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Bihar Breaking News at This Hour: निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री, बेगूसराय का जवान नक्सल ऑपरेशन में शहीद, पढ़ें बिहार की टॉप बड़ी खबरें

बिहार की राजनीति, अपराध, शिक्षा और विकास से जुड़ी कई बड़ी खबरें आज सुर्खियों में हैं। राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीं अलग-अलग जिलों से अपराध और हादसों की खबरें भी सामने आई हैं।

Bihar News Today Live: पढ़ें 8 मार्च 2026 की बिहार की टॉप बड़ी खबरें। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत पूरे बिहार की राजनीति, अपराध, शिक्षा, मौसम और विकास की ताजा अपडेट।

1. निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज जनता दल (यूनाइटेड) में औपचारिक रूप से शामिल हो रहे हैं। पटना में दोपहर करीब 1 बजे पार्टी कार्यालय में उनका स्वागत किया जाएगा। माना जा रहा है कि उनकी एंट्री से राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है और उन्हें भविष्य में अहम जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

2. बिहार में 83 नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी

राज्य में जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने 83 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाने की मंजूरी दी है। आने वाले वर्षों में 110 और ओवरब्रिज बनाए जाने की योजना है, जिससे सड़क यातायात काफी सुगम होने की उम्मीद है।

3. बेगूसराय का जवान नक्सल ऑपरेशन में शहीद

बिहार के बेगूसराय जिले के जवान मुरारी कुमार झारखंड के गुमला में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए। उनके गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

4. पटना में युवक की हत्या से हड़कंप

पटना सिटी इलाके में अपराधियों ने एक युवक को घेरकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

5. सड़क हादसे में युवक की मौत, लोगों ने किया हंगामा

पटना के खगौल क्षेत्र में शादी का कार्ड बांटने जा रहे एक युवक को ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

6. मुजफ्फरपुर के युवक की सऊदी अरब में मौत

मुजफ्फरपुर के साहेबगंज निवासी एक युवक की सऊदी अरब में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह वहां सुपरवाइजर के पद पर काम कर रहा था। परिवार को जब यह खबर मिली तो घर में मातम छा गया।

7. बिहार में कक्षा 1 से 8 की वार्षिक परीक्षा

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने कक्षा 1 से 8 तक की वार्षिक परीक्षा 12 से 19 मार्च के बीच कराने का कार्यक्रम जारी किया है। इससे लाखों छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।

8. मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार समेत कई राज्यों में 8 मार्च के आसपास बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की गति लगभग 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

9. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का काम तेज

पटना मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगले चरण का काम जल्द पूरा होगा।

10. गया में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना

गया और बोधगया में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।

11. भागलपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस अभियान

भागलपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

12. दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ी

दरभंगा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

13. पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की तैयारी

पटना में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नई ट्रैफिक मैनेजमेंट योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है।

14. मधुबनी में किसानों को नई योजना का लाभ

राज्य सरकार की नई कृषि योजना के तहत मधुबनी जिले के किसानों को सब्सिडी और तकनीकी सहायता दी जा रही है।

15. सीवान में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई

सीवान पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है।

बिहार में PMCH जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप: मंत्री के हस्तक्षेप से मामला गरमाया

बिहार के पटना में स्थित पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें 35 जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन डॉक्टरों पर मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट करने, मोबाइल छीनने और नशे की हालत में तांडव करने के आरोप हैं।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्रा और उनके भाई सोनू 2 मार्च को ट्रेन से सफर के दौरान घायल हो गए थे। उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में बाढ़ अस्पताल से PMCH रेफर किया गया था। जब राहुल 3 मार्च को सर्जरी डिपार्टमेंट पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन्हें बाहर से CT स्कैन कराने की सलाह दी।

राहुल के अनुसार, जब उन्होंने डॉक्टर से पर्ची पर लिखने के लिए कहा, तो डॉक्टर गुस्सा हो गए और गाली-गलौज शुरू हो गई। इसके बाद डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने परिवार पर हमला कर दिया। राहुल का आरोप है कि जान बचाकर भागने के दौरान जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। कई लोगों के सिर फूटे, हाथ टूटे और चेहरों पर गंभीर चोटें आईं।

इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिस की ढिलाई पर उन्हें फोन पर ही जमकर लताड़ लगाई। मंत्री ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं और कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो आम लोगों का भरोसा टूट जाएगा।

अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यह मामला एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर रहा है।

बिहार में होली और रमजान के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात

बिहार में होली और रमजान एक साथ पड़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक नहीं करने का फैसला किया है, और इसके लिए शीर्ष स्तर पर तैयारी की गई है। मुख्य सचिव और डीजीपी विनय कुमार ने संयुक्त बैठक की, जिसमें सभी जिलों के डीएम और एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।

राज्यभर में 30 हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें दंगा निरोधी दल और क्विक रिस्पॉन्स टीम शामिल हैं। जिलों में फ्लैग मार्च शुरू हो चुका है और शांति समिति की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना है।

डीजीपी ने बताया कि शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर निवारक कार्रवाई की जा रही है। अब तक लगभग 13 हजार असामाजिक तत्वों से बॉन्ड भरवाया गया है, और 30 हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ एसडीओ कोर्ट में कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने साफ कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी और हिंसा की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों से सहयोग मांगा गया है और अफवाह या तनाव की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, और साइबर सेल भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखेगा। प्रशासन का कहना है कि शांति और सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता है, और पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

CAG रिपोर्ट से बिहार की सियासत में भूचाल: करोड़ों के घोटाले के आरोप, विधानसभा में हंगामा

बिहार में इन दिनों सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। कारण है नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी Comptroller and Auditor General of India (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट, जिसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटालों का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के कुछ अंश सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा से लेकर सड़क तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सरकार व विपक्ष आमने-सामने हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीएजी की रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न विभागों में वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संग्रहण से जुड़ी कई खामियों की ओर इशारा किया गया है। विपक्ष का दावा है कि रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदु हैं, जो सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और घपले की ओर संकेत करते हैं। विशेष रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

विपक्षी दलों का कहना है कि इनपुट क्रेडिट के नाम पर करोड़ों रुपये का नुकसान राज्य को हुआ है और संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि राजस्व की निगरानी और वसूली में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे राज्य को भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ी।

विधानसभा में गरमाया माहौल

रिपोर्ट के मुद्दे पर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। राजद विधायकों ने सरकार से जवाब मांगते हुए आरोप लगाया कि सीएजी की टिप्पणियां राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। कुछ विधायकों ने तो यहां तक कहा कि सरकार पारदर्शिता से बच रही है और रिपोर्ट के तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है।

सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। सत्तापक्ष का कहना है कि सीएजी की रिपोर्ट एक ऑडिट प्रक्रिया का हिस्सा होती है, जिसमें कई बार प्रक्रियात्मक कमियों को भी ‘अनियमितता’ के रूप में दर्ज कर लिया जाता है। सरकार का दावा है कि रिपोर्ट में जिन मामलों का उल्लेख है, उनमें से कई पर पहले ही सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं।

वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऑडिट आपत्तियों का जवाब संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर दिया जाता है और आवश्यक सुधार भी किए जाते हैं। सरकार ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

इनपुट क्रेडिट घोटाले का मुद्दा

इनपुट क्रेडिट से जुड़ा मामला इस विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा बनकर उभरा है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ फर्जी कंपनियों और संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग हुआ, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इस मामले में संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रणाली जटिल होती है और यदि निगरानी तंत्र मजबूत न हो तो गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सीएजी की टिप्पणियां प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह देखी जा रही हैं।

राजनीतिक असर क्या होगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट अक्सर सरकारों के लिए असहज स्थिति पैदा करती रही है, खासकर तब जब विपक्ष मजबूत और मुखर हो। बिहार में भी यह मुद्दा आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मुद्दे के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

वहीं, सत्तापक्ष इस विवाद को तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों तक सीमित बताकर राजनीतिक नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार किसी जांच की घोषणा करती है या विधानसभा की समिति के जरिए रिपोर्ट की समीक्षा कराई जाती है।

जनता पर क्या असर?

सीएजी रिपोर्ट का सीधा असर आम जनता पर भले न दिखे, लेकिन यदि वित्तीय अनियमितताएं साबित होती हैं तो इसका मतलब होगा कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधनों में कमी आई। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग स्वाभाविक है।

जनता यह जानना चाहती है कि क्या वाकई सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है, और यदि हुआ है तो उसकी भरपाई कैसे होगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Bihar News Today Live 27 February 2026: बिहार की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, शिक्षा और क्राइम की ताज़ा अपडेट

27 फरवरी 2026 के लिए बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ और मुख्य ताजा घटनाओं का लाइव अपडेट है 👇

  • 📌 केंद्रीय मंत्री का आह्वान: कृषि मंत्री राम नाथ ठाकुर ने बिहार में मखाना अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिकों से काम करने का आह्वान किया है, जिससे कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी।
  • 📊 CAG रिपोर्ट में खामियाँ: कैग ने बिहार में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन में कमियों का हवाला दिया है, जिसमें लाभार्थियों तक जागरूकता और सेवाओं के वितरण में असंतुलन दिखा।
  • 📈 ‘Destination Bihar 2026’ एक्सपो शुरू: पटना में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का औद्योगिक एक्सपो शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय उत्पादन और रोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
  • 🏙️ पाँव की राहें सुदृढ़ करने का अभियान: बिहार सरकार ने राज्यव्यापी फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का आदेश जारी किया है, ताकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित हो सकें।
  • 🚓 दारू तस्करी में गिरफ्तारियाँ: उत्तर प्रदेश के बल्लिया जिले में 3 तस्करों को बिहार के लिए शराब तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया और 471 बॉक्स शराब जब्त हुई।
  • 📜 बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज 27 फरवरी से शुरू हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कई केंद्रों पर जांच कार्य जारी है, और परिणाम मार्च मध्य से अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
  • 🌤️ आज उत्तर भारत, विशेषकर यूपी–बिहार क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, हालांकि कुछ राज्यों में बारिश / अलर्ट जारी है। तापमान में वृद्धि जारी रहने के संकेत हैं।
  • 🗳️ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन व एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने के संकेत हैं।

बिहार के जिलावार मुख्य ताज़ा समाचार | 27 फरवरी 2026

📍 पटना

राजधानी पटना में ‘डेस्टिनेशन बिहार 2026’ इंडस्ट्रियल एक्सपो का शुभारंभ हुआ, जिसमें राज्य में निवेश आकर्षित करने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया। वहीं, नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज करते हुए मुख्य सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की है। राजनीतिक हलकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है।

📍 गया

गया जिले में पुलिस ने अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें कई ट्रैक्टर और ट्रकों को जब्त किया गया। बोधगया क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक भी की।

📍 भागलपुर

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग विभाग ने विशेष कार्यशाला आयोजित की। वहीं, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने रात में सघन वाहन जांच अभियान चलाया।

📍 मुज़फ़्फ़रपुर

मुज़फ़्फ़रपुर में लीची किसानों के लिए कृषि विभाग ने प्रशिक्षण शिविर लगाया, जिसमें फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए। शहर में सड़क मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है। साथ ही, उत्पाद विभाग ने शराबबंदी कानून के तहत कई जगह छापेमारी की।

📍 दरभंगा

दरभंगा में भूमि विवाद को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया है। विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद ने स्वच्छता अभियान चलाकर बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

📍 पूर्णिया

पूर्णिया में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट जांच की गई। कृषि विभाग ने मक्का किसानों को अनुदान योजना की जानकारी दी। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी द्वारा गश्त बढ़ाई गई है।

📍 आरा

आरा में बिजली आपूर्ति में सुधार को लेकर विभाग ने नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत पौधारोपण अभियान की तैयारी की जा रही है।

📍 छपरा

छपरा में गंडक नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठक की। वहीं, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।

बिहार की इस वक्त की 10 बड़ी खबरें: राज्य के अलग-अलग जिलों की इस वक्त की प्रमुख खबरें

पटना | 26 फरवरी 2026

पटना/बिहार: राज्य की राजनीति, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और मौसम से जुड़ी कई अहम खबरें इस वक्त सुर्खियों में हैं। पढ़ें इस घंटे की प्रमुख अपडेट्स—

1. सीमांचल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ पर कड़ा संदेश

Amit Shah ने बिहार दौरे के दौरान Seemanchal क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


2. बिहार विधानसभा में हंगामा, कई विधेयक पेश

Bihar Vidhan Sabha के बजट सत्र में आज जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने विकास कार्यों का ब्योरा पेश किया। सदन में चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए गए, जिन पर चर्चा जारी है।


3. अररिया में राजनीतिक माहौल गरम

Araria में केंद्रीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


4. दरभंगा में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Darbhanga में आपसी विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।


5. जमुई में दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

Jamui में फाइलेरिया रोधी दवा लेने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों का इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।


6. भागलपुर में इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bhagalpur में बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने समय पर परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।


7. होली से पहले बढ़ा तापमान, मौसम विभाग का अलर्ट

राजधानी Patna समेत कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। India Meteorological Department के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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बिहार में बकाया बिजली बिल: 1 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की तैयारी, विभाग ने शुरू किया विशेष अभियान

बिहार में बिजली विभाग ने बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास 5 हजार रुपये या अधिक का बकाया है, उनके कनेक्शन कभी भी काटे जा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने मार्च तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।

बांका और अमरपुर डिवीजन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जहां बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों डिवीजन में लगभग 1 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन पर बिजली बिल बकाया है। इनमें से 50-50 हजार उपभोक्ता दोनों डिवीजन में शामिल हैं।

विभाग ने 20 विशेष टीमों का गठन किया है, जो घर-घर जाकर कार्रवाई करेंगी। कनीय अभियंता की निगरानी में टीमें रोजाना का लक्ष्य पूरा करेंगी। एसडीओ और कार्यपालक अभियंता रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विभाग के मुताबिक, कई उपभोक्ता ज्यादा बकाया होने पर दूसरे के नाम से नया कनेक्शन ले रहे हैं। पुराने कनेक्शन का बिल लंबित है, लेकिन बिजली का उपयोग जारी है। ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है। टीमें पहले उपभोक्ताओं से बकाया जमा करने का अनुरोध करेंगी। भुगतान नहीं होने पर सीधे कनेक्शन काट दिया जाएगा।

विभाग ने गर्मी से पहले मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कार्यपालक अभियंता कुमार सौरभ ने कहा कि जर्जर तार बदले जाएंगे। पेड़ों की डालियों की कटाई भी होगी। उद्देश्य है कि गर्मी में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

बक्सर में शादी समारोह के दौरान मंच पर दुल्हन को मारी गोली, आरोपी फरार – समारोह में मचा हड़कंप

बिहार के बक्सर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह के दौरान मंच पर ही दुल्हन को गोली मार दी गई। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब जयमाला की रस्म चल रही थी और दूल्हा-दुल्हन मंच पर मौजूद थे। तभी अचानक एक युवक मंच के पास पहुंचा और दुल्हन पर गोली चला दी। गोली लगते ही दुल्हन मंच पर गिर पड़ी, जिससे वहां मौजूद परिजन और मेहमानों में चीख-पुकार मच गई।

घटना के तुरंत बाद आरोपी वहां से भाग निकला। घायल दुल्हन को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राथमिक जांच में प्रेम प्रसंग का मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक दुल्हन को पहले से जानता था और शादी से नाराज था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गोली चलने के बाद मंच पर भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है और लोग इधर-उधर भागने लगते हैं।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

NEET छात्रा मौत मामला: CBI ने जांच तेज की, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूछताछ

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जांच की कमान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने संभाल ली है और एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने पटना पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। इनमें कदमकुआं थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO), सचिव SDPO-1 डॉ. अनु कुमारी तथा रामकृष्ण नगर थाने के SHO शामिल हैं। ये सभी अधिकारी पहले इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का हिस्सा रह चुके हैं।

शुरुआती जांच की परतें खंगाल रही CBI

सूत्रों के अनुसार, CBI अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान कौन-कौन से कदम उठाए थे। एजेंसी यह जानना चाहती है कि किन-किन लोगों से पूछताछ की गई, कौन-कौन से साक्ष्य एकत्र किए गए और जांच की दिशा किस आधार पर तय की गई।

बताया जा रहा है कि CBI ने इन अधिकारियों से अपने कार्यालय में अलग-अलग कमरों में पूछताछ की। प्रत्येक अधिकारी का बयान व्यक्तिगत रूप से दर्ज किया गया और तथ्यों का मिलान कर संभावित विरोधाभास या किसी प्रकार की चूक की पहचान करने का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के शुरुआती चरण में कोई अहम सुराग तो नजरअंदाज नहीं किया गया।

केस डायरी और जब्त सामग्री की बारीकी से जांच

CBI की टीम केस डायरी, जब्त किए गए सामान और पहले दर्ज किए गए बयानों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि घटना के बाद पुलिस ने क्या-क्या कदम उठाए और क्या सभी संभावित एंगल पर जांच की गई थी या नहीं।

सूत्रों का कहना है कि यह पूछताछ काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CBI यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पूरे घटनाक्रम की सटीक और निष्पक्ष पड़ताल हो। अगर जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे और लोगों को किया जा सकता है तलब

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में CBI और भी कई लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है, ताकि छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जा सके।

देशभर में चर्चा का विषय बना मामला

NEET छात्रा की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों और आम लोगों की मांग रही है कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे में CBI की एंट्री के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में पारदर्शिता आएगी और सच्चाई सामने आएगी।

फिलहाल CBI की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नए खुलासे होने की संभावना है। एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में क्या हुआ और किन परिस्थितियों में NEET छात्रा की मौत हुई।

बिहार में भ्रष्टाचार पर सख्ती: रिश्वत लेते दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता ब्यूरो ने मंगलवार को दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां सुपौल और समस्तीपुर जिलों में अलग-अलग मामलों में की गईं। ब्यूरो को अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जाल बिछाकर उन्हें पकड़ लिया गया।

पहली घटना में सुपौल जिले के निर्मली नगर पंचायत में तैनात सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वह मरौना अंचल में पदस्थापित था और जमीन सर्वे रिपोर्ट आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। खोरमा गांव के निवासी जयनारायण यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रिपोर्ट प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अमीन पैसे मांग रहा है।

