बिहार सरकार ने NEET परीक्षा से पहले ट्रैफिक लाइटों को रात में ही स्थिर किया, जिससे शुक्रवार सुबह को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को लंबी दूरी की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ी । इस बारे में विशेषज्ञों के अनुसार, निजी ट्रैफिक मैनेजर्स, पुलिस विभाग और सरकारी अधिकारी भी समन्वय में होकर काम कर रहे हैं ।
उत्तर प्रदेश में होने वाली NEET परीक्षा के लिए जिन राज्यों से अभ्यर्थी आ रहे हैं, उनके लिए स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को पानी पिलाने और फल- सब्जियां खिलाने की सुविधा भी मुहैया कराई गई है। इस अनूठी पहल ने हर दिन लाखों छात्रों को मोटरसाइकिल, स्कूटी और बाइक से लेकर मिनी बस, बस और रेलवे के माध्यम से सफर करने का अवसर दिया।
विशेषज्ञ टीम के अनुसार, सुबह में अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या के बावजूद किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
NEET परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के परिवार उनकी सुरक्षा के लिए कार्य शुरू कर दिया था। कई संगठनों ने रिक्शा और मिनी बसों की व्यवस्था करके अभ्यर्थियों को उनके घरों तक पहुंचाया। यह अभ्यस्तन परिवार की एकता का पराक्रम रहा।
ट्रैफिक रूट में बदलाव के बाद भी मोटरसाइकिल, स्कूटी और बाइक से यात्रा करने वाले सभी शार्ट ट्रिपर्स को अपने डिब्बों में बैठने की सुविधा मिलती रही। इसके साथ ही रिक्शा, मिनी बस और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में वृद्धि हुई, ताकि अभ्यर्थी घर से शुक्रवार सुबह से दोपहर को तक सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें और परीक्षा में भाग लेने के बाद सुरक्षित रूप से अपने घर पहुंच सकें।
इसके अलावा, बिहार सरकार ने भी NEET परीक्षा के लिए विशेष सुविधा प्रदान की जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 मार्च को प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘सोमवार को पूरे राज्य में सोमवार को NEET परीक्षा को लेकर ट्रैफिक रूट में बदलाव किया गया।
इस निर्णय के तहत मालवाहक वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा जैसी गाड़ियों की सवारी पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन गाड़ियों की सवारी पर रोक की वजह से कई छात्रों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हुई है।
उत्तर प्रदेश, बिहार में NEET परीक्षा को लेकर ट्रैफिक रूट में बदलाव के बावजूद, बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया गया। प्रशासन द्वारा किए गए ट्रैफिक प्रबंधन और विशेष इंतजामों के कारण परीक्षा दिवस पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने में मदद मिली। साथ ही, अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया।
यह पहल दर्शाती है कि बड़े स्तर की परीक्षाओं के दौरान प्रशासनिक तैयारी और यातायात प्रबंधन कितने महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं न केवल परीक्षार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि शहरों में सामान्य यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित होने से बचाती हैं।
सरकार की ट्रैफिक प्रबंधन की पहल ने छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ बड़े आयोजनों और परीक्षाओं के दौरान प्रशासनिक समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी व्यवस्थाएं भविष्य में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए भी एक उपयोगी मॉडल साबित हो सकती हैं।
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