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कोरोना को लेकर अलर्ट सरकार ने बायोमैट्रिक पंच पर लगायी रोक

पटना । बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग ने बायोमैट्रिक सिस्टम से बनने वाली अटेंडेंस पर अगले 2 सप्ताह के लिए लगायी रोक । इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने जारी किया आदेश ।

कहा है कि संक्रमण बढ़ने की आशंका है इसलिए अगले 2 सप्ताह तक बायोमैट्रिक सिस्टम से कोई भी अटेंडेंस नहीं बनाई जाए। सभी जिलाधिकारी सभी विभागाध्यक्ष को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है और इसका तत्काल पालन करने का निर्देश दिया गया।

खुल गया बिहार फिर भी सावधान रहने की जरूरत है

#Covid19 कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार को देखते हुए 8वीं कक्षा तक के सभी विद्यालय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ तथा 9वीं एवं ऊपर की कक्षाओं से संबंधित सभी विद्यालय एवं महाविद्यालय तथा कोचिंग संस्थान शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुल सकेंगे।

सभी सरकारी कार्यालय प्रतिदिन सामान्य रूप से खुलेंगे। केवल टीका प्राप्त आगंतुकों को ही कार्यालय में प्रवेश अनुमान्य होगा।

सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल एवं धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेंगे। सभी पार्क एवं उद्यान प्रातः 6 बजे से अपराह्न 2 बजे तक खुलेंगे। सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानें (आगंतुकों के साथ) 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगी।

जिला प्रशासन की पूर्वानुमति से सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन अपेक्षित सावधानियों के साथ आयोजित किए जा सकेंगे। विवाह समारोह, अंतिम संस्कार/श्राद्ध कार्यक्रम अधिकतम 200 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ आयोजित किये जा सकेंगे।

हम सभी बिहारवासियों को कोविड के कारण अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क के उपयोग के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करना नितांत आवश्यक है।

कोरोना की लड़ाई में सहायक साबित हो रहा प्रचार माध्यमः मंगल पांडेय

#Covid19 कोरोना की लड़ाई में सहायक साबित हो रहा प्रचार माध्यमः मंगल पांडेय
हैंडबुक, होर्डिंग व 104 हेल्पलाइन के जरिये लोगों को किया जा रहा जागरूक
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में स्वास्थ्य महकमा विभिन्न स्तरों पर लोगों को जागरूक कर इस महामारी से लड़ने की सीख दे रहा है। कोरोना से बचाव में जागरुकता सबसे बड़ा हथियार है। लोग जागरूक होंगे, तो महामारी के असर को कम किया जा सकता है। इसलिए विभाग विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिये कोरोना से बचाव को लेकर जागरूक कर रहा है।

श्री पांडेय ने कहा कि राजधानी में विभिन्न अखबारों के हॉकरां के जरिये कोरोना की जानकारी व बचाव संबंधी 8 पन्ने का एक हैंडबुक बांटा गया है। इस हैंडबुक में कोरोना के नए वेरिएंट की तमाम जानकारियां व उसके माइल्ड लक्षण से लड़ने की पूरी जानकारी दी गयी है। वहीं विभिन्न अखबारों के जरिये प्रदेशभर में अखबार में दिए जा रहे विज्ञापनों के जरिये लोगों को कोरोना संबंधी अहम जानकारियां मुहैया करवायी जा रही है। अखबारों में मास्क पहनने से लेकर कोविड टीकाकरण लेने तक के लिए अपील की गयी है। साथ ही प्रदेश कि विभिन्न जिलों के लिए हेल्पलाइन नंबर के भी विज्ञापन जारी किए गये हैं, ताकि लोगों को जानकारियां हासिल करने में सहुलियत हो। अखबारों के माध्यम से 15 से 18 वर्ष के किशोर, किशोरी को कोविड लगवाने की अपील की गयी है। विज्ञापनों के जरिये अस्पतालों की सुविधाएं व निजी अस्पतालों में तय दर की जानकारियां भी दी गयी।

श्री पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी समेत अन्य जिलों में होर्डिंग के माध्यमों से लोगों को जागरूक और सतर्क किया जा रहा है। कोरोना से बचाव और उपचार से संबंधित राज्यस्तरीय हेल्पलाइन नंबर 104 भी कोरोना की लड़ाई में कारगर साबित हो रहा है। होर्डिंग के जरिये सराकरी हेल्पलाइन 104 की जानकारी भी दी गयी, जिसमें प्रतिदिन लोग फोन कर कोरोना संबंधी सलाह ले रहे हैं। इस नंबर पर कोविड के गाईडलाइन की जानकारी दी जा रही है।

साथ ही कोविड के नए वेरिएंट के बारे में भी बताया जा रहा है। एक सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो 6 जनवरी को 1240, 7 जनवरी को 1290, 8 को 1367, 9 को 1455, 10 को 1570, 11 को 1684, 12 को 1710, 13 को 1216, 14 को 1150, 15 को 1265, 16 को 1354 और 17 जनवरी को 1270 काल आए हैं। हेल्पलाइन नंबर के जरिये कोविड के लिए मेडिकल किट बांटने की प्रक्रिया में भी मदद मिल रही है। हेल्थ एडवाइजर अफसर लोगों की समस्या सुनते हैं। यदि किसी को चिकित्सीय परामर्श चाहिए तो उन्हें चिकित्सक से भी कॉल के जरिये बात करवाया जा रहा है।

कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने को तैयार है स्वास्थ्यकर्मी -मंगल पांडेय

