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बिहार विधान परिषद: एनडीए के 9 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव का परिणाम घोषित हो गया है. सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जिनमें से 9 एनडीए और 1 राजद के उम्मीदवार हैं, वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद पहुंचे हैं, वहीं भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने भी जीत दर्ज की है.बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए के 9 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जिनमें से 8 जदयू और 1 भाजपा के उम्मीदवार हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी मुन्नी देवी ने भी जीत दर्ज की है. इस चुनाव में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद पहुंचे हैं, वहीं भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने भी जीत दर्ज की है.

नैशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) की ओर से जदयू के भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति, ललन प्रसाद, रामेश्वर चौरसिया, संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर, शीला पंडित और पवन सिंह ने जीत दर्ज की है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की मुन्नी देवी को भी कांग्रेस के मोहम्मद इकराम की विरोधी टिकट पर चुनाव लड़ना पड़ा.

इस चुनाव में केरल के मंत्री के. के. शAILाज़, जो की भारती मेहता के पति थे, ने भी नामांकन वापस ले लिया था, हालांकि भारती मेहता पहली दिन ही जीत हासिल करने की सुर्खिया बन गईं थी. निशांत कुमार को पहली बार बिहार विधान परिषद में पहुंचने की खुशी इस मौके पर साफ झलक आई, जब उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार को केक कटवाकर मनाया.

निशांत कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद में पहुंचे हैं, वहीं भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने भी जीत दर्ज की है, जो कि भोजपुरी सिनेमा की दुनिया से चुनाव में पहली बार कदम रख रहे हैं। इस चुनाव में उनकी जीत को भोजपुरी भाषा और संस्कृति के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है.

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जो पहली बार बिहार विधान परिषद में पहुंचे हैं, ने अपनी जीत पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है कि वे पहली बार विधान परिषद में पहुंचे हैं, और उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार से क्षमा भी मांगी है कि उन्होंने उन्हें नामांकन दिलाने में उनकी मदद की है।

निशांत कुमार की पहली बार विधान परिषद में पहुंचने की खुशी उन्हें अपने पिता नीतीश कुमार के साथ देखने का मौका देती है, जो कि बिहार के मुख्यमंत्री हैं और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. निशांत कुमार ने अपनी जीत पर खुशी जताई है और कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है.

पवन सिंह की जीत को भोजपुरी भाषा और संस्कृति के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. पवन सिंह ने अपनी जीत पर खुशी जताई है और कहा कि यह एक बड़ा वरदान है उसे मिला है, वहीं उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह उनकी एकजुटता और सहयोग का परिणाम है।

इस निर्वाचन में भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने अपनी जीत के बाद कहा, ‘यह एक बड़ा वरदान है उसे मिला है कि वह पहली बार विधान परिषद में पहुंचे हैं, वहीं उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह उनकी एकजुटता और सहयोग का परिणाम है।

निशांत कुमार और पवन सिंह को उनकी जीत के लिए बधाई दी जा रही है, जिन्होंने पहली बार विधान परिषद में पहुंचने का अवसर हासिल किया है।

निशांत कुमार और पवन सिंह की जीत बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है, जहां युवा और कलाकार भी अपनी जगह बना रहे हैं। इस जीत से यह भी पता चलता

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