पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशव्यापी एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वोटर लिस्ट से नाम हटाने में तेज है, लेकिन तेल और गैस का प्रबंधन करने में पूरी तरह नाकाम है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने एलपीजी संकट से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए इस संकट के लिए कोई प्लान बी तैयार नहीं रखा, जिसका परिणाम अब देश के सामने है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विज्ञापन पर पैसा खर्च करने में तेज है, लेकिन तेल और गैस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में दूरदर्शिता दिखाने में नाकाम है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के समय देश को सुरक्षित रखने के लिए तेल और गैस का प्रबंधन ठीक से करे।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीति की कमी के कारण कालाबाजारी करने वालों को फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष की आहट मिलते ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति की कमी के कारण आपूर्ति शृंखला टूट गई है और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें और किल्लत दोनों ही बेकाबू हो रही हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि आम जनता पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले एलपीजी की कीमतें बढ़ाई गईं और अब आपूर्ति में कमी के कारण भी आम जनता को परेशानी हो रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह तेल और गैस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में दूरदर्शिता दिखाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के समय देश को सुरक्षित रखा जा सके।
ममता बनर्जी के आरोपों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार की नीति की कमी के कारण देश में एलपीजी संकट पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष की आहट मिलते ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करे और आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित रखे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीति की कमी के कारण कालाबाजारी करने वालों को फायदा हो रहा है और आम जनता को परेशानी हो रही है।