Bihar News 3 November 2026: बिहार में मंगलवार, 3 नवंबर को शिक्षा, राजनीति, सड़क निर्माण, जमीन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई अहम खबरें सुर्खियों में हैं। बिहार बोर्ड ने 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट-अप परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। दूसरी ओर, राजस्व कर्मचारियों और अमीनों को काम पर लौटने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन में रिसाव के बाद हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत और छह लोगों के घायल होने की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र से करीब 49,751 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है।
मुख्य Highlights: बिहार की आज की बड़ी खबरें
- बिहार बोर्ड की 10वीं और 12वीं की सेंट-अप परीक्षाएं नवंबर में होंगी।
- अमीनों और राजस्व कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम।
- मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन ब्लास्ट, एक की मौत और छह घायल।
- सम्राट चौधरी ने नितिन गडकरी से 49,751 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की।
- लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने दिल्ली में कपिल सिब्बल से मुलाकात की।
- भागलपुर में नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधा।
- दिवाली और छठ पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे की विशेष ट्रेनों की तैयारी।
- बिहार में नदी ड्रेजिंग से निकली गाद का सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की योजना।
- बिहार के शिक्षा विभाग में वरिष्ठ IAS अधिकारी सीके अनिल ने जिम्मेदारी संभाली।
1. बिहार बोर्ड 10वीं-12वीं की सेंट-अप परीक्षा की तारीखें घोषित
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट-अप परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार, इंटरमीडिएट की सेंट-अप परीक्षा 19 से 28 नवंबर 2026 तक आयोजित होगी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 23 से 27 नवंबर के बीच होगी।
इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक और मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
बोर्ड के अनुसार, सेंट-अप परीक्षा में शामिल होना और सफल होना नियमित परीक्षार्थियों के लिए जरूरी है। परीक्षा में शामिल नहीं होने या असफल रहने वाले विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा का प्रवेश पत्र रोका जा सकता है। हालांकि, पिछले वर्ष के परीक्षार्थियों, कंपार्टमेंटल और इम्प्रूवमेंट श्रेणी के विद्यार्थियों को इस परीक्षा से छूट दी गई है।
विद्यार्थियों के लिए जरूरी: यह सेंट-अप परीक्षा का कार्यक्रम है, वार्षिक मैट्रिक और इंटर परीक्षा की अंतिम तारीखों का नहीं।
2. अमीनों और राजस्व कर्मचारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम
बिहार में राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की हड़ताल से जमीन से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का निर्देश दिया है।
विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अमीनों और राजस्व कर्मचारियों को पहले भी बातचीत के दौरान उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद सामूहिक अवकाश या हड़ताल जारी रखने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
आदेश में कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर योगदान नहीं देने वाले कर्मचारियों को अनधिकृत अनुपस्थित माना जा सकता है। उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हड़ताल की अवधि का वेतन भी देय नहीं होगा।
हड़ताल का सीधा असर दाखिल-खारिज, जमीन की मापी, राजस्व प्रमाणपत्र और अंचल कार्यालयों से जुड़े दूसरे कामों पर पड़ रहा है।
3. मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन में विस्फोट, एक की मौत
मुजफ्फरपुर के गोबरसही-दुमरी इलाके में सोमवार को PNG गैस पाइपलाइन में रिसाव के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कम से कम छह लोग घायल हो गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, नाले के निर्माण के दौरान JCB मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान भूमिगत PNG पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और गैस रिसाव के बाद विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि चार मंजिला इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के करीब 100 मीटर के दायरे में कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।
यह घटना शहरी इलाकों में गैस पाइपलाइन के आसपास खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
4. बिहार में 49,751 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने की कोशिश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बिहार की चार प्रमुख सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 49,751 करोड़ रुपये बताई गई है।
इनमें प्रमुख परियोजनाएं हैं:
- पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: लगभग 31,987 करोड़ रुपये।
- सरिस्ताबाद-दीदारगंज और अनीसाबाद-दीदारगंज सड़क परियोजना: लगभग 8,455 करोड़ रुपये।
- वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड हाईवे: लगभग 7,331 करोड़ रुपये।
- गंडक नदी पर पुल और संपर्क मार्ग: लगभग 1,976 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के बिहार वाले हिस्से को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे के रूप में अधिसूचित करने और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे को आगे बढ़ाने का भी अनुरोध किया।
इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने पर बिहार के कई जिलों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। इससे यात्रा समय घटाने, माल ढुलाई को आसान बनाने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। फिलहाल इन परियोजनाओं को अंतिम केंद्रीय स्वीकृति मिलना बाकी है।