#Covid19 कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने हेतु स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया विशिष्ट प्रशिक्षणः मंगल पांडेय
सूबे में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई मजबूत

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर्स एवं पारा मेडिकल कर्मियों को हर स्तर से तैयार कर रहा है। इसी क्रम में सूबे के मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों में 317 डॉक्टर्स एवं पारा मेडिकल कर्मियों को एम्स, पटना द्वारा विशिष्ठ ट्रेनिंग संपन्न हुई। इन्हें वेंटिलेटर के संचालन, रखरखाव एवं ऑक्सीजन थेरापी पर वर्चुअल माध्यम से विशेष प्रशिक्षण 13 जनवरी से चल रहा था।

श्री पांडेय ने कहा कि इन कर्मियों को हाई फ्लो नेजल कैनुला, नान इन्वेसिव वेंटिलेशन, इन्वेसिव वेंटिलेशन, वेंटिलेटरी सपोर्ट संबंधी विषय वस्तुओं पर 17 जनवरी तक प्रशिक्षण दिया गया। पूर्व में भी जिला स्तर पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को इससे संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावे विभाग द्वारा कोरोना मरीजों के लिए सूबे के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में जरूरी दवा और अन्य सामग्री निरंतर मुहैया करायी जा रही है।

श्री पांडेय ने कहा कि कोविड संक्रमित अधिकतर व्यक्ति होम आईसोलेशन या कोविड केयर सेंटर में सामान्य उपचार से स्वस्थ हो जा रहे हैं, लेकिन कुछ गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन एवं अन्य सपोर्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य में ऑक्सीजनयुक्त बेड, आईसीयू बेड एवं वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था को पहले से और भी ज्यादा सुदृढ़ किया जा रहा है।

कोरोना को लेकर आज हाईकोर्ट में फिर हुई सुनवाई सरकार के जबाव से कोर्ट सहमत नहीं

#Covid19 पटना हाईकोर्ट में राज्य में कोरोना महामारी के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रभाव के रोक थाम व नियंत्रित किये जाने के मामले पर राज्य सरकार को 24 जनवरी,2022 तक जवाब देने का मोहलत दिया हैं। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।

पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने इस महामारी के रोक थाम और नियंत्रित करने के लिए की जा रही कारवाइयों का ब्यौरा दिया। कोर्ट ने आज राज्य सरकार को कोरोंना महामारी के नियंत्रण और रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई का विस्तृत जानकारी अगली सुनवाई में पेश करने को कहा है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा था कि करोना महामारी के तीसरे लहर के रोकथाम और स्वास्थ्य सेवा की क्या कदम उठाए जा रहे है। पिछली सुनवाई में एडवोकेट जेनरल ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस महामारी पर नियंत्रण के कई तरह के राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं।

उन्होंने कोर्ट को बताया था कि करोना महामारी के रोक थाम के दिए गए दिशानिर्देशों का पालन सख्त तरीके किया जा रहा है।सार्वजानिक स्थलों,सिनेमा,मॉल,पार्क आदि को फिलहाल बंद कर दिया गया।साथ ही 10 रात्रि से सुबह पाँच बजे तक curfew भी प्रशासन ने लागू कर दिया है।

सरकारी,निजी दफ्तरों में कर्मचारियों के पचास फी सदी उपस्थिति के साथ ही कार्य होगा।स्कूलों कॉलेजों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई हैं।
उन्होंने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया था कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा को इसके महामारी से निबटने कार्रवाई करने को तैयार किया जा रहा।सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में करोना मरीज के ईलाज के पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि अभी दो लाख व्यक्तियों का प्रति दिन टेस्ट किया जा रहा है।ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त है और अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के पूरी कार्रवाई हो रही है।

जो व्यक्ति करोना से पीड़ित हैं,उनके लिए ईलाज की व्यवस्था की गई है।उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।अभी जो ओम्रिकोन नामक नए वेरिएंट के तेजी से बढ़ने के कारण स्थिति में परिवर्तन हो रहा है।दिल्ली,मुंबई जैसे शहरों से ले कर देश के अन्य भागों में ओम्रिकोन फैलने का अंदेशा बना हुआ है। पटना हाईकोर्ट में भी इस महीने के प्रारम्भ से ही ऑनलाइन सुनवाई प्रारम्भ हो चुका है।

इस मामले पर 24 जनवरी, 2022 को फिर सुनवाई होगी।

बिहार में कोरोना का कहर जारी 5 लोगों की हुई मौत 40 हजार का आकड़ा हुआ पार

#Covid19 कोरोना को लेकर बिहार में सुनामी जारी है शनिवार को पटना में कोरोना के 2254 नए मामले मिले हैं। इसके अलावा 124 फॉलोअप की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें 417 बाहर के रहने वाले हैं जिन्होंने पटना में जांच कराई थी। पटना जिले में रहने वालों के 2254 नए मामले दर्ज हुए हैं।

पटना में शनिवार को NMCH में एक 40 साल की महिला की मौत हो गई वही एम्स में एक 12 वर्ष का बच्चा सहित चार लोगों की मौत हुई है इस तरह आज कुल पांच लोगों की मौत हुई। वहीं, IGIMS में 4 डॉक्टर, 4 नर्सिंग स्टाफ व एक अन्य की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इधर, बिहार में अगले महीने से शुरू हो रही मैट्रिक-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी किशोरों का टीकाकरण 26 जनवरी से पहले पूरा कराने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग ने रखा है।

शनिवार को पटना में कोरोना के 2254 नए मामले मिले हैं। इसके अलावा 124 फॉलोअप की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें 417 बाहर के रहने वाले हैं जिन्होंने पटना में जांच कराई थी। पटना जिले में रहने वालों के 2254 नए मामले दर्ज हुए हैं।
24 घंटे में संक्रमण के टॉप 3 जिले
पटना – 2116
मुंगेर – 298
मुजफ्फरपुर – 427

कोराना का कहर दूसरे लहर से भी बड़ा खतरे का संकेत सरकार ने बुलाई आपात बैठक

#Covid19 बिहार में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और ये स्थिति रही तो दूसरे लहर से भी खतरनाक हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।

बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 6541 नए मरीज मिले है. इनमें राजधानी पटना में सबसे ज्यादा 2116 कोरोना संक्रमित पाए गए है.

