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ब्रिक्स समिट 2026: भारत मंडप में तैयारियां पूर्ण, 12-13 सितंबर को होगी बैठक

ब्रिक्स समिट 2026 के लिए नई दिल्ली ने तैयारियों की अंतिम झलक पेश की, जहाँ 12 और 13 सितंबर को भारत मंडप में विश्व के प्रमुख पाँच राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर “All set for BRICS 2026!” लिखते हुए तैयारियों की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें मंच, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक दिखी। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया कि समिट के संचालन में भारत ने सभी पहलुओं को सटीकता से व्यवस्थित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहभागियों को सहज और सुरक्षित माहौल मिल सके।ब्रिक्स समूह, जो 2009 में स्थापित हुआ, आर्थिक सहयोग और विकास के नए आयाम स्थापित करने के उद्देश्य से हर दो साल में शिखर सम्मेलन आयोजित करता है। 2026 का समिट भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है, जिससे इसे विशेष महत्ता मिली है। पिछले वर्ष के समिट में रूस‑यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई थी, और इस बार इन ही विषयों पर नई रणनीतियों की अपेक्षा की जा रही है।

दिल्ली के भारत मंडप का चयन इस वर्ष के समिट के लिए विशेष रूप से किया गया, क्योंकि यह स्थल बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी में अनुभवी है। मंडप के अंदर उच्चस्तरीय एवी तकनीक, बहु-भाषा अनुवाद प्रणाली और जलवायु‑स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया गया है। इसके अलावा, समिट के दौरान उपयोग होने वाले सभी दस्तावेज़ों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके।

समिट की तैयारियों में सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) और विदेश मंत्रालय ने मिलकर एक व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एयरोस्पेस मॉनिटरिंग, साइबर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण शामिल है। दिल्ली पुलिस ने विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, तथा प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बायोमेट्रिक स्कैनिंग लागू की जाएगी। इन उपायों से संभावित खतरों को पहले से पहचान कर न्यूनतम किया जा सकेगा।

आर्थिक मामलों के प्रमुख प्रतिनिधि, जिनमें ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों शामिल हैं, ने समिट के एजेंडा में प्रमुख बिंदुओं की पुष्टि की है। वे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल मुद्रा, सतत ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित चर्चा करेंगे। इस संदर्भ में, भारत ने अपने ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ऊर्जा सुरक्षा’ के पहल को मुख्य बिंदु के रूप में रखा है, जिससे सदस्य देशों के बीच तकनीकी विनिमय को तेज़ी मिलेगी।

समिट के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों की कला, संगीत और भोजन का प्रदर्शन होगा। यह पहल प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने और आपसी समझ को बढ़ाने का उद्देश्य रखती है। कार्यक्रम में पारंपरिक शास्त्रीय संगीत, शिल्प प्रदर्शन और स्थानीय व्यंजनों का बुफे शामिल होगा, जो सभी को एक साथ जोड़ने की भावना को सुदृढ़ करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियों को देखते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य है कि ब्रिक्स 2026 को एक सफल मंच बनाकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा दें।” इस टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्री ने समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि इस समिट से आर्थिक पुनरुत्थान और रणनीतिक साझेदारी को बल मिलेगा। भारत के उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस मंच को अपने निर्यात और निवेश को बढ़ाने का अवसर मानते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

ब्रिक्स देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी दिल्ली में आयोजित इस समिट के प्रति उत्साह जताया। ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने कहा कि “नई दिल्ली का स्वागत हमारे सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा,” जबकि चीन के राष्ट्रपति ने आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए इस मंच की आवश्यकता पर बल दिया। रूस के राष्ट्रपति ने सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को प्राथमिकता देने का संकेत दिया।

समिट के सामाजिक प्रभाव भी व्यापक रूप से विश्लेषित किए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने इस मंच को विकासशील देशों के बीच असमानताओं को घटाने की आशा जताई है। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है। इस बीच, पर्यावरणीय समूहों ने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को समिट के एजेंडा में शामिल करने की मांग की है।

राजनीतिक दृष्टिकोण से, इस समिट को वैश्विक शक्ति संतुलन में नई गतिशीलता लाने का अवसर माना जा रहा है। ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने से पश्चिमी प्रमुख आर्थिक संस्थानों के प्रभाव में कमी आ सकती है।

Updated: September 10, 2026


Delhi’s India Pavilion is set to host the BRICS 2026 summit on September 12‑13, showcasing high‑tech security, multilingual translation and eco‑friendly digital documentation. Leaders from Brazil, Russia, China and South Africa will convene to discuss supply‑chain resilience, digital currencies, sustainable energy and health cooperation amid India’s push to spotlight its Digital India and energy‑security initiatives.

India is leveraging BRICS not just as a diplomatic stage, but as a strategic signal to reshape financial power dynamics away from Western institutions. The heavy emphasis on digital currency and green tech suggests a quiet pivot toward creating an independent, resilient economic ecosystem for the Global South.

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