दूसरी घटना में समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल में आपूर्ति पदाधिकारी राजेश भगत को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने पीडीएस दुकान संचालक राम एकबाल सिंह से लंबित खाद्यान्न जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। बताया गया कि अधिकारी ने कुल 31,000 रुपये की मांग की थी। इससे पहले वह 10,000 रुपये ले चुका था और दूसरी किस्त लेते समय पकड़ा गया।

सतर्कता ब्यूरो के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि शिकायतों की जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद ट्रैप बिछाकर कार्रवाई की गई।

इन गिरफ्तारियों से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। सतर्कता ब्यूरो ने दोनों मामलों में आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

24 फरवरी 2026 की बिहार की टॉप 10 बड़ी खबरें: पटना CBI जांच से लेकर विधानसभा हंगामा तक, पढ़ें इस वक्त की 10 बड़ी खबरें

आज बिहार के अलग-अलग जिलों में राजनीति, उद्योग, शिक्षा, परिवहन और प्रशासन से जुड़ी कई अहम गतिविधियां देखने को मिलीं। यहां पढ़िए जिला और स्थान के अनुसार राज्य की 10 बड़ी खबरें:

1. पटना में नीट छात्रा मौत मामले में CBI जांच तेज

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने SIT के अधिकारियों से पूछताछ की है और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। परिवार ने पहले ही स्थानीय जांच पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद केस सीबीआई को सौंपा गया। छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। सीबीआई अब कॉल डिटेल, हॉस्टल रिकॉर्ड और कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


2. 27 फरवरी से इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bihar School Examination Board ने 27 फरवरी से इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन की तिथि घोषित कर दी है। राज्यभर में बनाए गए केंद्रों पर शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। परीक्षार्थियों को मार्च अंत तक परिणाम जारी होने की उम्मीद है। बोर्ड इस बार डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे। शिक्षकों को समय पर केंद्रों पर पहुंचने और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।


3. बिहार पुलिस भर्ती कैलेंडर 2026 जारी

Central Selection Board of Constable ने बिहार पुलिस भर्ती 2026 का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें सिपाही और अन्य पदों पर बहाली की तिथियां शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और परीक्षा तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं। लाखों अभ्यर्थियों को इस भर्ती का इंतजार था। बोर्ड ने साफ किया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और शारीरिक दक्षता परीक्षा सख्ती से आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखने की सलाह दी गई है।


4. सीमांचल दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री

Amit Shah तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर बिहार पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। अवैध घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों पर बैठकें प्रस्तावित हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भी उनका संवाद कार्यक्रम तय है। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


5. विधानसभा में हंगामा, पोस्टरबाजी

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी विधायकों ने कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। हंगामे के बीच मार्शल को हस्तक्षेप करना पड़ा और पोस्टर जब्त किए गए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अनावश्यक बाधा डालने का आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव को देखते हुए आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।


6. दरभंगा रेल मार्ग पर बड़ी साजिश नाकाम

दरभंगा रेल रूट पर ट्रेन दुर्घटना की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया। रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई की। बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। इस घटना के बाद रेल सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी होगी। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन सतर्क है।


7. स्कूलों के पास मांस-मछली बिक्री पर रोक की तैयारी

राज्य सरकार स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास मांस व मछली की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार निर्धारित दूरी के भीतर बिक्री की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम स्वच्छता और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। व्यापारी संगठनों ने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है। जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी हो सकती है।


8. घूस लेते दो सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार

राज्य निगरानी ब्यूरो ने रिश्वत लेते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने काम कराने के एवज में पैसे की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।


9. राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी

बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम पर मंथन कर रहे हैं। सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है। सभी दल अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।


10. 24 मिनट में चार विधेयक पारित

बिहार विधानसभा में महज 24 मिनट के भीतर चार विधेयक पारित कर दिए गए। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया, जबकि सरकार ने इसे समय की बचत और प्रभावी कार्यशैली बताया। विधेयकों में प्रशासनिक सुधार और वित्तीय प्रावधान शामिल हैं। इस तेज प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है और विपक्ष ने विस्तृत चर्चा की मांग की है।

Bihar News Live 23 February 2026: 10 बड़ी खबरें, चोरी, हत्या, राजनीति और मौसम अपडेट

पटना | 23 फरवरी 2026

पटना: विधानसभा सत्र में विपक्ष का हंगामा, कई मुद्दों पर सरकार घिरी

राजधानी पटना में सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था, शिक्षक भर्ती और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन की कार्यवाही बाधित की। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। सरकार की ओर से मंत्रियों ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज रही। विपक्ष ने भर्ती में पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि मेरिट के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। सदन में बजट सत्र को लेकर भी रणनीति बनी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश कर रहा है।


पूर्णिया: शराबबंदी के बावजूद छापेमारी में भारी मात्रा में शराब जब्त

पूर्णिया जिले में उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में गांव के एक गोदाम से सैकड़ों लीटर देसी और विदेशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों से शराब की सप्लाई होती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मुजफ्फरपुर: सड़क हादसे में दो की मौत, परिवारों में मातम

मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


गया: ठंड और बदलते मौसम से बढ़ी बीमारियां, अस्पतालों में भीड़

गया जिले में बदलते मौसम और ठंड के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त दवाइयों और डॉक्टरों की व्यवस्था की है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, संतुलित आहार लें और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।


भागलपुर: गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में सतर्कता

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी खतरे का स्तर पार नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन ने एहतियातन निगरानी बढ़ा दी है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी इलाकों में बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। नाविकों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने कहा है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो राहत शिविरों की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

पूर्णिया में शराब छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला, वाहन तोड़ा गया; 33 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज

पूर्णिया (बिहार): बिहार के पूर्णिया जिले में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को सतकोदरिया गांव में छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि टीम को किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने 33 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सतकोदरिया गांव में अवैध रूप से शराब की बिक्री और भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्थानीय थाना पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू की। जैसे ही पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ी, कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। हालांकि, पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और बाद में अतिरिक्त बल की मदद से गांव में सर्च अभियान चलाया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 33 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। अन्य अज्ञात लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई इलाकों में अवैध कारोबार की शिकायतें मिलती रहती हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

📌 बिहार में शराबबंदी की पृष्ठभूमि

बिहार सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर रखी है। इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार, अपराध में कमी, घरेलू हिंसा पर काबू पाना और स्वास्थ्य जोखिम घटाना है। हालांकि, अवैध शराब का कारोबार बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में जारी है। ऐसे इलाकों में शराब माफियाओं और पुलिस के बीच अक्सर संघर्ष और टकराव की घटनाएँ सामने आती हैं।

📌 अवैध शराब पर राज्यस्तरीय छापेमारी का चलन

देश के कई राज्यों में जैसे-जैसे अवैध शराब तस्करी बढ़ी है, वैसे-वैसे पुलिस की छापेमारी तेज हो गई है। उदाहरण के तौर पर:

  • झारखंड के सिराइकेला-खरसावाँ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की छापेमारी कर 80 लीटर शराब और 1200 किलो महुआ नष्ट किया।
  • पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की 6000 लीटर लाहन जब्त की थी, जिसमें तस्कर ने पुलिस पर लोहे की रॉड से हमला किया

ये उदाहरण दर्शाते हैं कि शराबबंदी लागू राज्यों में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच टकराव की घटना सामान्य होती जा रही है।

⚖️ यह घटना क्यों गंभीर है?

इस घटना की गंभीरता इसलिए भी अधिक है क्योंकि:

  1. सरकारी काम में बाधा — पुलिस की वैध कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हुई।
  2. पुलिसकर्मी घायल — कानून प्रवर्तक को चोट लगी, जो देश के किसी भी नागरिक, कानूनी या वैधानिक काम का हिस्सा था।
  3. सरकारी संपत्ति को नुकसान — सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ।
  4. संभावित असामाजिक तत्वों की भूमिका — लगता है कि स्थानीय लोग भी अवैध शराब की बिक्री से जुड़े हैं।
  5. स्थानीय प्रशासन पर दबाव — ऐसे मामलों से स्थानीय प्रशासन पर जनता और आपराधिक तत्त्वों से दबाव बनता है।

Bihar Breaking News 22 February 2026: अमित शाह 25 फरवरी का आएंगे बिहार, युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को CM नीतीश कुमार आज करेंगे सम्मानित और पटना की ताजा घटनाएं

BREAKING & MAJOR LOCAL UPDATES

बिहार में इस वक्त कई बड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। पटना हाईकोर्ट की सख्ती, बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती की तैयारी, राजधानी में प्रशासनिक कार्रवाई और अपराध की घटनाओं ने राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। यहां पढ़िए 22 फरवरी 2026 की इस घंटे की बड़ी अपडेट।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा: अमित शाह 25 फ़रवरी को बिहार दौरे पर रहेंगे, जहाँ सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।
  • राज्यपाल का बयान: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 2002 के गुजरात घटनाओं के बारे में अपनी राय साझा की और कहा कि लोगों से बातचीत के बाद उनकी सोच बदल गई।
  • उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर पहुंचे और कांग्रेस पर निशाना साधा।
  • उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा चुनावों में NDA की संभावित जीत की बात कही।

पटना हाईकोर्ट का 28 विधायकों को नोटिस, सियासी हलचल तेज

पटना हाईकोर्ट ने बिहार की राजनीति में बड़ा हस्तक्षेप करते हुए 28 विधायकों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर जारी किया गया है। अदालत ने संबंधित विधायकों से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ दायर याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष क्या है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ विधायकों ने नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति, आपराधिक मामलों या अन्य विवरणों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला न केवल व्यक्तिगत राजनीतिक करियर पर असर डालेगा, बल्कि कई सीटों पर उपचुनाव की नौबत भी आ सकती है।

राजनीतिक दलों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने इसे “पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम” बताया है, जबकि सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट की यह कार्रवाई चुनावी शुचिता को लेकर एक बड़ा संदेश है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है और सभी पक्षों को दस्तावेज़ों के साथ उपस्थित रहने को कहा है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और उबाल ला सकता है।


बिहार में 60 हजार सरकारी नौकरियों की तैयारी, युवाओं में उत्साह

बिहार सरकार ने राज्य में लगभग 60 हजार सरकारी पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है। इसमें पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती प्रस्तावित है, साथ ही होमगार्ड और अन्य सुरक्षा इकाइयों में भी पद सृजित किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग में लगभग 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की संभावना है।

इस घोषणा के बाद राज्य भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह की लहर है। कोचिंग संस्थानों में भी हलचल बढ़ गई है। हालांकि, कुछ छात्र संगठनों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध और निष्पक्ष हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह भर्ती समय पर पूरी हो जाती है तो इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। सरकार जल्द ही विस्तृत अधिसूचना जारी कर सकती है।


बाढ़ (बरह) में युवक का शव मिलने से सनसनी

पटना जिले के बरह क्षेत्र में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत के पास शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके से शराब की खाली बोतलें और कुछ अन्य सामान बरामद हुए हैं।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका हत्या या नशे की अधिकता से मौत की जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है।


राजीव नगर में अवैध निर्माण पर रोक

पटना के राजीव नगर इलाके में बिहार राज्य आवास बोर्ड की जमीन पर हो रहे नए निर्माण कार्यों पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण गैरकानूनी माना जाएगा।

प्रशासनिक टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में इलाके का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पहले से बने मकानों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

स्थानीय निवासियों में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे कानून का पालन सुनिश्चित करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे देर से उठाया गया कदम मान रहे हैं।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी

बिहार सरकार ने सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि एयरपोर्ट बनने से पर्यटन, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। खासकर सोनपुर मेले और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो यह बिहार के विकास मानचित्र पर एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

Bihar Breaking News Live 19 February 2026: हाईकोर्ट का 42 विधायकों को नोटिस, नीट छात्रा केस में जांच तेज, कई जिलों में बड़ी घटनाएं

पटना, 19 फरवरी 2026। संक्षिप्त सारांश: होली को लेकर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा और राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पटना हाईकोर्ट ने विधानसभा से जुड़े मामले में 42 विधायकों को नोटिस जारी कर सियासी हलचल बढ़ा दी है। नीट छात्रा मौत मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया है। वैशाली, मुजफ्फरपुर और सहरसा में हत्या, मारपीट और सड़क हादसे जैसी घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। सरकार ने 537 ब्लॉक कार्यालयों में सीसीटीवी लगाने की योजना की घोषणा की है।

वैशाली में रहस्यमयी मौत:
हाजीपुर के कौनहारा घाट पर एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजन जमीन विवाद का हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस पोस्टमार्टम कर रही है।

🔹 पटना हाईकोर्ट ने 42 विधायकों को नोटिस भेजा:
राजनीति में सियासी हलचल तेज़; उच्च न्यायालय ने स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को जवाबतलब किया है।

🔹 नक्सली सुरेश कोड़ा ने आत्मसमर्पण किया:
तीन लाख का इनामी नक्सली AK-47 और इंसास राइफल पुलिस को सौंपते हुए आत्मसमर्पण कर दिया।

🔹 नीट छात्रा केस में बड़ा अपडेट:
जहानाबाद केस में अब तक कई साक्ष्यों की पड़ताल जारी है; जांच एजेंसियाँ पूरी कोशिश कर रही हैं।

🔹 सड़क हादसा:
सहरसा के पास एक स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त; पाँच लोग घायल।

🔹 मुजफ्फरपुर में मारपीट:
कार साइड की बात पर विवाद, बीयर की बोतल से हमला; तीन घायल।

🔹 इनामी अपराधियों की लिस्ट:
वैशाली एसपी ने 12 कुख्यात अपराधियों की सूची जारी कर दी।


🏛️ राजनीति और सरकारी फैसले

📌 बिहार विधानसभा का बजट सत्र

बजट सत्र चल रहा है, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस जारी है — विशेषकर कचरे के मुद्दे पर भी विवाद हुआ।

📌 537 ब्लॉक कार्यालयों में CCTV योजना

बिहार सरकार ने घोषणा कि राज्य के 537 ब्लॉक कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे — यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता व भ्रष्टाचार रोकने के लिए।

📌 अमित शाह की बिहार यात्रा (25 फरवरी)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे — खासकर नेपाल और बांग्लादेश सीमा क्षेत्रों में पर्यावरण, सुरक्षा और डेमोग्राफी से जुड़े मुद्दों को देखने।


👮 क्राइम और सुरक्षा समाचार

🔹 पटना नीट छात्रा केस में CBI पूछताछ:
सीबीआई टीम सस्पेंडेड पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।

🔹 बांका में सॉल्वर गैंग पकड़ा गया:
मैट्रिक परीक्षा में पेपर सॉल्विंग के लिए 10,000 रुपये चार्ज करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

🔹 मोबाइल ऐप से साइबर ठगी:
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से फर्जी ऐप के ज़रिये करोड़ों की ठगी करने वाला आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार।


✳️ होली स्पेशल ट्रेनें 2026:


होली के त्यौहार के लिए रेलवे द्वारा बिहार समेत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद से स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी — यात्रियों को सुविधा मिल सके।


🔴 विधानसभा में तीखा टकराव, सरकार पर विपक्ष का हमला

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्षी दलों ने विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री Nitish Kumar की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने राज्य में बढ़ती चुनौतियों का मुद्दा उठाया।

वहीं सत्ता पक्ष ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी से काम कर रही है। सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी रही।


🍷 शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार की मांग

राज्य में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन National Democratic Alliance (एनडीए) के कुछ सहयोगी दलों ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि नीति का उद्देश्य सही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में खामियां हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है।

सरकार ने फिलहाल नीति में बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है।


🚨 फिरोजाबाद में बिहार के लिए भेजी जा रही शराब की बड़ी खेप जब्त

उत्तर प्रदेश के Firozabad में पुलिस ने लगभग एक करोड़ रुपये की अवैध शराब की खेप पकड़ी, जिसे बिहार भेजा जाना था। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्करी की कोशिशें जारी हैं, जिससे प्रशासन की चुनौतियां बढ़ रही हैं।


🌾 राजगीर के पास अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़

Rajgir के समीप एक गांव में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में अफीम की फसल नष्ट कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।


🏥 खगड़िया में प्रसाद खाने से करीब 100 लोग बीमार

Khagaria जिले में महाशिवरात्रि के अवसर पर वितरित प्रसाद खाने के बाद लगभग 100 लोग बीमार पड़ गए। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।


💥 राजस्थान फैक्ट्री विस्फोट में बिहार के 7 मजदूरों की मौत

Rajasthan में हाल ही में हुए एक फैक्ट्री विस्फोट में बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी पूर्वी चंपारण जिले के निवासी थे। जिला प्रशासन ने मृतकों की पहचान कर ली है और परिजनों को सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पूर्वी चंपारण East Champaran के जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।


🏛️ नालंदा विश्वविद्यालय में ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन

अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और कल्याण योजनाओं की समीक्षा के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय Ministry of Minority Affairs द्वारा Nalanda University में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नीति निर्माण, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।


🏠 पटना में जमीन रजिस्ट्री महंगी होगी, सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी

राजधानी Patna में 1 अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री की नई दरें लागू होंगी। कई इलाकों में सर्किल रेट तीन गुना तक बढ़ाए जाने की तैयारी है। इससे रियल एस्टेट बाजार में हलचल मच सकती है और संपत्ति खरीदने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

रजिस्ट्रेशन विभाग का कहना है कि बाजार दर और सरकारी दर के बीच के अंतर को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

Patna NEET Student Death Case: परिवार को दूसरी बार जान से मारने की धमकी, CBI जांच के बीच गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

पटना/जहानाबाद। बिहार की राजधानी पटना से जुड़े बहुचर्चित NEET छात्रा मौत मामले ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। जिस घटना ने पहले ही राज्यभर में आक्रोश और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया था, अब उसमें धमकी भरे पर्चों की एंट्री ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। जहानाबाद स्थित छात्रा के पैतृक गांव में परिजनों को लगातार दूसरी बार जान से मारने की धमकी दी गई है। इससे परिवार गहरे सदमे और भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

पुलिस की तैनाती के बावजूद घर के किचन की खिड़की पर धमकी भरे पर्चे मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है, जबकि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

किचन की खिड़की पर मिला पहला धमकी भरा पर्चा

परिजनों के अनुसार पहला पर्चा शुक्रवार की रात घर के किचन की खिड़की पर रखा मिला। उस पर्चे में साफ शब्दों में लिखा था— “तुम सब लोग मारे जाओगे।”

परिवार ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। शकूराबाद थाना की टीम मौके पर पहुंची और पर्चे को जब्त कर जांच शुरू की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी।

हालांकि परिवार अभी पहले पर्चे के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही दिनों बाद एक और धमकी ने माहौल को और भयावह बना दिया।

दूसरे पर्चे ने बढ़ाई दहशत: “2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा”

मंगलवार को उसी किचन की खिड़की पर एक और पर्चा मिला। इस बार भाषा और भी ज्यादा खतरनाक और व्यक्तिगत थी। उसमें लिखा था—
“जिस तरह बेटी मरी है, 2 दिन में तेरा बेटा भी मरेगा।”

इस संदेश ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। बेटी की मौत के गम से उबर नहीं पाए माता-पिता के सामने अब बेटे की जान की धमकी ने मानसिक दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतनी सुरक्षा के बीच कोई घर तक पहुंचकर पर्चा कैसे रख जा रहा है। गांव में पुलिस की तैनाती है, आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है, फिर भी यह घटना सुरक्षा में सेंध की ओर इशारा करती है।

गांव में पुलिस की तैनाती, फिर भी कैसे पहुंचा धमकी देने वाला?

धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद पुलिस ने घर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। आने-जाने वालों की पूछताछ की जा रही है। गांव में रात के समय गश्ती बढ़ा दी गई है।

इसके बावजूद सवाल यह है कि जब घर की निगरानी हो रही थी तो आखिर पर्चा रखने वाला व्यक्ति वहां तक कैसे पहुंचा? क्या कोई स्थानीय व्यक्ति इसमें शामिल है? या फिर सुरक्षा में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। गांव के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम गांव पहुंची। टीम ने किचन की खिड़की, दीवारों और आसपास के हिस्सों से फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग और अन्य फॉरेंसिक नमूने जुटाए।

पर्चों की लिखावट की जांच कराई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि दोनों पर्चे एक ही व्यक्ति ने लिखे हैं या अलग-अलग लोगों ने। कागज और स्याही की जांच से भी सुराग मिलने की उम्मीद है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धमकी महज डराने की कोशिश भी हो सकती है या फिर किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा भी। इसलिए हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

6 जनवरी को हॉस्टल में मिली थी बेहोश

यह पूरा मामला 6 जनवरी से शुरू हुआ, जब छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चला।

11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया। छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी।

सीबीआई की सक्रियता, गांव पहुंचकर की पूछताछ

CBI की टीम तीन दिनों के भीतर दो बार छात्रा के गांव पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने परिजनों से घंटों पूछताछ की। छात्रा के दोस्तों, रिश्तेदारों और गांव के अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, हॉस्टल स्टाफ के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की गहन जांच जारी है।

अब धमकी भरे पर्चों की घटना ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या धमकियों का संबंध सीधे छात्रा की मौत की जांच से है।

परिवार पर मानसिक दबाव

बेटी की असमय मौत के बाद से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। अब लगातार मिल रही धमकियों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

परिजनों का कहना है कि उन्हें अपनी और बेटे की सुरक्षा की चिंता सता रही है। वे चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें स्थायी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार की 5 समेत 37 सीटों पर महासंग्राम, 16 मार्च को मतदान—सत्ता और विपक्ष के लिए निर्णायक परीक्षा

Rajya Sabha Elections 2026: देश की संसदीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने राज्यसभा की 37 रिक्त हो रही सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस सूची में बिहार की 5 अहम सीटें शामिल हैं, जिन पर सियासी दलों की निगाहें टिकी हुई हैं। इन सीटों पर होने वाला चुनाव सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संसद के ऊपरी सदन में आने वाले वर्षों के राजनीतिक समीकरण तय करने वाला निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

अप्रैल 2026 में कई वरिष्ठ सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चयन न केवल राज्यों की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डालेगा। खासकर बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह चुनाव गठबंधन राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

चुनाव कार्यक्रम: 26 फरवरी से 20 मार्च तक पूरी प्रक्रिया

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 मार्च तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे।

16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर दी जाएगी। पूरी चुनावी प्रक्रिया 20 मार्च तक संपन्न कर ली जाएगी और इसके बाद नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।

यह समयसीमा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अप्रैल की शुरुआत में कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि नई सूची समय रहते जारी हो जाए ताकि संसद के ऊपरी सदन की कार्यवाही प्रभावित न हो।

किन-किन राज्यों में होगा मतदान?

इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें प्रमुख राज्यों की सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • महाराष्ट्र – 7 सीटें
  • तमिलनाडु – 6 सीटें
  • पश्चिम बंगाल – 5 सीटें
  • बिहार – 5 सीटें
  • ओडिशा – 3 सीटें
  • असम – 3 सीटें
  • छत्तीसगढ़ – 2 सीटें
  • हरियाणा – 1 सीट
  • हिमाचल प्रदेश – 1 सीट
  • तेलंगाना – 4 सीटें

महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियों में हाल के वर्षों में हुए बदलाव के कारण यह चुनाव और भी रोचक हो गया है।

बिहार की 5 सीटें क्यों हैं सबसे अहम?

बिहार की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उन पर वर्तमान में वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधित्व है। इन नेताओं का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें प्रमुख नाम हैं:

  • Harivansh Narayan Singh
  • Upendra Kushwaha
  • Ram Nath Thakur
  • Prem Chand Gupta
  • Amarendra Dhari Singh

इनमें हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति भी हैं। उनका दोबारा चयन होता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी होंगी। वहीं उपेंद्र कुशवाहा और प्रेम चंद गुप्ता जैसे नेताओं की भूमिका बिहार की क्षेत्रीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण रही है।

इन सीटों पर चुनाव का असर सीधे-सीधे बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के बीच शक्ति संतुलन पर पड़ेगा।

महाराष्ट्र में भी दिग्गजों की परीक्षा

महाराष्ट्र की 7 सीटों पर भी चुनाव होने जा रहे हैं। यहां से राष्ट्रीय स्तर के दो बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है:

  • Sharad Pawar
  • Ramdas Athawale

शरद पवार भारतीय राजनीति के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाते हैं। यदि वे पुनः मैदान में उतरते हैं तो यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। वहीं रामदास अठावले केंद्र सरकार में मंत्री हैं, ऐसे में उनकी सीट भी एनडीए के लिए अहम है।

राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं?

राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। इनका चुनाव संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक करते हैं। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (STV) प्रणाली से होता है।

मतलब साफ है—जिस दल या गठबंधन के पास विधानसभा में जितनी अधिक संख्या होगी, उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना उतनी ही अधिक होगी। ऐसे में जहां विधानसभा में संख्या बल का अंतर कम है, वहां जोड़-तोड़, रणनीति और क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

बिहार में संभावित सियासी गणित

बिहार की राजनीति लंबे समय से गठबंधन आधारित रही है। यहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सत्ता का संघर्ष चलता रहा है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्येक सीट के लिए आवश्यक वोटों का गणित बेहद अहम होता है।

यदि किसी दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं है तो उसे सहयोगी दलों या निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाना पड़ता है। ऐसे में यह चुनाव न केवल राजनीतिक ताकत का परीक्षण है, बल्कि गठबंधन की मजबूती का भी पैमाना बनेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 5 सीटों में से कम से कम एक या दो सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

संसद में क्या बदल सकता है समीकरण?

राज्यसभा में बहुमत का गणित अक्सर लोकसभा से अलग होता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि केंद्र सरकार के पास लोकसभा में स्पष्ट बहुमत होता है, लेकिन राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण उसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में क्षेत्रीय दलों का समर्थन लेना पड़ता है।

इन 37 सीटों के चुनाव के बाद राज्यसभा की संरचना में बदलाव संभव है। यदि किसी एक गठबंधन को अपेक्षा से अधिक सीटें मिलती हैं तो वह ऊपरी सदन में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

क्या पुराने चेहरों को मिलेगा दोबारा मौका?

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या राजनीतिक दल अपने मौजूदा सांसदों को दोबारा अवसर देंगे या नए चेहरों को आगे लाएंगे?

बिहार में सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में दल यह देखेंगे कि किस समुदाय को प्रतिनिधित्व देना उनके लिए लाभकारी रहेगा। इसी तरह महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी क्षेत्रीय संतुलन और गठबंधन समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत की भूमिका

पश्चिम बंगाल की 5 सीटों और तमिलनाडु की 6 सीटों पर भी सबकी नजर है। दक्षिण भारत के राज्यों में क्षेत्रीय दलों की मजबूत उपस्थिति के कारण राष्ट्रीय दलों को रणनीतिक गठजोड़ करना पड़ता है।

इन राज्यों के परिणाम संसद में विपक्ष की ताकत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

क्यों कहा जा रहा है इसे ‘मिनी जनादेश’?

राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष जनमत से न होता हो, लेकिन यह राज्यों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का प्रतिबिंब जरूर होता है। जिन राज्यों में हाल में सरकार बदली है या गठबंधन टूटे हैं, वहां यह चुनाव सत्ता की स्थिरता का संकेत देगा।

विशेषज्ञ इसे ‘मिनी जनादेश’ इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि इससे यह संकेत मिलेगा कि आने वाले लोकसभा या विधानसभा चुनावों में राजनीतिक रुझान किस दिशा में जा सकते हैं।

चार्टर प्लेन से पटना पहुंचे IAS निलेश रामचंद्र देओरे पर सियासी संग्राम: विधानसभा में गूंजा मुद्दा, नीतीश सरकार पर विपक्ष का हमला

बिहार की राजनीति एक बार फिर प्रशासनिक निष्पक्षता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझ गई है। राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Nilesh Ramchandra Deore को लेकर छिड़ा चार्टर प्लेन विवाद अब सियासी तूफान में बदल चुका है। पटना पहुंचने के लिए चार्टर विमान के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों के अनुरूप और परिस्थितिजन्य निर्णय बता रहा है। मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि Bihar Vidhan Sabha में भी इस पर तीखी बहस हुई और सरकार को सफाई देनी पड़ी।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देओरे को अचानक पटना बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक कारणों और समय की कमी को देखते हुए वे चार्टर विमान से पटना पहुंचे। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि एक अधिकारी के लिए चार्टर प्लेन का खर्च किस आधार पर स्वीकृत किया गया? क्या यह सरकारी धन का दुरुपयोग है? और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा छिपी है?

विपक्ष का आरोप है कि यह कदम आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया। खासतौर पर जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और सत्ता समीकरणों पर लगातार चर्चा हो रही है।

विधानसभा में गरमाया मुद्दा

मामला विधानसभा तक पहुंचा तो विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। Tejashwi Yadav की पार्टी Rashtriya Janata Dal ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा है। वहीं Indian National Congress के नेताओं ने भी पारदर्शिता की मांग की।

सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से जवाब देते हुए Bharatiya Janata Party के प्रवक्ताओं ने कहा कि अधिकारी का पटना आना पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता थी और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है। उनका कहना है कि कई बार आपात या विशेष परिस्थितियों में चार्टर विमान का उपयोग किया जाता है, जो नियमों के दायरे में आता है।

नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इस पूरे विवाद पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता में विश्वास करती है और यदि किसी को कोई शंका है तो तथ्यों की जांच कराई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक फैसले परिस्थिति के अनुसार लिए जाते हैं और उन्हें राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और मामले की विस्तृत जांच तथा खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।

कौन हैं निलेश रामचंद्र देओरे?

आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देओरे अपने प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बिहार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और कई जिलों में जिला अधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं। प्रशासनिक हलकों में उन्हें कुशल और निर्णायक अधिकारी माना जाता है।

देओरे का कैरियर अपेक्षाकृत साफ-सुथरा रहा है और वे अक्सर अपने कामकाज के कारण चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार उनका नाम राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। चार्टर प्लेन प्रकरण ने उनकी छवि और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और समय का महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का समय बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने के मुद्दे तलाश रहा है। ऐसे में किसी वरिष्ठ अधिकारी की यात्रा को लेकर उठे सवालों ने सियासी बहस को और हवा दे दी है।

विपक्ष का तर्क है कि यदि यात्रा अत्यावश्यक थी तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। वहीं सरकार का कहना है कि प्रक्रिया का पालन किया गया और खर्च संबंधित नियमों के तहत वहन किया गया।

प्रशासनिक नियम क्या कहते हैं?

सरकारी नियमों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों को चार्टर विमान की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि, इसके लिए स्पष्ट अनुमति और औपचारिक स्वीकृति आवश्यक होती है। यही वह बिंदु है जिस पर विपक्ष सवाल उठा रहा है—क्या सभी प्रक्रियाएं विधिवत पूरी की गईं?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी हैं तो विवाद स्वतः समाप्त हो सकता है। लेकिन यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया में कमी पाई जाती है, तो यह सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।

बिहार में शराबबंदी पर मंथन की घड़ी: सहयोगियों के दबाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच क्या बदलेगा फैसला?

पटना: Bihar Vidhan Sabha में बजट सत्र के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक विधायक ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है।

विधायक ने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देता है या जनता की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इस बयान के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया। विपक्ष ने सरकार पर प्रशासनिक ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने दावा किया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी कानून चर्चा के केंद्र में है। वर्ष 2016 में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को मुख्यमंत्री Nitish Kumar की सबसे महत्वाकांक्षी और चर्चित पहलों में गिना जाता है। लेकिन अब लगभग एक दशक बाद, इसी कानून को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से समीक्षा की मांग उठने लगी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कुछ सहयोगी नेताओं ने खुले तौर पर कहा है कि शराबबंदी के कारण राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और इसके क्रियान्वयन में व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

राजस्व संकट और बढ़ता वित्तीय दबाव

शराबबंदी लागू होने से पहले बिहार सरकार को आबकारी मद से हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। यह आय राज्य के विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण स्रोत थी। शराबबंदी के बाद यह आय लगभग समाप्त हो गई।

वर्तमान में राज्य सरकार पर कई कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास का बड़ा वित्तीय बोझ है। ऐसे में आबकारी राजस्व की कमी को लेकर वित्तीय विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं। उनका मानना है कि यदि नियंत्रित और विनियमित तरीके से शराब बिक्री की अनुमति दी जाए, तो राज्य को राजस्व में बड़ी राहत मिल सकती है।

सहयोगियों की खुली नाराजगी

केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता Jitan Ram Manjhi ने कहा है कि शराबबंदी का उद्देश्य भले ही सामाजिक सुधार रहा हो, लेकिन इसके कारण राज्य को “महत्वपूर्ण आर्थिक नुकसान” उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नीति के क्रियान्वयन में कमियां हैं और इस पर गंभीर समीक्षा की जरूरत है।

गठबंधन के कुछ अन्य नेताओं ने भी विधानसभा में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि दस साल बाद किसी भी नीति का मूल्यांकन करना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। समीक्षा में सामाजिक प्रभाव, आर्थिक नुकसान, कानून-व्यवस्था और जनता की राय—सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था और क्रियान्वयन की चुनौतियां

शराबबंदी के तहत अब तक लाखों मामले दर्ज किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। आलोचकों का आरोप है कि छोटे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई ज्यादा हुई, जबकि बड़े पैमाने पर अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया।

राज्य के कई जिलों में अवैध और जहरीली शराब से मौत की घटनाएं भी सामने आईं, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इससे यह बहस और तेज हो गई है कि क्या पूर्ण प्रतिबंध की बजाय सख्त नियमन और नियंत्रित बिक्री बेहतर विकल्प हो सकता है।

सामाजिक प्रभाव: महिलाओं का समर्थन, युवाओं की चिंता

शराबबंदी लागू करते समय मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार का बड़ा कदम बताया था। ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिला समूहों ने इस नीति का समर्थन किया और दावा किया कि घरेलू हिंसा तथा पारिवारिक विवादों में कमी आई है।

हालांकि युवाओं और व्यापारिक वर्ग के एक हिस्से का मानना है कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, बल्कि यह अवैध बाजार में बदल गई है। इससे कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ा है।

राजनीतिक समीकरण और भविष्य की दिशा

शराबबंदी का मुद्दा बिहार की राजनीति में बेहद संवेदनशील है। यह मुख्यमंत्री की छवि और उनकी राजनीतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि इस नीति में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो उसका व्यापक राजनीतिक असर पड़ सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार तत्काल कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी, लेकिन आंशिक संशोधन या क्रियान्वयन में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। संभावित विकल्पों में—

  • कानून में संशोधन कर छोटे मामलों में राहत
  • पारंपरिक पेय पदार्थों को अलग श्रेणी में रखना
  • सीमित और नियंत्रित लाइसेंस प्रणाली लागू करना
  • अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई

Amit Shah Bengal Visit: मायापुर इस्कॉन मुख्यालय में करेंगे पूजा-अर्चना, भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती में शामिल होंगे गृह मंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah बुधवार को पश्चिम बंगाल के एक महत्वपूर्ण लेकिन गैर-राजनीतिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बार उनका कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप का है। वह नदिया जिले के मायापुर स्थित विश्वप्रसिद्ध International Society for Krishna Consciousness (इस्कॉन) के वैश्विक मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में शामिल होंगे। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा में किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा, संगठनात्मक बैठक या चुनावी कार्यक्रम शामिल नहीं है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य की राजनीतिक हलचल तेज है, लेकिन गृह मंत्री का यह कार्यक्रम आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर इस यात्रा को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

दोपहर 1:35 बजे कोलकाता आगमन, बीएसएफ हेलीकॉप्टर से मायापुर प्रस्थान

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दोपहर 1:35 बजे विशेष विमान से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वहां से वह सीधे बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के मायापुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 2:25 बजे से शाम 4:25 बजे तक वह इस्कॉन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।

करीब दो घंटे के प्रवास के दौरान वह विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे, संतों से मुलाकात करेंगे और आध्यात्मिक नेता की जयंती पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह पुनः हेलीकॉप्टर से कोलकाता एयरपोर्ट लौटेंगे और वहीं से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

मायापुर: इस्कॉन का वैश्विक मुख्यालय और आध्यात्मिक केंद्र

नदिया जिले का मायापुर विश्वभर में गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यही International Society for Krishna Consciousness (इस्कॉन) का वैश्विक मुख्यालय है, जिसकी स्थापना A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada ने की थी। मायापुर में स्थित भव्य मंदिर परिसर न केवल भारत, बल्कि अमेरिका, यूरोप, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।

अमित शाह का यह दौरा मायापुर के धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक रेखांकित करता है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के कुछ वरिष्ठ नेताओं के भी उनके साथ मौजूद रहने की संभावना है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सीमित ही है।

