बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता ब्यूरो ने मंगलवार को दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां सुपौल और समस्तीपुर जिलों में अलग-अलग मामलों में की गईं। ब्यूरो को अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जाल बिछाकर उन्हें पकड़ लिया गया।
पहली घटना में सुपौल जिले के निर्मली नगर पंचायत में तैनात सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वह मरौना अंचल में पदस्थापित था और जमीन सर्वे रिपोर्ट आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। खोरमा गांव के निवासी जयनारायण यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रिपोर्ट प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अमीन पैसे मांग रहा है।
दूसरी घटना में समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल में आपूर्ति पदाधिकारी राजेश भगत को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने पीडीएस दुकान संचालक राम एकबाल सिंह से लंबित खाद्यान्न जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। बताया गया कि अधिकारी ने कुल 31,000 रुपये की मांग की थी। इससे पहले वह 10,000 रुपये ले चुका था और दूसरी किस्त लेते समय पकड़ा गया।
सतर्कता ब्यूरो के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि शिकायतों की जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद ट्रैप बिछाकर कार्रवाई की गई।
इन गिरफ्तारियों से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। सतर्कता ब्यूरो ने दोनों मामलों में आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।