt
#PatnaHighCourt

यह निर्देश जस्टिस पी बी बजन्थरी ने याचिकाकर्ता राम बाबू आजाद व अन्य द्वारा दायर कई रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता के ओर से कोर्ट को बताया गया था कि अमीन के पद पर बहाली के लिए शैक्षणिक योग्यता के लिए जो योग्यता राज्य सरकार ने विज्ञापन में प्रकाशित किया था, वह प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। बिहार अमीन कैडर रूल के अनुसार उम्मीदवार को +2 उत्तीर्ण होने के साथ ही अमानत की डिग्री या आई टी आई द्वारा सर्वेयर की डिग्री प्राप्त होना चाहिए।

राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा निकाले गए विज्ञापन में जो शैक्षणिक योग्यता रखी गई थी, उसके अनुसार उम्मीदवार को मात्र +2 ही उत्तीर्ण होना ही पर्याप्त था।

इसी मामले को लेकर अमीन की डिग्री लिए उम्मीदवारों ने राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित इस विज्ञापन को पटना हाईकोर्ट में रिट दायर कर चुनौती दिया था।

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कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस विज्ञापन को रद्द करते हुए नए सिरे से विज्ञापन निकाल कर नियुक्ति करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया।

हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा अमीन की बहाली के लिए दिए गए आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि केवल अमानत डिग्री प्राप्त उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि 12वीं पास उम्मीदवार भी इस पद पर नियुक्ति के लिए योग्य माने जाएंगे।

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में चार हज़ार से अधिक सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण नियमों अवहेलना को देखते हुए पटना हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों पर अगले आदेश तक के लिये रोक लगा दिया है

जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने डॉ आमोद प्रबोधी व सहित अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बिहार राज्य यूनिवर्सिटी सर्विसेज कमिशन को आदेश दिया है कि अगले आदेश तक कोई भी नियुक्ति पत्र नहीं जारी की जाए।

गौरतलब है कि कोर्ट ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाते हुए, सिर्फ नियुक्तियों की सूची या नियुक्ति पत्र जारी करने पर ही रोक लगाया है।

रिट याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष प्रस्तुत करते हुए वरीय अधिवक्ता पीके शाही कोर्ट को बताया कि इन विश्वविद्यालयों के अंगीभूत कॉलेजों में 4638 सहायक प्रोफेसर की रिक्तियां जो विज्ञापन में प्रकाशित हुई थी, उस विज्ञापन में मात्र 1223 रिक्तियां ही सामान्य श्रेणी के अभ्यार्थियों के लिए है।आरक्षण नियम के अनुसार किसी भी परिस्थिति में 50 फ़ीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता ।

इस विज्ञापन में आरक्षित श्रेणी के लिए करीब तीन चौथाई से अधिक रिक्तियों को आरक्षित कर लिया गया है। कोर्ट को जब राज्य सरकार की ओर से बताया कि इस विज्ञापन में प्रकाशित रिक्तियों की संख्या में वर्तमान वैकेंसी के साथ-साथ पिछली रिक्तियों पर नियुक्तियां नहीं हो सकी थी, उन्हें भी जोड़ कर विज्ञापित किया गया है ।

एडवोकेट शाही ने कोर्ट को बताया कि बैकलॉग रिक्तियों को वर्तमान रिक्तियों से जोड़ करने पर भी रिजर्वेशन नियम 50 फ़ीसदी से अधिक नहीं हो सकता है।

इस सम्बन्ध में पटना हाई कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया गया कि जब तक सरकार आरक्षण देने की व्यवस्था और तरीकों को कोर्ट के सामने स्पष्ट नहीं करती ,तब तक के लिए कम से कम नियुक्ति नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए।

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हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकारियों को तलब किया था। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव और शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशक कोर्ट में हाजिर थे।

कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को इस पूरे मामले और पिछली राज्य के इन विश्वविद्यालयों हेतु सहायक प्रोफेसर की पिछली तीन नियुक्ति प्रक्रियाओं की पूरी फाइल को पेश करने का आदेश दिया है।इस मामले पर अगली सुनवाई 10 जनवरी, 2023 को होगी ।