शंखभवन और पद्मभवन में विशेष बैठक

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री सबसे पहले इस्कॉन परिसर स्थित शंखभवन जाएंगे, जहां संतों और वरिष्ठ धार्मिक पदाधिकारियों के साथ उनकी एक विशेष बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद वे पद्मभवन का दौरा करेंगे। इस दौरान संगठन की आध्यात्मिक गतिविधियों, सामाजिक सेवाओं और वैश्विक विस्तार को लेकर चर्चा हो सकती है।

इसके बाद अमित शाह Bhaktisiddhanta Sarasvati Thakur की 152वीं जयंती पर आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख आचार्य थे और इस्कॉन की वैचारिक परंपरा के आधार स्तंभ माने जाते हैं।

स्वामी प्रभुपाद को पुष्पांजलि, मंदिरों में पूजा-अर्चना

मंदिर परिसर में गृह मंत्री A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे भगवान नरसिंह, चैतन्य महाप्रभु और राधा-माधव के मंदिरों में जाकर विधिवत पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।

यह कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस्कॉन के अनुयायियों के लिए यह अवसर विशेष उत्साह का विषय है, क्योंकि देश के गृह मंत्री स्वयं इस आयोजन में शामिल होकर आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे।

पहले भी कर चुके हैं बंगाल का दौरा

गौरतलब है कि अमित शाह इससे पहले 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल आए थे। उस दौरान उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित आनंदपुरी मैदान में सभा को संबोधित किया था और बाद में सिलीगुड़ी में कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस दौरे का स्वरूप पूरी तरह राजनीतिक था।

हालांकि इस बार उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किसी राजनीतिक गतिविधि का उल्लेख नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह दौरा विशुद्ध रूप से धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है।

नदिया जिला प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर

गृह मंत्री के आगमन को देखते हुए नदिया जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की व्यवस्था की गई है।

राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में हैं। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है।

India AI Impact Summit 2026: बिहार को ₹468 करोड़ का निवेश, IIT पटना में बनेगा रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit & Expo 2026 के दौरान बिहार सरकार ने तकनीकी क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने कुल 468 करोड़ के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिसर्च, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इनोवेशन को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और हजारों युवाओं को हाई-टेक स्किल ट्रेनिंग मिलेगी।

IIT पटना में बनेगा 250 करोड़ का रिसर्च पार्क

सबसे बड़ा समझौता IIT Patna में ₹250 करोड़ के रिसर्च पार्क की स्थापना को लेकर हुआ है। यह पार्क शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु का कार्य करेगा।

रिसर्च पार्क में स्थापित होंगी:

  • एआई और मशीन लर्निंग लैब
  • स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर
  • इंडस्ट्री-एकेडमिक कोलैबोरेशन हब
  • हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर

इस पहल से बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी और रिसर्च हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

60 करोड़ का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बिहार सरकार ने 60 करोड़ की लागत से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इसमें Tiger Analytics उद्योग साझेदार और IIT Patna शैक्षणिक सहयोगी होंगे।

यह सेंटर:

  • युवाओं को डेटा साइंस और एआई में प्रशिक्षण देगा
  • एग्रीटेक, हेल्थटेक और ई-गवर्नेंस समाधान विकसित करेगा
  • स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में 50,000 से अधिक युवाओं को एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जाए।

पटना में CIPL का कोर डेवलपमेंट सेंटर

Corporate Infotech Pvt Ltd (CIPL) ने बिहार सरकार के साथ समझौता कर पटना में कोर डेवलपमेंट सेंटर और एआई हब स्थापित करने की घोषणा की है।

इस परियोजना के तहत:

  • SAP आधारित एंटरप्राइज सॉल्यूशंस
  • क्लाउड कंप्यूटिंग
  • साइबर सुरक्षा
  • डेटा सेंटर सेवाएं

विकसित की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में इस परियोजना से लगभग 2000 आईटी पेशेवरों को रोजगार मिलने की संभावना है।

अन्य कंपनियों से भी निवेश

बिहार सरकार ने निम्न कंपनियों के साथ भी निवेश समझौते किए हैं:

  • Red Cyber – 103 करोड़
  • GrowQR – 30 करोड़

इन निवेशों से राज्य में साइबर सुरक्षा, फिनटेक और डिजिटल पेमेंट सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

नई आईटी नीतियों का प्रभाव

बिहार सरकार ने हाल ही में कई नई नीतियाँ लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Bihar GCC Policy 2026
  • Bihar Semiconductor Policy 2026
  • Bihar IT Policy 2024

इन नीतियों के तहत निवेशकों को टैक्स छूट, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब केवल श्रम आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान आधारित और डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ेगा। आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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Muzaffarpur Bribery Case: जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, SVU की बड़ी कार्रवाई

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कृषि विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे बिहार में प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायत से गिरफ्तारी तक: कैसे बिछाया गया जाल

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक खाद दुकानदार की शिकायत से हुई। दुकानदार ने पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई के कार्यालय में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि जिला कृषि कार्यालय की ओर से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, जांच के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था और दुकान का लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही थी।

दुकानदार ने आरोप लगाया कि मामले को “सुलझाने” के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। यह रकम सीधे अधिकारी की बजाय उनके ड्राइवर के माध्यम से मांगी गई थी। आरोप यह भी था कि यदि तय रकम नहीं दी गई तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिससे उसका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो सकता था।

शिकायत मिलते ही SVU ने मामले को गंभीरता से लिया और प्राथमिक स्तर पर गुप्त सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में प्रथमदृष्टया सच्चाई पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

ट्रैप टीम का गठन और सुनियोजित कार्रवाई

SVU ने इस ऑपरेशन के लिए एक विशेष धावा दल (ट्रैप टीम) का गठन किया। पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और सुधीर कुमार के नेतृत्व में पूरी रणनीति तैयार की गई। टीम ने परिवादी (शिकायतकर्ता) को आवश्यक निर्देश दिए और तय योजना के अनुसार कार्रवाई का समय निर्धारित किया।

मंगलवार को मुजफ्फरपुर में पूरे प्लान के तहत जाल बिछाया गया। परिवादी को केमिकल-ट्रीटेड नोट दिए गए ताकि लेन-देन की पुष्टि वैज्ञानिक तरीके से की जा सके। जैसे ही ड्राइवर रामबाबू राय ने परिवादी से 50 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए टीम के सदस्यों ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

मौके पर ही केमिकल टेस्ट (फेनॉलफ्थलीन परीक्षण) किया गया। परीक्षण में नोटों के संपर्क की पुष्टि हुई, जिससे रिश्वत लेने के आरोप की पुष्टि हो गई। टीम ने मौके से आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए।

कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

इस मामले में पटना निगरानी थाना में कांड संख्या 06/26 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धारा लोक सेवक द्वारा अवैध रूप से रिश्वत लेने या मांगने से संबंधित है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला अकेला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

एक महीने में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी

मुजफ्फरपुर कृषि विभाग में यह एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले तत्कालीन जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।

उल्लेखनीय है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद ही हिमांशु कुमार को जिला कृषि पदाधिकारी का प्रभार सौंपा गया था। लेकिन अब उनके खिलाफ भी इसी तरह के आरोप सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार दूसरी गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया है कि समस्या केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवस्था के स्तर पर भी सुधार की आवश्यकता है।

लाइसेंस रद्द करने की धमकी: कारोबारियों में दहशत

खाद दुकानदारों का लाइसेंस कृषि विभाग द्वारा जारी किया जाता है। लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में संबंधित दुकानदार का पूरा व्यापार बंद हो सकता है। ऐसे में जांच के नाम पर दबाव बनाना और रिश्वत की मांग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कई बार छोटे व्यवसायियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। हालांकि, कई दुकानदार खुलकर सामने आने से हिचकिचाते हैं, क्योंकि उन्हें प्रशासनिक प्रताड़ना का डर रहता है।

संपत्ति की जांच और आय से अधिक संपत्ति की पड़ताल

SVU की टीम अब आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के आवास और अन्य ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिलते हैं तो अलग से मामला दर्ज किया जा सकता है।

जांच एजेंसी बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्ति और परिजनों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी पड़ताल कर सकती है। यदि बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।

Bhagalpur कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी से दहला प्रशासन, हाई अलर्ट पर पुलिस; ईमेल भेजने वाले की तलाश तेज

बिहार के ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर Bhagalpur में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिले के सबसे अहम प्रशासनिक केंद्र—समाहरणालय (कलेक्ट्रेट)—को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। ईमेल के जरिए भेजी गई इस सनसनीखेज धमकी ने न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि आम लोगों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया और पूरे परिसर को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

ईमेल से मिली धमकी, तुरंत मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, समाहरणालय के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर विस्फोटक सामग्री रखी गई है और जल्द ही बड़ा धमाका किया जाएगा। संदेश में स्पष्ट रूप से प्रशासनिक भवन को निशाना बनाने की बात कही गई थी। जैसे ही यह ईमेल संबंधित अधिकारियों की नजर में आया, पूरे सिस्टम में अफरा-तफरी मच गई।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया। कुछ ही मिनटों में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियातन पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करा लिया गया और वहां मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों व आम नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।

चप्पे-चप्पे की तलाशी, सील किया गया परिसर

सुरक्षा के मद्देनजर समाहरणालय के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। परिसर के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन तलाशी ली जाने लगी। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की जांच की गई, फाइलों के ढेर, कमरों, शौचालयों, सीढ़ियों, छतों और यहां तक कि झाड़ियों तक को खंगाला गया।

बम निरोधक दस्ते ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से संदिग्ध स्थानों की जांच की। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी विस्फोटक की मौजूदगी का पता लगाने के लिए पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कई घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रशासनिक भवन के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

वरिष्ठ अधिकारी मौके पर, खुद कर रहे निगरानी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी ट्रैफिक और शहरी क्षेत्र के डीएसपी ने सर्च ऑपरेशन की कमान संभाली। पूरे अभियान की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे परिसर की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती और ‘क्लीन चिट’ नहीं मिल जाती, तब तक अलर्ट जारी रहेगा।

सिविल कोर्ट के बाद अब कलेक्ट्रेट निशाने पर

गौरतलब है कि हाल के दिनों में सरकारी संस्थानों और अदालतों को धमकी भरे ईमेल भेजने का सिलसिला बढ़ा है। कुछ दिन पहले भागलपुर सिविल कोर्ट को भी इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। अब सीधे कलेक्ट्रेट को निशाना बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

पिछले दो सप्ताह के दौरान बिहार के कई जिलों में अदालतों और सरकारी दफ्तरों को ईमेल के जरिए धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में जांच के बाद धमकी झूठी पाई गई, लेकिन प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।

साइबर सेल सक्रिय, ईमेल भेजने वाले की तलाश

धमकी भरे ईमेल की जांच के लिए पुलिस की साइबर सेल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी टीम ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत भी हो सकती है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना और भय का माहौल बनाना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यदि यह फर्जी धमकी साबित होती है, तब भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आईटी एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

कर्मचारियों में दहशत, कामकाज प्रभावित

धमकी के कारण समाहरणालय में कामकाज कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया। कई कर्मचारी भयभीत नजर आए। आमतौर पर रोजाना सैकड़ों लोग विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रवेश सीमित कर दिया गया। कई जरूरी फाइलों और जनसेवा से जुड़े कार्यों में अस्थायी व्यवधान पड़ा।

हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा जांच पूरी होते ही कामकाज सामान्य कर दिया जाएगा।

कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल

लगातार मिल रही धमकियों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर इस तरह की धमकियां देना नई चुनौती बनती जा रही है। ऐसे मामलों में तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह की झूठी धमकी देकर दहशत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यदि यह किसी की शरारत साबित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर भी इस घटना की जानकारी साझा की गई है और जरूरत पड़ने पर विशेष एजेंसियों की मदद ली जाएगी।

मुजफ्फरपुर के थाना बेला में पुलिसकर्मी पर फायरिंग, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर, 17 फरवरी 2026 – मंगलवार को मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र में एक गंभीर अपराध की घटना सामने आई जहां बाइक सवार अपराधियों ने पुलिस के एक मुंशी पर गोलियां चलाईं। घटना में घायल पुलिसकर्मी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

घटना के अनुसार, बेला थाना के मुंशी विकास कुमार सिंह पर अचानक बाइक से आए हमलावरों ने फायरिंग की। गोली पेट के पास लगी, जिससे वह भारी घायल होकर जमीन पर गिर गए। यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस साइबर फ्रॉड के संदिग्धों पर छापेमारी कर रही थी।

📍 घटना के मुख्य बिंदु

  • बाइक से आए अपराधियों ने पहले बिना चेतावनी फायरिंग शुरू कर दी, जिससे माहौल फौरन अफरातफरी वाला हो गया
  • घायल मुंशी विकास कुमार सिंह को जैसे-तैसे अन्य पुलिस कर्मियों ने अस्पताल ले जाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई में एक आरोपी पप्पू सहनी को पकड़ लिया गया, जो कुख्यात पंकज सहनी गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है। पिछले मामलों में वह पहले भी साइबर फ्रॉड में जेल जा चुका है
  • पकड़े गए आरोपी के पास से एक हथियार बरामद हुआ है, जिसे सबूत के रूप में जप्त कर आगे की छानबीन की जा रही है।

🛑 पुलिस का बयान

तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार ने बताया कि पुलिस की छापेमारी के दौरान अपराधियों ने फायरिंग की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के बारे में पहले से जानकारी थी और अब मामले की आगे की जांच जारी है।

बिहार की इस समय की 10 बड़ी खबरें (जिला वार) 17 फरवरी 2026

पटना | 17 फरवरी 2026

बिहार में मंगलवार, 17 फरवरी को अलग-अलग जिलों से कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आईं। प्रशासनिक फैसलों से लेकर सड़क हादसे, विकास योजनाओं और कृषि से जुड़ी गतिविधियों तक राज्यभर में हलचल रही। पढ़िए जिला वार पूरी रिपोर्ट—

📍 पटना

राजधानी पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शिक्षा विभाग में नई बहाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने पर निर्णय लिया गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।

विधानसभा में हंगामा: बिहार विधानसभा में RJD नेताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को “बेचारा” कहे जाने का मुद्दा उठाया, जिससे माहौल गरमा गया और हंगामे के बीच बहस जारी रही।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सिजेरियन डिलीवरी सुविधा : बिहार के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery) की सुविधा लागू कर दी गई है। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में महिलाओं को बेहतर मातृ-सेवा मिलेगी और समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी।

रेलवे ने बढ़ाए विशेष ट्रेनें (होली के लिए) : रेलवे प्रशासन ने होली मेलों और यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 9 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इन ट्रेनों का परिचालन बिहार के प्रमुख रूट्स और पड़ोसी राज्यों के मार्गों पर होगा, जिससे त्योहार सीज़न में सफर आसान होगा।

मैट्रिक परीक्षा की शुरुआत : बिहार में आज से बोर्ड मैट्रिक (10वीं) परीक्षा शुरू हो गई है। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की बड़ी संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। विभाग ने परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।

📍 मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को फिर से चालू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रनवे निर्माण और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। लंबे समय से बंद पड़े एयरपोर्ट के चालू होने से उत्तर बिहार के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सड़क हादसा: मुजफ्फरपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो शिक्षकों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए। घटना की जांच जारी है।

गैरकानूनी गतिविधियों पर कार्रवाई: मुजफ्फरपुर में एक मामला सामने आया है, जिसमें व्यक्ति को गोली मारकर कार से फेंकने की घटना हुई; यह जांच के दायरे में है और पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

📍 गया (बोधगया)

पर्यटन नगरी बोधगया में विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर्यटन सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। महाबोधि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। होटल व्यवसायियों के अनुसार, इस बार बुकिंग में अच्छी वृद्धि हुई है।

📍 भागलपुर

गंगा नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है, फिर भी तटवर्ती इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। दूसरी ओर, सिल्क उद्योग से जुड़े व्यापारियों को राज्य सरकार की नई प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

📍 दरभंगा

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नई अत्याधुनिक जांच मशीनों की शुरुआत की गई। इससे मरीजों को अब कई महत्वपूर्ण जांचों के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर जिला प्रशासन ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है।

📍 रोहतास (सासाराम)

सासाराम में एनएच-319 पर देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। बस और ट्रक की टक्कर में दो शिक्षकों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीन साल पुराने हत्या मामले में सज़ा : रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के 2023 के हत्याकांड में अदालत ने अभियुक्त को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माना की सज़ा सुनाई है।

📍 पूर्णिया

पूर्णिया में किसानों के लिए विशेष कृषि शिविर का आयोजन किया गया। कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक खेती तकनीक, फसल विविधीकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। किसानों ने नई तकनीकों में रुचि दिखाई और सरकार से निरंतर सहयोग की मांग की।

📍 सारण (छपरा)

अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस ने छपरा में अवैध हथियार के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

📍 बेगूसराय

बेगूसराय के औद्योगिक क्षेत्र में नई फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

📍 भोजपुर (आरा)

जमीन रजिस्ट्री के नए नियमों को लेकर भोजपुर जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रशासन ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए प्रावधानों के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। लोगों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई।

📍 जहानाबाद

मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी का खुलासा : प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत चल रहे मध्याह्न (मिडडे मील) कार्यक्रम में जहानाबाद जिले के दो स्कूलों में निरीक्षण के दौरान छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और अनुपस्थिति के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया है, जिससे विभाग ने चेतावनी जारी की।

सासाराम में आधी रात दर्दनाक सड़क हादसा: शैक्षणिक टूर बस पलटी, दो शिक्षकों की मौत, 11 बच्चे समेत कई घायल

सासाराम/भभुआ: बिहार में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार की देर रात बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में एक भीषण सड़क हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 बच्चे और कई शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा परसथूआ थाना क्षेत्र के सोहसा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 319 (NH-319) पर हुआ, जब छात्रों और शिक्षकों से भरी एक शैक्षणिक टूर बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

यह बस कैमूर जिले के चैनपुर अंचल स्थित मध्य विद्यालय बढ़ौना से छात्रों और शिक्षकों को लेकर पटना जा रही थी। हादसा रात करीब 12:30 बजे हुआ, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक हुए इस हादसे से बस में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। बताया जा रहा है कि बस सड़क किनारे पलट गई, जिससे उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के आगे और साइड हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही परसथूआ थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

बस में कौन-कौन थे सवार?

