प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों के मामले में नया मोड़ आ गया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने बुधवार को मीडिया से बात की, जिसमें उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद पर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के मठ-आश्रमों में बटुकों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया। आशुतोष महाराज ने दावा किया कि उनके पास सभी सबूत हैं और मेडिकल रिपोर्ट में भी यौन शोषण की पुष्टि हो गई है।
आशुतोष महाराज ने यूपी के डिप्टी सीएम पर माघ मेले में साजिश रचने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने डिप्टी सीएम का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ने उनसे कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं, तब खत्म करना। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आशुतोष महाराज के आरोपों का जवाब दिया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह बच्चा उनके पास आया ही नहीं, तो यह सब कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनके वकीलों ने सारे प्रमाण दिखा दिए कि वह बच्चे उनके पास थे, इसलिए अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो बच्चे जिसके साथ थे, उसी ने किया होगा। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता जांच के घेरे में अपने आप आ जाएगा और उन्हें बताना पड़ेगा कि इन बच्चों का उनके साथ संपर्क कहां हुआ।
इस मामले में प्रयागराज पुलिस पिछले 3 दिन से वाराणसी में डेरा डाले हुए है और शंकराचार्य से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है। मामला हाई-प्रोफाइल होने से पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शंकराचार्य के समर्थन में उतर आई है और प्रदेश के सभी 75 जिलों में उनके समर्थन में प्रदर्शन करेगी।