पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा के नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि राहुल सिन्हा के चुनावी हलफनामे में वित्तीय घोषणाओं, संपत्तियों, वाहनों, देनदारियों और निवेश से जुड़ी जानकारी में विसंगतियां हैं। पार्टी का आरोप है कि इन तथ्यों को नामांकन की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने नजरअंदाज कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूप विश्वास ने कहा है कि उनकी पार्टी ने जांच प्रक्रिया के दौरान ही नामांकन पत्रों में कथित विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने इन आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया।
अरूप विश्वास ने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद 6 मार्च को एक संशोधित शपथपत्र जमा किया गया, जिसे न तो पहले सत्यापन के लिए उपलब्ध कराया गया और न ही सार्वजनिक मंच पर अपलोड किया गया। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश की भावना के खिलाफ बताया, जिसमें उम्मीदवारों के बारे में पूरी और पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही गई है।
भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीतिक चाल
भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि नामांकन दाखिल करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा किए गए हैं।
राहुल सिन्हा ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस झूठे और निराधार बहाने बनाकर उनकी उम्मीदवारी रद्द कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया है।
राज्यसभा चुनाव का गणित
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को द्विवार्षिक चुनाव होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च थी। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की गई है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री रह चुके बाबुल सुप्रियो, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भाजपा ने एक सीट पर पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा है।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या है, जिससे वह 5 में से 4 सीट आसानी से जीत सकती है। भाजपा के पास एक सीट जीतने के लिए जरूरी संख्या बल मौजूद है।
चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज
राज्यसभा चुनाव से पहले नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे इस विवाद ने बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। हालांकि, अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग के स्तर पर ही होगा, लेकिन इससे दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।