5. लैंड फॉर जॉब केस: लालू-तेजस्वी ने कपिल सिब्बल से की मुलाकात
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से मुलाकात की है। यह मुलाकात सोमवार देर रात सिब्बल के आवास पर हुई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में लैंड फॉर जॉब मामले में कानूनी पैरवी को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे और बातचीत के विस्तृत ब्योरे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
लैंड फॉर जॉब मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले कुछ लोगों से जमीन ली गई थी। इस मामले में लालू प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।
मामले की कानूनी स्थिति और अदालत में आगे की सुनवाई पर बिहार की राजनीति की नजर बनी हुई है।
6. भागलपुर में नितिन नवीन का राहुल गांधी पर हमला
भाजपा नेता नितिन नवीन ने भागलपुर में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी को विदेशी टूल बताते हुए यह टिप्पणी की।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। एक ओर भाजपा और उसके सहयोगी विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्षी दल सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन की नीतियों को लेकर लगातार हमलावर हैं।
राजनीतिक बयानों के बीच जनता के लिए रोजगार, शिक्षा, महंगाई, सड़क और बाढ़ नियंत्रण जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
7. दिवाली-छठ पर बिहार आने वालों के लिए विशेष ट्रेनें
दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों के संचालन की तैयारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा, दरभंगा, पूर्णिया और गया जैसे शहरों के लिए विशेष रेल सेवाएं चलाई जाएंगी।
दिल्ली, मुंबई और दूसरे बड़े शहरों से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए त्योहारों के समय टिकट उपलब्धता बड़ी चुनौती रहती है। विशेष ट्रेनों से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले ट्रेन का नंबर, परिचालन तिथि, ठहराव और टिकट उपलब्धता रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES पर जरूर जांच लें।
8. बिहार की नदियों की ड्रेजिंग, निकली गाद से बनेंगी सड़कें
बिहार में नदियों की ड्रेजिंग यानी तल से गाद और सिल्ट निकालने की योजना को लेकर केंद्र की ओर से पहल की खबर सामने आई है। योजना के तहत नदियों से निकाली गई गाद का उपयोग सड़क निर्माण में करने पर विचार किया जा रहा है।
बिहार में गाद जमा होना, नदी की धारा में बदलाव और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा लंबे समय से चुनौती रहे हैं। यदि ड्रेजिंग वैज्ञानिक तरीके से और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप की जाती है, तो इससे नदी की जलधारण क्षमता और नौवहन जैसी गतिविधियों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, ड्रेजिंग को बाढ़ का स्थायी समाधान मानना सही नहीं होगा। इसके लिए नदी बेसिन प्रबंधन, तटबंधों की निगरानी, जल निकासी, जलग्रहण क्षेत्र का संरक्षण और नेपाल से आने वाले जल प्रवाह पर समन्वय भी जरूरी है।
9. शिक्षा विभाग में वरिष्ठ IAS अधिकारी सीके अनिल ने संभाली जिम्मेदारी
बिहार के शिक्षा विभाग में वरिष्ठ IAS अधिकारी सीके अनिल के जिम्मेदारी संभालने की खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक विभागों में से एक है, जहां स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती, छात्रवृत्ति, परीक्षा व्यवस्था, आधारभूत संरचना और शैक्षणिक गुणवत्ता जैसे कई महत्वपूर्ण काम होते हैं।
विभाग के सामने शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूलों में नियमित पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने जैसी चुनौतियां हैं। नए प्रशासनिक नेतृत्व से इन कामों में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
10. मुजफ्फरपुर के बुद्ध पोखर छठ घाट पर गंदगी की शिकायत
मुजफ्फरपुर में ऐतिहासिक बुद्ध पोखर छठ घाट पर गंदगी के बीच व्रतियों को अर्घ्य देने की नौबत आने की खबर सामने आई है। छठ जैसे बड़े लोक आस्था के पर्व पर घाटों की साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा और पहुंच मार्ग की व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
छठ पूजा के दौरान लाखों श्रद्धालु नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे अर्घ्य देते हैं। ऐसे में घाटों की सफाई और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर व्रतियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
Insights: बिहार की आज की खबरों से क्या संकेत मिलते हैं?
3 नवंबर की खबरें बिहार के सामने मौजूद तीन बड़ी चुनौतियों और अवसरों को उजागर करती हैं। पहली चुनौती प्रशासनिक सेवाओं की है। अमीनों और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से जमीन से जुड़े आम नागरिकों के काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकार का 24 घंटे का अल्टीमेटम समस्या का प्रशासनिक समाधान हो सकता है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर समयबद्ध बातचीत और सेवा बहाली भी जरूरी है।
दूसरी चुनौती बुनियादी ढांचे और सुरक्षा की है। एक तरफ राज्य में हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है, वहीं मुजफ्फरपुर का गैस पाइपलाइन हादसा यह याद दिलाता है कि विकास कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। निर्माण एजेंसियों, गैस कंपनियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष शिक्षा है। बिहार बोर्ड की सेंट-अप परीक्षाओं की तारीखें घोषित होने से विद्यार्थियों को तैयारी का समय मिल गया है। अब स्कूलों और बोर्ड की जिम्मेदारी है कि परीक्षा कार्यक्रम, केंद्र, प्रश्नपत्र और मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
बिहार के विकास का आकलन केवल नई सड़कों और बड़ी परियोजनाओं से नहीं होगा। आम लोगों को समय पर जमीन संबंधी सेवाएं, सुरक्षित निर्माण, बेहतर शिक्षा और त्योहारों के दौरान स्वच्छ-सुरक्षित सार्वजनिक सुविधाएं मिलना भी उतना ही जरूरी है।