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दिल्ली में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आगमन; प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्वागत

बीआरआईसीएस 2026 शिखर सम्मेलन के द्वार पर नई दिल्ली में आज चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आगमन, दो दशकों में इस शहर की पहली यात्रा के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति शी ने 12 बजे राष्ट्रीय राजधानी के हवाई अड्डे पर आधिकारिक स्वागत समारोह में भाग लिया, जहाँ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनका स्वागत किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बीआरआईसीएस सहयोग को गहरा करना और आर्थिक, तकनीकी एवं सुरक्षा क्षेत्रों में साझा हितों को सुदृढ़ करना बताया जा रहा है।

शी के इस दौरे से पहले बीआरआईसीएस के सदस्यों के बीच कई बेमेल मुद्दे रहे हैं, विशेषकर आर्थिक असमानता, व्यापार बाधाएँ और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर विभिन्न रुख़। 2014 में दिल्ली का पिछला दौरा तब हुआ था, जब शिखर सम्मेलन का पहला संस्करण आयोजित हुआ था। तब से बीआरआईसीएस का विस्तार हो कर अब 14 देशों तक पहुंच चुका है, और यह मंच वैश्विक आर्थिक पुनर्संतुलन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

नयी दिल्ली में इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की तैयारियों में कई अंतर-सरकारी एजेंसियों ने सहयोग किया है। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दिया गया है; दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और विशेषीकृत एंटी-टेरर इकाइयों ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। साथ ही, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे को लेकर कई सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिससे देशों के बीच ज्ञान-साझा करने की संभावनाएँ बढ़ेंगी।

पहले दो दिन के सत्रों में बीआरआईसीएस देशों के आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। व्यापार बाधाओं को कम करने, डिजिटल मुद्रा प्रणाली को एकीकृत करने और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करने के लिए प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। शी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि विश्व आर्थिक अस्थिरता के समय में बीआरआईसीएस का सहयोग स्थिरता का आधार बन सकता है।

दूसरे दिन, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के मुद्दे पर फोकस रहेगा। भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में अपने लक्ष्य को दो गुना करने की योजना का उल्लेख किया, जबकि चीन ने अपनी कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य को हासिल करने के लिए सहयोग का प्रस्ताव रखा। इस सत्र में जलवायु वित्तीय साधनों के उपयोग, तकनीकी हस्तांतरण और हरित बुनियादी ढाँचे के निर्माण पर भी विस्तृत चर्चा होगी।

तीसरे दिन, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के मुद्दे उठेंगे। अफ़्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया के कई बीआरआईसीएस देशों के साथ मिलकर आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और साइबर खतरों पर संयुक्त कार्यप्रणाली तैयार करने पर बात होगी। भारत और चीन ने दोनो पक्षीय सैन्य अभ्यासों को बढ़ाने और समुद्री डकैती के खिलाफ सहयोग को सुदृढ़ करने का इरादा जाहिर किया।

शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के राजनयिक प्रतिनिधियों ने कई बाय-डेटा मीटिंग आयोजित की। भारत के विदेश मंत्री ने शी को बताया कि भारत-चीन व्यापार में पिछले पाँच वर्षों में 30% की वृद्धि हुई है, परन्तु व्यापार असंतुलन को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। शी ने भारत के निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों में अधिक लचीलापन प्रदान करने का आश्वासन दिया।

दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिनिधियों ने शिखर सम्मेलन में अपने चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने बीआरआईसीएस के आर्थिक विस्तार को वैश्विक व्यापार नियमों के पालन में चुनौती के रूप में देखा। चीन ने इन टिप्पणी पर कहा कि बीआरआईसीएस का उद्देश्य सभी देशों को समान अवसर प्रदान करना है, न कि किसी एकाधिकार को स्थापित करना।

बीआरआईसीएस के मुख्य आर्थिक विशेषज्ञों ने इस शिखर को वैश्विक आर्थिक पुनर्संतुलन का एक प्रमुख मोड़ कहा। उन्होंने बताया कि यदि बीआरआईसीएस के सदस्य देशों ने अपनी आर्थिक नीतियों को समन्वित किया, तो यह विश्व आर्थिक मंदी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राजनीतिक रूप से इस दौरे का महत्व भी उच्चतम स्तर पर माना जा रहा है। भारत और चीन के बीच सीमा विवादों के बावजूद, दोनों पक्षों ने शांति और सहयोग के संदेश को दोहराया। इस शिखर के बाद दोनों देशों के बीच उच्च स्तर की कूटनीतिक बातचीत की आशा जताई जा रही है, जिससे दक्षिण एशिया में स्थिरता की संभावनाएँ बढ़ेंगी।

आर्थिक दृष्टिकोण से विशेषज्ञों का मानना है

Updated: September 12, 2026


Chinese President Xi Jinping arrives in New Delhi for the BRICS summit, marking his first visit in two decades to strengthen economic and security ties with India.
The three-day event focuses on fostering trade stability, renewable energy cooperation, and strategic dialogue amidst global geopolitical shifts.

Insight: China’s state visit precedes the expanded BRICS summit.
Agenda covers trade, energy, and security cooperation.

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