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बिहार में भूमि-संग्रहण मॉडल के तहत 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी: अधिकारी

बिहार सरकार ने राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है, जिसके तहत 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। यह परियोजना भूमि-संग्रहण मॉडल के तहत विकसित की जाएगी, जिसमें निजी जमीन मालिकों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा और उन्हें बदले में विकसित परियोजना में हिस्सा दिया जाएगा।

बिहार सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह परियोजना राज्य के विभिन्न शहरों में विकसित की जाएगी, जिनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि भूमि-संग्रहण मॉडल के तहत विकसित की जाने वाली यह पहली परियोजना होगी, जो राज्य में शहरी विकास को एक नया आयाम देगी।

बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, निर्माण और विकास के विभिन्न चरणों को शामिल किया गया है। अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण जल्द से जल्द किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।

बिहार सरकार की इस परियोजना से राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही साथ निजी जमीन मालिकों को भी लाभ होगा। अधिकारी ने बताया कि भूमि-संग्रहण मॉडल के तहत विकसित की जाने वाली यह परियोजना राज्य में एक मॉडल परियोजना बनेगी, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकेगा।

बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली है, ताकि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक धन का प्रबंधन किया जा रहा है, ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।

बिहार में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगी, जिससे राज्य में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।

बिहार सरकार की इस परियोजना से राज्य में शहरी विकास के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी, जिससे राज्य में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि राज्य में शहरी विकास को बढ़ावा मिल सके।

केरल में बीडीएस छात्र के निधन पर दलित, आदिवासी समूहों द्वारा बंद का आह्वान, इरнувलम में प्रतिक्रिया।

केरल में बीडीएस छात्र के निधन के बाद, दलित और आदिवासी समूहों ने इरानवुलम में भड़काऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन, जिसने “हटल” का आह्वान किया था, केरल सरकार की नीतियों और प्रशासन के खिलाफ थे।

कोचि में ज्यादातर लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले। यहाँ के बाजार और सरकारी कार्यालयों ने अपना आम तंत्र संचालन करते हुए काम किया। जैसे ही प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा, पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन के लिए इंटरवीन कर दिया।

दलित और आदिवासी समूहों ने कोचि के दो जिलों – कोचि और इरानवुलम में सड़कें जाम कर दीं। यहां के बाजार और बाजार के आसपास के इलाके में भड़काऊ भाषण और चिपकाने से लोगों को प्रतिकूल माहौल में रहना पड़ा।

हालांकि शहर में आम जीवन प्रभावित नहीं है, लेकिन स्थानीय पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने अधिकार क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सामान्य उपाय उठाए।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दबाने के लिए सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाय

बिहार के युवाओं की जानबचान पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा से किया सवाल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक समूह ने बीते सोमवार को उत्तर दिल्ली में बिहार के दो युवाओं को गोली से मार दिया, जिसमें एक युवक की मौत हुई और दूसरे को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस हिंसक घटना के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा से सवाल उठाया है।

यह घटना उस समय हुई जब दोनों युवक एक निजी कंपनी के कर्मचारी डॉ. राजेश शर्मा के साथ बातचीत कर रहे थे। एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर फायरिंग की, जिसमें दोनों घायल हो गए। पुलिस ने हमलावर की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है और अब तक कोई चार्जशीट नहीं हुई है।

तेजस्वी यादव ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “यह घटना हमें डराती है और यह सवाल खड़े करती है कि भाजपा के लोग सामान्य नागरिकों पर हिंसा कैसे अपना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को जवाबदेह ठहराने की जरूरत है और उन्हें शासन-कार्याी जीवन में सुधार के लिए आगे आना चाहिए।

इस हिंसक घटना की पुष्टि दिल्ली पुलिस ने की है। पुलिस अधिकारी केके शर्मा ने कहा, “हमार

सीतामढ़ी: सरकारी धन की बंदरबांट और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई

जिले के बोखड़ा प्रखंड के ग्राम पंचायत चकौती में सरकारी राशि की गड़बड़ी और वित्तीय अधूरापन के मामले में, जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है.

जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर चकौती पंचायत के मुखिया अशोक कुमार को पदच्युत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है.

पिछले कुछ वर्षों से चकौती ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही थीं, जिसमें नियमों के विरुद्ध सरकारी राशि की निकासी और उसका निजी उपयोग शामिल था.

जांच प्रतिवेदन के आधार पर, पाया गया कि बिना किसी विभागीय दिशा-निर्देश के दो योजनाओं की कुल 3 लाख रुपये की राशि मुखिया द्वारा नगद निकाली गई थी, लेकिन उसके उपयोग का कोई विवरण नहीं मिला. इसके अलावा ‘कार्यालय व्यय’ के नाम पर भी 50 हजार रुपये की अवैध नगद निकासी की गई थी.

डीएम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव के विरुद्ध नीलामपत्र वाद दायर कर दो सप्ताह के भीतर राशि वसूली का निर्देश दिया है.

जिला प्रशासन ने साफ कर

बिहार के बाहुबली विधायक पप्पू पांडे को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

बिहार के गोपालगंज जिले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडे को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश गोपालगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।

विधायक पप्पू पांडे पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कागजात के जरिए जमीन पर कब्जा करने के लिए भू-माफियाओं के साथ साजिश की। इस मामले में उनके सहयोगी सीए राहुल तिवारी पर भी आरोप हैं। इससे पहले इस मामले में भोला पांडेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

विधायक की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने दलील पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी पर स्टे दे दिया है। अब अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस दौरान काफी गहमागहमी का माहौल रहा था।

इस केस में विधायक के भाई सतीश पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका और पहले से जेल में बंद भोला पांडेय समेत अन्य आरोपियों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट के इस फैसले से विधायक पप्पू पांडे को बड़ी राहत मिली है।

एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट के इस फैसले के बाद विधायक पप्पू पांडे के समर्थकों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में भी विधायक को राहत मिलेगी।

विधायक पप्पू पांडे के खिलाफ दर्ज मामले में जांच जारी है। पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर रही है। अगली सुनवाई में कोर्ट इस मामले में और महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है।

इस पूरे मामले में विधायक पप्पू पांडे और उनके सहयोगियों पर नजरें टिकी हुई हैं। अगली सुनवाई में कोर्ट के फैसले से इस मामले में और स्पष्टता आएगी।

विधायक पप्पू पांडे के मामले में कोर्ट के फैसले से बिहार की राजनीति में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल सकते हैं।

इस मामले में आगे क्या होगा, यह तो अगली सुनवाई में पता चलेगा। लेकिन अभी तक कोर्ट के फैसले से विधायक पप्पू पांडे को बड़ी राहत मिली है।

14 साल की नाबालिक के साथ दुष्कर्म: पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया

बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले के एक गांव में 14 साल की एक नाबालिक किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मामले का पता चलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। घटना मक्के के एक खेत में हुई थी, जहां आरोपी ने वादकन्या के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पीड़िता की मां ने मझौलिया थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।

पुलिस ने बताया कि पीड़िता की मां के आवेदन के आधार पर संदीप कुमार समेत कुल चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य अभियुक्त संदीप कुमार को पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है और उसकी मेडिकल जांच कराई गई है।

पीड़िता और आरोपी दोनों को बेतिया जीएमसीएच में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अब मामले के अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुट गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

पुदुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव 2026: तीसरे लिंग के मतदाताओं के बीच सबसे बड़ी मतदान गतिविधि 91.81% प्राप्त की गई

विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मतदान की गतिविधियों को शासित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार, पुदुचेरी में 139 तीसरे लिंग के मतदाताओं के बीच मतदान में 91.81% की उच्चतम दर प्रकाश में आई है। चुनाव आयोग के मुताबिक पुदучेरी में तीसरे लिंग के नागरिकों की संख्या के बावजूद, यह संख्या में चुनिंदा है, और इस उच्चमतदान दर को प्राप्त करना एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पुदुचेरी के अलावा अन्य कई राज्यों में भी तीसरे लिंग के मतदाताओं की संख्या कम है। इसके अलावा कई राज्यों में तीसरे लिंग के मतदाताओं के नाम हैं, लेकिन वे वास्तव में वोट डाल सकने में सक्षम नहीं हैं।

तीसरे लिंग के मतदाताओं के मतदान के बारे में इस प्रकार की जानकारी प्रकाशित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि वे भी आम मतदाताओं के समान अधिकार और सम्मान के पात्र हैं।

मुजफ्फरपुर की एक दिल दहला देने वाली घटना, पारिवारिक कलह की शांति हुई भंग

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र स्थित सहबाजपुर मठ के पास मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई। यहां एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ फंदे से झूलकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातमा फैला हुआ है।

महिला का नाम संतोष साह था, जिसकी उम्र 32 वर्ष थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संतोष का अपनी गोतनी और सास से पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। इस घरेलू तनाव और कलह से परेशान होकर महिला ने अपने छह माह के पुत्र रुद्रा और दो वर्षीय पुत्री वैष्णवी के साथ पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही पश्चिमी डीएसपी और कांटी थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू कलह का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।

बगहा में पुट्टू मिश्रा हत्याकांड में पुलिस का बड़ा एक्शन, आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में

