हालांकि, पाकिस्तान सरकार की इस आरोपी घोषणा पर भारत सरकार ने करारा जवाब दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को एकदम हास्यमय करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की यह आरोपी घोषणा एक बार फिर साबित करती है कि वह देश आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के बजाय आतंकियों को अपने देश में छुपाने का प्रमुख प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने शनिवार रात कराची में सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर आतंकी हमले को विफल करते हुए छह आतंकवादियों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को जीवित पकड़ लिया। इस हमले में अर्द्धसैनिक बल के चार जवानों की भी मौत हो गई।
पाकिस्तानी सरकार के कुछ मंत्रियों ने इस हमले में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, भारत ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। भारत सरकार ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की यह आरोपी घोषणा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके प्रयासों को कमजोर करने का अंदाजा है।
पाकिस्तान की आतंकवाद निवारण कानून के प्रभावी कार्यान्वयन की कमी को लेकर भारत ने सरकार से सवाल खड़े किए हैं। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी धरती पर आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हैं और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की जटिलता से आतंकवाद का प्रयास करना आसान है।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। भारत की विशेष सैन्य ऑपरेशन के दौरान कई आतंकवादियों को मार गिराया गया है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और पाकिस्तान से आतंकवादियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बीते दिनों बालाकोट में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
आज भी पाकिस्तानी सरकार के पास आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का एकमात्र विकल्प नहीं है – पड़ोसी देश भारत का सहयोग लेना। भारत ने कई बार पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का आमंत्रण दिया है, लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है।
अब प्रश्न यह उठता है कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव समाप्त हो सकते हैं। इसके लिए दोनों देशों को एक दूसरे के साथ समझौते पर जाना होगा।
भारत और पाकिस्तान के मुश्किल रिश्ते अब सिर्फ दोनों देशों की दुश्मनी नहीं, बल्कि आतंकवाद का एक गहरा मकड़ी का जाल बनते जा रहे हैं।