नियमों के अनुसार, समिति में नियोक्ता की ओर से सदस्यों का नामांकन संस्थान के प्रबंधन द्वारा किया जाएगा। वहीं कर्मचारियों की ओर से सदस्यों का नामांकन संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। समिति के सदस्यों की संख्या 10 से अधिक नहीं होगी, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की संख्या बराबर होगी।
शिकायत निवारण समिति का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान करना है। समिति कर्मचारियों की शिकायतों की जांच करेगी और उनका निष्पक्ष समाधान करेगी। समिति के निर्णय को संस्थान में लागू किया जाएगा और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
नियमों के अनुसार, समिति को शिकायतों का समाधान करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी जाएगी। समिति को शिकायत मिलने के 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान करना होगा। समिति के निर्णय को संस्थान में लागू किया जाएगा और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
बिहार सरकार द्वारा जारी नए नियमों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान करना है। यह नियम सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, जिनमें 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। शिकायत निवारण समिति का गठन करना अब अनिवार्य होगा, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की संख्या बराबर होगी।
नियमों के अनुसार, समिति में नियोक्ता और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की संख्या बराबर होगी। समिति के सदस्यों की संख्या 10 से अधिक नहीं होगी। समिति का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान करना है। समिति कर्मचारियों की शिकायतों की जांच करेगी और उनका निष्पक्ष समाधान करेगी।
शिकायत निवारण समिति का गठन करने से कर्मचारियों को अपनी शिकायतों का समाधान करने में मदद मिलेगी। समिति कर्मचारियों की शिकायतों की जांच करेगी और उनका निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करेगी। समिति के निर्णयों को संस्थान में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा तथा कर्मचारियों को इसकी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कार्यस्थल पर पारदर्शिता, विश्वास और बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
बिहार में 20 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों को अब शिकायत निवारण समिति का गठन करना अनिवार्य होगा। इस समिति में नियोक्ता और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की संख्या समान होगी, ताकि सभी पक्षों को निष्पक्ष रूप से अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। समिति का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था से कार्यस्थल पर विवादों में कमी आने, कर्मचारियों का विश्वास बढ़ने और श्रम कानूनों के बेहतर पालन की उम्मीद जताई जा रही है।