पोलीस ने कुख्यात अपराधी संजीव कुमार मिश्रा उर्फ पुट्टु मिश्रा की हत्या के मामले में जल्दी ही कार्रवाई की और अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर आधा दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया. घटना के बाद पुलिस अधिकारी मामले की जांच में लगे हुए हैं और गैंगवार समेत विभिन्न बिंदुओं पर गहन जांच कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बगहा थाना क्षेत्र में सोमवार की रात को बाइक सवार अपराधियों ने पुट्टु मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बताया गया है कि यह घटना उस समय हुई थी जब पुट्टू मिश्रा एक जमीन विवाद सुलझाने के लिए वहां पहुंचा था. घटना के समय अपराधियों ने करीब दो राउंड फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

पुट्टू मिश्रा एक प्रभावशाली अपराधी था जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. वह कांग्रेस नेता फखरुद्दीन खान हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड भी था. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में पोस्टमार्टम किया. इस टीम में अस्पताल प्रभार

व्हाइट हाउस की सुरक्षा में बड़ा सवाल: प्रेसिडेंशियल लाइन ऑफ सीक्वेंस पर उठे गंभीर प्रश्न

वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुए आतंकवादी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा और सफल कार्यक्रम प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम की रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन महीने के लिए बिना जिम्मेदारी के हटा दिए गए थे। इस घटना ने व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों को जांच के आदेश देने पर मजबूर कर दिया है।

व्हाइट हाउस की एक प्रवक्ता ने कहा कि बुधवार की घटना के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। इस घटना में जिमी कार्टर ब्वायड नामक एक व्यक्ति ने 20 व्यक्तियों को गोली मारी, लेकिन पुलिस ने इसे समय पर रोक लिया। यह हमला पारंपरिक शीर्ष सुरक्षा पार्टी और राष्ट्रपति सुरक्षा बलों के बाहर विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित सेवा द्वारा सुरक्षित किया गया था।

इस घटना के बाद, राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार ने बुधवार को दो बार टीजर ट्वीट किया और यह दूसरा व्हाइट हाउस प्रशासन की सुरक्षा के बारे में है। यह घटना व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।

व्हाइट हाउस की सुरक्षा जांच के बाद, प्रेसिडेंशियल लाइन ऑफ सीक्वेंस पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना की जांच जारी है।

होटल की सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर विभिन्न अधिकारियों ने अपने अलग-अलग तरीके से जिम्मेदारी ली है। यह घटना व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना की जांच जारी है।

व्हाइट हाउस की सुरक्षा जांच के बाद, प्रेसिडेंशियल लाइन ऑफ सीक्वेंस पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना की जांच जारी है।

इस घटना के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार ने कहा कि व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। यह घटना व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना की जांच जारी है।

व्हाइट हाउस की सुरक्षा जांच के बाद, प्रेसिडेंशियल लाइन ऑफ सीक्वेंस पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और इस घटना की जांच जारी है।

केरल की बीडी एस प्रोफेशनल के शिष्य की मौत: दलित और आदिवासी समूहों की व्यापर भरता जारी

केरल में दलित और आदिवासी समूहों द्वारा की गई व्यापार भरता से पूरे क्षेत्र में जीवन व्यापारिक गतिविधियों से पूरी तरह से प्रभावित हुआ। दो दिनों के इस व्यापार भरता ने राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को पूरी तरह से बंद कर दिया और लोगों की आवाजाही पर भारी बाधा उत्पन्न की।

केरल में देशभर में अपनी यूनीवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र, 22 वर्षीय बीएससी (डेंटल) के एक छात्र के कथित निर्वहन से केरल के कई हिस्सों में तनाव बढ़ गया है, जिसके बाद दो अलग-अलग समूहों ने बुधवार को व्यापार भरता से जुड़े कई हिस्सों को लेकर सड़क पर उतर आए।

बुधवार के सुबह 5:00 बजे केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में दो अलग-अलग समूहों ने जिला अदालत के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें बंद कर दी और ट्रकों को जलाया। व्यापार भरता से प्रभावित देर रात की घटनाओं ने रात में ही पुलिस को राजधानी की सड़कों पर व्यस्त कर दिया।

बिहार के सुपौल जिले में तेजी से तैयार हो रहा मॉडर्न रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलेंगी सुविधापूर्ण सुविधाएं

बिहार के सुपौल जिले में एक राहत भरी खबर है. पूर्व मध्य रेलवे के तहत चल रही गतिशक्ति परियोजना के अंतर्गत सुपौल रेलवे स्टेशन का नया मॉडर्न बिल्डिंग तेजी से तैयार किया जा रहा है. यह स्टेशन आम जनता के लिए जल्द ही खुल जाएगा, जहां पर उच्चतम स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी. मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ) नीरज कुमार ने हाल ही में स्टेशन पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी लंबित कार्य पूरे करने के कड़े निर्देश दिए.

निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का आदेश

निरीक्षण के दौरान सीएओ ने निर्माणाधीन स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का जायजा लिया. उन्होंने विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए काम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा. साथ ही स्टेशन परिसर के दोनों ओर व्यवस्थित पार्किंग स्टैंड विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे यात्रियों

मोतिहारी में चोरी की बड़ी घटना: 25 लाख रुपये के जेवर हुए चोरी, रिटायर्ड शिक्षक के घर से आभूषण उड़ाए गए

मोतिहारी में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसमें शातिर बदमाशों ने एक रिटायर्ड शिक्षक के घर को निशाना बनाकर लाखों के गहनों पर हाथ साफ कर दिया है. यह घटना बीते दिन श्रावानी पूर्णिमा के अवसर पर हुई जब परिवार के शादी में जाने के लिए घर सूना पाकर चोरों ने पूरी वारदात को अंजाम दिया है।

घटना पताही थाना क्षेत्र के परसौनी कपूर गांव की है, जहां रिटायर्ड शिक्षक बच्चा सिंह अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर सुगौली थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गए थे. इसी दौरान घर सूना पाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए।

चोरों ने घर में घुसने के बाद अलमारी और अन्य जगहों की तलाशी ली और पत्नी, बेटी और बहू के कीमती गहने चोरी करके फरार हो गए. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घर में घुसने के बाद चोरों ने केवल 15-20 मिनट में पूरी चोरी को पूरा किया था।

घर में चोरी हुए आभूषणों की कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है. पुलिस ने शुरू में सोच

झारखंड पुलिस ने बिहार जाने वाली 840 लीटर अवैध शराब जब्त की, छह आरोपी गिरफ्तार

झारखंड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में बिहार जाने वाली 840 लीटर अवैध शराब जब्त की है। इस मामले में छह आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं। यह शराब झारखंड से बिहार ले जाई जा रही थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इसे पकड़ लिया। इस जब्ती से अवैध शराब के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है।

इस मामले में झारखंड पुलिस की तेजी से कार्रवाई की गई। पुलिस को情報 मिली थी कि एक बड़ी मात्रा में अवैध शराब बिहार ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शराब की खेप को पकड़ लिया। इस दौरान छह आरोपी भी गिरफ्तार किए गए, जो इस अवैध शराब को बिहार ले जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, यह शराब झारखंड के एक इलाके से बिहार के एक अन्य इलाके में ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस शराब को जब्त करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान में पुलिस की कई टीमें शामिल थीं, जिन्होंने मिलकर इस अवैध शराब को पकड़ने में सफलता हासिल की।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, वे लोग इस अवैध शराब को बिहार में बेचने की फिराक में थे। लेकिन पुलिस की तेजी से कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

इस जब्ती से अवैध शराब के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को संदेश मिलेगा जो अवैध शराब का कारोबार करते हैं। पुलिस ने कहा है कि वह अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई करेगी।

पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार को रोकने में मददगार साबित होगी। पुलिस ने कहा है कि वह इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखेगी।

इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

शराबबंदी पर अनंत सिंह का बयान: अपनी राय रखी, लेकिन नहीं माने तो क्या करूं

बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीतिक गहमागहमी जारी है। इस मुद्दे पर अनंत सिंह ने अपनी राय रखी है। अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी राय रखी है, लेकिन अगर कोई नहीं मानता है तो वे क्या कर सकते हैं। अनंत सिंह का यह बयान शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच चल रही बहस के बीच आया है।

बिहार में शराबबंदी का मुद्दा पिछले कई वर्षों से चर्चा में है। राज्य सरकार ने शराबबंदी लागू की थी, लेकिन इसके बाद से यह मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। अनंत सिंह ने कहा कि वे सरकार के मालिक नहीं हैं और अगर कोई उनकी बात नहीं मानता है तो वे क्या कर सकते हैं।

अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में शराबबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है। अनंत सिंह के बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।

बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है और इसके कारण राज्य में अपराध बढ़ रहा है। अनंत सिंह के बयान के बाद सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना पड़ सकता है।

शराबबंदी के मुद्दे पर अनंत सिंह का बयान राजनीतिक दलों के बीच विवाद को बढ़ावा दे सकता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है और इसके कारण राज्य में अपराध बढ़ रहा है। अनंत सिंह के बयान के बाद सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना पड़ सकता है।

बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर राज्य सरकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है और इसके कारण राज्य में अपराध बढ़ रहा है। अनंत सिंह के बयान के बाद सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना पड़ सकता है।

