पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले, ममता बनर्जी सरकार ने पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने यह घोषणा चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले की है। सरकार ने पुजारियों और मुअज्जिनों दोनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाले हैं, जिसके बाद राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद सरकार ऐसी कोई घोषणा नहीं कर पाएगी। यह कदम ममता बनर्जी सरकार की रणनीतिक quyếtि मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य पुजारी और मुअज्जिन समुदायों को विधानसभा चुनाव से पहले खुश करना है।
इस वृद्धि से राज्य में बड़ी संख्या में पुजारियों और मुअज्जिनों को लाभ होगा, और सरकार को उम्मीद है कि वे आगामी चुनाव में उनका समर्थन हासिल करेंगे। यह घोषणा विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दलों से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हो जाएगा, और सभी दल अपने-अपने चुनाव अभियान को तेज करेंगे। ममता बनर्जी सरकार की यह घोषणा उनके चुनाव अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को आकर्षित करना और उनका समर्थन हासिल करना है।