उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को ब्रिटेन ने वीजा देने से इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें अपना ब्रिटेन दौरा रद्द करना पड़ा है। यह दौरा 25 से 27 फरवरी तक निर्धारित था। केशव मौर्य ने इससे पहले जर्मनी का दौरा किया था, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और समझौते किए। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों, रक्षा कंपनियों, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठकें कीं।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान और सिंगापुर के दौरे के दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। उन्होंने जापान में मैग्लेव ट्रेन से यात्रा की और यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी P2G सिस्टम की साइट विजिट की और निवेशकों से बातचीत की।
केशव मौर्य ने जर्मनी में कई प्रमुख इंडस्ट्रियल ग्रुप और संगठनों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और एयरोस्पेस, स्मार्ट सिटी और ई-व्हीकल, और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के साथ समझौते किए और उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा की।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को भारत का ‘सेमीकंडक्टर हब’ बनाना है, जिसके लिए उन्होंने जर्मन तकनीक और विशेषज्ञता का सहयोग मांगा। उन्होंने जर्मन रक्षा कंपनी ‘क्वांटम सिस्टम्स’ के साथ बैठक की और यूपी को ड्रोन बनाने का गढ़ बनाने पर चर्चा की।
इस दौरे से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। केशव मौर्य और योगी आदित्यनाथ के दौरे से राज्य को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी और निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।