पटना में संक्रमण की रफ्तार हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रही है। यहां कोरोना की जांच कराने वाला हर चौथा इंसान संक्रमित है। 24 घंटे में हुई 9882 लोगों की जांच में 2275 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

इससे संक्रमण की दर अब तक की सबसे अधिक 23.02 प्रतिशत हो गई है। बिहार में 24 घंटे में 6541 नए मामले आए हैं। इनमें पटना में 2116, मुंगेर में 298, मुजफ्फरपुर में 427 नए मामले आए हैं। जिससे संक्रमण की दर अब 3.51 प्रतिशत हो गई है।

पटना में कुल 2116 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है हालांकि, 24 घंटे में राज्य के 3671 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी है। इसके बाद भी एक्टिव मामलों का आंकड़ा कोई बहुत कम नहीं हुआ है, राज्य में अभी भी 31,374 एक्टिव मामले हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी संक्रमित हो गए हैं।

वह होम आइसोलेट रहेंगे। पटना में कुल 2116 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वही तीसरी लहर में 30 दिसंबर से अब तक राज्य के 590 से अधिक डॉक्टरों और 5,000 से अधिक हेल्थ वर्करों को संक्रमित कर चुका है।

पटना AIIMS, IGIMS से लेकर PMCH और NMCH में रोज डॉक्टर पॉजिटिव हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। IMA का मानना है कि अगर हेल्थ वर्करों के संक्रमित होने की यही रफ्तार रही तो आगे मरीजों को इलाज मिलने में परेशानी हो सकती है।

कोरोना को लेकर राज्य सरकार हुआ सख्त गंगा स्नान तक पर लगायी रोक

#Covid19 भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तो तेजी से बढ़ ही रहे हैं, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. पहले कोरोना से संक्रमित 10-15 मरीज हर दिन अस्पताल में आते थे, आज 35-40 मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. यानी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तीन गुणा तक बढ़ गयी है इसको देखते हुए पीएम मोदी ने आज देश के सभी मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ कर हालात का जायजा लिये ।वही नीतीश कुमार के कोरोना संक्रमित होने कि वजह से स्वास्थ्यमंत्री मंगल पांडेय बैठक में भाग ले रहे हैं ।

वहीकोरोना की तीसरी लहर में पहली बार ऐसा हुआ है जब मौत के आंकड़ों ने डरा दिया है। महज 3 दिनों में 16 लोगों की मौत ने वायरस को हल्के में लेने वालों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। संक्रमण के आंकड़ों के साथ बढ़ता मौत का मामला यह संकेत दे रहा है कि कभी भी वायरस खतरनाक हो सकता है।

वही आज मुख्यसचिव ने सूबे के सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को आदेश दिया है कि वह स्वयं या अधीनस्थ पदाधिकारियों का दल गठित कर कोरोना को लेकर जारी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और इसको लेकर प्रतिदिन जांच किए गए व्यक्तियों की संख्या और उनसे वसूली गई रकम को लेकर रिपोर्ट भी भेजे।यह विशेष अभियान आज से तीन दिनों तक पूरे राज्य में चलेगा वही पटना DM चंद्रशेखर ने आदेश जारी किया है कि इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर मेला, गंगा स्नान और पतंबाजी पर रोक रहेगा जो भी इस नियम को नहीं मानेंगे उन पर कड़ी

बिहार में कोरोना का कहरा जारी 48 घंटे में हुई 12 मौत

#Covid19 बिहार में कोरोना का कहर जारी है पिछले 24 घंटे में 6413 कोरोना के मरीज मिले हैं जिसमें पटना में सबसे ज्यादा 2014 मरीज मिले है और इसके साथ ही राज्य में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 28659 हुई। वही पिछले 48 घंटे में 12 लोगों की मौत हो गयी है ।

कोरोना की तीसरी लहर में पहली बार एक साथ 7 मौत हुई है। पटना AIIMS में 67 साल की संक्रमित महिला की मौत हुई है। वह सारण की रहने वाली थी। 10 जनवरी को उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया था और 11 को मौत हो गई। नालंदा मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 3 मौतें हुई हैं। इनमें आलमगंज पटना के 70 साल के संक्रमित, जमुई के 70 साल के संक्रमित और पटना के गौर हट्‌टा के 68 साल के संक्रमित शामिल हैं।