इस शैक्षणिक भ्रमण पर निकली बस में कुल 44 लोग सवार थे, जिनमें 7 शिक्षक, 36 छात्र और एक अभिभावक शामिल थे। हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा पांच शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 11 बच्चे जख्मी बताए जा रहे हैं। कई बच्चों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मृत शिक्षकों की हुई पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं:

  • पुनीत कुमार सिन्हा, निवासी बगहवा गांव, जिला मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)
  • संजय कुमार राय, निवासी भैसहट गांव, थाना चैनपुर, जिला कैमूर (बिहार)

दोनों शिक्षक मध्य विद्यालय बढ़ौना में कार्यरत थे और छात्रों के साथ शैक्षणिक यात्रा पर जा रहे थे। घटना के बाद स्कूल और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया गया है।

परिजनों में मचा कोहराम

जैसे ही हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। पुनीत कुमार सिन्हा और संजय कुमार राय के परिवार के सदस्य सदमे में हैं। ग्रामीणों के अनुसार दोनों शिक्षक अपने व्यवहार और समर्पण के लिए जाने जाते थे।

छात्रों के अभिभावकों में भी भारी चिंता का माहौल है। कई अभिभावक रात में ही अस्पताल पहुंच गए और अपने बच्चों का हाल-चाल लिया। घायलों के परिजन अस्पताल के बाहर डटे रहे।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, लेकिन अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बस चालक से पूछताछ की जा रही है और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

NH-319 पर बढ़ते हादसे

राष्ट्रीय राजमार्ग 319 पर पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

शैक्षणिक टूर पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद शैक्षणिक टूर के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात में लंबी दूरी की यात्रा से बचना चाहिए, खासकर जब बस में छोटे बच्चे सवार हों। बस की फिटनेस, चालक की थकान और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है।

✈️ मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को मिली नई उड़ान: 43 करोड़ के रनवे टेंडर से 2027 तक आसमान से जुड़ेगा उत्तर बिहार

Muzaffarpur बिहार : उत्तर बिहार के लोगों के लिए दशकों से प्रतीक्षित खुशखबरी आखिरकार साकार होती दिख रही है। करीब पांच दशकों से शांत पड़ा पताही हवाई अड्डा अब फिर से सक्रिय होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर को फिर से देश के हवाई नक्शे पर स्थापित करने का संकल्प लिया है। यह केवल एक एयरपोर्ट परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पहचान और संभावनाओं को नई उड़ान देने की तैयारी है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में घोषणा की कि एयरपोर्ट के रनवे निर्माण के लिए 43.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ ही वर्षों से अधर में लटकी परियोजना को वास्तविक गति मिल गई है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक यहां से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएं।

पांच दशकों का इंतजार खत्म होने की ओर

मुजफ्फरपुर का पताही हवाई अड्डा कभी क्षेत्रीय संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। लेकिन समय के साथ संचालन बंद हो गया और यह परिसर लगभग निष्क्रिय हो गया। स्थानीय लोगों के लिए यह हमेशा एक अधूरी आकांक्षा की तरह रहा कि उनका शहर भी हवाई सेवाओं से सीधे जुड़े।

उत्तर बिहार का यह प्रमुख शहर लंबे समय से सड़क और रेल परिवहन पर निर्भर रहा है। हवाई यात्रा के लिए लोगों को राजधानी पटना या दरभंगा तक जाना पड़ता था, जो समय और खर्च दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा। खासकर व्यावसायिक यात्रियों, छात्रों, मरीजों और प्रवासी परिवारों के लिए यह असुविधा बड़ी समस्या थी।

अब राज्य सरकार और Airports Authority of India (AAI) के संयुक्त प्रयासों से यह स्थिति बदलने जा रही है।

72 करोड़ का व्यापक विकास खाका

एयरपोर्ट के पुनर्विकास के लिए कुल 72 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना तैयार की गई है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि निर्माण कार्य व्यवस्थित और समयबद्ध ढंग से हो सके।

🔹 पहला चरण: बुनियादी संरचना का निर्माण

पहले चरण में लगभग 28.58 करोड़ रुपये की लागत से निम्नलिखित ढांचागत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा—

  • आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग
  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर
  • फायर स्टेशन
  • अंडरग्राउंड संप हाउस
  • सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक तकनीकी ढांचा

यह चरण एयरपोर्ट संचालन के लिए आधार तैयार करेगा। टर्मिनल भवन को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने पर विस्तार संभव हो।

🔹 दूसरा चरण: रनवे और परिचालन सुविधाएं

दूसरे चरण में 43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रनवे, टैक्सीवे और एप्रन निर्माण पर खर्च की जाएगी।

  • रनवे की लंबाई 1300 मीटर होगी
  • टैक्सीवे का निर्माण
  • विमानों की पार्किंग (एप्रन)
  • पेरिमीटर रोड और आपातकालीन सड़क
  • सुरक्षा क्षेत्र और वाहन लेन

एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिससे 19-सीटर विमानों का सुरक्षित संचालन संभव होगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर बड़े विमानों के लिए भी विस्तार की संभावना रखी गई है।

लीची की राजधानी को मिलेगा सीधा लाभ

मुजफ्फरपुर को ‘लीची की राजधानी’ के नाम से देश-विदेश में पहचान मिली है। यहां की शाही लीची की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है। अभी तक लीची और अन्य कृषि उत्पादों को हवाई मार्ग से भेजने के लिए पटना या अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था।

एयरपोर्ट चालू होने के बाद—

  • लीची निर्यात में तेजी आएगी
  • कृषि उत्पादों की त्वरित आपूर्ति संभव होगी
  • किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी
  • कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ेगा

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सीधा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

व्यापार और उद्योग को नई दिशा

मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। यहां से सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों का आर्थिक जुड़ाव है। एयरपोर्ट चालू होने से—

  • व्यावसायिक यात्राओं में समय की बचत होगी
  • निवेशकों का आकर्षण बढ़ेगा
  • छोटे और मध्यम उद्योगों को बाजार विस्तार का अवसर मिलेगा
  • स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र को गति मिलेगी

हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। इससे क्षेत्रीय असंतुलन कम करने में मदद मिलती है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सीतामढ़ी को माता सीता की जन्मस्थली के रूप में मान्यता प्राप्त है। वैशाली का ऐतिहासिक महत्व है। यदि मुजफ्फरपुर से सीधी उड़ानें शुरू होती हैं तो देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों की आवाजाही आसान हो जाएगी।

हवाई संपर्क से—

  • धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी
  • होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को लाभ होगा
  • स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

आम लोगों को राहत

अभी तक हवाई यात्रा के लिए लोगों को लगभग 70-100 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। पटना या दरभंगा तक पहुंचने में कई बार आधा दिन लग जाता था।

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद—

  • समय की बचत होगी
  • यात्रा खर्च में कमी आएगी
  • बुजुर्गों और मरीजों को सुविधा मिलेगी
  • छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को लाभ होगा

2027 तक उड़ान का लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2027 तक उड़ान संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। यदि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा होता है तो मुजफ्फरपुर से जल्द ही क्षेत्रीय उड़ानें शुरू हो सकती हैं। संभावना है कि प्रारंभिक चरण में दिल्ली, कोलकाता और अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी दी जाए।

यह परियोजना राज्य सरकार की क्षेत्रीय संतुलित विकास नीति का हिस्सा है, जिसके तहत छोटे शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

बदलती तस्वीर, बढ़ती उम्मीदें

मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट का पुनरुद्धार केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है। यह उत्तर बिहार की नई पहचान गढ़ने की पहल है। पांच दशकों के लंबे इंतजार के बाद अब शहर एक बार फिर आसमान से जुड़ने की तैयारी में है।

रनवे टेंडर जारी होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है। आने वाले वर्षों में जब पताही हवाई अड्डे से पहली उड़ान भरेगी, तो वह केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आकांक्षाओं को अपने साथ लेकर उड़ान भरेगी।

मुजफ्फरपुर के लिए यह सचमुच एक नई शुरुआत है—एक ऐसी शुरुआत, जो व्यापार, कृषि, पर्यटन और आम जनजीवन को नई दिशा देने वाली है।

2027 का इंतजार अब उम्मीद में बदल चुका है, और उत्तर बिहार की जनता आसमान में अपने शहर का नाम देखने को तैयार है।

1 अप्रैल 2026 से बदलेगी जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया: बिहार में अब 13 अनिवार्य जानकारियों के बिना नहीं होगा निबंधन

पटना: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से राज्य में जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत अब किसी भी जमीन के निबंधन (रजिस्ट्री) के लिए आवेदक को 13 अनिवार्य जानकारियां देनी होंगी। यह व्यवस्था डिजिटल माध्यम से लागू की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को ई-निबंधन पोर्टल के जरिए संचालित किया जाएगा।

राज्य सरकार ने यह फैसला ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत लिया है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और आम नागरिकों को सरल व जवाबदेह सेवा उपलब्ध कराना है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव की ओर से राज्य के सभी जिलाधिकारियों (कलेक्टरों) को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

क्यों जरूरी हुआ नया नियम?

बिहार में जमीन से जुड़े विवाद लंबे समय से एक गंभीर समस्या रहे हैं। गलत खाता-खेसरा, अधूरी जमाबंदी, फर्जी दस्तावेज, और जमीन के प्रकार को लेकर अस्पष्टता के कारण कई बार वर्षों तक मुकदमे चलते रहते हैं। कई मामलों में पाया गया कि जमीन की वास्तविक स्थिति और रजिस्ट्री दस्तावेज में दी गई जानकारी में अंतर होता है, जिससे बाद में कानूनी विवाद उत्पन्न होते हैं।

इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया कि जमीन की रजिस्ट्री के समय ही पूरी और अद्यतन जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की गुंजाइश न बचे। डिजिटल प्रणाली से जानकारी की जांच-पड़ताल भी आसान होगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।

रजिस्ट्री के लिए देनी होंगी ये 13 अनिवार्य जानकारियां

1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदक को निम्नलिखित 13 जानकारियां देना अनिवार्य होगा:

  1. निबंधन कार्यालय का नाम
  2. अंचल का नाम
  3. मौजा
  4. थाना
  5. खाता संख्या
  6. खेसरा संख्या
  7. भूमि का रकबा (क्षेत्रफल)
  8. चौहद्दी (चारों दिशाओं की सीमा)
  9. जमाबंदी विवरण
  10. जमाबंदी धारक का नाम
  11. क्रेता (खरीददार) का नाम
  12. विक्रेता का नाम
  13. भूमि का प्रकार (कृषि, आवासीय, व्यावसायिक आदि)

इन सभी जानकारियों को डिजिटल फॉर्मेट में ई-निबंधन पोर्टल पर भरना होगा। बिना इन सूचनाओं के दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ई-निबंधन पोर्टल पर अनिवार्य लॉगिन

नई व्यवस्था के तहत आवेदक को सबसे पहले ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद लॉगिन कर संबंधित जमीन से जुड़ी सभी 13 जानकारियां अपलोड करनी होंगी।

यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे दलालों की भूमिका कम होगी और आम नागरिक सीधे सिस्टम से जुड़ सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और दस्तावेजों की ट्रैकिंग भी आसान होगी।

अपडेटेड जानकारी का विकल्प

सरकार ने पोर्टल पर एक विकल्प दिया है, जिसके तहत आवेदक जमीन की ‘अपडेटेड जानकारी’ देखने और सत्यापित करने का चयन कर सकते हैं। यदि आवेदक यह विकल्प नहीं चुनते हैं, तो निबंधन कार्यालय पहले की तरह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेजों की जांच करेगा।

लेकिन यदि आवेदक अपडेटेड जानकारी का विकल्प चुनते हैं, तो संबंधित जानकारी सीधे संबंधित अंचलाधिकारी (CO) या राजस्व अधिकारी के लॉगिन में भेज दी जाएगी।

10 दिनों में होगी जांच, मैसेज से मिलेगी सूचना

जैसे ही जानकारी संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगी, वे लॉगिन के माध्यम से अपलोड की गई जानकारियों की जांच करेंगे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 दिनों के भीतर आवेदक को मैसेज के जरिए सूचित किया जाएगा कि जानकारी सही है या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि है।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता है, तो इसे इस रूप में माना जाएगा कि आवेदक द्वारा दी गई जानकारी सही नहीं है या उसमें कोई कमी है। ऐसे मामलों में आवेदक को पुनः सही जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से:

  • फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी
  • जमीन विवादों में कमी आएगी
  • रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी
  • ऑनलाइन ट्रैकिंग से भ्रष्टाचार घटेगा
  • नागरिकों को समयबद्ध सेवा मिलेगी

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर स्तर पर डेटा दर्ज होगा, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की जांच या सत्यापन आसान होगा।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू

यह नया नियम राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों और अंचलों में समान रूप से लागू होगा। चाहे जमीन ग्रामीण क्षेत्र की हो या शहरी क्षेत्र की—रजिस्ट्री के लिए एक समान प्रक्रिया अपनानी होगी।

इससे पहले कई बार अलग-अलग जिलों में प्रक्रियाओं में असमानता देखने को मिलती थी, लेकिन अब पूरे राज्य में एक समान डिजिटल ढांचा लागू किया जा रहा है।

दलाल प्रथा पर लगेगा अंकुश

जमीन रजिस्ट्री के दौरान अक्सर बिचौलियों की सक्रियता की शिकायतें मिलती रही हैं। आम लोगों को प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त राशि देनी पड़ती थी। ई-निबंधन प्रणाली के जरिए आवेदक सीधे पोर्टल पर जानकारी भर सकेंगे, जिससे दलालों की भूमिका सीमित हो जाएगी।

क्या होगा यदि जानकारी गलत दी गई?

यदि जांच के दौरान पाया जाता है कि दी गई जानकारी गलत है, अधूरी है या जमीन के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती है, तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोक दी जाएगी। आवेदक को त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

डिजिटल बिहार की ओर एक और कदम

राज्य सरकार पहले से ही भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर काम कर रही है। ऑनलाइन जमाबंदी, भू-नक्शा और भूमि से संबंधित सेवाएं पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अब जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल ढांचे में लाया जा रहा है।

यह कदम ‘डिजिटल गवर्नेंस’ को मजबूत करेगा और आम नागरिकों को घर बैठे सेवाएं प्राप्त करने में मदद करेगा।

आम लोगों के लिए क्या करें?

यदि आप 1 अप्रैल 2026 के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज पहले से अपडेट रखें
  • खाता, खेसरा और जमाबंदी की जानकारी सत्यापित करें
  • चौहद्दी और रकबा की स्पष्ट जानकारी जुटाएं
  • ई-निबंधन पोर्टल पर समय रहते अकाउंट बनाएं
  • मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि मैसेज समय पर मिल सके

CBSE Board Exam 2026 Live Updates: सुबह 10 बजे बंद होगा एंट्री गेट, जानें आज की पूरी परीक्षा शेड्यूल और जरूरी दिशा-निर्देश

नई दिल्ली: देशभर में लाखों विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। Central Board of Secondary Education (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2026 आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। परीक्षा के पहले ही दिन बोर्ड ने छात्रों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 10 बजे तक ही मिलेगा। इसके बाद किसी भी छात्र को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सुरक्षा, समय-प्रबंधन, दो-परीक्षा प्रणाली और सुधार (इम्प्रूवमेंट) के अवसर को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बोर्ड ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, तनावमुक्त और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं।

नीचे हम आपको आज की परीक्षा का पूरा शेड्यूल, एंट्री नियम, जरूरी निर्देश, नई दो-परीक्षा प्रणाली की पूरी जानकारी, और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह विस्तार से बता रहे हैं।


सुबह 10 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री

CBSE ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे।

  • परीक्षा का समय सामान्यतः सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा।
  • छात्रों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम 30-45 मिनट पहले केंद्र पर पहुंच जाएं।
  • 10 बजे के बाद आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे कारण कुछ भी हो।

यह नियम इसलिए सख्ती से लागू किया गया है ताकि प्रश्नपत्र वितरण, उपस्थिति प्रक्रिया और सुरक्षा जांच सुचारू रूप से पूरी की जा सके।


आज की परीक्षा का पूरा शेड्यूल

आज बोर्ड परीक्षा के पहले दिन विभिन्न विषयों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित हैं।

कक्षा 10वीं

  • पहला पेपर: प्रमुख विषय (जैसे हिंदी, अंग्रेजी या क्षेत्रीय भाषा)
  • समय: 10:30 AM से 1:30 PM
  • प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट (10:15 से 10:30)

कक्षा 12वीं

  • पहले दिन वैकल्पिक और मुख्य विषयों की परीक्षा
  • समय वही: 10:30 AM से 1:30 PM

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपना एडमिट कार्ड पर अंकित विषय और केंद्र का नाम ध्यान से जांच लें।


दो-परीक्षा प्रणाली: क्या है नई व्यवस्था?

CBSE ने 2026 से कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है। इसका उद्देश्य छात्रों को एक अतिरिक्त अवसर देना है ताकि वे अपने अंकों में सुधार कर सकें।

लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:

  • पहली परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
  • छात्र पहली परीक्षा छोड़कर सीधे दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते।
  • दूसरी परीक्षा केवल सुधार (Improvement) के लिए है।

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में कम से कम तीन मुख्य विषयों में शामिल नहीं होता, तो उसे दूसरी परीक्षा का अवसर नहीं मिलेगा और उसे अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में बैठना होगा।


परीक्षा केंद्र पर क्या-क्या ले जाना जरूरी है?

छात्रों को निम्नलिखित चीजें साथ ले जानी अनिवार्य हैं:

✔️ एडमिट कार्ड (मूल प्रति)
✔️ स्कूल आईडी कार्ड
✔️ पारदर्शी पेन-पेंसिल बॉक्स
✔️ नीला/काला पेन
✔️ पेंसिल, रबर, स्केल


क्या ले जाना सख्त मना है?