BPSC 67वीं मुख्य परीक्षा की तिथि जारी; 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक होगी परीक्षा

बीपीएससी के द्वारा 67 वीं मुख्य परीक्षा की तिथि जारी, 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक परीक्षा होगी । इस मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों से सामान्य हिंदी और सामान्य अध्ययन के साथ एक वैकल्पिक विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे।

हर पेपर के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाएगा। साथ ही उम्मीदवारों को राहत देते हुए बीपीएससी ने वैकल्पिक विषय बदलने का भी मौका दिया है।

BPSC
BPSC

मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन चल रहा है, अभ्यार्थी 6 दिसंबर तक आवेदन कर सकते है।

BPSC ने 68वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी किया

बीपीएससी ने 68वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए नोटिस जारी कर दिया है। जारी नोटिस के अनुसार इसके जरिए कुल 281 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

उम्मीदवार BPSC 68वी प्रारंभिक परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 नवंबर से कर सकते हैं। वहीं आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2022 निर्धारित की गई है।

BPSC

बता दें कि उम्मीदवार बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

BPSC ने 67वीं प्रीलिम्स का रिजल्ट किया जारी

BPSC ने 67वीं प्रीलिम्स का रिजल्ट गुरुवार की शाम जारी कर दिया है । प्रीलिम्स परीक्षा में 11607 अभ्यार्थी सफल हुए । रिजल्ट बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर देख सकते हैं ।

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मुजफ्फरपुर में शुरू हुई अग्निवीरों की बहाली, बिहार-झारखंड सेना भर्ती बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर मुकेश गुरुंग बोले- बिलकुल स्वच्छ और पारदर्शी है बहाली प्रक्रिया

शुरुआत में चले हो हंगामे के बाद आखिरकार अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की बहाली प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान स्थित आर्मी रिक्रूटमेंट कार्यालय में भर्ती चल रही है। इसका आज दूसरा दिन था।

अभ्यर्थियों का दौड़ समाप्त हो चुका है। फिजिकल टेस्ट जारी है। इस बीच भर्ती प्रक्रिया में पहुंचे बिहार-झारखंड सेना भर्ती बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर मुकेश गुरुंग ने मीडिया को ब्रीफ किया। ब्रिगेडियर ने कहा की 22 जून 2022 को ये योजना लॉन्च की गई थी।

इसके बाद गांव-गांव और शहर-शहर घूमकर हमारे अधिकारियों ने लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। शहर से लेकर गांव तक का एक भी कोना नहीं छोड़ा गया। स्कूल और कॉलेजों में बच्चों को इस स्कीम के बारे में बताया। जागरूक किया गया। इसका नतीजा बहुत बेहतर रहा। बहाली प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या बहुत अच्छी है।

बीपीएससी ने ऑडिटर के मेंस परीक्षा का डेट जारी किया; 2, 3 और 4 नवंबर 2022 को आयोजित की जाएगी परीक्षा

बीपीएससी ने ऑडिटर के मेंस परीक्षा का डेट जारी कर दिया है। ऑडिटर की परीक्षा 2, 3 और 4 नवंबर 2022 को आयोजित की जाएगी।

यह परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहला शिफ्ट में परीक्षा 9:30 बजे से ले कर 12:30 बजे तक होगा, और दूसरे शिफ्ट में परीक्षा का आयोजन 2 बजे से 5 बजे तक किया जाएगा।

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पहले दिन बुधवार को सामान्य हिंदी, सामान्य अध्यन की परीक्षा होगी, दूसरे दिन सामान्य अध्यन और तीसरे दिन वैकल्पिक विषय की परीक्षा होगी।

जहानाबाद में रहकर ही दो छात्रों ने क्रैक की आईआईटी-जेईई 2022 की परीक्षा

जहानाबाद । गुदड़ी के लाल तो आपने कहानियों में सुना होगा लेकिन आईआईटी-जेईई के रिजल्ट में यह पता चला है कि जहानाबाद में भी गुदड़ी के लाल हैं। जिन्होंने पहले ही प्रयास में जेईई की परीक्षा पास कर ली है। जहानाबाद में रहकर ही दो छात्रों ने क्रैक की आईआईटी-जेईई की परीक्षा, शिक्षालय में माता पिता के साथ दोनों छात्रों को किया गया सम्मानित ।