1–हलके में ना ले कोरोना को घातक साबित हो सकता है

मौत का यह आकड़ा कोरोना की दूसरी लहर में भी शुरुआती दिनों में ऐसा ही था हालांकि इस बार की चुनौती दोहरी है। क्योंकि कोरोना के एक नहीं 2 वैरिएंट से लड़ाई है। इसमें एक डेल्टा है, जिसने दूसरी लहर में तबाही मचाई। वहीं, दूसरा ओमिक्रॉन, जो संक्रमण की रफ्तार को कम्युनिटी स्प्रेड कर दिया है। ऐसे में अब खतरा बढ़ रहा है। वैक्सीनेशन और कोरोना प्रोटोकाॅल में लापरवाही भारी पड़ सकती है। क्योंकि वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग भी वायरस को अंडर स्टीमेट करना खतरनाक बता रहा है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा ने तबाही मचा दी थी। इस बार भी वह जानलेवा है। मौत का कारण भी बन रहा है। वैक्सीनेशन नहीं कराने वालों पर इसका बड़ा असर दिख रहा है।

कोरोना पर स्टडी करने वाले पटना एम्स के ट्रामा इमरजेंसी के एचओडी डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि अगर वैक्सीनेटेड नहीं है और उसके बाद भी कोरोना को हल्के में ले रहे। बिना मास्क के सोशल डिस्टेंस भी नहीं मान रहे तो यह जान से बड़ा खिलवाड़ है। डेल्टा अभी खत्म नहीं हुआ था और वह आज भी एक्टिव है। ऐसे में 48 घंटों के दौरान 12 मौत खतरे की घंटी है।

2–प्रतिबंध के साथ लांक डाउन बिहार में जारी रहेगा

हालांकि आपदा प्रबंधन प्राधिकारी की बैठक में और सख्त प्रतिबंध लगाने और शनिवार और रविवार को पूर्ण कर्फ्यू पर विचार किया गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल जो पाबंदी लगी हुई है उसे ही जारी रखने के पक्ष थे फिलहाल बिहार में जारी रहेगी पाबंदी और जो गाइडलाइंस जारी हुआ है उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है एक सप्ताह बाद फिर बैठक होगी उस बैठक में हालात की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा ।

हाईकोर्ट में कोरोना महामारी से निपटने को लेकर राज्य सरकार की तैयारी पर सुनवाई टली ।

#Covid19 पटना हाईकोर्ट में राज्य में कोरोना महामारी के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रभाव के रोक थाम व नियंत्रित किये जाने के मामले पर सुनवाई कल 13 जनवरी,2022 तक टली। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।

पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने इस महामारी के रोक थाम और नियंत्रित करने के लिए की जा रही कारवाइयों का ब्यौरा दिया।

इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा था कि करोना महामारी के तीसरे लहर के रोकथाम और स्वास्थ्य सेवा की क्या कदम उठाए जा रहे है।।एडवोकेट जेनरल ने कोर्ट को बताया कि इस महामारी पर नियंत्रण के कई तरह के राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि करोना महामारी के रोक थाम के दिए गए दिशानिर्देशों का पालन सख्त तरीके किया जा रहा है।सार्वजानिक स्थलों,सिनेमा,मॉल,पार्क आदि को फिलहाल बंद कर दिया गया।
साथ ही 10 रात्रि से सुबह पाँच बजे तक curfew भी प्रशासन ने लागू कर दिया है।
सरकारी,निजी दफ्तरों में कर्मचारियों के पचास फी सदी उपस्थिति के साथ ही कार्य होगा।स्कूलों कॉलेजों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई हैं।
उन्होंने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा को इसके महामारी से निबटने कार्रवाई करने को तैयार किया जा रहा।सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में करोना मरीज के ईलाज के पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि अभी दो लाख व्यक्तियों का प्रति दिन टेस्ट किया जा रहा है।ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त है और अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के पूरी कार्रवाई हो रही है।

जो व्यक्ति करोना से पीड़ित हैं,उनके लिए ईलाज की व्यवस्था की गई है।उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।अभी जो ओम्रिकोन नामक नए वेरिएंट के तेजी से बढ़ने के कारण स्थिति में परिवर्तन हो रहा है। दिल्ली,मुंबई जैसे शहरों से ले कर देश के अन्य भागों में ओम्रिकोन बहुत तेजी से फैल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व अन्य कई हाई कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई शुरू कर दी गई है। इस स्थिति को देखते हुए पटना हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह ऑनलाइन सुनवाई प्रारम्भ हो चुका है।

इस मामले पर 13 जनवरी, 2022को सुनवाई होगी।

वेंटिलेटर के संचालन हेतु कर्मियों को मिलेगा और बेहतर प्रशिक्षण -स्वास्थ्यमंत्री

#Covid19 इलाज के लिए जिलों को केंद्र से चिह्न्ति दवाओं की उपलब्धता करायी जा रही सुनिश्चित : मंगल पांडेय

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तत्परता से काम कर रहा है। कुशल रणनीति के तहत विभाग कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार में लगा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों में केंद्र से चिह्नित जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। वहीं कोरोना के बेहतर उपचार के लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर संचालन एवं रख-रखाव के लिए मेडिकल कॉलेजों एवं जिलों में पदस्थापित डॉक्टरां और कर्मियां को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया जारी है।

श्री पांडेय ने कहा कि कोरोना मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। इसके लिए जिलों को कोरोना इलाज के चिह्नित दवाइयां र्प्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। बीएमएसआईसीएल द्वारा इन दवाओं को चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पतालों एवं सभी जिलों को केस के आधार पर दवाइयां लगातार आवंटित की जा रही है। वहीं वेंटिलेटर की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अत्यधिक विशिष्ट बनाने के लिए उसे सुचारू रूप संचालित करने के लिए चिकित्सक एवं पारामेडिकल स्टाफ के रिफ्रेशर प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस की गई है। ऐसे में चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल स्टाफ को वेंटिलेटर के संचालन एवं रख-रखाव के लिए और बेहतर प्रशिक्षण हेतु एम्स, पटना से समन्वय बनाया गया है।

