केरल के वायनाड में मीनाक्षी ब्रिज के पास सुरंग निर्माण स्थल पर भारी भूस्खलन हुआ। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है जबकि कई मजदूर अब भी मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं। NDRF और बचाव दल राहत अभियान में जुटे हैं।
केरल का वायनाड एक बार फिर भूस्खलन की भयावह त्रासदी का गवाह बना है। सोमवार को जिले के कल्लाडी (Kalladi) क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के समीप निर्माणाधीन अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी टनल रोड परियोजना स्थल पर अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और मलबा निर्माण स्थल पर आ गिरा, जिससे वहां मौजूद वाहन, मशीनें और श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।
इस हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ हादसा
यह हादसा वायनाड के कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी ब्रिज के नजदीक उस स्थान पर हुआ, जहां राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुरंग परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई और अचानक भारी मलबा नीचे आ गिरा। कई वाहन और निर्माण उपकरण भी मलबे में दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, NDRF और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।
लगातार बारिश और पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका के कारण राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई मजदूरों के लापता होने की सूचना है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
प्रारंभिक तौर पर लगातार हो रही भारी बारिश को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
इस बीच विपक्ष और कुछ विशेषज्ञों ने आरोप लगाया है कि सुरंग निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी और मलबे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण में लापरवाही बरती गई, जिससे यह दुर्घटना और गंभीर हो गई। कुछ मंत्रियों ने भी इसे संभावित “मानवजनित आपदा” बताते हुए निर्माण प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
2024 की भयावह त्रासदी की यादें फिर हुईं ताजा
इस हादसे ने जुलाई 2024 में वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं। उस त्रासदी में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। मौजूदा हादसे के बाद एक बार फिर वायनाड में भारी बारिश के बीच भूस्खलन के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
केरल सरकार ने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने को भी कहा गया है।