जहानाबाद एनएच 83 शिव शंकर सिनेमा हॉल के पास स्थित शिक्षालय कोचिंग के ये दोनों छात्र रवि राज और उज्जवल राज बेहद साधारण परिवार से हैं । दोनों ही छात्र जहानाबाद जिले के रहने वाले हैं और यहीं रहकर तैयारी करते थे। बता दें कि कम संसाधनों के बीच इन छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से जेईई जैसे एक्जाम में सफलता हासिल की है।

छात्रों की इस उपलब्धि से शिक्षालय कोचिंग के शिक्षक भी खासे उत्साहित हैं। वहीं छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों और अपने माता-पिता को दिया है। शिक्षालय के डायरेक्टर और शिक्षक ने भी छात्रों की इस कामयाबी पर बधाई दी है और उन्होंने बच्चों को उज्जल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए छात्रों की जमकर तारीफ की है।

छोटे शहर में रहकर और अभावों से लड़कर रवि और अभिनव ने जो सफलता हासिल की है वो गौरान्वित करने वाली है।

बिहार लोक सेवा आयोग ने 66वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट जारी किया

बिहार लोक सेवा आयोग ने 66वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है। इसमें कुल 685 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। 689 रिक्तियों के विरुद्ध 685 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से हुआ चयन।

वैशाली के सुधीर कुमार टॉपर हैं। वहीं, अरवल के अमर्त्य कुमार आदर्श सेंकेंड टॉपर और मुजफ्फरपुर के आयुष कृष्णा थर्ड टॉपर हैं।

आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेन्द्र कुमार ने बताया है कि इसमें 34 डीएसपी समेत विभिन्न विभागों में 685 अधिकारियों की नियुक्ति के लिए परिणाम जारी किए गए हैं।

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CBSE ने इंटरमीडिएट (CBSE 12th Result 2022) के नतीजों का किया ऐलान

दिल्ली । सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने इंटरमीडिएट (CBSE 12th Result 2022) के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस तरह लाखों स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हो गया।

जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, वे रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स cbseresults.nic.in या फिर cbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं।

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CBSE Board 12th Results: 94.54% छात्राएं हुईं पास

छात्र डिज‍िलॉकर से रिजल्ट चेक कर सकते हैं

इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी है. परीक्षा में 94.54% छात्राएं और 91.25% छात्र पास हुए हैं

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दरोगा और सार्जेंट के लिए हुई परीक्षा का परिणाम किया घोषित

पटना । बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दरोगा और सार्जेंट के लिए हुई परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है । 24 अप्रैल 2022 को जो पारियों में परीक्षा आयोजित की गई थी करीब 48000 अभ्यर्थियों मैं से 45000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था।

1998 एसआई 215 सर्जन के पदों पर नियुक्ति होने वाली है आयोग ने 6 मई 2022 को मुक्त परीक्षा का परिणाम जारी किया था। आयोग ने मुख्य परीक्षा में शारीरिक जांच परीक्षण के लिए 14856 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था शारीरिक परीक्षण के लिए संपूर्ण अभ्यर्थियों का जांच 10 जून से 26 जून तक दानापुर में हुआ था ।

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आज आयोग ने फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है।

आज से पूरे बिहार में प्रवेशोत्सव की शुरुआत, नौवीं कक्षा में बच्चों का कराया जाएगा नामांकन

सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं क्लास में नामांकन के लिए एक से 15 जुलाई तक प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी बच्चों का नामांकन नौवीं कक्षा में सुनिश्चित किया जाएगा।

इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने आदेश दिया है। जिसके आलोक में आज जहानाबाद में डीएम रिची पांडे ने इसकी शुरुआत की। डीएम ने कहा है कि बच्चे और उनके अभिभावकों तक इस विशेष नामांकन अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके लिए हर विद्यालय 2500 रुपये खर्च कर सकेंगे।

