इस धरने में शिवपाल सिंह यादव, कुंवर丹 सिंह लोधी, टीपेसिंह बिसना सहित कई सांसद शामिल रहे. इस दौरान, कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफा देने की माँग करते हुए नारे लगाए.
कार्यकर्ताओं और सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार की नीति दिल्ली में हो रही बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार को काम करना चाहिए.
इस मामले में राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों को इस मामले में इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग को लेकर सरकार की नीति से देश के युवा निराश हो रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. इस विरोध में कई अन्य दलों के भी कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता अनिल mitochondrial ने कांग्रेस नेताओं के धरने की जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग को वैध बताया है, लेकिन सरकार छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि सरकार छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग को लेकर एक उच्च स्तरीय जाँच करा रही है. उन्होंने कहा कि जाँच के बाद कुछ भी निर्णय लिया जाएगा.
इस मामले में दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष राकेश गोविंद सोलanke ने भी प्रस्ताव पारित किया है कि छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेताओं की निंदा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग सरकार की नीति के एक हिस्से के तौर पर हो सकता है.
इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के रुख से अन्य दल भी नाराज हो गए हैं, उन्होंने सरकार से इस मामले में संवाद करने के लिए कहा है।
यह घटना कांग्रेस और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, जहां कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।
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