सनीद ने इस परियोजना के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्राप्त करने हेतु विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया। उन्होंने क्राउडफंडिंग प्लेटफ़ॉर्म पर एक विस्तृत प्रस्ताव प्रकाशित किया, जिसमें यात्रा की लागत, साइकिल की मरम्मत, भोजन, और सुरक्षा उपकरणों का अनुमान लगाया गया। इस पहल को केरल सरकार के युवा एवं खेल विभाग ने आधिकारिक रूप से मान्यता दी, और यात्रा के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था एवं मार्गदर्शन के लिए पुलिस विभाग के साथ सहयोग स्थापित किया गया। इसके अलावा, कई निजी दानदाता एवं सामाजिक संस्थाओं ने भी आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे यात्रा की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई।
अभी तक सनीद ने 7,000 किमी से अधिक की दूरी तय कर ली है, जिसमें उन्होंने रोज़ाना औसतन 50‑60 किमी की दूरी तय की है। कुछ विशेष अवसरों पर उन्होंने एक ही दिन में 150 किमी तक का सफर भी पूरा किया, जिससे उनका शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता स्पष्ट होती है। मार्ग में उन्होंने विभिन्न गांवों, शहरों और शहरी केंद्रों में रुककर स्थानीय युवाओं को नशा‑मुक्त जीवनशैली अपनाने के लाभों के बारे में बताया, तथा उन्हें वैकल्पिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान सनीद ने कई स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर छोटे‑छोटे कार्यशालाओं का आयोजन किया, जिससे जागरूकता का दायरा और गहरा हुआ।
सनीद की इस यात्रा को लेकर विभिन्न मीडिया आउटलेट्स ने व्यापक कवरेज दिया है। राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों ने उनकी दैनिक प्रगति को लाइव प्रसारित किया, जबकि प्रमुख समाचार पत्रों ने इस पहल को “नशा‑विरोधी आंदोलन का नया अध्याय” के रूप में सराहा। सोशल मीडिया पर सनीद के अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है; उनका आधिकारिक फ़ेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रतिदिन हज़ारों लाइक और शेयर मिल रहे हैं। इन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से उन्होंने अपने संदेश को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया है, जिससे इस अभियान की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
सनीद की यात्रा का समर्थन करने वाले कई सामाजिक संगठनों ने भी सार्वजनिक रूप से उसकी सराहना की है। केरल में कार्यरत ‘ड्रग‑फ्री केरल’ संघ के अध्यक्ष ने कहा कि “सनीद की इस पहल ने नशा‑विरोधी आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की है; उनकी दृढ़ता और समर्पण युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करेगा।” नेपाल में स्थित ‘न्यूरॉन लिविंग’ फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि “सनीद के एवरस्ट बेस कैंप तक पहुंचने की योजना न केवल शारीरिक चुनौती है, बल्कि यह अंतर‑देशीय सहयोग का प्रतीक भी है, जो नशा‑मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” इन संगठनों के साथ मिलकर उन्होंने सनीद को विभिन्न चरणों में आवश्यक चिकित्सा सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया है।
केरल राज्य सरकार ने सनीद की यात्रा को सामाजिक संदेश के प्रसार के एक प्रमुख माध्यम के रूप में मान्यता दी है और इसे ‘राज्य गौरव’ का हिस्सा कहा है। मुख्यमंत्री के कार्यालय ने कहा कि “सनीद का प्रयास न केवल व्यक्तिगत साहस का परिचायक है, बल्कि यह युवाओं को नशा‑मुक्त जीवन अपनाने की दिशा में प्रेरित करने का एक प्रभावी साधन है।” इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय खेल मंत्रालय ने भी इस पहल को खेल और स्वास्थ्य के मिश्रित स्वरूप के रूप में सराहा और सनीद को आवश्यक मेडिकल सपोर्ट प्रदान करने का वचन दिया।
Updated: August 19, 2026
The campaign spans 11,000 km from Kerala to Nepal, promoting a drug‑free message on a single‑wheel bicycle, symbolizing physical endurance and social commitment.
It has attracted government, NGOs, and media attention, positioning it as a national tool for youth drug‑awareness outreach.
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