प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए डीएम ने जागरूकता रथ रवाना किया जिसे कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाई गई। डीईओ जिले के बीईओ और हाई स्कूलों के हेडमास्टर के साथ तालमेल बिठाएंगे और उन क्षेत्रों में जागरूकता रथ को भेजा जाएगा।

सभी हाईस्कूल और प्लस-टू के हेडमास्टर अपने क्षेत्र के मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ उत्तीर्ण होने वाले सभी अनामांकित बच्चों की सूची प्राप्त कर रहे हैं। इससे पहले सभी हाईस्कूल और प्लस-टू द्वारा विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति संग विचार-विमर्श हो चुका है।

#BSSC प्रथम इंटर स्तरीय बहाली का रिजल्ट प्रकाशित, चयनित उम्मीदवारों की सूची यहां देखें

छात्र आंदोलन का असर- 8 वर्षों का वनवास हुआ समाप्त – BSSC प्रथम इंटर स्तरीय बहाली का रिजल्ट प्रकाशित ।
28 जून को होने वाले आंदोलन से ठीक पहले ही रविवार देर रात को बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने 2014 की बहाली प्रथम इंटर स्तरीय का मेरिट लिस्ट यानी फाइनल रिजल्ट प्रकाशित कर दिया।

इससे हजारों छात्र- छात्राओं का आठ साल से चला आ रहा वनवास समाप्त हो गया। कुल 11329 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।

इस बहाली को पूरा करवाने के लिए शुरूआत से ही अभ्यर्थियों के लिए आवाज बुलंद करने वाले एवं आंदोलन करने वाले राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने इस बहाली के पूरा होने पर खुशी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि हजारों स्टूडेंट्स को न्याय मिला है।

बिहार में TET की परीक्षा सातवें चरण की बहाली के बाद ही ली जाएगी

बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के खत्म होने की खबरों को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है की बिहार में TET की परीक्षा नहीं होगी, ऐसा नहीं है. बिहार में होने वाले सातवें चरण की शिक्षक बहाली को जल्द पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कुछ नया और अस्थायी फैसला लिया गया है।

सातवें चरण की नियुक्ति तक नहीं होगी TET परीक्षा
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया की फिलहाल बिहार में शिक्षकों के सातवें चरण की नियुक्ति तक कोई TET परीक्षा नहीं होगी. सातवें चरण की बहाली होने के बाद ही अब बिहार में फिर से TET की परीक्षा ली जाएगी. वर्तमान में शिक्षक नियुक्ति के लिए CTET या BTET दोनों में से किसी परीक्षा में उतीर्ण होने पर अभ्यर्थी पात्र हो जाते हैं और नियुक्ति हेतु आवेदन दे सकते हैं.

UPSC 2021 का परिणाम हुआ जारी बिहार के छात्रों ने एक बार फिर लहराया परचम

संघ लोक सेवा आयोग #UPSC2021 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही बिहार के अलग अलग हिस्सों से छात्रों के सफल होने की खबर भी आनी शुरु हो गयी है गया।

सबसे बेहतर परिणाम मोतिहारी के पताही प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव निवासी शुभंकर प्रत्यूष पाठक का रहा है जिसका रैंक 11 है। उनके पिता आरके पाठक भारत सरकार में तकनीकी विकास बोर्ड में सचिव हैं। उन्‍होंने IIT धनबाद से बीटेक किया है। वहीं, मुंगेर की अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला है। उनके पिता शैलेंद्र कुमार यादव सरकारी शिक्षक हैं।

अंशु प्रिया यादव को 16वीं रैंक मिला

पहले ही प्रयास में आशीष ने हासिल किया 23वां रैंक पटना के बिस्कोमान कॉलोनी के रहने वाले आशीष ने 23वां स्थान हासिल किया है। उनका यह पहला अटेम्प्ट था। वह सिटी कॉर्पोरेशन की नौकरी छोड़ तैयारी में जुटे थे। उनके पिता हरेंद्र सिंह शेखपुरा के बरबीघा में ITI कॉलेज का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया, ‘बेटा बचपन से ही मेधावी था। 10वीं और 12वीं बोर्ड में 99% से ज्यादा अंक प्राप्त मिले थे। 12वीं तक की पढ़ाई उसने सरस्वती विद्या मंदिर मरचा-मरची, पटना से की है। स्कूलिंग पूरा करने के बाद उसने IIT की तैयारी की और वो इसमें भी कामयाब रहा। IIT BHU से उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।’