अनंत सिंह के बयान के बाद शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच विवाद और बढ़ सकता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है और इसके कारण राज्य में अपराध बढ़ रहा है। अनंत सिंह के बयान के बाद सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना पड़ सकता है।

शराबबंदी के मुद्दे पर अनंत सिंह का बयान राज्य सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार शराबबंदी को लागू करने में विफल रही है और इसके कारण राज्य में अपराध बढ़ रहा है। अनंत सिंह के बयान के बाद सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना पड़ सकता है।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: फेज-2 से पहले 1,543 गिरफ्तार, TMC पार्षद सलाखों के पीछे, जानें कहां हुई कितनी गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल में चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक 48 घंटे पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद सहित कुल 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, खासकर तब जब निर्वाचन आयोग ने कड़े रुख अपनाए हैं। पूर्व बर्धमान जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां बर्धमान नगरपालिका के वार्ड संख्या 22 से तृणमूल पार्षद नारू गोपाल भाकट को गिरफ्तार किया गया है।

भाकट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के घर पर हमला करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप है। भाजपा की ओर से इस मामले में निर्वाचन आयोग के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करायी गयी थी। गिरफ्तारी पर पार्षद भाकट ने कहा कि उन्हें जनता के लिए काम करने की सजा दी गयी है और उनके खिलाफ लगाये गये सभी आरोप झूठे हैं।

गिरफ्तारी के आंकड़े बताते हैं कि पूर्व बर्धमान में 479, उत्तर 24 परगना में 319, दक्षिण 24 परगना में 246, हुगली में 49, और नादिया में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देश पर हुई है, जो मतदान के दौरान पारदर्शिता और शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है।

चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वेबकास्टिंग उपकरणों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्रों पर लगाए गए वेबकास्टिंग कैमरों को 29 अप्रैल को वोटिंग खत्म होने के बाद सेक्टर अधिकारियों की मौजूदगी में ही निकाला जाएगा। इंस्ट्रूमेंट्स को उचित प्रक्रिया के साथ रिसीविंग सेंटर्स पर जमा करना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान की पूरी प्रक्रिया की लाइव निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। 29 अप्रैल को दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। पुलिस और केंद्रीय बलों की गश्त जारी है, ताकि मतदान शांतिपूर्वक और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो।

बिहार में मौसम का बदलाव: आज तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, पारा 4 डिग्री तक गिरेगा

बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली है और सुहावना हो गया है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इस कारण से दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जायेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को पटना सहित कई जिलों में हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जायेगी। मौसम विभाग ने जिन जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सिवान, सारण, वैशाली और समस्तीपुर शामिल हैं।

इसके अलावा, जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बक्सर, भोजपुर, पटना, मुंगेर, भागलपुर, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, अरवल, जहानाबाद, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जमुई, नवादा और बांका शामिल हैं।

बिहार के अधिकतर जिलों में शुक्रवार तक दिन और रात के तापमान में तीन से चार डिग्री गिरावट की संभावना है। सोमवार को दिन में सबसे अधिक गर्मी भभुआ में 41.1 डिग्री और डेहरी में 41 डिग्री दर्ज की गई। पटना में दिन के तापमान में गिरावट होने से सोमवार को 30 डिग्री दर्ज की गई।

भागलपुर में 30.7 डिग्री, पूर्णिया में 25.5 डिग्री, गया में 38.4 डिग्री, छपरा में 37 डिग्री, मोतिहारी में 39.6 डिग्री, शेखपुरा में 34 डिग्री, औरंगाबाद में 38.5 डिग्री, राजगीर में 35.4 डिग्री, अरवल में 35.6 डिग्री और अगवानपुर में 34.3 डिग्री दर्ज की गई।

बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भाग के कुछ जिलों के एक दो जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई। जबकि बाकी के भागों का मौसम शुष्क बना रहा। राज्य का अधिकतम तापमान 25.8 से 43.5 डिग्री के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में चार से आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री पूर्णिया में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 18.7 से 25.2 डिग्री के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जगहों पर न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सुपौल जिले में अधिकतम हवा की स्पीड 48 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

नालंदा तालाब हादसा: शादी के जश्न में बदला मातम, दो किशोरियों की तालाब में डूबने से मौत

नालंदा जिले के सरमेरा गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, जहां दुर्गा मंदिर के पास स्थित तालाब में डूबने से दो किशोरियों की मौत हो गई। यह घटना सोमवार दोपहर को हुई, जब गांव में एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था।

मृतकों की पहचान सरमेरा गांव निवासी रामबली राम की 14 वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी और दुखन राम की 12 वर्षीय पुत्री राधा कुमारी के रूप में हुई है। दोनों एक ही मोहल्ले की रहने वाली थीं और आपस में अच्छी दोस्त बताई जाती हैं।

बताया जा रहा है कि मोहल्ले में शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें शादी की विधि-विधान के लिए दोनों किशोरियां अन्य महिलाओं के साथ दुर्गा मंदिर के पास तालाब पर गई थीं। पूजा समाप्त होने के बाद महिलाएं वापस लौट आईं, लेकिन भीड़-भाड़ में दोनों किशोरियां वहीं रह गईं।

जब दोनों किशोरियां घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद जब उनका कोई पता नहीं चला, तो तालाब में डूबने की आशंका जताई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने तालाब में तलाश शुरू की, जिसमें लंबी खोजबीन के बाद दोनों किशोरियों के शव तालाब के पानी में डूबे मिले।

ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डायल 112 की सहायता से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरमेरा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

थानाध्यक्ष साकेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ स्थित मॉडल सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जाता है कि दोनों किशोरियों के पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। खुशबू कुमारी की मां की मौत करीब 12 साल पहले ठनका (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से हो गई थी। इस घटना ने पूरे मोहल्ले को गमगीन कर दिया है।

दो मासूम जिंदगियों के यूं अचानक खत्म हो जाने से पूरे सरमेरा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं। यह घटना नालंदा जिले में एक बड़ी त्रासदी के रूप में देखी जा रही है, जिसने दो परिवारों को गहरा दुख पहुंचाया है।

पटना में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 30 दिन में खाली करने का अल्टीमेटम जारी

पटना में अवैध निर्माण के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी के राजपुर इलाके में कई अपार्टमेंट और मकानों को चिन्हित कर उन्हें तोड़ने का नोटिस दिया गया है। नगर निगम ने इन भवनों पर लाल निशान लगाकर बड़े अक्षरों में Complete Building to be Demolished लिख दिया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में डर का माहौल है।

नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि संबंधित भवनों को 30 दिनों के भीतर खाली कर खुद ही तोड़ना होगा। साथ ही, 4 से 5 दिनों के अंदर पानी और बिजली जैसे जरूरी कनेक्शन भी काट दिए जाएंगे। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की चेतावनी के बाद की जा रही है, जिन्होंने कहा था कि सरकारी जमीन पर बने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।

इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कई लोगों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। अचानक घर खाली करने और तोड़ने के आदेश से वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को है, जिनके घरों में शादी जैसे कार्यक्रम तय हैं।

एक घर में बेटी की शादी की तैयारी चल रही है, लेकिन उसी घर पर तोड़ने का नोटिस मिलने से खुशी का माहौल चिंता में बदल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही हैं और दूसरी तरफ घर उजड़ने का डर है। उनका सवाल है कि अगर घर टूट गया तो वे सड़क पर कैसे रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि जितने भी इलीगल तरीके से घर बने हैं उन पर कार्रवाई की जाए, लेकिन इस बात को भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी ऐसे घर को ना तोड़ा जाए कोई भी ऐसे परिवार को परेशान ना किया जाए जिनका जायज अधिकार वहां पर हो। जो भी गरीब परिवार हो उनके लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

फिलहाल, इस कार्रवाई को लेकर इलाके में नाराजगी और अनिश्चितता का माहौल है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के तहत उठाया जा रहा है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के मामलों में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा या उन्हें सड़क पर छोड़ दिया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे की कार्रवाई में प्रशासन क्या कदम उठाता है और कैसे इस समस्या का समाधान निकाला जाता है।

राज्यसभा में बड़ा बदलाव: AAP के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी, BJP की संख्या बढ़कर 113 हुई

राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव आया है, जहां आम आदमी पार्टी (आप) के 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय को मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा की वेबसाइट पर अब सातों सांसद बीजेपी के सदस्यों की सूची में दिखाए गए हैं। 24 अप्रैल को आप छोड़कर बीजेपी में विलय करने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी ने सदस्यता रद्द करने की मांग की थी, लेकिन राज्यसभा के सभापति ने बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सातों सांसदों का एनडीए में स्वागत किया और कहा कि वे अब बीजेपी संसदीय दल के सदस्य हैं।

किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि राज्यसभा के माननीय सभापति श्री सीपी राधाकृष्णन जी ने AAP के 7 सांसदों के BJP में विलय को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण करने वाले NDA में आपका स्वागत है, और ‘टुकड़े-टुकड़े’ INDI गठबंधन को अलविदा।

बीजेपी में विलय के बाद राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। यह बदलाव राज्यसभा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेगा। आम आदमी पार्टी ने इस बदलाव को लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि यह बदलाव पार्टी के लिए बड़ा झटका है।