श्री पांडेय ने कहा कि कोविड संक्रमण से उत्पन्न वर्तमान स्थिति में गंभीर रोगियों के उपचार को ध्यान में रखते हुए आक्सीजनयुक्त बेड, आईसीयू बेड एवं वेंटिलेटर समेत अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। इसी क्रम में सरकार द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों यथा सभी जिलों के सदर अस्पतालों में वेंटिलेंटर अधिष्ठापित कर दी गई है। साथ ही उसके संचालन के लिए कई चरणों में डॉक्टरां एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जृा चुका है।

बिहार में कोरोना का सुनामी पटना बना हाॅट स्पोट

#Covid19 बिहार में कोरोना का सुनामी जारी है आज शाम तक जारी आकड़ों के अनुसार आज 5908 लोग पॉजिटिव पाए गए। वहीं, 5 लोगों की मौत भी हुई है। मृतकों में NMCH से 2, साईं हॉस्पिटल से 1, PMCH से 1 और भागलपुर से एक संक्रमित शामिल हैं। अकेले पटना में 2202 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इधर, सोमवार को कोरोना के 4,737 नए मामले सामने आए, जो रविवार के आंकड़े से 6% कम है लेकिन इस दौरान रविवार की तुलना में जांच भी कम हुआ । रविवार को 5,022 कोरोना केस आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CM नीतीश कुमार से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। नीतीश कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से होम आइसोलेशन में हैं।

वही बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि नये वैरियंट की वजह से बढ़ता कोरोना संक्रमण जब विशिष्ट व्यक्तियों, डाक्टरों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है, तब आम नागरिकों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

उम्र या बीमारी के कारण जिन्हें बूस्टर डोज की जरूरत है, उन्हें इसके लिए बेहिचक आगे आना चाहिए।

  1. कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। केंद्र सरकार ने बिहार सहित सभी राज्यों को 156.05 करोड़ डोज उपलब्ध करायी है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी संक्रमितों में केवल 5 से 10 फीसद लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है।

लोगों को भयभीत होने के बजाय मास्क, दूरी और होम आइसोलेशन के जरिये स्वयं को सुरक्षित करना चाहिए।

बेपरवाह बिहार कोरोना के फर्जी जांच का हुआ खुलासा

#Covid19 बिहार में कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना सजग है इसको लेकर आये दिन खबर आती रहती है नया मामला समस्तीपुर से जुड़ा है जहां एक पॉजिटिव व्यक्ति का सीरम एक ही क्षेत्र के 115 लोगों के अलग-अलग नाम से RT-PCR जांच के लिए भेज दिया। इससे सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इससे पहले नालंदा में जहां देश में जिस वैक्सीन का अब तक बच्चों पर ट्रायल ही नहीं हुआ है कोवीशील्ड वो वैक्सीन दो बच्चों को लगा दिया । समस्तीपुर में दो दिन पहले एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने एक पॉजिटिव व्यक्ति का सीरम एक ही क्षेत्र के 115 लोगों के अलग-अलग नाम से RT-PCR जांच के लिए भेज दिया। इससे सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई तब पता चला कि जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है, वे एकदम भले-चंगे हैं।

मामला कल्याणपुर प्रखंड का है। मामले का खुलासा होने के बाद DM योगेंद्र सिंह के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने स्वास्थ्य कर्मी दिनेश झा को निलंबित कर दिया। इस मामले में जांच के लिए कल्याणपुर PHC प्रभारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।हुआ ऐसा कि कल्याणपुर PHC (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) से 5 जनवरी को 115 लोगों का सैंपल जांच के लिए IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्वेदिक संस्थान) पटना भेजा गया था। 7 जनवरी को सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार को कल्याणपुर टीम भेजी गई। जांच में पता चला कि PHC में एक व्यक्ति की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कर्मचारी दिनेश झा ने पॉजिटिव व्यक्ति के सीरम को अलग-अलग रख कर 115 लोगों का सैंपल बना लिया और जांच के लिए पटना भेज दिया था।          

इसके पीछे कि कहानी यह है कि आज कल पूरे बिहार में कोरोना जांच किट स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा बाजार में बेचा जा रहा है ,विभागीय लोगों का कहना है कि स्टॉक मिलाने के चक्कर में यह गलती हो गयी और मामला प्रकाश में आ गया फिलहाल उक्त स्वास्थ्य कर्मी पर प्राथमिकी दर्ज करने पर विभाग विचार कर रही है ।

वही मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा में पिछले सप्ताह देश में जिस वैक्सीन का अब तक बच्चों पर ट्रायल ही नहीं हुआ है,  2 बच्चों को उसी वैक्सीन की डोज लगा दी गई। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के शिकार दोनों भाई पीयूष रंजन और आर्यन किरण बिहारशरीफ की प्रोफेसर कॉलोनी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि हमने रविवार को कोवैक्सिन के लिए स्लॉट बुक कराया था। इसके बाद आज हम 10 बजे के करीब नालंदा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीकाकरण केंद्र IMA हॉल गए।वहां सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हमने टीका लगवाया। टीकाकरण के बाद पता चला कि हम दोनों को कोवैक्सिन की जगह कोवीशील्ड का टीका लगा दिया गया है।हालांकि इस मामले में सरकार उपाधीक्षक को हटा दिया है और जांच गठित कर दिया है लेकिन सवाल यह है कि पूरी मशीनरी लगने के बावजूद इतनी बड़ी गलती कैसे हो जा रही है इसी तरह 2020 में कोरोना वैक्सीन के दौरान फर्जी मोबाइल नम्बर के इस्तेमाल का मामला सामने आया था और इसको लेकर सरकार की बड़ी किरकरी हुई थी ।