❌ मोबाइल फोन
❌ स्मार्टवॉच
❌ ब्लूटूथ डिवाइस
❌ कैलकुलेटर (जब तक अनुमति न हो)
❌ किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट

यदि कोई छात्र प्रतिबंधित वस्तु के साथ पकड़ा जाता है तो उसे अनुचित साधन (Unfair Means) के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है।

  • सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
  • फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती की गई है।
  • प्रश्नपत्र वितरण की डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है।
  • संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बोर्ड का उद्देश्य नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना है।


छात्रों के लिए बोर्ड की विशेष सलाह

CBSE ने छात्रों को परीक्षा को लेकर घबराने से बचने और शांत मन से पेपर देने की सलाह दी है।

परीक्षा से पहले:

  • रात में पर्याप्त नींद लें
  • हल्का और पौष्टिक भोजन करें
  • एडमिट कार्ड पहले से तैयार रखें

परीक्षा के दौरान:

  • पहले प्रश्नपत्र पूरा पढ़ें
  • समय का सही विभाजन करें
  • जिन प्रश्नों का उत्तर अच्छी तरह आता है, उन्हें पहले हल करें

परीक्षा के बाद:

  • अगले पेपर की तैयारी पर ध्यान दें
  • पिछले पेपर को लेकर तनाव न लें

अभिभावकों की भूमिका

बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें।

  • सकारात्मक माहौल बनाए रखें
  • तुलना करने से बचें
  • बच्चों का मनोबल बढ़ाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के समय मानसिक समर्थन उतना ही जरूरी है जितना शैक्षणिक तैयारी।


सुधार परीक्षा का पूरा प्रावधान

जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल होते हैं और अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते, उन्हें सुधार परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

  • अधिकतम 3 विषयों में सुधार का मौका
  • बेहतर अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे
  • सुधार परीक्षा का शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा

यह व्यवस्था छात्रों को तनाव से राहत देने और बेहतर परिणाम का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।


मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता

CBSE ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

  • डिजिटल मार्किंग सिस्टम
  • डबल वैरिफिकेशन
  • मॉडरेशन नीति में सुधार

छात्रों को परिणाम जारी होने के बाद उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का विकल्प भी मिलेगा।


परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश

हालांकि कोविड जैसी स्थिति अब सामान्य हो चुकी है, फिर भी बोर्ड ने स्वास्थ्य सावधानियों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • बीमार होने पर तुरंत सुपरवाइजर को सूचित करें
  • पानी की पारदर्शी बोतल साथ रखें
  • आवश्यक दवाइयों की जानकारी पहले से दें

विशेषज्ञों की राय: दो परीक्षा प्रणाली का प्रभाव

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई प्रणाली छात्रों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

फायदे:

  • तनाव कम होगा
  • बेहतर प्रदर्शन का दूसरा अवसर
  • प्रतिशत सुधारने का मौका

सावधानी:

  • पहली परीक्षा को हल्के में न लें
  • दूसरी परीक्षा को बैकअप न समझें

संभावित चुनौतियां

नई व्यवस्था के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं:

  • परीक्षा कैलेंडर लंबा होना
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में समय
  • स्कूलों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव

हालांकि बोर्ड का कहना है कि वह सभी व्यवस्थाओं के लिए पूरी तरह तैयार है।


परिणाम कब आएंगे?

CBSE के अनुसार:

  • पहली परीक्षा का परिणाम मई-जून तक जारी किया जा सकता है
  • सुधार परीक्षा के बाद अंतिम परिणाम अपडेट होगा

छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से देख सकेंगे।


छात्रों के लिए मोटिवेशनल संदेश

बोर्ड परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण चरण है।

  • अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे भविष्य की एकमात्र पहचान नहीं हैं।
  • आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास सफलता की कुंजी है।
  • सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें।

पटना हॉस्टल कांड में बड़ा मोड़: Bihar State Human Rights Commission की एंट्री, SSP को नोटिस; CBI जांच के बीच 8 हफ्ते में रिपोर्ट तलब

Patna NEET Student Case: पटना के कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। राज्य में बढ़ती जनचिंता और गंभीर सवालों के बीच Bihar State Human Rights Commission ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए पटना के एसएसपी को नोटिस जारी किया है और आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

यह मामला पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) की जांच के दायरे में है। अब मानवाधिकार आयोग की सक्रियता से जांच प्रक्रिया पर और कड़ी निगरानी की उम्मीद जताई जा रही है। छात्रा जहानाबाद जिले की निवासी थी और पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने पूरे प्रकरण को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

मामले में मुजफ्फरपुर के मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस.के. झा की ओर से राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि छात्रा की मौत की परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं और शरीर पर चोटों के निशान गंभीर आपराधिक घटना की ओर संकेत करते हैं।

याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने प्रारंभिक रूप से इसे मानवाधिकार से जुड़ा संवेदनशील मामला माना। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्रा की सुरक्षा में चूक हुई है या जांच में लापरवाही बरती गई है, तो यह गंभीर अधिकार हनन की श्रेणी में आएगा।

इसी के तहत आयोग ने पटना एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि वह मामले की प्रगति की निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्देश जारी करेगा।

8 सप्ताह में रिपोर्ट, 22 अप्रैल को अगली सुनवाई

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि मामले की संपूर्ण तथ्यात्मक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम विवरण, जांच की वर्तमान स्थिति और अब तक उठाए गए कदमों का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए।

मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इस दौरान यह देखा जाएगा कि पुलिस और अन्य एजेंसियों ने जांच में क्या प्रगति की है।

मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने आयोग से मांग की थी कि मामले की निगरानी अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। आयोग ने फिलहाल एसएसपी को तलब कर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई शंका

छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह आत्महत्या का मामला है या किसी आपराधिक घटना का परिणाम।

परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है और पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। परिवार ने शुरू से ही निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

CBI की जांच तेज, जहानाबाद में घंटों पूछताछ

मामले की जांच फिलहाल Central Bureau of Investigation के हाथों में है। रविवार को सीबीआई की टीम जहानाबाद पहुंची, जहां छात्रा का पैतृक घर है। टीम ने परिजनों से कई घंटे तक पूछताछ की और छात्रा के दैनिक जीवन, पढ़ाई के दबाव, मित्र मंडली और हाल के घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान सीबीआई ने छात्रा की किताबें, कॉपियां, पेन, कपड़े, बैग और यहां तक कि उसकी व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं भी अपने कब्जे में ले लीं। इन सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रा की मानसिक स्थिति क्या थी और घटना से पहले के संकेत क्या थे।

सीबीआई ने छात्रा के भाई का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डेटा की जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि घटना से पहले किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी और कोई संदिग्ध संपर्क तो नहीं था।

SIT और CBI के बीच जांच का क्रम

सीबीआई के आने से ठीक एक रात पहले बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) भी परिजनों के घर पहुंची थी। हालांकि, परिजनों ने उस समय किसी भी वस्तु को सौंपने से इनकार कर दिया था।

परिजनों का कहना था कि वे केंद्रीय एजेंसी की निगरानी में ही जांच चाहते हैं, ताकि उन्हें निष्पक्षता का भरोसा मिल सके। बाद में सीबीआई टीम ने औपचारिक प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक वस्तुएं जब्त कीं।

अब जब मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है, तो जांच प्रक्रिया की बहुस्तरीय निगरानी हो रही है—एक ओर सीबीआई की आपराधिक जांच, दूसरी ओर राज्य मानवाधिकार आयोग की वैधानिक निगरानी।

छात्रावास सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने पटना और अन्य शहरों में संचालित छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जहां छात्रा रह रही थी, कंकड़बाग जैसे व्यस्त इलाके में स्थित है।

परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छात्रावास में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।

विशेषज्ञों का मानना है कि निजी छात्रावासों के लिए सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी निगरानी, विजिटर रजिस्टर और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। यह मामला ऐसे संस्थानों के लिए चेतावनी है कि छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

सामाजिक और कानूनी प्रभाव

यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और छात्र सुरक्षा प्रणाली की परीक्षा बन गया है। मानवाधिकार आयोग की सक्रियता से यह संकेत गया है कि छात्राओं के अधिकारों और सुरक्षा के मामलों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यदि जांच में लापरवाही या कदाचार साबित होता है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

साथ ही, यह मामला राज्य में छात्र सुरक्षा नीति और छात्रावास नियमन को लेकर व्यापक बहस का कारण बन सकता है।

पटना हॉस्टल कांड अब राज्यव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। Bihar State Human Rights Commission की एंट्री और Central Bureau of Investigation की सक्रिय जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। यह केवल एक छात्रा के लिए न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि राज्य की हजारों छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न भी है।

बिहार में महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल: CM Nitish Kumar ने 25 लाख महिलाओं के खातों में भेजे 2500 करोड़, 2 लाख तक की चरणबद्ध सहायता का रोडमैप तैयार

पटना : बिहार में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर की। कुल 2500 करोड़ रुपये की यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के साथ राशि जारी की, जबकि जिला, प्रखंड, संकुल और ग्राम संगठन स्तर पर भी समानांतर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

यह पहल केवल आर्थिक सहायता का वितरण भर नहीं है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करने, उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाने और परिवार तथा समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना चरणबद्ध तरीके से महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि वे छोटे व्यवसाय, कृषि-आधारित गतिविधियों, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, फूड प्रोसेसिंग या अन्य स्थानीय उद्यम शुरू कर सकें।

राज्यभर में बहुस्तरीय आयोजन, 38 जिलों में एक साथ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री द्वारा राशि जारी किए जाने के साथ ही राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालयों में जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 150 से 200 महिलाएं शामिल हुईं।

इन आयोजनों का उद्देश्य केवल राशि वितरण की औपचारिकता निभाना नहीं था, बल्कि महिलाओं को योजना की आगामी किस्तों, पात्रता शर्तों, स्वरोजगार के विकल्पों और प्रशिक्षण सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देना भी था। कई जिलों में लाभार्थी महिलाओं ने मंच से अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रारंभिक सहायता से वे किस प्रकार छोटे व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं।

राज्य सरकार के मुताबिक, जिला स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना मुख्यालय से जोड़ा गया, जिससे मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सीधे तौर पर जिलों की गतिविधियों से अवगत हो सके। इससे पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था को भी मजबूती मिली।

1680 संकुल स्तरीय संघों और 70 हजार ग्राम संगठनों तक पहुंच

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दायरा केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहा। जीविका कार्यक्रम के तहत राज्य के 1680 संकुल स्तरीय संघों (Cluster Level Federation) में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रत्येक संकुल स्तरीय संघ में कम से कम 100 स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया।

इन कार्यक्रमों में महिलाओं को बताया गया कि किस प्रकार वे सामूहिक उद्यम मॉडल अपना सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, कई संकुलों में डेयरी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, अगरबत्ती निर्माण, मसाला प्रोसेसिंग और सिलाई केंद्र जैसी गतिविधियों के मॉडल प्रस्तुत किए गए।

इसके अतिरिक्त, राज्य के लगभग 70,000 ग्राम संगठनों में भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। ग्राम स्तर पर यह सुनिश्चित किया गया कि अधिकतम महिलाएं योजना की जानकारी से अवगत हों और उन्हें आवेदन एवं आगे की प्रक्रिया समझने में कोई दिक्कत न हो। ग्राम संगठनों में बैठकों के दौरान बैंकिंग प्रक्रिया, डिजिटल लेन-देन और डीबीटी के महत्व पर भी चर्चा की गई।

पांच चरणों में 2 लाख रुपये तक की सहायता

योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी चरणबद्ध वित्तीय सहायता संरचना है। पहले चरण में 10,000 रुपये की राशि महिलाओं को उनके खाते में भेजी गई है। इसके बाद सहायता इस प्रकार दी जाएगी:

  • दूसरे चरण में 20,000 रुपये
  • तीसरे चरण में 40,000 रुपये
  • चौथे चरण में 80,000 रुपये
  • पांचवें और अंतिम चरण में 60,000 रुपये

इस प्रकार कुल मिलाकर प्रत्येक पात्र महिला को दो लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का कहना है कि चरणबद्ध भुगतान से यह सुनिश्चित होगा कि राशि का उपयोग नियोजित उद्यम के लिए ही हो। प्रत्येक चरण से पहले महिला की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि पहले दी गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया। यदि लाभार्थी ने सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय शुरू किया है और उसका विस्तार संभव है, तो अगली किस्त जारी की जाएगी।

3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया है। ये विशेष कर्मी ग्रामीण और शहरी निकायों के वार्ड स्तर पर जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) करेंगे।

भौतिक सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि वास्तव में पात्र महिलाओं तक पहुंचे और उसका उपयोग स्वरोजगार गतिविधियों में हो। विशेष कर्मी यह भी जांच करेंगे कि महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है या नहीं, उसका व्यवसाय किस चरण में है, और उसे प्रशिक्षण या मार्गदर्शन की आवश्यकता है या नहीं।

सरकार के अनुसार, पात्रता की पूरी पहचान के बाद ही अगली किस्त की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना केवल तात्कालिक आर्थिक राहत कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राज्य की दीर्घकालिक महिला सशक्तिकरण रणनीति का हिस्सा है। बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं कृषि और अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, लेकिन उनके पास पूंजी और बाजार तक पहुंच की कमी होती है।

इस योजना के जरिए सरकार महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ प्रशिक्षण, बाजार संपर्क और बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है। स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क का उपयोग कर महिलाओं को संगठित किया जा रहा है, जिससे वे सामूहिक रूप से कच्चा माल खरीद सकें, उत्पाद तैयार कर सकें और बेहतर दाम पर बेच सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हुआ, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे पलायन की प्रवृत्ति में भी कमी आ सकती है।

डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी वितरण

पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।

राज्य सरकार ने बैंकिंग तंत्र के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया कि राशि समय पर खातों में पहुंचे। कई जिलों में लाभार्थी महिलाओं को मोबाइल संदेश के जरिए राशि जमा होने की सूचना दी गई।

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को बैंक खाते संचालित करने, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

योजना का सामाजिक प्रभाव भी व्यापक माना जा रहा है। जब महिलाओं के हाथ में आर्थिक संसाधन आते हैं, तो परिवार के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर सकारात्मक असर पड़ता है। कई अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि महिलाओं द्वारा अर्जित आय का बड़ा हिस्सा परिवार के कल्याण पर खर्च होता है।

इसके अलावा, आर्थिक रूप से सशक्त महिला घरेलू और सामाजिक निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाती है। इससे लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलता है।

बिहार सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यदि सभी चरणों में सहायता राशि समय पर जारी होती है और प्रभावी निगरानी होती है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

बिहार के प्रमुख शहरों के इस समय के न्यूज़ पोस्ट

आज (16 फरवरी 2026) के ताज़ा अपडेट

🏙️ 1. पटना (राजधानी)

  • विधानसभा में विपक्ष का हंगामा और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम जारी।
  • मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: फरवरी में 25 लाख महिलाओं के खाते में 10,000 आर्थिक सहायता का पैसा ट्रांसफर हुआ — लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है।
  • मौसम में बदलाव: धूप बढ़ने के साथ तापमान में उछाल, आने वाले दिनों में गर्मी की शुरुआत का अनुमान है।
  • भूमि पोर्टल में सुधार:
    डिप्टी सीएम द्वारा बिहार भूमि पोर्टल की तकनीकी खामियों को ठीक कराकर उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध करने का आदेश जारी किया गया।

🚩 2. मुजफ्फरपुर

  • बड़े पैमाने पर अग्निवीर भर्ती (Agniveer Recruitment) शुरू हुई — 15 जिलों के 7040 उम्मीदवार शामिल होंगे।
  • शहर में मौसम गर्मी की ओर उभर रहा है, धूप अधिक मिलेगी।

🛕 3. भागलपुर

  • मौसम अपडेट: धूप और बढ़ता तापमान, लेकिन तापमान में दैनिक उतार-चढ़ाव बना है।
  • पक्षी बुखार से पहले अलर्ट (कुछ सप्ताह पहले नउगाचिया में कौओं की मौत से सावधानी बरती जा रही है) — प्रशासन सतर्क है।
  • GRP विवाद: भागलपुर में एक GRP कांस्टेबल का भोजपुरी गानों पर डांस करते वीडियो वायरल होने के कारण पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठे हैं।

🔍 4. दरभंगा

  • शहर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम उम्मीद से गर्मी की ओर बढ़ रहा है।
  • शिक्षा से जुड़ी खबरों में बोर्ड और परीक्षा संबंधी अपडेट जारी (जैसे शेखपुरा के आदर्श परीक्षा सेंटर का समाचार) — दरभंगा सहित आसपास के जिलों के लिए।

📊 5. गया

  • मौसम में आम गर्मी का अनुभव, धूप और तापमान में तेजी।
  • स्थानीय प्रशासन और शिक्षा-समाचार में अपडेट के लिए लाइव समाचार चल रहे हैं।

📌 6. समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी और भोजपुर

  • अग्निवीर भर्ती केंद्रों में शामिल उम्मीदवारों की सूची में ये जिले शामिल हैं — भर्ती से जुड़े कई युवा शामिल हो रहे हैं।
  • मौसम सामान्य रूप से अन्य शहरों की तरह गर्मी की ओर।

📍 7. जहानाबाद में गोलीकांड:

जहानाबाद में सिगरेट के विवाद पर एक व्यक्ति को गोली मार दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर पिटाई की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

📍 राशन कार्डधारकों के लिए eKYC चेतावनी:

राज्य सरकार ने राशन कार्डधारकों से 28 फ़रवरी तक eKYC प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया है अन्यथा राशन सूची से निकलने का खतरा है।

पीएम मोदी की अनुपस्थिति में ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण से नई दिल्ली-ढाका संबंधों में नई शुरुआत के संकेत

Bangladesh Swearing in Ceremony: बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम मोड़ पर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार, 17 फरवरी को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। उनके साथ भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहेंगे।

हालांकि बांग्लादेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन व्यस्त कार्यक्रमों के कारण पीएम मोदी इस समारोह में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस महत्वपूर्ण समारोह में भेजने का निर्णय लिया है।

विदेश मंत्रालय का बयान: लोकतांत्रिक मूल्यों की साझी विरासत

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “इस महत्वपूर्ण समारोह में लोकसभा अध्यक्ष का शामिल होना भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच गहरी मित्रता को दर्शाता है और हमारे दोनों देशों के जुड़ाव वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प की पुष्टि करता है।”

यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि नई दिल्ली ढाका के साथ अपने संबंधों को निरंतरता और मजबूती देना चाहती है, चाहे वहां की सत्ता में कोई भी दल क्यों न हो।

भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध दशकों पुराने हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापारिक संबंध और सुरक्षा सहयोग लगातार बढ़ते रहे हैं। ऐसे में नई सरकार के शपथ ग्रहण में भारत की सक्रिय भागीदारी इस रिश्ते के महत्व को रेखांकित करती है।

संसद परिसर के साउथ प्लाजा में होगा ऐतिहासिक आयोजन

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में तारिक रहमान और उनके मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। यह आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