राघव चड्ढा ने आप छोड़ने के एक दिन बाद कहा था कि शीशमहल दिल्ली चुनाव में हार की प्रमुख वजह थी। संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी पंजाब में ऑपरेशन लोटस चला रही है। यह बदलाव राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण को बदलने में मदद करेगा और बीजेपी को आगामी चुनावों में फायदा पहुंचा सकता है।

कुल मिलाकर, राज्यसभा में AAP के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी मिलना एक बड़ा बदलाव है, जो राज्यसभा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेगा। यह बदलाव आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बिहार में शराब बंदी के बाद 17 लाख से अधिक गिरफ्तारियां, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

बिहार में शराब पर प्रतिबंध लागू होने के बाद से अब तक 17 लाख से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। यह जानकारी हाल ही में सामने आई है, जो राज्य में शराब बंदी के प्रभाव को दर्शाती है। शराब बंदी को लेकर बिहार सरकार ने साल 2016 में यह फैसला लिया था, जिसके बाद से राज्य में शराब की बिक्री और उपभोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था।

बिहार में शराब बंदी के बाद से ही राज्य में अपराध की दर में कमी आई है, लेकिन इसके साथ ही कई अन्य मुद्दे भी सामने आए हैं। शराब कारोबारियों और उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका था, जिसके बाद से वे अवैध तरीकों से शराब का कारोबार करने लगे।

शराब बंदी के बाद से बिहार पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है, जिसमें 17 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारियां न केवल शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की हैं, बल्कि उन लोगों की भी हैं जिन्होंने शराब का सेवन किया था।

बिहार सरकार का कहना है कि शराब बंदी के बाद से राज्य में अपराध की दर में कमी आई है, लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि यह फैसला गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। उन्हें लगता है कि शराब बंदी के कारण राज्य में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है।

शराब बंदी के मुद्दे पर बिहार सरकार और विपक्षी दलों के बीच मतभेद है, लेकिन एक बात तय है कि यह फैसला राज्य के लोगों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डाल रहा है। सरकार को यह देखना होगा कि शराब बंदी के बाद से सामने आ रही मुश्किलों का समाधान कैसे निकाला जा सकता है।

बिहार में शराब बंदी के बाद से ही राज्य के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह फैसला राज्य के लोगों के हित में है। सरकार के अनुसार, शराब बंदी के बाद से राज्य में अपराध की दर में कमी आई है और लोगों का जीवन बेहतर हो रहा है।

हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि शराब बंदी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्हें लगता है कि यह फैसला राज्य के विकास को प्रभावित कर रहा है और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

बिहार में शराब बंदी के मुद्दे पर सरकार और विपक्षी दलों के बीच मतभेद है, लेकिन यह तय है कि यह फैसला राज्य के लोगों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डाल रहा है। सरकार को यह देखना होगा कि शराब बंदी के बाद से सामने आ रही मुश्किलों का समाधान कैसे निकाला जा सकता है और राज्य के लोगों के हित में क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

हिमालयीय गोपालगंज में युवती का साहसिक दांव: बॉयफ्रेंड से शादी की जिद, टावर पर चढ़कर दिया दुस्साहसिक प्रदर्शन

बिहार के गोपालगंज जिले में मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटनाें की संख्या बढ़ती जा रही है। गोपालगंज में हथुआ प्रखंड में एक युवती ने अपने प्रेमी से शादी करने के लिए एक असाधारण तरीका अपनाया। उसने अपने परिवार के विरोध के बावजूद टावर पर चढ़कर अपनी शादी की मांग रखी।

यह जानकारी के अनुसार, युवती के परिजन उसकी शादी किसी दूसरे लड़के से कराने की योजना बना रहे थे, लेकिन युवती ने इसका विरोध किया। अपने प्रेमी से शादी करने के लिए उसने टावर पर चढ़ जाकर शादी की मांग करने लगी।

युवती अपने परिजनों को देने लगी थी खुदकुशी की धमकी

युवती के परिजनों ने उसे नीचे उतारने के लिए प्रार्थना की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। जब उन्हें लगा कि युवती किसी तरह का नुकसान पहुंचे तो परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने घंटों समझाने की कोशिश की, लेकिन युवती अपनी मांग से कांपती रही। तब जाकर परिजनों ने ही युवती के साथ लिखित आश्वासन करने पर वह टावर से उतर गई।

भारत में डिजिटल संपत्ति पंजीकरण क्रांति: झारखंड में 10,000 करोड़ का फ़ायदा हो सकता है

भारतीय राज्यों में से एक बिहार में संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ करने के प्रयासों को देखते हुए, झारखंड के लिए भी संभावित फ़ायदों वाले एक और कदम उठाया गया है। बिहार पंजीकरण विभाग ने अपने संपत्ति पंजीकरण पोर्टल को डिजिटलाइज़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे झारखंड को भी 10,000 करोड़ का फ़ायदा हो सकता है। इस साल की शुरुआत में, बिहार सरकार ने संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ करने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब तक काफी हद तक पूरा कर लिया गया है।

बिहार मेंसंपत्ति पंजीकरण के कुल मामलों में से लगभग 40% डिजिटल तरीके से हो चुके हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। यह डिजिटलाइज़ेशन का परिणाम है, जिसे पूरा करने के लिए विभाग ने एक रचनात्मक कदम उठाया है। इस प्रक्रिया में न केवल बिहार बल्कि राज्य में भी होने वाले संपत्ति पंजीकरण में भी संभावित फ़ायदे हो सकते हैं।

डिजिटलाइज़ेशन के इस महत्वपूर्ण कदम से राज्य में आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है। जैसे ही संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया डिजिटलाइज़ होगी, यह अधिक संख्या में निवेशकों को आकर्षित करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी। इसके अलावा, यह परिवर्तन राज्य के मूल निवासियों के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि वे अपने संपत्ति की पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से और तेजी से पूरा कर सकेंगे।

झारखंड के लिए यह एक बड़ा अवसर हो सकता है, क्योंकि यह राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह राज्य के मूल निवासियों के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि वे अपने संपत्ति की पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से और तेजी से पूरा कर सकेंगे।

बिहार पंजीकरण विभाग द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि यह राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह राज्य के मूल निवासियों के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि वे अपने संपत्ति की पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से और तेजी से पूरा कर सकेंगे।

राज्य सरकारें अब संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे निवेशकों को आकर्षित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। झारखंड के लिए यह एक बड़ा अवसर हो सकता है, क्योंकि यह राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है।

इस परिवर्तन से राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह निवेशकों को आकर्षित करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी। इसके अलावा, यह परिवर्तन राज्य के मूल निवासियों के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि वे अपने संपत्ति की पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से और तेजी से पूरा कर सकेंगे।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड की सरकार संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ करने के लिए क्या कदम उठाती है। यदि राज्य अपने संपत्ति पंजीकरण को डिजिटलाइज़ करना शुरू करता है, तो यह उन लोगों के लिए एक बड़ा फ़ायदा हो सकता है जो राज्य के मूल निवासी हैं। इसके अलावा, यह परिवर्तन राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

बिहार में सरकारी आयोजनों और स्कूलों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाना अब अनिवार्य, उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद की पहल पर लिया गया बड़ा निर्णय

बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद की पहल पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सरकारी आयोजनों और स्कूलों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को गाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

इसके अलावा, राज्य में प्रत्येक स्कूल और सरकारी आयोजन में बिहार की राज्य प्रशंसा, “वंदेमातरम”, को भी गाया जाना होगा। यह पहल राज्य की एकता और समृद्धि के लिए लागू की जाएगी। उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट में बताया कि यह योजना जल्द ही शुरू हो जाएगी।

उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद ने बताया कि अब उनके फ़ाइल द्वारा सरकार ने बिहार में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाने की शुरुआत करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय सरकारी आयोजनों और स्कूलों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

बिहार सरकार के इस निर्णय से राज्य के सभी स्कूलों और सरकारी आयोजनों को प्रभावित होगा। यह निर्णय बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद ने कहा कि यह पहल राज्य की एकता और समृद्धि के लिए लागू की जाएगी।

बिहार सरकार का मक़सद यह है कि बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की एकता और समृद्धि के लिए लागू की जाएगी। यह निर्णय सरकारी आयोजनों और स्कूलों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद की इस पहल का उद्देश्य बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाना है। यह निर्णय सरकारी आयोजनों और स्कूलों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। बिहार सरकार का मक़सद यह है कि बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाया जा सके।

सरकारी निर्णय और इसके फ़ैसले बिहार के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय सरकारी आयोजनों और स्कूलों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद ने कहा कि यह पहल राज्य की एकता और समृद्धि के लिए लागू की जाएगी।

बिहार सरकार के इस निर्णय का प्रभाव राज्य के सभी स्कूलों और सरकारी आयोजनों पर पड़ेगा। यह निर्णय बिहार के नागरिकों को अपने देश और राज्य के प्रति और भी निष्ठावान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री तारकिषोर प्रसाद ने कहा कि यह पहल राज्य की एकता और समृद्धि के लिए लागू की जाएगी।