विशेष राज्य का दर्जा को लेकर सड़क पर उतरे पप्पू यादव

जन अधिकार पार्टी द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, किसानों के लिए एमएसपी, बेरोजगारी एवं वार्ड सचिवों की जायज मांग को लेकर पूरे बिहार में रेल चक्का जाम किया है जाम का नेतृत्व जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव खुद कर रहे थे पटना के सचिवालय हॉल्ट पर रेल चक्का जाम करने के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलनी चाहिए। नीति आयोग के आकंड़ों के अनुसार बिहार पिछड़ा राज्य है। विकास के सभी सूचकांक में बिहार निचले पायदान पर हैं। बिहार के विकास के लिए , विशेष राज्य के मांग के लिए हमारी पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हैं।

पप्पू यादव फिर उतरे सड़क पर

बिहार की जनता ने केंद्र और राज्य सरकार को भर भर के सांसद और विधायक दिए हैं। ऐसे में अब उनकी बारी है कि जनता को उनका हक विशेष राज्य के दर्जे के रूप में दें। यह राजनीति का नहीं, बिहार के भविष्य का सवाल है और हम किसी भी कीमत पर इससे समझौता नहीं करेंगे।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पाप्पू यादव अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ करीब 11 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेनों की आवाजाही को रोक दी। जाप कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पुलिस का घेरा तोड़कर रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गए और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचन्द सिंह, पूर्व विधायक भाई दिनेश, राजू दानवीर, डॉक्टर संतोष कुमार को रेल प्रशासन ने गिरफ्तार किया।

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचन्द सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू, अरुण सिंह, जावेद अली, पूनम झा, सुप्रिया खेमका, राजू दानवीर, संजय सिंह, गौतम आनन्द, भाई दिनेश, सन्नी , पुरुषोत्तम कुमार,दीपक कुमार रजत, आलोक सिंह,ननि यादव, शशांक कुमार मोनू, बबलू यादव, टिंकू यादव, नीतीश यादव, नीरज सिंह,अमित सिंह, अमरनाथ साह, गौरीशंकर सहित सैकड़ों लोग मैजूद थे।

बिहार में युवा सबसे अधिक कोरोना से हो रहे हैं संक्रमित, ओमीक्रोन के दस्तक से दहशत में सरकार

#Covid19  कोरोना को हलके में ना ले दूसरे लहर से भी खतरनाक हो सकता है तीसरा लहर ऐसा मानना है पटना एम्स के डांक्टर का, हो यह रहा है कि तीसरी लहर को सामान्य सर्दी खांसी वाली लहर समझ कर मरीज घर से बाहर  निकल जा रहे हैं जो खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। लक्षण होने के बावजूद जांच ना कराना और काम पर निकल जाना बड़ी परेशानी बन सकती है। एम्स में अभी तक जीतने भी मरीज आ रहे हैं उनमें ज्यादातर वही लोग हैं जो कामकाजी लोग हैं। 18 से 25 साल के बीच के लोग जो सक्रिय लोग हैं जो घरों से ज्यादा निकलते हैं कामकाज करते हैं ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा है।  साथ ही आम लोग काफी हद तक खुद से घर में इलाज कर ले रहे हैं। लेकिन, ऐसे में यह समझ लेना कि लक्षण गंभीर नहीं हैं ऐसा नहीं है एम्स में अभी तक 60 मरीज भर्ती हो चुके हैं, अब तक 5 की मौत भी हुई है 11 लोग ICU में हैं।

1—24से 26 जनवरी तक तीसरा लहर पीक पर जा सकता है 

तीसरे लहर में कोरोना को लेकर अभी तक जो बात सामने आयी है उसमें बिहार का R-Value 4.55 यानी एक व्यक्ति 4 से अधिक लोगों को संक्रमित कर रहा है। ऐसे में हम यह मान रहे हैं कि बिहार में तीसरी लहर की पीक 24 से 26 जनवरी के बीच आएगी ऐसे में काफी सतर्क रहने कि जरूरत है और इस बार 40 से 50 के बीच युवा मरीज ज्यादा परेशानी महसूस कर रहे हैं ।

2– तीसरे लहर में कोरोना का लक्षण बदल गया है 

सामान्य तौर पर इस बार लक्षणों में सर्दी खांसी ज्यादा है लेकिन इसके साथ ही कुछ नए लक्षण भी हैं जो सामने आ रहे हैं। बदन में असहनीय दर्द हो रहा है, इतना ज्यादा कि मरीज कई बार दर्द की वजह से डिप्रेशन में चले जा रहे हैं। गले में खराश बहुत ज्यादा परेशान करने वाली है। इसके साथ ही पेट खराब होना , आंखों में लालीपन, लाल चकत्ते शरीर पर होना , सिर दर्द यह सारे लक्षण है जो इस बार सामने आ रहे हैं।

3—कोरोना संक्रमित मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला तेज हो रहा है

एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 72 घंटों के दौरान बिहार में कोरोना से संक्रमित मरीजों का अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला तेज होने लगा है चार दिन पहले दो चार ऐसे मरीज आ रहे थे जिनको भर्ती होने कि जरूरत महसूस हो रही थी लेकिन अभी 

