इस घटनाक्रम के पूर्व, महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल में एक बड़ा मोड़ आया था। पिछले कुछ समय से शरद पवार की पार्टी ने BJP सरकार के प्रति अपने संबंध सुधारने की कोशिश करनी शुरू की थी। इसके बाद, खडसे के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के एक धड़े ने भी BJP के साथ गठबंधन कर लिया था।
हाल के दिनों में महाराष्ट्र राजनीति में एक और महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा गया है। न्यूज़ एनबीसी (NBS) चैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एकनाथ खडसे ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के कोई भी भटकाव को दूर किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं के कोई भी भटकाव तो नहीं है, लेकिन उन्हें जो कुछ हो रहा है उसे जानना चाहिए। शिवसेना (शिंदे) गिरोह ने BJP के साथ गठबंधन किया
है, लेकिन मैं अभी भी शरद पवार के साथ हूं और आगे भी उनके साथ ही रहूंगा। मेरे कार्यकर्ताओं को लगता है कि वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन मैं नहीं हूं, खडसे ने कहा।
महाराष्ट्र में बोली जाने वाली मराठी संस्कृति और भारतीय राजनीति के इस घटनाक्रम के प्रमुख कारकों पर चर्चा करते हुए, एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया विचार का उदय हो रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं का दुर्भावना और एक भ्रमित वास्तविकता की स्थिति से सावधान रहना होगा। शिवसेना के दो धड़ों के हालिया भागाव के बाद, खडसे के स्पष्टीकरण के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया है कि वे अभी भी शरद पवार के साथ हैं।
सूत्र बताते हैं कि भारतीय राजनीति की इस नई गतिशीलता में बीजेपी नेताओं ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर काम करना बंद करने का फैसला किया है और अब राज्य में शिवसेना के नेतृत्व में पार्टी को किसी भी कीमत पर भंग करने के लिए तैयार हैं।
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