बिहार पुलिस ने 102 फरार अपराधियों को दी क्लीन चिट, इस्तेमाल होंगे बुलडोजर

बिहार पुलिस ने कुख्यात अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने मोतिहारी के 102 फरार अपराधियों का एक सूची तैयार की है, जिन्हें निकट भविष्य में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने इन अपराधियों को क्लीन चिट देने का फैसला किया है, ताकि राज्य में अपराध कम हो सके।

बिहार पुलिस प्रमुख स्कॉट ने कहा, “हमने मोतिहारी के 102 फरार अपराधियों की सूची तैयार की है। इन अपराधियों को हम जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे।” उन्होंने कहा कि पुलिस इन अपराधियों को पकड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल करेगी।

सूची में शामिल अपराधियों के खिलाफ कई अपराध हैं, जिनमें हत्या, डकैती, और गोलीबारी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

मोतिहारी जिले का superintendent of police, मुन्ना श्रीवास्तव ने कहा, “हमने जिले में अपराध कम करने के लिए यह कदम उठाया है। हमें उम्मीद है कि जिले में अपराध कम होगा।”

इस सूची में शामिल अपराधियों के खिलाफ चलित अदालत की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।

“बिहार के सीतामढ़ी: नेपाल के भंसार टैक्स से बाजार की रौनक घट गई”

नेपाल की नई सरकार ने सीमा पार से लाए जाने वाले सामानों पर भंसार टैक्स लागू किया है, जिसका असर सीधे आम लोगों और कारोबार पर दिखने लगा है. बिहार के सीतामढ़ी जिले से सटे बाजार अब सूने पड़े हैं, जहां पहले नेपाली ग्राहक बड़ी संख्या में खरीदारी करते थे. यह बदलाव नेपाल के तराई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो रोजमर्रा के सामान के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर रहे हैं।

सीतामढ़ी और आसपास के बाजार नेपाल के तराई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सस्ते और सुविधाजनक विकल्प रहे हैं. लेकिन अब सीमा पर सख्ती और टैक्स के कारण नेपाली नागरिक कम खरीदारी कर रहे हैं या भारतीय बाजारों में आना ही कम कर दिया है. इससे सीमावर्ती बाजारों की रौनक घट गई है और दुकानदारों की आमदनी पर भी सीधा असर पड़ा है।

सीतामढ़ी से सटी करीब 84 किलोमीटर की सीमा पर 30 से ज्यादा बाजार हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक नेपाली ग्राहकों पर निर्भर करती है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में छोटे

प्राकृतिक न्याय: घर में रिसाव से लगी भीषण आग, दो घर राख

दरभंगा के गौड़ाबौराम इलाके से एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जिसमें शादी की खुशियों को खत्म करते हुए गैस रिसाव से दो घर जलकर राख हो गए. घटना बगरासी पंचायत के तेनुआ गांव की है, जहां सोमवार सुबह घर में चाय बनाने के दौरान जैसे ही गैस सिलेंडर में रेगुलेटर लगाकर माचिस जलाई गई, अचानक गैस ने आग पकड़ ली।

इस हादसे में घर के मुखिया सुरेंद्र राम और उनके दामाद ललित राम बुरी तरह झुलस गए. दोनों को पहले बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

घर में रखा अनाज, कपड़े और फर्नीचर जलकर राख हो गया। सबसे दर्दनाक बात यह है कि सुरेंद्र राम के बेटे की शादी 30 अप्रैल को होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस आग ने सब कुछ खत्म कर दिया।

तेनुआ गांव के लोगों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल बड़गांव थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के समय गांव में लगभग 10-15 लोग मौजूद थे, जिन्होंने आग ब

वाराणसी: पानी देने से इनकार किया और चाकू से हमला किया, जान हथेली पर

वाराणसी के मोहनिया में एक दिलदार और गहरी घटना सामने आई है। हाल ही में यहां पर एक युवक ने अपने पड़ोसी पर हमला किया। वह इसलिए, क्योंकि पड़ोसी ने उसे पानी देने से मना कर दिया था। इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है, लेकिन हमें पता है कि हमले के दौरान चाकू का इस्तेमाल हुआ था।

वाराणसी पुलिस ने इस घटना के लिए एक FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। मुख्य मामले की जांच करते हुए पुलिस ने हमले के दौरान शामिल लोगों की पहचान की है और उन्हें हिरासत में ले लिया है।

हालांकि घायल व्यक्ति का नाम प्रकाशित न करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह खतरे से बाहर है। मामले की जांच के दौरान एक और व्यक्ति को भी पकड़ा गया है जो हमले से पहले दोनों पक्षों के बीच तीखे तर्क में शामिल था।

वाराणसी पुलिस ने मामले की जांच के दौरान बताया है कि पड़ोसी के पानी देने से इनकार करने के बाद युवक आक्रोशित हो गया था।

“बिहार में महिला मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप नेशनल डेमोक्रेटिक एलायन्स पर”

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने नेशनल डेमोक्रेटिक एलायन्स (एनडीए) पर आरोप लगाया है कि वे बिहार की महिला मतदाताओं को धोखा देने के लिए झूठे-सही-सुरेंगे चुनावी वादों का उपयोग कर रहे हैं।

बिहार की महिलाओं की सशक्तिकरण को लेकर एनडीए सरकार द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रमों और योजनाओं के संबंध में तेजस्वी ने कहा कि यह सिर्फ घोषणाओं का खेल है। उन्होंने कहा, “एनडीए नीति निर्माताओं ने बिहार की महिलाओं को दावा किया है कि वे उनकी भलाई के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन असल में, वे महिलाओं का शोषण करने के लिए उनके सशक्तिकरण का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।”

मीडिया में, उन्होंने कहा कि जब एनडीए सरकार ने कुछ वर्ष पहले किशोरावस्था पूरा करने वाली प्रेग्नेंट लड़की को भ्रूण हत्या (एमसीएम) अधिनियम के तहत प्रत्येक न्यूनतम कानूनी, शारीरिक और आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने केवल एक फोटो के माध्यम से घोषणा को प्रमोट किया।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार का मुद्दा गरमाया, तेजस्वी यादव ने सरकार से पूछे सवाल

वैश्विक महिला दिवस पर बिहार की 18 लाख बेरोजगार नौजवान महिलाओं की पीड़ा को साझा करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सरकार के मंत्रियों को प्रश्न किया है। उन्होंने कहा कि इन नौजवान महिलाओं के लिए बिहार सरकार द्वारा कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यह मुद्दा बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

तेजस्वी यादव ने एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार की 18 लाख बेरोजगार नौजवान महिलाओं की समस्या पर बिहार सरकार के मंत्रियों को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये नौजवान महिलाएं चुनाव में अपनी प्रतिभा का परिचय देना चाहती हैं, क्योंकि उनकी शिक्षा पर बिहार सरकार की जिम्मेदारी है। यह बात बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे को और भी जटिल बना देती है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि 18 लाख महिलाओं के बेरोजगारी की समस्या पर बिहार सरकार को जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने पूछा कि सरकार ने उनकी शिक्षा और रोजगार के मामले में क्या कदम उठाए हैं। यह सवाल बिहार सरकार के लिए एक बड़ा चुनौती हो सकता है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि इन नौजवान महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को इन महिलाओं के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए। यह बात बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे को और भी महत्वपूर्ण बना देती है।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार का मुद्दा एक बड़ा विषय है। यह मुद्दा बिहार सरकार के लिए एक बड़ा चुनौती हो सकता है। तेजस्वी यादव के सवालों ने इस मुद्दे को और भी जटिल बना दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सवालों का जवाब बिहार सरकार को देना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है। बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार का मुद्दा एक बड़ा विषय है और इसका समाधान निकालना जरूरी है।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे पर तेजस्वी यादव के सवालों ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या होता है। बिहार सरकार को इस मुद्दे पर कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।

बिहार में महिला रोजगार योजना के तहत दूसरी किस्त की राशि का ट्रांसफर होगा – बिहार की 40 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार योजना के तहत मिलेगी मदद

बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दूसरी किस्त की राशि 25 अप्रैल को ट्रांसफर की जाएगी. इस योजना के तहत दूसरी किस्त में 20 हजार रुपये प्रति महिला के खाते में जाने वाले हैं।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत, पहले 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई थी. दूसरी किस्त के लिए 20 हजार रुपये देने की कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मई में यह राशि 40 लाख से अधिक महिलाओं के अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।

अंतिम कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चिह्नित महिलाओं के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इस योजना के तहत, पांच हजार महिलाओं को खुद का निवेश कर रोजगार शुरू करना होगा।

जीविका के अधिकारियों के अनुसार, लगभग 40 लाख से अधिक महिलाओं का सर्वे दूसरी किस्त की राशि देने के लिए किया गया है। इससे पहले, दूसरी किस्त के लिए इच्छुक महिलाओं को दिए गए 10 हजार रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र, कैश ब

मधुबनी में बारात की खुशियों में बदल गई मौत की गंभीर घटना

मधुबनी में एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें बेनीपट्टी प्रखंड के अरेर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में दो युवकों की जिंदगी समाप्त हो गई।

