कांग्रेस ने एलपीजी गैस संकट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जनता कब तक इस संकट को सहन करेगी?
कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसद के. सुरेश ने आरोप लगाया कि सरकार देश में वास्तविक स्थिति को उजागर नहीं कर रही है। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि एलपीजी गैस की कमी पर सरकार देश की जनता से झूठ बोल रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण ही यह संकट पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ जनता ज्यादा समय तक सहन नहीं कर सकती।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले कहा था कि वह आयात कम करेगी, लेकिन अब दूसरे देशों पर निर्भर हो गई है।
कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने एलपीजी संकट से निपटने को लेकर सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले नहीं सोचा कि देश में एलपीजी संकट हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल चुनावी राजनीति है, न कि जनता की समस्याओं का समाधान।
सरकार ने हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इस बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये हो गई है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद पी. सांडोश कुमार ने राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है, ताकि देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी पर चर्चा की जा सके।
सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। इसके तहत घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए अधिक आवंटन किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में व्यावसायिक वितरण को सीमित कर दिया गया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं के हित हमेशा सर्वोपरि रहे हैं और आगे भी रहेंगे।