आशीष ने परीक्षा में 23वां स्थान प्राप्त किया

वहीं, कटिहार के अमन को 88वां मिला है। उनके पिता दुर्गा लाल अग्रवाल कटिहार के राज हाता के रहने वाले हैं। नवादा के आलोक रंजन को 346वां स्थान मिला है। वे रोह प्रखंड के गोरिहारी गांव के रहने वाले हैं।

रोहतास के लड़के ने भी मारी बाजी
वहीं, रोहतास के अमन आकाश ने 360वां रैंक प्राप्त किया है। अमन बिक्रमगंज शहर के शांति नगर मुहल्ला के निवासी हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा बिक्रमगंज के गांधी इंटर स्कूल से हुई है। इसके बाद इंटरमीडिएट सैनिक स्कूल से किया। अमन ने MP में SBI के मैनेजर पद पर कार्यरत रहते हुए यह रैंक हासिल किया है।

मजदूर के बेटे को भी मिली सफलता
मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के मुकसुदपुर के रहने वाले विशाल कुमार को 484वां रैंक मिला है। विशाल के मजदूर पिता बिकाऊ प्रसाद की मौत के बाद परिवार कर्ज में डूब गया था। मैट्रिक की परीक्षा में जिला टापर रहे, फिर पूर्व DGP अभयानंद के मार्गदर्शन में पढ़ाई की और IIT कानपुर में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद तैयारी कर रहे थे।

वहीं मुजफ्फरपुर के ही मीनापुर के टेंगराहां के अभिनव कुमार को 146 रैंक मिला है।

146 रैंक लाने वाले अभिनव कुमार

गोपालगंज के दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को 153 वा रैंक.मिला है थावे के मौजे वृंदावन के रहने वाले है दिव्यांश शुक्ला।

दिव्यांश शुक्ला उर्फ गौरव शुक्ला को मिला 153 वा रैंक

बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई का साख लगा दाव पर

BPSC प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर आज मुख्य सचिव और बीपीएससी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बिहार के सभी डीएम के साथ बैठक हुई है जिसमें परीक्षा के स्वच्छ संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है।वही दूसरी ओर आर्थिक अपराध इकाई का अनुसंधान एक जगह आकर ठहर गया है और अब सवाल खड़े होने लगे हैं कि आरा से गिरफ्तारी कही आई वास तो नहीं है।

वही आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार सिंह भले ही प्रश्नपत्र लीक मामले में अपना संवैधानिक दायित्व के निर्वाहन की बात कर रहे हैं लेकिन सवाल यह उठना शुरू हो गया है कि एक आईएएस अधिकारी कैसे खुद कोचिंग चला सकता है और इसके लिए वो सरकार से अनुमति लिए हैं या फिर सर्विस कोड उन्हें यह करने कि अनुमति देता क्या है ।                        

बात पहले आरा से हुई गिरफ्तारी की करते हैं बरहरा के बीडीओ जयवर्धन गुप्ता ,वीर कुंवर सिंह कॉलेज के उप केंद्र अधीक्षक योगेंद्र प्रसाद सिंह, सहायक केंद्र अधीक्षक कुमार सहाय और परीक्षा उप नियंत्रक सुशील कुमार सिंह की गिरफ्तारी पर अब सवाल उठने लगे हैं क्यों कि जो आरोप लगाया जा रहा है कि ये सारे पदाधिकारी छात्रों को मदद करने के लिए दो तीन कमरे में पहले प्रश्न पत्र दे दिया  और अन्य कमरे में प्रश्न पत्र बाटा ही नहीं ।                        

