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सासाराम में आधी रात दर्दनाक सड़क हादसा: शैक्षणिक टूर बस पलटी, दो शिक्षकों की मौत, 11 बच्चे समेत कई घायल

सासाराम/भभुआ: बिहार में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार की देर रात बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में एक भीषण सड़क हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 बच्चे और कई शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा परसथूआ थाना क्षेत्र के सोहसा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 319 (NH-319) पर हुआ, जब छात्रों और शिक्षकों से भरी एक शैक्षणिक टूर बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

यह बस कैमूर जिले के चैनपुर अंचल स्थित मध्य विद्यालय बढ़ौना से छात्रों और शिक्षकों को लेकर पटना जा रही थी। हादसा रात करीब 12:30 बजे हुआ, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक हुए इस हादसे से बस में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। बताया जा रहा है कि बस सड़क किनारे पलट गई, जिससे उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के आगे और साइड हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही परसथूआ थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

बस में कौन-कौन थे सवार?

इस शैक्षणिक भ्रमण पर निकली बस में कुल 44 लोग सवार थे, जिनमें 7 शिक्षक, 36 छात्र और एक अभिभावक शामिल थे। हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा पांच शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 11 बच्चे जख्मी बताए जा रहे हैं। कई बच्चों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मृत शिक्षकों की हुई पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं:

  • पुनीत कुमार सिन्हा, निवासी बगहवा गांव, जिला मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)
  • संजय कुमार राय, निवासी भैसहट गांव, थाना चैनपुर, जिला कैमूर (बिहार)

दोनों शिक्षक मध्य विद्यालय बढ़ौना में कार्यरत थे और छात्रों के साथ शैक्षणिक यात्रा पर जा रहे थे। घटना के बाद स्कूल और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया गया है।

परिजनों में मचा कोहराम

जैसे ही हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। पुनीत कुमार सिन्हा और संजय कुमार राय के परिवार के सदस्य सदमे में हैं। ग्रामीणों के अनुसार दोनों शिक्षक अपने व्यवहार और समर्पण के लिए जाने जाते थे।

छात्रों के अभिभावकों में भी भारी चिंता का माहौल है। कई अभिभावक रात में ही अस्पताल पहुंच गए और अपने बच्चों का हाल-चाल लिया। घायलों के परिजन अस्पताल के बाहर डटे रहे।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, लेकिन अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बस चालक से पूछताछ की जा रही है और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

NH-319 पर बढ़ते हादसे

राष्ट्रीय राजमार्ग 319 पर पहले भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

शैक्षणिक टूर पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद शैक्षणिक टूर के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात में लंबी दूरी की यात्रा से बचना चाहिए, खासकर जब बस में छोटे बच्चे सवार हों। बस की फिटनेस, चालक की थकान और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है।

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