एक दुखद सच्चाई यह है कि उत्तर प्रदेश में बिहार में देखे जाने वाले समीकरण और विधानसभा चुनावी परिदृश्य के बीच कई समानताएं दिखने लगी हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अक्षय यादव के हाल के ‘बड़े दिल’ संदेश के पीछे भी इसी भय है।
अखिलेश यादव ने हाल ही में कांग्रेस से वाराणसी लोकसभा सीट जीतने में मदद करने के लिए पार्टी को धन्यवाद दिया। उनकी इस बातचीत में एक दिलचस्प बिंदु था कि वह कांग्रेस को अपनी सहयोगी पार्टी मानते हैं। अखिलेश ने कहा, “हम कांग्रेस के सहयोगी हैं। हम कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने मेरा स्वागत किया और हमारे लिए धन्यवाद दिया।”
कुछ दिनों पहले, सपा ने कांग्रेस के साथ एक विशेष समझौता किया था जिसके तहत वे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में साझा मैदान पर उतरेंगे। कांग्रेस ने पांच सीटों पर टिकट देने की अपनी पेशकश की और सपा ने पांच सीटों का प्रस्ताव किया है जहां कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारेगी।
संभावित विपक्षी गठबंधन के बीच इस समझौते की व्यापक चर्चा हो रही है क्य