अब तक बांग्लादेश में प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाता रहा है, लेकिन इस बार परंपरा से हटकर राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा को चुना गया है। इससे यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि नई सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को केंद्र में रखकर शासन चलाना चाहती है।

स्थानीय समाचारपत्रों ‘प्रोथोम आलो’ और ‘इत्तेफाक’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।

पीएम मोदी ने दी बधाई, जताई क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीद

भारत ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सफल समापन और नई सरकार के गठन का स्वागत किया है। चुनाव में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर तारिक रहमान को बधाई दी।

पीएम मोदी ने अपने संदेश में आशा जताई कि नई सरकार क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और आपसी सहयोग को और मजबूती देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ मिलकर दक्षिण एशिया में शांति और समृद्धि के लिए काम करता रहेगा।

यह संवाद दोनों देशों के बीच सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दक्षिण एशिया की राजनीति में कई चुनौतियां सामने हैं।

नई राजनीतिक वास्तविकता और भारत-बांग्लादेश संबंध

बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भी भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश में बीएनपी को मिले प्रचंड जनादेश के बाद बदली हुई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना अब भारत की जिम्मेदारी है।

कबीर ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भारत सरकार बांग्लादेश की स्थिरता को प्रभावित करने के लिए शेख हसीना या अवामी लीग के अन्य नेताओं को अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति न दे।

यह बयान स्पष्ट करता है कि नई सरकार भारत के साथ रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करना चाहती है। हालांकि भारत ने हमेशा यह नीति अपनाई है कि वह पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों के साथ काम करता है।

बदलते समीकरणों के बीच कूटनीतिक संतुलन

बांग्लादेश की राजनीति में बदलाव का असर क्षेत्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है। बीएनपी और अवामी लीग के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। ऐसे में नई सरकार के गठन के बाद भारत को संतुलित और व्यावहारिक नीति अपनानी होगी।

भारत के लिए बांग्लादेश सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी, सीमा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, जल बंटवारा, ऊर्जा साझेदारी और व्यापारिक संबंध—इन सभी क्षेत्रों में बांग्लादेश की भूमिका अहम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई दिल्ली इस बात को लेकर सजग है कि ढाका के साथ संबंधों में निरंतरता बनी रहे। ओम बिरला का शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना इसी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

लोकतंत्र की बहाली और जनादेश का संदेश

बांग्लादेश में हालिया चुनावों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी चुनाव परिणामों पर नजर रखी थी। बीएनपी को मिला भारी जनादेश इस बात का संकेत है कि जनता परिवर्तन चाहती थी।

तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी—आर्थिक सुधार, रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण, निवेश आकर्षित करना और क्षेत्रीय संबंधों को संतुलित रखना।

भारत के साथ संबंध इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। भारत बांग्लादेश का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। इसके अलावा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा है।

आगे की राह: सहयोग और विश्वास की परीक्षा

तारिक रहमान का शपथ ग्रहण केवल एक औपचारिक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत भी है।

भारत के लिए यह अवसर है कि वह नई सरकार के साथ विश्वास और सहयोग की नई नींव रखे। वहीं बांग्लादेश के लिए भी यह जरूरी होगा कि वह संतुलित विदेश नीति अपनाए और क्षेत्रीय स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाए।

ओम बिरला की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारत इस बदलाव को सकारात्मक रूप से देख रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों के साझा मंच पर दोनों देश आगे बढ़ना चाहते हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाती है और क्षेत्रीय कूटनीति में कौन से नए समीकरण उभरते हैं। फिलहाल 17 फरवरी का दिन बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज होने जा रहा है, जब तारिक रहमान औपचारिक रूप से देश की बागडोर संभालेंगे और दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा।

IND vs PAK: कोलंबो में गरजा भारत, ईशान किशन की तूफानी पारी से पाकिस्तान 61 रन से पस्त

कोलंबो, 15 फरवरी 2026
टी20 विश्व कप 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सुपर-8 में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। रोमांच से भरे इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए, जवाब में पाकिस्तान की टीम 114 रन पर सिमट गई।

Highlights

  • भारत ने 61 रन से दर्ज की शानदार जीत
  • 176 रन के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान 114 पर सिमटा
  • ईशान किशन की 40 गेंदों पर 77 रन की विस्फोटक पारी
  • बुमराह, हार्दिक, अक्षर और वरुण को दो-दो विकेट
  • टॉस के दौरान कप्तानों ने नहीं मिलाए हाथ

भारत की मजबूत बल्लेबाज़ी

टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम को तेज शुरुआत मिली। युवा सलामी बल्लेबाज़ Ishan Kishan ने 40 गेंदों पर 77 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने 10 चौके और 3 छक्के जड़ते हुए 192.50 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए।

कप्तान Suryakumar Yadav ने 32 रन का योगदान दिया, जबकि शिवम दुबे ने 17 गेंदों में 27 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। पाकिस्तान की ओर से साईम अयूब ने 3 विकेट झटके, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों की आक्रामकता पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा सके।

पाकिस्तान की खराब शुरुआत, भारतीय गेंदबाज़ों का जलवा

176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही चार विकेट गिर गए। कप्तान सलमान अली आगा और बाबर आज़म सस्ते में पवेलियन लौट गए।

पाकिस्तान की ओर से उस्मान खान ने सर्वाधिक 44 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला।

भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। Hardik Pandya, Jasprit Bumrah, Axar Patel और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लेकर पाक बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी।

कप्तानों के बीच नहीं हुआ हैंडशेक

मुकाबले से पहले टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान के बीच हाथ नहीं मिलाने की घटना भी चर्चा का विषय रही। एशिया कप 2025 के बाद यह दूसरा बड़ा टूर्नामेंट है, जहां “नो हैंडशेक पॉलिसी” देखने को मिली।

दुर्गापुर के IQ City Medical College Hospital में द्वितीय वर्ष के छात्र ने की आत्महत्या, हॉस्टल के बाथरूम में मिला शव

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित IQ City Medical College Hospital में शनिवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। बिहार के पटना निवासी 22 वर्षीय लावण्या प्रताप, जो द्वितीय वर्ष के मेडिकल छात्र थे, हॉस्टल के बाथरूम में फंदे से लटके पाए गए। घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक और सनसनी का माहौल है।

सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। एसीपी सुबीर रॉय के अनुसार, अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम दुर्गापुर उपजिला अस्पताल में कराया जाएगा। पुलिस सहपाठियों और करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है।

परीक्षा के दबाव में उठाया कदम?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र लगातार परीक्षाओं में असफल हो रहा था और एक भी सेमेस्टर पास नहीं कर पाया था। बताया जा रहा है कि रिजल्ट रिव्यू की प्रक्रिया चल रही थी, जिससे वह मानसिक दबाव में था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और किसी अन्य कारण की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।

मृतक के पिता अनिल कुमार ने बताया कि बेटे की परीक्षा ठीक नहीं गई थी और संभवतः उसी तनाव में उसने यह कदम उठाया।

कॉलेज प्रशासन की चुप्पी

घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। छात्र का शव फिलहाल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार के दुर्गापुर पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पहले भी सुर्खियों में रहा कॉलेज

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में इसी कॉलेज की एक प्रथम वर्ष छात्रा के साथ कैंपस के बाहर दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, जिसमें कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।

यह घटना मेडिकल शिक्षा संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और काउंसलिंग सुविधाओं की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

टी 20 वर्ल्ड कप 2026 — भारत vs पाकिस्तान मैच में बिहार के Ishan Kishan ने पाकिस्तान को धज्जियाँ उड़ाई!

आज ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-A क्लैश में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ धमाकेदार बल्लेबाजी की। मुकाबला क़रीब कोलंबो के आर। प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जा रहा है।

🏏 ईशान किशन का तूफानी प्रदर्शन:
🔹 ईशान किशन ने बेहद आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए 40 गेंदों पर 77 रन बनाये, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
🔹 उनका स्ट्राइक रेट करीब 192.50 रहा — जो पाकिस्तान के गेंदबाज़ों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था।
🔹 किशन ने मैच के दौरान तीव्र 50 भी लगाई और इंड-पाक T20 मुकाबलों में बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए।

📈 टीम इंडिया का स्कोर:
भारत ने पाकिस्तान के सामने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए विराट तरीके से 125/2 का सम्मानजनक स्कोर बनाया (14 ओवर में) — किशन के मैच को संभालने वाले इनिंग के कारण।

पाकिस्तान के लिए चुनौती:
पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने कुछ सफलता हासिल की (जैसे कि शमीम अफ़रीदी और सलमान अघा), लेकिन किशन की तूफ़ानी पारी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी।

गया में जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर तीखा वार, बोले– किसानों के हित वाले बिल पर फैला रहे भ्रम

Bihar Politics: बिहार के गया में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में मांझी ने कहा कि जिस किसान बिल को राहुल गांधी नुकसानदेह बता रहे हैं, वह वास्तव में अधिकांश लोगों के हित में है और विपक्ष उसे गलत तरीके से पेश कर रहा है।

‘उल्टी खोपड़ी’ वाली टिप्पणी

गया शहर के एसएसपी कोठी के पास आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने जब राहुल गांधी की किसान बिल पर आलोचना को लेकर सवाल किया, तो मांझी ने तंज कसते हुए कहा कि “राहुल गांधी की खोपड़ी उल्टी है।” उनका कहना था कि वे उस सच्चाई को देख ही नहीं पा रहे हैं, जो करोड़ों किसानों के भविष्य से जुड़ी है।

95 बनाम 5 का तर्क

केंद्रीय मंत्री ने बिल के समर्थन में आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि इससे देश के 95 प्रतिशत लोगों को सीधा फायदा हो रहा है। उनके मुताबिक, केवल 5 प्रतिशत मामलों में तकनीकी या लेन-देन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं, जिन्हें विपक्ष बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।

मांझी ने कहा कि जब भारी बहुमत को लाभ मिल रहा हो, तो सीमित कमियों के आधार पर पूरे विधेयक को खारिज करना उचित नहीं है।

विपक्ष पर राजनीतिक आरोप

मांझी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता के सामने रखने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह बिल किसानों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों की कमी है, इसलिए जनहित की योजनाओं को विवादों में घसीटा जा रहा है।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल मौत मामला: CBI ने गांव पहुंचकर की 4 घंटे पूछताछ, छात्रा का सामान और भाई का मोबाइल जब्त

पटना : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही नीट छात्रा की मौत मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation (सीबीआई) के हाथों में है। रविवार सुबह करीब 9 बजे आईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम पांच वाहनों से जहानाबाद के शकूराबाद थाना क्षेत्र स्थित छात्रा के गांव पहुंची।

परिजनों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ

सीबीआई टीम बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे छात्रा के घर पहुंची। वहां मौजूद माता-पिता, भाई, भाभी और दादी को अलग-अलग कमरों में बैठाकर करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई। अधिकारियों ने घटना से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा और मीडिया को घर से दूरी पर रखा गया।

छात्रा का सामान और भाई का मोबाइल जब्त

जांच पूरी करने के बाद टीम छात्रा की किताबें, कॉपियां, पेन, कपड़े, बैग और अन्य निजी सामान अपने साथ ले गई। इसके अलावा छात्रा के भाई का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।

बताया जा रहा है कि सीबीआई के गांव पहुंचने से एक रात पहले बिहार पुलिस की एसआईटी भी सामान लेने आई थी, लेकिन परिजनों ने उन्हें कोई वस्तु नहीं सौंपी थी।

परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा

जांच के दौरान सीबीआई टीम ने घटना से जुड़े हर पहलू पर बारीकी से जानकारी ली। अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया। टीम ने परिजनों को आश्वस्त किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

SIT जांच से असंतोष जता रहे थे परिजन

इससे पहले मामले की जांच राज्य की एसआईटी कर रही थी, लेकिन परिजन लगातार जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप था कि जांच में पारदर्शिता की कमी है। अब मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद परिवार ने उम्मीद जताई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और सच्चाई सामने आएगी।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल में भी हुई पड़ताल

शनिवार को सीबीआई की टीम पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल भी पहुंची थी। टीम के साथ एसआईटी के अधिकारी और केस की आईओ सचिवालय एसडीपीओ डॉ. अन्नू भी मौजूद थीं। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली जांच में उस कमरे की गहन तलाशी ली गई, जहां छात्रा रह रही थी।

CCTV और दस्तावेज खंगाले

सीबीआई अधिकारियों ने कमरे के साथ-साथ हॉस्टल के एंट्री और एग्जिट गेट का भी निरीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एसआईटी ने पूरी घटनाक्रम की जानकारी साझा की। छात्रा के हॉस्टल पहुंचने, ऑटो से उतरने, कमरे में जाने और तबीयत बिगड़ने तक की टाइमलाइन को खंगाला गया।

अब तक क्या हुआ?

6 जनवरी को पटना के शंभू हॉस्टल में छात्रा बेहोश हालत में मिली थी। 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने बिहार पुलिस की एसआईटी जांच पर सवाल उठाए थे और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर तक प्रदर्शन किया गया।

बढ़ते दबाव के बीच 31 जनवरी को राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके बाद सीबीआई ने दो दिन पहले मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की है। परिजनों को अब निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।

Railway Protection Force की बड़ी कार्रवाई: Indian flapshell turtle के 16 जिंदा कछुए बरामद, वन्यजीव तस्करी पर कसा शिकंजा

धनबाद | पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक अहम कार्रवाई करते हुए 16 जीवित कछुओं को बरामद किया है। यह कार्रवाई आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन WILEP के तहत की गई। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस सटीक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रेल मार्गों के जरिए हो रही अवैध वन्यजीव तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर सक्रिय हुई टीम

आरपीएफ को विश्वसनीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 13010, Yog Nagari Rishikesh–Howrah Doon Express के माध्यम से कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट और अपराध अनुसंधान शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम को सतर्क कर दिया गया।

जैसे ही ट्रेन धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर पहुंची, टीम ने बिना समय गंवाए जांच अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों ने विशेष रूप से सामान्य श्रेणी (जनरल कोच) के डिब्बों की गहन तलाशी ली, क्योंकि मिली सूचना इन्हीं कोचों से संबंधित थी।

लावारिस नीले थैले में मिला जूट का बोरा

तलाशी के दौरान इंजन की ओर से दूसरे जनरल कोच में एक सीट के नीचे नीले रंग का कपड़े का लावारिस थैला संदिग्ध अवस्था में मिला। मौके पर मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी उस थैले पर अपना दावा नहीं किया।

संदेह गहराने पर ट्रेन के प्रस्थान से पहले थैले को प्लेटफॉर्म पर उतार लिया गया। गवाहों की उपस्थिति में जब थैले को खोला गया, तो उसके भीतर जूट के बोरे में रखे 16 जीवित कछुए बरामद हुए। सभी कछुए इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के थे, जिन्हें बेहद संकुचित और असुविधाजनक स्थिति में रखा गया था। इस तरह की पैकिंग से उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बरामद कछुए Wildlife Protection Act, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति में आते हैं। इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित जीवों की तस्करी, अवैध परिवहन या व्यापार गंभीर दंडनीय अपराध है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इंडियन फ्लैपशेल कछुए अक्सर अवैध व्यापार का शिकार होते हैं। इन्हें मांस, पालतू व्यापार या पारंपरिक मान्यताओं के कारण तस्करी के जरिए विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है।

वन विभाग को सौंपे जाएंगे कछुए

बरामदगी के तुरंत बाद आरपीएफ ने जब्ती सूची तैयार की और सभी कछुओं को अपने कब्जे में लेकर पोस्ट लाया। प्राथमिक जांच और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के बाद इन्हें वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वन विभाग द्वारा कछुओं की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी और उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में पुनर्वासित करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जीवित अवस्था में बरामदगी होना एक सकारात्मक पहलू है, क्योंकि समय रहते कार्रवाई से इनकी जान बचाई जा सकी।

ऑपरेशन WILEP के तहत लगातार कार्रवाई

ऑपरेशन WILEP के तहत रेलवे नेटवर्क के जरिए हो रही वन्यजीव तस्करी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आरपीएफ और खुफिया इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है।

इस कार्रवाई में आरपीएफ के चितरंजन सिंह, शशिकांत तिवारी, बबुलेश कुमार, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार और अमित कुमार वर्मा की अहम भूमिका रही। टीम की तत्परता और सूझबूझ के कारण यह बड़ी बरामदगी संभव हो सकी।

तस्करों की पहचान के लिए जांच तेज

हालांकि थैला लावारिस मिला, लेकिन आरपीएफ ने इस मामले में तस्करों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, टिकट विवरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 16 फरवरी को 25 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 10,000, डीबीटी से ट्रांसफर होंगे 2500 करोड़

पटना | बिहार की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार 16 फरवरी को 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में दस-दस हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर करेगी। यह राशि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रदान की जा रही है। इस पहल के माध्यम से कुल 2500 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभुक महिलाओं के खातों में भेजे जाएंगे।

राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रोत्साहित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। यह योजना खास तौर पर उन महिलाओं के लिए तैयार की गई है, जो स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं लेकिन पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी राशि जारी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 फरवरी की सुबह 9:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना के तहत पहली किस्त की राशि जारी करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन केवल राज्य मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिला, प्रखंड, संकुल और ग्राम संगठन स्तर तक विस्तारित किया गया है।

राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालयों में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसका उद्देश्य योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है।

महिलाओं को इस तरह मिलेगी कुल 2 लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से कुल 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि एकमुश्त बड़ी राशि देने के बजाय चरणों में सहायता देना अधिक प्रभावी होगा, ताकि राशि का उपयोग सही दिशा में हो और व्यवसाय टिकाऊ बन सके।

सहायता राशि का वितरण इस प्रकार किया जाएगा:

  • पहला चरण: 10,000
  • दूसरा चरण: 20,000
  • तीसरा चरण: 40,000
  • चौथा चरण: 80,000
  • पांचवां और अंतिम चरण: 60,000

इस प्रकार कुल मिलाकर प्रत्येक पात्र महिला को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। पहले चरण में 10 हजार रुपये की राशि जारी की जा रही है, जिसकी प्रक्रिया 16 फरवरी को पूरी की जाएगी।

पहले चरण के उपयोग का होगा मूल्यांकन

सरकार ने योजना में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी तंत्र भी तैयार किया है। पहले चरण में दी गई 10 हजार रुपये की राशि का उपयोग कैसे किया गया, इसका आकलन किया जाएगा।

यह जिम्मेदारी ग्राम संगठन को दी गई है। ग्राम संगठन यह देखेगा कि:

  • क्या महिला ने दुकान या कोई छोटा व्यवसाय शुरू किया है?
  • व्यवसाय की प्रकृति क्या है?
  • लाभुक की व्यवसाय के प्रति रुचि और गंभीरता कैसी है?
  • राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हुआ या नहीं?