एम्स में—48, आईजीएमस–12, एनएमसीएच–47, पीएमसीएच–05

मतलब पूरे बिहार में इस समय सौ के करीब मरीज भर्ती है जिसमें 30 से अधिक मरीज आईसीयू में भर्ती है ।

4–ओमीक्रोन पहुंचा बिहार

एक सप्ताह तक बिहार में ओमीक्रोन से पीड़ित एक मरीज का पता चला था जो दिल्ली अपने ओमीक्रोन पीड़ित भाई से मिलने गया था लेकिन बिहार में कल जिस 32 सैंपल की जांच हुई है उसमें 27 ओमीक्रोन से पीड़ित मिला है इस तरह कुल टेस्ट का 85 प्रतिशत मरीज ओमीक्रोन से पीड़ित मिल रहा है ऐसे में विशेषज्ञों की राय है कि बिहार में जांच में तेजी लायी जाये तो ओमीक्रोन से संक्रमित मरीजों की संख्या काफी हो सकती है ऐसे में बिहार के लोगों को और सतर्क रहने कि जरूरत है ।

5–पटना बना #Corona Hotspot 

जी है अभी तक जो जांच रिपोर्ट सामने आया है उसमें संक्रमण दर की बात करे तो बिहार में सबसे अधिक 21.94 प्रतिशत संक्रमण पटना का है दूसरे स्थान पर गया है वही अभी तक 300 प्रखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हो चुकी है पिछले एक सप्ताह के दौरान जांच के बाद संक्रमण दर एक फीसदी से बढ़कर 2.55 प्रतिशत हो गया है ।

बिहार में दूसरी लहर से भी तेज गति से बढ़ रहा है कोरोना।

सीमित लॉकडाउन के बावजूद बिहार में कोरोना का लहर बेकाबू होता जा रहा है इस बीच बिहार में कोरोना के फैलाव का जो आकड़ा सामने आ रहा है वह चिंता बढ़ाने वाली है दूसरे और तीसरे लहर के आंकड़ों के अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि शुरुआती 15 दिनों में दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में संक्रमण दर 1.5 गुना ज्यादा है ।

दूसरी लहर में 15 दिनों 22 मार्च से 05 अप्रैल के बीच 5410 संक्रमित मरीज जांच में सामने आया था वही इस बार 24 दिसंबर से 07 जनवरी के बाच 9447 संक्रमित मरीज जांच में सामने आया है वही बात जांच के प्रतिशत की कड़े तो 10 मरीज में 1.64 मरीज संक्रमित पाये जा रहे हैं साथ ही मरीज के भर्ती होने कि बात करे तो यहां भी दूसरी लहर से ज्यादा लोग अभी तक भर्ती हो चुके हैं वही अभी तक बिहार में तीन लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।

वही बीते 24 घंटे में पटना AIIMS में 6 साल की मासूम के साथ 33 नए मरीज भर्ती हुए हैं। संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं उसी हिसाब से हॉस्पिटल में भी भीड़ बढ़ रही है।

बात रिकवरी रेट की करे तो बिहार में रिकवरी रेट में भी गिरावट आनी शुरु हो गयी है। अब यह 97.20% पहुंच गई है। अब तक राज्य में कुल 7,35,852 लोग संक्रमित हुए हैं, जिसमें 7,15,262 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अब तक राज्य में 12,100 लोगों की मौत हो चुकी है।

शनिवार को राजद कार्यालय में हुई जांच में 8 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद एहतियात के तौर पर ऑफिस को बंद किया गया है। वहीं, इस संबंध में राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हमारे सभी कर्मचारी और पदाधिकारी कोविड जांच में सुरक्षित पाए गए हैं। लेकिन, पोर्टल के कुछ लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना की बढ़ती स्थिति को देखते हुए राजद कार्यालय अगले आदेश तक के लिए बंद किया गया है।

बिहार में कोरोना का कहर जारी हर घंटे 100 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज आ रहे हैं

बिहार में कोरोना का कहर जारी है और अब हर घंटे 100 से अधिक कोरोना पाँजिटिव मरीज सामने आने लगा है ।आज बेगूसराय जिले में कोरोना के 103 नये मरीज सामने आये हैं इस तरह बेगूसराय में मरीजों की संख्या 197 पंहुची गयी है वही पटना अभी भी कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है डॉक्टरों से लेकर नेता तक कोरोना की चपेट में आ गये हैंमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेक्रेटरी अनुपम कुमार व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा भी कोरोना पॉजिटिव हो गये हैं वही दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार के कोरोना संक्रमित होने की सूचना आ रही है ।

वहीं दरभंगा व्यवहार न्यायालय के 4 अधिकारी समेत कई कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आ रही है. इधर शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई है कि जदयू कार्यालय में 5 और लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

बात पटना की करे तो AIIMS के कोरोना नोडल डॉ. सजीव कुमार का कहना है कि पिछले 24 घंटे में 2 मौतें हुई है। पटना के दीदारगंज के बांका गांव के रहने वाले एक 25 साल के मरीज का एम्स में आंत का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के पहले कोरोना की जांच में पुष्टि नहीं हुई। ऑपरेशन के बाद कोरोना की पुष्टि हुई और तब हालात काफी गंभीर हो गई। आपात स्थिति में ऑपरेशन के बाद कोरोना से मरीज की मौत हो गई है। दूसरी मौत एक 85 वर्षीय महिला की हुई है, जो पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थी और उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। कोरोना नोडल का कहना है कि 24 घंटे में डॉ. अनिल कुमार, HOD, ट्रॉमा और इमरजेंसी के साथ 14 डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। पैरामेडिक्स स्टाफ भी अधिक संख्या में संक्रमित हुए हैं।

