तेहरान में मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने दुनिया भर में एक मौन का आह्वान किया है। मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के अवसर पर, उनके शासनकाल की शुरुआत के बाद से दुनिया भर में पहली बार मौन का आह्वान किया गया है।
विश्वभर में कुल 140 देशों ने इस मौन को अपनाया है। मौन की घोषणा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा की गई है।
सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य देशों के राजदूतों के बीच एक मोटे बहुमत ने यह निर्णय लिया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन और ब्रिटेन के विदेश मंत्री ट्रेज़री के अलावा, सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने यह निर्णय लिया है।
मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर मौन के बारे में घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने की है। संयुक्त राष्ट्र मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर मौन की भावना के साथ खड़े हैं क्योंकि उनकी मृत्यु के दौरान शांति बनाए रखना संयुक्त राष्ट्र के मूल लक्ष्यों में से एक है।
इस मौन में सहयोग देने वाला सभी देश तेहरान में अंतिम संस्कार के अवसर पर मो. अली खामेनेई के राजदूतों और राजनयिकों से मिलने जाने से साफ इनकार पर हैं।
मो. अली खामेनेई की मृत्यु पर तेहरान में भारी धूमधाम से उनका अंतिम संस्कार हो रहा है। मो. अली खामेनेई से जुड़े हुए सभी देश अपने देशवासियों के नाम से उनके अंतिम संस्कार में भाग ले रहे हैं।
मो. अली खामेनेई के पोते नसरीन खामेनेई ने अपने दादा मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए तेहरान से निकल गए हैं।
मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में कई पूर्व सोवियत गणराज्यों के नेताओं के भी दिल्ली से पहुंचे थे।
मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद, ब्रिटेन ने इस मामले से जुड़े कुछ बयानों और घटनाक्रमों पर स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि, इस विषय पर विभिन्न देशों और संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक जानकारी और तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
ब्रिटिश विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पक्षों से पारदर्शिता बरतने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की अपील की, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
मो. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में संबंधित देशों के आधिकारिक बयानों और कूटनीतिक संवाद के आधार पर इस मामले की दिशा अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
Updated: July 4, 2026
यह घटना एक नए अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के युग की शुरुआत का संकेत देती है, जहां विश्व शक्तियां एक दूसरे के साथ सहयोग और सम्मान के नए तरीके खोज रही हैं।