पश्चिम बंगाल में चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक 48 घंटे पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद सहित कुल 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, खासकर तब जब निर्वाचन आयोग ने कड़े रुख अपनाए हैं। पूर्व बर्धमान जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां बर्धमान नगरपालिका के वार्ड संख्या 22 से तृणमूल पार्षद नारू गोपाल भाकट को गिरफ्तार किया गया है।
भाकट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के घर पर हमला करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप है। भाजपा की ओर से इस मामले में निर्वाचन आयोग के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करायी गयी थी। गिरफ्तारी पर पार्षद भाकट ने कहा कि उन्हें जनता के लिए काम करने की सजा दी गयी है और उनके खिलाफ लगाये गये सभी आरोप झूठे हैं।
गिरफ्तारी के आंकड़े बताते हैं कि पूर्व बर्धमान में 479, उत्तर 24 परगना में 319, दक्षिण 24 परगना में 246, हुगली में 49, और नादिया में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देश पर हुई है, जो मतदान के दौरान पारदर्शिता और शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है।
चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वेबकास्टिंग उपकरणों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्रों पर लगाए गए वेबकास्टिंग कैमरों को 29 अप्रैल को वोटिंग खत्म होने के बाद सेक्टर अधिकारियों की मौजूदगी में ही निकाला जाएगा। इंस्ट्रूमेंट्स को उचित प्रक्रिया के साथ रिसीविंग सेंटर्स पर जमा करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान की पूरी प्रक्रिया की लाइव निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। 29 अप्रैल को दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। पुलिस और केंद्रीय बलों की गश्त जारी है, ताकि मतदान शांतिपूर्वक और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो।
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