ग्राम संगठन अपनी रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजेगा। ब्लॉक स्तर से समीक्षा के बाद ही आगे की किस्त जारी करने का निर्णय लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सहायता राशि का दुरुपयोग न हो और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को ही लाभ मिले।

आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करें — जैसे किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, डेयरी, मुर्गी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प या अन्य स्वरोजगार गतिविधियां। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 25 लाख महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करती हैं, तो इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय बाजारों में गतिविधि बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

डीबीटी के जरिए पारदर्शी भुगतान

राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली से समय पर भुगतान और सही लाभार्थी तक राशि पहुंचाने में मदद मिलती है।

सरकार ने लाभुक महिलाओं के बैंक खातों और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।

पटना मेट्रो का काउंटडाउन शुरू: मार्च के दूसरे सप्ताह से मलाही पकड़ी तक दौड़ेगी ट्रेन, अंतिम सुरक्षा जांच 25 फरवरी को

पटना: राजधानी के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। शहर की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने जा रही Patna Metro Rail Corporation (PMRC) अब अपने प्रायोरिटी कॉरिडोर के विस्तार को अंतिम चरण में ले आई है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो मार्च के दूसरे सप्ताह से भूतनाथ स्टेशन से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

यह विस्तार न केवल दूरी बढ़ाएगा, बल्कि पटना में आधुनिक, सुरक्षित और तेज सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। फिलहाल अंतिम सुरक्षा मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद उद्घाटन की तारीख घोषित की जाएगी।

प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तैयारियां तेज

राजधानी में मेट्रो विस्तार को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक के सेक्शन में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन संरचना, ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग और विद्युत आपूर्ति से जुड़े अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

PMRC के अधिकारियों के अनुसार, अब मुख्य रूप से सुरक्षा और निरीक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह को संभावित शुरुआत की समयसीमा के रूप में देखा जा रहा है।

इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल की जांच पूरी

हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल (EIG) आनंद कुमार ने मलाही पकड़ी से भूतनाथ स्टेशन के बीच ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), ट्रैक्शन सिस्टम और बिजली आपूर्ति व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कैटेनेरी मेंटेनेंस व्हीकल के माध्यम से ओवरहेड वायरिंग और विद्युत ढांचे की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में सिस्टम को सुरक्षित और परिचालन योग्य पाया गया। हालांकि, कुछ छोटे तकनीकी सुधारों के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें तुरंत पूरा किया जा रहा है।

PMRC ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह निरीक्षण परिचालन तैयारी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

25 फरवरी को अंतिम सुरक्षा परीक्षण

मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण चरण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की स्वीकृति है। 25 फरवरी के आसपास उनकी टीम पटना पहुंचकर विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण करेगी।

इस दौरान ट्रैक की स्थिरता, सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग सिस्टम, स्टेशन सुरक्षा मानक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म और विद्युत आपूर्ति का परीक्षण किया जाएगा। CMRS की अंतिम मंजूरी के बाद ही उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी परीक्षण तेजी से पूरे किए जा रहे हैं ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सेवा शुरू की जा सके।

मलाही पकड़ी स्टेशन लगभग तैयार

मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन अब उद्घाटन के बेहद करीब है। स्टेशन परिसर में फिनिशिंग कार्य, टिकटिंग सिस्टम इंस्टॉलेशन, एस्केलेटर और लिफ्ट परीक्षण तथा यात्रियों के लिए दिशासूचक संकेतों की स्थापना अंतिम चरण में है।

PMRC ने हाल ही में स्टेशन की प्रगति का वीडियो भी साझा किया, जिसमें निर्माण कार्य को लगभग पूर्ण बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करेगा।

खेमनीचक स्टेशन पर फिलहाल इंतजार

हालांकि मलाही पकड़ी तक मेट्रो पहुंचने वाली है, लेकिन बीच में स्थित खेमनीचक स्टेशन पर अभी ट्रेनें नहीं रुकेंगी। जमीन अधिग्रहण और तकनीकी कारणों से इस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।

अधिकारियों के अनुसार, खेमनीचक स्टेशन को पूरी तरह कार्यात्मक बनने में अभी तीन से चार महीने और लग सकते हैं। तब तक ट्रेनें इस स्टेशन से बिना रुके गुजरेंगी।

तकनीकी रूप से उन्नत सिस्टम

भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक का सेक्शन आधुनिक सिग्नलिंग, स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम और उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक्शन नेटवर्क से लैस है। ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे।

सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास मार्ग भी तैयार किए गए हैं।

बिहार को बड़ी सौगात: सोनपुर में बनेगा देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, 1302 करोड़ की मंजूरी

पटना/सोनपुर: बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने सोनपुर में एक विशाल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह एयरपोर्ट न केवल पूर्वी भारत का पहला, बल्कि देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बताया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि लगभग 4228 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

यह परियोजना बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। इसके बनने के बाद राज्य की राजधानी पटना और आसपास के जिलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

सोनपुर में कहां बनेगा एयरपोर्ट?

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण सोनपुर-छपरा फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के उत्तर दिशा में और गंडक नदी के पश्चिम, दरियापुर चंवर क्षेत्र में किया जाएगा। यह स्थान भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि यहां पर्याप्त समतल भूमि उपलब्ध है और पटना से इसकी दूरी भी कम है।

सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को लेकर जल्द ही राज्य कैबिनेट की बैठक में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और जेवर में विकसित हो रहे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बाद देश का पांचवां प्रमुख ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। इससे बिहार की हवाई नक्शे पर स्थिति और मजबूत होगी।

4228 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए करीब 4228 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इतनी बड़ी भूमि की आवश्यकता इसलिए है ताकि भविष्य में विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं बनी रहें। एयरपोर्ट परिसर में रनवे, टर्मिनल भवन, कार्गो टर्मिनल, मेंटेनेंस ज़ोन, पार्किंग एरिया और अन्य सहायक संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

कितना लंबा होगा रनवे?

प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का रनवे लगभग 4200 मीटर लंबा होगा। यह लंबाई अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जाती है। इतनी लंबाई का रनवे होने से बड़े-बड़े वाइड-बॉडी विमान भी यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे।

इससे यह स्पष्ट है कि एयरपोर्ट को केवल घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए भी विकसित किया जाएगा।

24 घंटे संचालन की सुविधा

सोनपुर में बनने वाला यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा। यहां 24 घंटे विमानों के संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई और शहरी घनी आबादी के कारण कई तरह की सीमाएं हैं। नए एयरपोर्ट के बनने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी।

रात के समय भी विमानों की आवाजाही संभव होने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और एयरलाइंस कंपनियों को भी नए रूट शुरू करने में सुविधा होगी।

पटना से बेहतर कनेक्टिविटी

सोनपुर एयरपोर्ट को पटना से जोड़ने के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिक्स लेन वाले दो नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है—एक जेपी दीघा सेतु के समानांतर और दूसरा शेरपुर-दिघवारा सेतु। इन पुलों के बनने से पटना और सोनपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

बेहतर सड़क संपर्क के कारण यह एयरपोर्ट केवल सारण या सोनपुर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पटना महानगर क्षेत्र और उत्तर बिहार के जिलों के लिए उपयोगी साबित होगा।

लाखों यात्रियों को मिलेगा लाभ

एयरपोर्ट के निर्माण से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या क्षमता से अधिक हो चुकी है। सीमित स्थान और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण विस्तार की संभावनाएं भी सीमित हैं।

सोनपुर में नया एयरपोर्ट बनने से हवाई यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अन्य जिलों में भी एयरपोर्ट की तैयारी

राज्य सरकार केवल सोनपुर तक ही सीमित नहीं है। सहरसा, रक्सौल, मुंगेर, सुपौल, बीरपुर, वाल्मीकिनगर, मोतिहारी, बेगूसराय, छपरा, भागलपुर, मधुबनी और गोपालगंज में भी एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।

यदि ये परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी होती हैं, तो बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां व्यापक हवाई नेटवर्क उपलब्ध होगा।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्षेत्र, होटल, लॉजिस्टिक्स हब और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण चरण में हजारों लोगों को काम मिलेगा, जबकि संचालन के दौरान भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

पटना में अवैध होर्डिंग और पार्किंग पर सख्ती, विजय सिन्हा का 24 घंटे में कार्रवाई का आदेश

पटना: पटना में अवैध होर्डिंग्स और गैरकानूनी पार्किंग के खिलाफ नगर विकास विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर सभी अवैध होर्डिंग्स को 24 घंटे के अंदर हटाया जाए और अवैध पार्किंग को तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाए।

अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

शहर की सुंदरता को प्रभावित करने वाले अवैध होर्डिंग्स और यातायात व्यवस्था को बाधित करने वाली गैरकानूनी पार्किंग के खिलाफ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो मामले न्यायालय में विचाराधीन नहीं हैं, उन सभी अवैध होर्डिंग्स को अगले 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।

डिप्टी सीएम के इस फैसले को राजधानी में लंबे समय से जारी अव्यवस्था के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध होर्डिंग्स और पार्किंग के कारण सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा।

राजस्व हानि पर जताई नाराजगी

विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पिछले 15 दिनों में केवल 18 होर्डिंग्स हटाए गए हैं। इस पर उन्होंने असंतोष जताते हुए कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि इसे प्रभावी ढंग से अंजाम तक पहुंचाया जाए।

विजय सिन्हा ने अधिकारियों को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। सरकार का मानना है कि इन अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में सरकारी राजस्व की हानि न हो।

हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर भी पहल

जानकारी के अनुसार, लगभग 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिनकी वजह से कई स्थानों पर कार्रवाई बाधित हो रही है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि महाधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जाए, ताकि इन मामलों का जल्द समाधान हो सके।

सरकार का उद्देश्य है कि कानूनी अड़चनों को दूर कर विवादित स्थलों से भी अवैध कब्जा हटाया जाए। इसके जरिए शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाना और पटना को एक सुव्यवस्थित एवं स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब सड़कों पर अतिक्रमण और अवैध वसूली को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और आने वाले दिनों में इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, 5 दिनों में तीसरी घटना से मचा हड़कंप

Patna Court Bomb Threat: राजधानी पटना में न्यायिक व्यवस्था एक बार फिर सतर्क हो गई है। गुरुवार को पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की एक और धमकी मिली है। यह पिछले पांच दिनों के भीतर तीसरी बार ऐसी घटना सामने आई है।

9 और 11 फरवरी के बाद 12 फरवरी को प्राप्त हुए एक और ईमेल ने पुलिस और प्रशासन को अलर्ट कर दिया। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता

पिछले पांच दिनों के दौरान यह तीसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को निशाना बनाते हुए बम की धमकी दी गई है। वर्ष 2026 में अब तक सात से आठ बार इस तरह के ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। बार-बार मिल रही धमकियों के कारण जजों, वकीलों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही न्यायिक कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है।

धमकी की जानकारी मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एहतियातन कोर्ट परिसर में प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पूरी इमारत को उड़ाने का दावा

11 फरवरी को भेजे गए एक ईमेल में यह दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी इमारत को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा। उस दिन भी एहतियात के तौर पर परिसर खाली कर तलाशी ली गई थी, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। इसके बावजूद लगातार मिल रही धमकियों से प्रशासन की चिंता बनी हुई है।

टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सामान्य कामकाज शुरू करना उचित नहीं होगा। सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि न्यायिक कार्य जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लौटे, लेकिन फिलहाल सुरक्षा सर्वोपरि है।

लगातार आ रही इन धमकियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इन ईमेल के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है। पुलिस साइबर एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। राजधानी की प्रमुख न्यायिक इमारत को बार-बार निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

बिहार में शिक्षा विभाग का 2024 छुट्टी कैलेंडर जारी; इस बार कई बदलाव किये गये हैं

सोमवार को बिहार के शिक्षा विभाग ने 2024 वर्ष के लिए स्कूलों की छुट्टी तालिका जारी कर दी । 2024 छुट्टी कैलेंडर में इस बार कई बदलाव किये गये हैं। BJP नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर हिंदू त्योहारों के लिए छुट्टियां कम करने और मुस्लिम त्योहारों के लिए छुट्टियां बढ़ाने का आरोप लगाया।

बिहार शिक्षा विभाग ने सोमवार को 2024 के लिए अवकाश कैलेंडर जारी किया और कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत कम से कम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने के लिए चार्ट बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार को “तुष्टिकरण का मुखिया” बताते हुए दावा किया कि महागठबंधन का “हिंदू विरोधी चेहरा” फिर से सामने आ गया है, उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार “वोट बैंक के लिए सनातन से नफरत करती है।”

उन्होंने X पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा “एक बार फिर चाचा-भतीजा सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आया। एक तरफ, स्कूलों में मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियां बढ़ाई जा रही हैं, जबकि हिंदू त्योहारों की छुट्टियां खत्म की जा रही हैं, ।

छुट्टी कैलेंडर में रक्षाबंधन की छुट्टी को खत्म कर दिया गया है। वहीं, गर्मी की छुट्टी 15 अप्रैल से 15 मई तक केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगी। शिक्षक और कर्मी अन्य शैक्षणिक, प्रशासनिक कार्य करेंगे।

दिवाली में एक दिन और छठ में तीन दिनों की छुट्टी रहेगी। तीज और जिउतिया की छुट्टी खत्म कर दी गई है। ईद व बकरीद के मौके पर तीन-तीन दिनों की छुट्टी रहेगी। होली पर दो व दुर्गापूजा में 3 दिनों की छुट्टी रहेगी।

विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि किसी जिले में विशेष अवसर पर यदि जिला पदाधिकारी किसी प्रकार का अवकाश घोषित करना चाहें तो उन्हें मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। किसी भी स्कूल में प्रधानाध्यापक अपने स्तर से स्कूल में अवकाश की घोषणा नहीं करेंगे, अन्यता उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों में वार्षिकोत्सव, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती तथा अन्य महापुरुषों की जयंती मनाई जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हिंदू त्योहारों के दौरान राज्य के स्कूलों में छुट्टियों की संख्या कथित तौर पर कम करने और मुस्लिम त्योहारों के लिए इसे बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के खिलाफ एक और आक्रामक हमला किया।

Bihar News Live Updates: पटना : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26 वीं बैठक

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बिहार कैबिनेट की बैठक में 35 एजेंडे पर मुहर; फ्री बिजली कनेक्शन पेंशनरों का DA 4% बढ़ा

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल की बैठक में 35 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद यह बैठक हुई । कैबिनेट की बैठक में 35 एजेंडे पर मुहर, किसानों की योजना के लिए दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा स्वीकृत। दिवाली से पहले पेंशनरों के लिए खुशखबरी, उनका डीए 4% प्रतिशत बढ़ा दिया गया है ।

मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के दूसरे चरण में इच्छुक किसानों के लिए योजना हर खेत को जल के तहत निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक विद्युत संरचना के निर्माण के लिए 2190 करोड रुपए की नई योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एस. सिद्धार्थ ने मीडिया से बात करते हुए दी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के लिए 1063 करोड़ 46 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इस राशि से जलापूर्ति संबंधित पूरी व्यवस्था का निर्माण होगा तथा 5 वर्षों तक इसके परिचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।

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डायल 112 योजना का विस्तारीकरण – अब 112 नंबर पर कॉल करके राज्य के ग्रामीण इलाके के लोग भी आकस्मिक सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इसके जरिये पुलिस, एंबुलेंस और आगलगी की घटना की जानकारी इस नंबर पर देकर सरकारी सहयोग पाया जा सकता है। इस नंबर से इंट्रीगेटेड सर्विस मिलेगी। इस योजना पर द्वितीय चरण के लिए 766 करोड़ 71 लाख 35 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

बिहार कैबिनेट ने चालक भर्ती नियमावली में भी बदलाव किया है। राज्य में हर विभाग में वाहन चालक की बहाली अब तकनीकी चयन आयोग करेगा।

जल संसाधन विभाग के 9 एजेंडों पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में ऊर्जा विभाग के तहत न्यू पुनाईचक स्थित आवासीय क्षेत्र में खेल परिसर का निर्माण होगा, जिसके लिए कैबिनेट ने 42.10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए।

BPSC 67th final results 2023: पटना के अमन आनंद ने परीक्षा में किया टॉप, जहानाबाद की निकिता को दूसरा रैंक

बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) के अंतिम परिणाम 2023 घोषित कर दिए हैं। बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा 2023 में उत्तीर्ण होने वाले 2,104 उम्मीदवारों में से कुल 2,090 उम्मीदवार व्यक्तिगत साक्षात्कार में उपस्थित हुए। फाइनल दौर के उम्मीदवार बीपीएससी 67वीं के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in से देख सकते हैं।

BPSC 67वीं मेन्स कट-ऑफ: कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

आयोग ने कहा कि साक्षात्कार में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संयुक्त मेरिट सूची बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त कुल अंकों को जोड़कर तैयार की गई थी।

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आयोग द्वारा अधिसूचित कुल 802 रिक्तियों के विरुद्ध 799 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची के अनुसार, छह महिला उम्मीदवारों ने शीर्ष 10 में स्थान हासिल किया है।

BPSC 67th final results 2023 Topper list : बीपीएससी 67वीं टॉपर्स सूची

1 अमन आनंद
2 निकिता कुमारी
3 अंकिता चौधरी
4 अपेक्षा मोदी
5 सोनल सिंह
6 मुकेश कुमार यादव
7 उज्जवल कुमार
8 शालू कुमारी
9 रूपेश कुमार
10 सोनाली

सुपौल में हाइड्रा क्रेन पलटने से हुई मौत, दुर्घटना में एक की हुई मौत

PRL कम्पनी के प्लांट में हाइड्रा से मशीन हटाने के क्रम में हाइड्रा पलट गया और उसके अंदर दबने से एक सुपरवाइजर की मौत हो गयी

राघोपुर थाना क्षेत्र के फिंगलास पंचायत के नरहा वार्ड नम्बर 05 की घटना

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