आरा सेंटर पर हंगामा कर रहे छात्रों को समझाते पुलिस

इस संदर्भ में जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार आरा के उस केंद्र पर जितने छात्रों का सेंटर था उतना प्रश्न पत्र बीपीएससी द्वारा मुहैया ही नहीं कराया गया था जैसे ही झात हुआ आरा के उस सेंटर पर मौजूद अधिकारी ने तुरंत इसकी सूचना जिला मुख्यालय स्थिति नियंत्रण कक्ष को दिया।              

नियंत्रण कक्ष तुरंत प्रश्न पत्र भेजने कि बात करते हुए परीक्षा शुरू करने का निर्देश दिया,इसी निर्देश के आलोक में प्रश्न पत्र बांटना शुरू कर दिया गया था लेकिन प्रश्न पत्र जब तक आता तब तक दूसरे कमरे में प्रश्न पत्र का इन्तजार कर रहे छात्रों ने हंगामा शुरु कर दिया।                    

हंगामे की सूचना के बाद जब स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी आरा के उस परीक्षा केन्द्र पर पहुंचा उस समय छात्र चीख चीख कर कह रहा था कि कॉलेज वाले कुछ छात्रों को पहले प्रश्न पत्र देकर मदद पहुंचा रहा है उस समय डीएसपी और अनुमंडल पदाधिकारी मौजूद थे उन्होंने इतने गंभीर आरोप को अनसुना कैसे कर दिया  जबकि आरा पुलिस को एफआईआर दर्ज करके तत्काल छात्रों का बयान लेकर लाभ उठा रहे छात्रों को हिरासत में लेकर जांच उस दिशा में बढ़ानी चाहिए थी लेकिन आरा पुलिस ने ऐसा तो कुछ भी नहीं ।

आरा सेंटर पर मौजूद छात्र क्या कह रहे थे

आर्थिक अपराध इकाई तो घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज किया है इतने समय तक आरा पुलिस क्यों सोयी रही सवाल उठना लाजमी है ।हालांकि आर्थिक अपराध इकाई ने इन चारों को प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरफ्तार नहीं किया है इन्हें सूचना प्रौद्योगिकी कानून और बिहार परीक्षा आचरण कानून, 1981 की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है ।            

प्रश्न पत्र कम होने का मामला सिर्फ आरा में ही नहीं हुआ है बेगूसराय,अरवल सहित बिहार के एक दर्जन से अधिक जिलों में इस तरह प्रश्न पत्र छात्रों की संख्या से कम पहुंचा है और बाद में स्थानीय स्तर पर इसको मैनेज किया गया और यही वजह रही है कि कई जिलों के कई परीक्षा केन्द्र पर 12.45 मिनट पर परीक्षा शुरू हुआ है।          

जानकार बता रहे हैं कि अगर इस तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए आयोग पूरी तरह जिम्मेदार है क्यों कि आयोग को पता है कि जिले के किस परीक्षा केन्द्र पर कितना छात्र परीक्षा दे रहा है और उस हिसाब से उन्हें प्रश्न पत्र मुहैया करना है ।

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए पोर्टल आज से खुला

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए आज से पोर्टल खोल दिया गया है। छात्र फॉर्म चार जून तक भर सकते हैं, लिखित प्रवेश परीक्षा 18 जून को होगी।

एक ही आवेदन पर छात्र सभी कॉलेजों के लिए योग्य होंगे। नोडल संस्थान बीएन कॉलेज के द्वारा इस संबंध में शनिवार को भी बैठक की गयी थी। बैठक में नोडल संस्थान के द्वारा कुछ गाइडलाइन बनायी गयी है।

बिहार डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के लिए अनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फीस जमा करने की आखरी तिथी को बढ़ा दिया है

बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने बिहार डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के लिए अनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फीस जमा करने की आखरी तिथी को अब बढ़ा दिया है।

पहले आवेदन और आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 2 मई 2022 थी, जिसे बढ़ा कर अब 5 मई 2022 कर दिया गया है। जिससे रजिस्ट्रेशन के साथ आवेदन शुल्क जमा करने के लिए अभियार्थियों को और वक्त मिल गया है।

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वहीं ऑनलाइन भरे गए रजिस्ट्रेशन फॉर्म के आधार पर समिति द्वारा जारी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि का सुधार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 6 मई तक किया जा सकता है।