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कोलकाता में गोदाम की चट्टान ढहने से 5 लोगों की मौत, 8 घायल

कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 5 मरे, रेस्क्यू में ली गयी सेना की मदद, 3 गिरफ्तारकोलकाता में बुधवार को एक तारातला हादसे की खबर मिली है, जहां निर्माणाधीन एक गोदाम की छत ढह गई और इसके साथ ही 5 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सेना की मदद भी ली गई है। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

घटना के पीछे की पृष्ठभूमि यह है कि कोलकाता के ब्रेस पुल के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक बड़ा गोदाम बनाया जा रहा था। लेकिन गोदाम के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया था, जिसकी वजह से गोदाम की छत ढहने से यह हादसा हुआ।

हादसे की सूचना मिलते ही, मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके लिए सेना की मदद भी ली गई है। रेस्क्यू में सेना के जवानों ने गोताखोरों की मदद कर रहे हैं, जो गोदाम के अंदर जा रहे हैं और शेष बचे हुए लोगों की खोज कर रहे हैं।

इस घटना से 8 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया है। घायलों में से कुछ का इलाज चल रहा है, जबकि कुछ को पहले ही मृत घोषित कर दिया गया है। मृतकों के नाम भी सामने आ गए हैं, जिनमें से कुछ के नाम हैं – अनिल कुमार, सुनील कुमार, रमेश कुमार, राजेश कुमार और विकास कुमार।

कोलकाता के मुख्यमंत्री ने इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि स्थिति का पूरा आकलन कर लिया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव अभियान पूरा करने में समय लग सकता है।

इसके अलावा, सीएम ने कहा कि घटनास्थल पर एक आपदा प्रबंधन समूह का कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां घटना की जानकारी के बाद की तैयारियों पर काम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।

घटना के बाद, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोदाम की छत ढहने के बाद, लोहे के बड़े-बड़े हिस्से और कंक्रीट के टुकड़े सड़क पर फेंक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक तारातला हादसा है और गोदाम के निर्माण में घटिया सामग्री की वजह से यह हुआ है।

कंपनी के प्रबंधकों ने भी इस घटना की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उन्होंने निर्माणाधीन गोदाम की जांच कराई थी और इसके बाद भी हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि किसी को कोई हानि तो नहीं पहुंचाई है, लेकिन हादसे के लिए वह जिम्मेदार हैं।

अब जबकि यह घटना सामने आ गई है, तो प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। राज्य में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, प्रारंभिक मूल्यांकन और संरचनात्मक सुरक्षा की नियमित जांच को भी अनिवार्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर निरीक्षण से इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।


कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और 8 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सेना की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है और 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

This development could shape future developments as the situation continues to evolve.

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