सोमवार सुबह को मधुबनी जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया। बताया जा रहा है कि रविवार देर रात करीब 11 बजे बारात में शामिल होने निकले दो युवकों की जिंदगी पौना मोड़ के पास हादसे में समाप्त हो गई।

पौना मोड़ क्षेत्र में यह घटना तब घटी, जब तेज रफ्तार से आए एक अज्ञात वाहन ने दोनों युवकों की बाइक को निशाना बनाते हुए जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में, दोनों युवक मौके पर दम तोड़ दिए।

मृतकों की पहचान धकजरी गांव निवासी 32 वर्षीय झमन राम और 40 वर्षीय अशोक नायक के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही अरेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया।

पुलिस अब अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है और दोनों परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। साथ ही, हादसे की जांच के लिए एक टीम गठ

UGC NET शिक्षण के मुफ्त कोचिंग प्रवेश पर रोक के बाद बिहार के ओबीसी व ईबीसी छात्र परेशान

बिहार की सरकार ने गुरुवार को यूजीसी नेट के मुकाबले में मुफ्त कोचिंग प्रवेश की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। इस फैसले से ओबीसी और ईबीसी छात्र परेशान हुए हैं।

सरकार का कहना है कि उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नई नीति के तहत कुछ बदलाव करने के बाद फिर से आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी होगी। नई नीति के तहत पिछड़े वर्ग के छात्रों को पहले की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक अंक मिलेंगे।

बिहार के कोचिंग प्रवेश के लिए पहली बार चुनिंदा प्रवेश शुरू होने से अधिकांश छात्र परेशान हैं। सरकार के फैसले से चयनित छात्र बेकाबू हैं। छात्रों का कहना है कि उनका समय बेकार हो गया है और उन्हें अपनी तैयारी बंद करनी पड़ी है।

UGC-NET के लिए इस साल आवेदन प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू हुई थी। आवेदन प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने वाले ज्यादातर छात्र ओबीसी और ईबीसी वर्ग से हैं। बिहार के अधिकांश छात्रों के लिए 15 अप्रैल की अंतिम तिथि खत्म हो गई है।

सरकार के फैसले के बाद छात्रों की स्थिति और भी जटिल हो गई है।

जापान की सबसे महंगी मियाज़ाकी आम अब बिहार के एक किसान के घर के बागीचे में है

बिहार में एक किसान की खेती की कहानी अब दुनिया के सिर में सिर हैैं। वहाँ के एक किसान ने दुनिया की सबसे महंगी मियाज़ाकी आम को अपनी खेती में लगाया है, जिसकी कीमत कई लाख रुपये है। यह आम जापान के मियाज़ाकी शहर से आयात किया गया है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता और अनोखे स्वाद के लिए जाने जाते हैं।

भारत में मियाज़ाकी आम बहुत कम मिलते हैं और इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। लेकिन बिहार के किसान नेहले राम ने इन आमों को अपनी खेती में लगाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वह इन आमों को खेती में लगाने से पहले कई महीनों तक इन पर अनुसंधान करेंगे ताकि वे उन्हें सही तरीके से उगा सकें।

नेहले राम को यह आम भारतीय किसानों के लिए एक प्रेरणा का कारण बन सकता है। कई किसान भी आज के समय में स्वादिष्ट और उच्च गुणवत्ता वाले फल लगाने में रुचि दिखा रहे हैं। इन किसानों को नेहले राम के इस प्रयास से प्रेरणा मिल सकती है और वे भी अपने खेतों में उच्च गुणवत्ता वाली विविध फसलें लगा सकते हैं।

मियाज़ाकी आम की मुख्य विशेषता इसकी सुंदरता और बेमिसाल मिठास है। इसे दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्म माना जाता है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
  • अनोखा रंग और आकार: पकने पर इसका रंग चमकीला गहरा लाल या रूबी जैसा हो जाता है। अपने अंडाकार स्वरूप और लालिमा के कारण इसे जापानी भाषा में ‘ताइयो-नो-तामागो’ (सूर्य का अंडा) कहा जाता है।
  • अत्यधिक मिठास: इसमें शुगर की मात्रा लगभग 15% या उससे अधिक होती है, जो इसे साधारण आमों से कहीं अधिक मीठा बनाती है।
  • बेहतरीन बनावट: इसका गूदा बहुत ही मुलायम, रसीला और बिना रेशे (fiberless) वाला होता है, जो मुँह में जाते ही घुल जाता है।
  • वजन: गुणवत्ता मानकों के अनुसार, एक मियाज़ाकी आम का वजन कम से कम 350 ग्राम होना चाहिए।
  • खुशबू: पकने पर इसमें से शहद जैसी उष्णकटिबंधीय (tropical) सुगंध आती है, जो इसके आकर्षण को और बढ़ा देती है।

पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विमानपत्तन की तैयारी

सहरसा, 27 अप्रैल – सहरसा एयरपोर्ट का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके निर्माण के बाद पूर्वोत्तर भारत के तीसरे ज्यादातर आबादी वाले शहर सहरसा में विमान सेवाएं अगले साल शुरू होने की अधिसूचना दी गई है। इस हवाई अड्डे पर उडान भरने वाले एयरलाइंस नागरिकों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी।

सहरसा के हवाई अड्डे को तैयार करने का काम लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद यात्रियों को हवाई जहाज उड़ान भरने के लिए इंतजार की घड़ियां भी जल्द ही खत्म हो जाएंगी। इससे पूर्वोत्तर भारत के लोगों को उड़ान भरने के लिए बिहार के गया जाने की जरूरत नहीं होगी। सहरसा एयरपोर्ट के निर्माण में 2500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

जानकारी के अनुसार, इस हवाई अड्डे में दो टर्मिनल बिल्डिंग होंगे। टर्मिनल-1 से छोटे हवाई जहाजों की छोटी उड़ान भर सकेंगे। जबकि टर्मिनल-2 से मध्यम एयरबस सहित बड़े विमान सेवाएं चल सकेंगी। इसके अलावा हवाई अड्डे पर निजी यात्रियों के लिए बैठने का भी उच्च गुणवत्ता वाला सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बिहार आईटीआई कैट 2026 अभियान में पंजीकरण की अवधि खत्म होने की तिथि: पंजीकरण करने के लिए सीधा लिंक जांचें और महत्वपूर्ण तिथियां

बिहार आईटीआई कैट 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अवधि आज समाप्त हो जाएगी। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रणाली परीक्षा बोर्ड (बीसीसीईबी) द्वारा आयोजित इस प्रवेश परीक्षण के लिए योग्य उम्मीदवार अपने प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण करने के लिए अंतिम अवसर है।

बिहार आईटीआई कैट 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 20 December 2025 से शुरू हो गए थे और 27 April 2026 तक जारी रहेंगे। इस प्रवेश परीक्षण के लिए पंजीकरण की अधिकतम संख्या 1,50,000 है, और सभी पात्र उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षण के लिए पंजीकरण करने के लिए अपनी आवश्यकता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।

बीसीसीईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर कैंडिडेट्स के अकाउंट में लॉगिन करने के बाद, प्रवेश परीक्षण के लिए पंजीकरण करने के लिए आवेदन पत्र भरना होगा। इसक लिए उम्मीदवारों को आवश्यक जानकारियां और दस्तावेज़ जमा करने होंगे। सीधे लिंक पर क्लिक करके उम्मीदवार प्रवेश परीक्षण के लिए संपूर्ण आवेदन प्रक्रिया की जांच कर सकते हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की चुनौती: ममता सरकार के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश

पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बिहार भाजपा के मुख्य सचिव संजय सरावगी ने कहा कि चुनावों के बाद हाल की घटनाओं से पता चलता है कि जनता ममता सरकार के प्रदर्शन से नाराज है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की नेतृत्व नीतियों ने राज्य के लोगों में निराशा की भावना पैदा की है।

संजय सरावगी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग उदास और निराश हैं। उन्होंने कहा कि यह निराशा ममता सरकार की जिम्मेदारी से दूर होने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में, ममता सरकार के कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है और यह सही समय है कि वह चुनावी प्रणाली सुधारने की दिशा में कदम उठाए।

उन्होंने पिछले दिनों के हाल के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में विद्युत की समस्या के साथ-साथ जल संकट भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों को अपने घरों को छोड़ने और गैर-जिम्मेदार लोगों को देखने वाले दृश्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ममता सरकार की विफलता को दर्शाती है।

भाजपा नेताओं का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की प्रतिष्ठा और साख नहीं बन पाने के बावजूद, ममता सरकार के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह जनाक्रोश ममता सरकार के प्रदर्शन की वजह से है, न कि भाजपा की विफलता के कारण।

संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में विकास और सुशासन के लिए काम करेगी। उन्होंने ममता सरकार से अपील की कि वह जनाक्रोश को समझे और राज्य के लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए काम करे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों से यह स्पष्ट हो गया है कि ममता सरकार के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह जनाक्रोश ममता सरकार के प्रदर्शन की वजह से है, न कि भाजपा की विफलता के कारण। अब देखना होगा कि ममता सरकार जनाक्रोश को समझने और राज्य के लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाती है।