पटना सिविल कोर्ट में भी एक न्यायिक पदाधिकारी, 12 कर्मचारी समेत 19 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें वकील हैं।
इस बीच बिहार सरकार ने कोरोना को लेकर नया गाइड लाइन जारी किया है कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने थोड़ी सी सख्ती और बढ़ा दी है। सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थान व कोचिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया। सभी छात्रावास भी बंद रहेंगे, लेकिन स्कूल, कॉलेज, शिक्षण, प्रशिक्षण व कोचिंग संस्थान के कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। ऑनलाइन शिक्षण कार्य संचालित होंगे। केन्द्र तथा राज्य आयोग द्वारा आयोजित नियोजन संबंधी परीक्षाएं तथा विभिन्न विद्यालय बोर्डों द्वारा आयोजित परीक्षाएं होंगी। पुलिस व होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थान तथा चिकित्सा से संबंधित शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थान(छात्रावास सहित) खुले रहेंगे। अन्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के संबंध में संबंधित विभागाध्यक्ष निर्णय लेंगे। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के आदेश से गृह विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है। सभी इंडोर व आउटडोर स्टेडियम में होने वाले खेल से संबंधित गतिविधियां स्थगित होंगी। राज्य में गुरुवार से नया गाइड लाइन जारी किया है। इसके तहत कई तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं जो 21 जनवरी तक प्रभावी रहेंगे।

बिहार में हुआ कोरोना विस्फोट पटना बना हांट स्पांट।

बिहार में कोरोना का हाल लगातार बिगड़ता जा रहा है पटना सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है। आज दोपहर 12 बजे तक 1599 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें से 1203 मरीज पटना का है और 396 लोग पटना से बाहर के हैं।जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आया है उसमें 17 साल से कम उम्र के 18 बच्चे भी शामिल हैं।वही दूसरी और कोरोना को लेकर आ रही खबर को देखते हुए मुख्य सचिव अमीर सुबहानी बिहार के सभी जिले के डीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हलात का जायजा ले रहे हैं ।

इस बीच स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीडिया को बताया है कि ‘बिहार में कोरोना मरीज 3 से 5 दिन में ठीक हो रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ 63 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

98% होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। कोरोना का बढ़ता ट्रेंड इंडीकेट करता है कि यह कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन है। बिहार में डेल्टा व डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस भी हैं। नए वैरिएंट की पहचान के लिए IGIMS में एक और मशीन लगेगी।

‘वहीं, BJP के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, ‘कल जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। सम्पर्क में आए लोग जांच करा लें।’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना को लेकर जारी किया गाइडलाइन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओमिक्रोन मरीजों के लिए होम आइसोलेशन में रहने की नई गाइडलाइन जारी की है।

आज बुधवार को होम आइसोलेशन के हल्के और बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइंस जारी की हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दुनिया के अलावा यह भारत में भी देखा गया है कि कोविड-19 के अधिकतर मामले बिना लक्षण और हल्के होते हैं। ऐसे मामले आमतौर पर न्यूनतम दखलअंदाजी, सही मेडिकल गाइडेंस और मॉनिटरिंग के तहत मरीज घर पर ठीक हो जाते हैं।

इसलिए केंद्र सरकार ने अपनी गाइडलाइंस बदलाव की है।

कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव आने के 7 दिन बाद और लगातार 3 दिन तक बुखार नहीं आने के बाद होम आइसोलेशन खत्म हो जाएगा और मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

होम आइसोलेशन पीरियड खत्म होने के बाद मरीज को दोबारा टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

कोरोना की तैयारी को लेकर आज फिर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा था कि करोना महामारी के तीसरे लहर के रोकथाम और स्वास्थ्य सेवा की क्या कदम उठाए जा रहे है।एडवोकेट जेनरल ने कोर्ट को बताया कि इस महामारी पर नियंत्रण के कई तरह के राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं।करोना महामारी के रोक थाम के दिए गए दिशानिर्देशों का पालन सख्त तरीके किया जा रहा है।
सार्वजानिक स्थलों,सिनेमा,मॉल,पार्क आदि को फिलहाल बंद कर दिया गया।साथ ही 10 रात्रि से सुबह पाँच बजे तक curfew भी प्रशासन ने लागू कर दिया है।
सरकारी,निजी दफ्तरों में कर्मचारियों के पचास फी सदी उपस्थिति के साथ ही कार्य होगा।स्कूलों कॉलेजों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा को इसके महामारी से निबटने कार्रवाई करने को तैयार किया जा रहा।सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में करोना मरीज के ईलाज के पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि अभी दो लाख व्यक्तियों का प्रति दिन टेस्ट किया जा रहा है।ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त है और अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के पूरी कार्रवाई हो रही है।
जो व्यक्ति करोना से पीड़ित हैं,उनके लिए ईलाज की व्यवस्था की गई है।उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

अभी जो ओम्रिकोन नामक नए वेरिएंट के तेजी से बढ़ने के कारण स्थिति में परिवर्तन हो रहा है।दिल्ली,मुंबई जैसे शहरों से ले कर देश के अन्य भागों में ओम्रिकोन बहुत तेजी से फैल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व अन्य कई हाई कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई शुरू कर दी गई है।इस स्थिति को देखते हुए कल से ही पटना हाईकोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई प्रारम्भ हो चुका है।

इस मामले पर 12 जनवरी, 2022को सुनवाई होगी।