बिहार पुलिस का आदेश: सार्वजनिक जगहों पर तिलक, बाला या सिर की धूल की अनुमति नहीं

बिहार की पुलिस द्वारा निर्गत एक आदेश चर्चा का केंद्र बन गया है जो सामाजिक समरसता और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को उजागर कर रहा है। जानकरी के अनुसार, बिहार में सुरक्षा बलों के अधिकारियों को अब सार्वजनिक जगहों पर तिलक, बाला या सिर की धूल का उपयोग करने पर रोक लगा दी है।

पुलिस महाधिष्ठान की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिहार के पुलिस अधिकारियों को लिखित आदेश दिया गया है कि वे सार्वजनिक जगहों पर अपने मुंह, हाथ, सिर को साफ रखें और अपना मुंह खोलने और बंद करने के लिए किसी भी हथेली पर धूल नहीं छोड़नी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें सिर पर मंगला तिलक या बाला का भी इस्तेमाल करने से मना किया गया है।

जिन लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा यह आदेश है, वे इसे अनुचित और अपमानजनक बता रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह आदेश बिहार के पुलिस विभाग में धार्मिक अवमानना का मामला है। उनका कहना है कि इससे न केवल धार्मिक रीति-रिवाजों का भंग होगा, बल्कि सामाजिक समरसता और मौलिक अधिकारों के दमन का भी मामला होगा।

पटना में भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला का 1000 एकड़ का कैंपस जल्द बनेगा, 250 करोड़ के निवेश से होगा विकसित

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला ने हाल ही में अपने 1000 एकड़ के भव्य कैंपस के लिए पंजीकरण कर दिया है, जो पटना के पुनपुन में स्थित होगा। यह प्रयोगशाला देश के सबसे बड़े और विश्वस्त वैज्ञानिक संस्थानों में से एक होगी, जिसमें विभिन्न प्रयोगशालाएं, संग्रहालय, शोध केंद्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के पीछे 250 करोड़ का निवेश होगा, जो इसे एक विश्वस्तरीय संस्थान बनाएगा।

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला के विकसित होने के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण की अनुमति दे दी है, जिससे निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है। यह परियोजना देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और इसका मुख्य उद्देश्य देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाना है।

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला के प्रबंधक ने कहा कि उनका मानना है कि यह परियोजना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वे इसे पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि कैंपस में विभिन्न प्रयोगशालाएं और शोध केंद्र होंगे, जो देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

इस परियोजना के साथ, भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना न केवल देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी, बल्कि यह देश के युवाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान करेगी।

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला के कैंपस का निर्माण पटना के पुनपुन में किया जाएगा, जो शहर से दूर एक शांत और सुंदर स्थान है। यह कैंपस देश के वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक आदर्श स्थान होगा, जहां वैज्ञानिक और शोधकर्ता अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए एक उपयुक्त वातावरण में काम कर सकेंगे।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद, भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला देश के वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी। यह परियोजना न केवल देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी, बल्कि यह देश के युवाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान करेगी।

भारतीय वैज्ञानिक प्रयोगशाला के कैंपस का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है, और यह परियोजना देश के वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगी। यह परियोजना न केवल देश के वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी, बल्कि यह देश के युवाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान करेगी।

बिहार में विद्युत प्रवाह की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत, कटिहार जिले में हुआ हादसा

बिहार के कटिहार जिले में एक दुखद घटना में तीन लोगों की विद्युत प्रवाह की चपेट में आकर मौत हो गई। यह事故 उस समय हुआ जब वे लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोगों ने इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। प्रशासन ने तुरंत प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने के लिए कदम उठाए।

घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि वे घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत प्रवाह की चपेट में आकर होने वाली मौतें एक बड़ा मुद्दा है और इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

कटिहार जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाने के लिए एक समिति गठित की है। इस समिति का काम प्रभावित परिवारों को आर्थिक और अन्य प्रकार की सहायता पहुंचाना होगा। स्थानीय लोगों ने भी पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आना शुरू कर दिया है।

बिहार सरकार ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि वे घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। सरकार ने कहा है कि वे पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाएंगे। घटना के बाद से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

बिहार में जल मार्ग से कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम, 21 जगहों पर जल स्टेशनों का निर्माण जारी

बिहार में रोड, ट्रेन और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ अब जल मार्ग के जरिए भी सफर किया जा सकेगा। इसके लिए बिहार के 11 जिलों को चुना गया है, जहां 21 जगहों पर जल स्टेशन बनाए जाएंगे। ये जल स्टेशन गंगा नदी और गंडक नदी के घाट पर बनाए जा रहे हैं, जिससे पटना से भागलपुर और पश्चिम चंपारण जाना आसान हो जाएगा।

इन जल स्टेशनों के निर्माण से लोगों के पास रोड, ट्रेन और हवाई मार्ग के अलावा जल मार्ग का विकल्प भी मिलेगा। यात्री पानी में सफर का मजा ले सकेंगे और उन्हें पर्यटन विभाग, जल परिवहन की ओर से विभिन्न सुविधाएं मिलेंगी। पटना जिले में 5 जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें दीघा, पानापुर, नासरीगंज, बाढ़ और नकटा दियारा शामिल हैं।

फिलहाल, बाढ़ और दीघा में जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, वैशाली, सोनपुर, पश्चिम चंपारण, बेगूसराय, कटिहार, समस्तीपुर और मुंगेर जिलों में भी जल स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इन जल स्टेशनों के बन जाने से बिहार की जल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों को सफर करने में आसानी होगी।
अब तक की जानकारी के मुताबिक, 21 जल स्टेशनों में से 18 जिलों में जल स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। बाकी के जल स्टेशनों का काम जारी है। जल परिवहन विभाग की ओर से इन जल स्टेशनों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

इन जल स्टेशनों के अलावा, पटना से भागलपुर और पश्चिम चंपारण जाने के लिए भी जल मार्ग का उपयोग किया जा सकेगा। इससे न केवल लोगों को सफर करने में आसानी होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहार सरकार की ओर से जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे राज्य की आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।
जल परिवहन विभाग की ओर से इन जल स्टेशनों के निर्माण के लिए विशेष धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि का उपयोग जल स्टेशनों के निर्माण और अन्य सुविधाओं के विकास में किया जा रहा है। जल परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि जल मार्ग के जरिए लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।

इन जल स्टेशनों के निर्माण से बिहार के लोगों को नए अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी वृद्धि होगी। जल परिवहन विभाग की ओर से इन जल स्टेशनों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और राज्य का विकास हो सके।

बिहार सरकार की ओर से जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। इन कदमों से न केवल लोगों को सफर करने में आसानी होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जल परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि जल मार्ग के जरिए लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।

बिहार में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की आगाही, 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

बिहार के मौसम में अचानक बदलाव आ गया है, जिसके कारण 13 जिलों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया गया है। यह बदलाव लगातार बढ़ते तापमान के बीच आया है, जो अब तक जारी था।

बिहार में 18 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जिसके अनुसार 24 घंटे के भीतर कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे राज्य में बारिश होने की संभावना है, जो अगले 24 घंटे में हो सकती है। इससे आमजन में राहत है, क्योंकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

बिहार के कई शहरों में तापमान में गिरावट आने से लोगों में राहत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जून के दिन तापमान में गिरावट आने के बाद 19 जून को भी तापमान में गिरावट ही देखी जा सकती है। यह बदलाव लोगों के लिए राहत देने वाला है, क्योंकि गर्मी से लोग परेशान थे।

बिहार की वायु प्रदूषण के आंकड़े भी अचानक बढ़ने से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है, क्योंकि भारी बारिश और तेज़ हवाएं आने से लोगों को परेशानी हो सकती है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और अपने घरों में ही रहें।

इस बीच, मौसम विभाग ने लोगों को अपडेट्स देने के लिए अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स लेते रहें और सावधानी बरतें। यह बदलाव लोगों के लिए राहत देने वाला है, लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

बिहार के मुख्यमंत्री की चेतावनी, एक महीने से अधिक समय तक फाइलें रोकने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

बिहार के मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि वे एक महीने से अधिक समय तक फाइलें रोकते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान Bihar के प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

इस कदम से यह उम्मीद की जा रही है कि अधिकारी अब अपने काम में और अधिक जिम्मेदारी से काम लेंगे और फाइलों को जल्द से जल्द निपटाने का प्रयास करेंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री का यह बयान एक स्पष्ट संकेत है कि वह राज्य के प्रशासनिक तंत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

इस फैसले का सीधा असर राज्य के नागरिकों पर पड़ेगा, जो अब तक अपने कामों के लिए लंबे समय तक इंतजार करने को मजबूर थे।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फैसला वास्तव में कितना प्रभावी साबित होता है और क्या यह बिहार के प्रशासनिक तंत्र में वास्तविक सुधार ला पाता है।

बिहार के मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है और यह उम्मीद की जा रही है कि यह राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान करेगा।

इस फैसले से यह साफ है कि बिहार के मुख्यमंत्री अपने राज्य के नागरिकों की समस्याओं को समझते हैं और उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बीजेपी पर तेजस्वी यादव का हमला: बिहार के नेता ने की बंगाल के लोगों से अपील

बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी को जुमला पार्टी करार दिया और कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को बिहार जैसी गलती नहीं दोहरानी चाहिए। तेजस्वी यादव ने यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दिया है, जहां बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी ने बिहार में झूठे वादे किए थे और लोगों को बरगलाने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने بिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया है और अब वह पश्चिम बंगाल में भी वही गलती दोहराने की कोशिश कर रही है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और वह तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। लेकिन तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी की नीतियां और वादे झूठे हैं और लोगों को उनके झांसे में नहीं आना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे बीजेपी के झूठे वादों में नहीं आएं और तृणमूल कांग्रेस को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बहुत काम किया है और वह राज्य के भविष्य के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

बीजेपी ने तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही इसका जवाब देगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच की टक्कर दिलचस्प होती जा रही है और दोनों पार्टियां अपनी-अपनी जीत के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे मई में आएंगे और यह देखना दिलचस्प होगा कि लोग बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस में से किसे चुनते हैं। तेजस्वी यादव के बयान ने चुनावों में एक新的 मोड़ ला दिया है और यह देखना होगा कि इसका क्या असर चुनावों पर पड़ता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में अब तक कई दिलचस्प मोड़ आए हैं और यह उम्मीद की जा रही है कि आगे भी ऐसे ही मोड़ आएंगे। तेजस्वी यादव के बयान ने चुनावों में एक नई जान डाल दी है और यह देखना होगा कि इसका क्या परिणाम निकलता है।

बिहार में बुलडोजर एक्शन शुरू: सीएम सम्राट की चेतावनी के बाद आरा में 146 लोगों को नोटिस जारी

बिहार के आरा में अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र के चंदवा मोड़ से पुरानी पुलिस लाइन तक बनने वाली फोर लेन सड़क और नाले के निर्माण को लेकर प्रशासन ने करीब एक दर्जन घरों को तोड़ने की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने 146 लोगों को नोटिस जारी कर 27 अप्रैल 2026 को अंचलाधिकारी, आरा के न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और इससे प्रभावित परिवारों में बेघर होने का डर बढ़ गया है।

यह परियोजना उन योजनाओं में शामिल है, जिनका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के दौरान हुआ था। इस परियोजना का काम पहले से चल रहा है, लेकिन आगे कई मकान बीच में आ रहे हैं। मौलाबाग इलाके में एक दर्जन से अधिक घर निर्माण कार्य में बाधा बने हुए हैं, जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के तारापुर में एक कार्यक्रम के दौरान साफ कहा कि राज्य में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि जब मेरा घर टूट सकता है, तो अतिक्रमण करने वाले किसी का भी नहीं बचेगा। उन्होंने सरकारी जमीन पर बने हर अवैध निर्माण को हटाने की बात कही, जिससे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है।

पिछले एक हफ्ते में राज्य के कई जिलों में अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। आरा के अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और छपरा जैसे जिलों में भी सड़क चौड़ीकरण, नाला निर्माण और सरकारी जमीन खाली कराने को लेकर अभियान चलाया गया है। इससे प्रभावित इलाकों में लोगों की नाराजगी भी बढ़ती दिख रही है, जिनमें से कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में पक्षपात हो रहा है और चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

फिलहाल, प्रशासन ने सभी नोटिसधारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि किन-किन घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रभावित परिवारों के सामने घर छिनने का खतरा खड़ा हो गया है, जिससे उनमें डर और असंतोष का माहौल है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही अतिक्रमण हटाने का काम पूरा हो जाएगा और परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

बिहार में अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है, जिसमें विपक्षी दलों ने政府 पर पक्षपात का आरोप लगाया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सरकार को अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई करनी होगी, लेकिन इससे प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी होगी।

बिहार के रुपये 12.8 लाख चोरी मामले में डिली पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार

बिहार के एक बड़े चोरी मामले में आरोपी को पुलिस ने पकड़ لیा है। गौरतलब है कि बीते 19 फरवरी से दिल्ली की क्राइम ब्रांच और बिहार की पुलिस एक संयुक्त अभियान चला रही थी। इस अभियान के दौरान आरोपी को 26 अप्रैल को दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन पर पकड़ लिया गया।

बिहार के जिला पूर्वी चंपारण में हुई इस चोरी मामले में दिल्ली की पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी को पकड़ने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों के लिए जेल में रखा गया है।

चोरी मामले में तीन लाख 85 हजार 760 रुपये की चोरी से संबंधित था। आरोपी की गिरफ्तारी में दिल्ली की क्राइम ब्रांच और बिहार की पुलिस के संयुक्त प्रयास से सफलता तब मिली जब पुलिस के सूत्रों की ओर से यह जानकारी दी गई कि यह आरोपी दिल्ली के कोतवाली थाना क्षेत्र में मौजूद था।

नीतीश कुमार अभी भी बिहार के सीएम: नीतीश कुमार की पार्टी के कार्यक्रम में उनकी प्रशंसा

नीतीश कुमार को एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया है, लेकिन इसके केवल 12 दिन ही बीते हैं कि उन्होंने अपने इस पोस्ट से इस्तीफा दिया था। इस घटना ने जेडीयू के विस्तृत प्रस्तुति पत्रक को उजागर किया।

नीतीश ने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद नीतीश के अन्य गठबंधन सहयोगी पार्टियां अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जोर दे रही थीं। नीतीश के इस्तीफे के लगभग 12 दिनों के समय में, राजनीतिक घटनाक्रम भी उतार-चढ़ाव के साथ जारी रहे।

इस घटनाक्रम के बाद भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार नीतीश कुमार की प्रशंसा करते नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री नियुक्त किया। इस मामले में जेडीयू ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा है की नीतीश ने अपनी मुख्यमंत्री की ड्यूटी निभाने के लिए कोई सहमति नहीं दी और न ही उनके खिलाफ कोई आरोप लगाए गए हैं।

यह एक महत्वपूर्ण विकास है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि में बदलाव के बारे में सोचा जा रहा है, क्योंकि राज्य में राजनीत

छपरा से सीवान जाने वाले मार्ग पर भयानक ट्रैफिक हादसा हुआ है। इस दुर्धर्ष हादसे में हाल ही में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से छपरा लौट रहे जागरण टीम के दो सदस्यों की मृत्यु हो गई है।

सीवान जिले के पूरबी हाईवे पर मार्ग के एक टीले पर ट्रॉली और ट्रैक्टर का विस्फोटक टक्कर से भयानक हादसा हुआ। इस हादसे में 30 वर्षीय दंपत्ति ने ही अपनी जान गंवाई।

हादसा शाम को 6 बजे के करीब मार्ग के पास घटित हुआ। प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि हादसा गाड़ी चलाने के दौरान ट्रैक्टर चालक द्वारा गाड़ी का टक्कर किया गया है।

कहा जा रहा है ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर को वाहन के पिछली ओर से टक्कर मारकर भाग गया। हालांकि, पुलिस को अभी तक इस हादसे में शामिल लोगों को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जागरण टीम के दो सदस्यों शिवकुमार पांडेय और सुमित्रा देवी दोनों ही इलाहाबाद के बाराबंकी से छपरा के लिए गाड़ी से सफर कर रहे थे। उनकी गाड़ी को ट्रैक्टर ने टक्कर मारी जिसमें दोनों की मृत्यु हो गई।

हादसे के पीछे का कारण जांच का विषय बना हुआ है।

नवविवाहिता की संदिग्ध मौत पर परिवार के सदस्यों का गायब होना

बिहार के सुपौल जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। नवविवाहिता ने जिस प्रेम विवाह का वचन जोड़ा था, वही प्रेम उसकी मौत का कारण बन गया। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय श्वेता देवी ने 4 अक्टूबर को बिरौल थाना में हुई एक सामाजिक समारोह में प्रेम विवाह का वचन जोड़ा था। इसके ठीक छह महीने बाद 10 अप्रैल की रात श्वेता देवी की लाश सड़क के किनारे मिली, जिसकी मौत का कारण अज्ञात बताया गया है।

पुलिस ने बताया कि श्वेता देवी की नाजुक तबीयत के कारण उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराने के लिए उसके पति और परिवारवालों को रिपोर्ट करनी पड़ी, लेकिन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने श्वेता देवी के पति और परिवार को बिरौल थाना में पेश होने के लिए कहा, लेकिन उनके पति और स्वजन फरार हैं।

पुलिस ने श्वेता देवी के परिवार के मानवीय साथी से पूछताछ की है, लेकिन उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्वेता देवी के साथ उसके पति के संघर्ष के बारे

बिहार में पहली दाल की खरीद में 100 एमटी का आंकड़ा पार, राज्य के किसानों को मिला लाभ

बिहार में दाल की खरीद के लिए शुरू की गई पहली योजना में 100 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर लिया गया है। यह उपलब्धि राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी सफलता है, जिन्हें अपनी उपज बेचने के लिए पहले कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

इस योजना के तहत, राज्य सरकार ने दाल की खरीद के लिए विभिन्न केंद्रों की स्थापना की है, जहां किसान अपनी उपज बेच सकते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर दाल की खरीद की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। यह योजना न केवल किसानों के लिए लाभकारी है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने में मदद कर रही है।

बिहार में दाल की खरीद के लिए शुरू की गई इस योजना की सफलता से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिल सकती है। यह योजना किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे वे अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकते हैं।