Press "Enter" to skip to content

सीतामढ़ी के एसबीएलसी हाई स्कूल में गणेश पूजा मेले में अश्लील कार्यक्रम पर प्रधानाध्यापक जगमोहन सहनी को निलंबन, स्कूल सुरक्षा जांच शुरू

सीतामढ़ी के सरस्वती विद्या निकेतन (एसबीएलसी उच्च विद्यालय) में गणेश पूजा मेले के दौरान विद्यालय परिसर में एक अश्लील कार्यक्रम आयोजित करने की शिकायत मिलने के बाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने तत्काल कार्रवाई कर प्रधानाध्यापक जगमोहन सहनी को निलंबित कर दिया।
इस कदम को शिक्षा विभाग ने वायरल हुए वीडियो के प्रमाण के आधार पर लागू किया, जिससे स्कूल के शैक्षिक माहौल और छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न हुईं। निलंबन आदेश के साथ ही विद्यालय में सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा का आदेश भी दिया गया।गणेश पूजा के आयोजन में स्थानीय समुदाय का सहयोग आम तौर पर विद्यालय में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के रूप में देखा जाता है। परन्तु इस बार, मेले के दौरान कुछ बाहरी व्यक्तियों ने परिसर के एक हॉल में अश्लील सामग्री का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने वीडियो में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। इस घटना की पहली सूचना आयुक्त तिरहुत प्रमंडल और जिलाधिकारी को मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत शिक्षा विभाग को सूचित किया। पूर्व में इस क्षेत्र में इसी प्रकार के कार्यक्रमों में कुछ ही बार छोटे-मोटे विवाद उभरे थे, पर इस बार की स्थिति अत्यंत गंभीर थी।

विभाग ने जारी आदेश में बताया कि वीडियो में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान अनैतिक सामग्री का प्रसारण हुआ, जिसमें नाबालिग छात्रों की उपस्थिति भी थी। इस प्रकार के व्यवहार को शैक्षणिक संस्थान के नियमावली और भारतीय दंड संहिता के धारा 292 के तहत आपराधिक मान्यता प्राप्त है। इस कारण, प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया और उनके खिलाफ आगे की जांच के आदेश जारी किए गए। साथ ही, विद्यालय को अस्थायी रूप से बंद कर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

घटना की पृष्ठभूमि में यह कहा जा रहा है कि विद्यालय ने पिछले वर्षों में कई बार स्थानीय धार्मिक संगठनों के साथ सहयोग किया था, परंतु इस बार कार्यक्रम की योजना बनाते समय उचित निरीक्षण और अनुमति प्रक्रिया में चूक हुई। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कार्यक्रम के लिये आवश्यक अनुमति पत्रों में स्पष्ट रूप से अश्लील या आपराधिक सामग्री की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके अलावा, कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों ने यह उजागर किया कि कुछ बाहरी कलाकारों ने बिना आधिकारिक स्वीकृति के कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे अनुचित सामग्री का प्रसारण हुआ।

पिछले कुछ महीनों में, विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों में समान प्रकार के विवाद उभरे हैं, जहाँ सांस्कृतिक या धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान अनैतिक सामग्री का प्रसारण हुआ है। इस प्रकार की घटनाएँ सामाजिक मीडिया पर तेजी से फैलती हैं और सार्वजनिक आक्रोश को जन्म देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में कड़े नियामक ढाँचे की आवश्यकता है, जिसमें बाहरी कलाकारों की पृष्ठभूमि जांच और कार्यक्रम की पूर्व स्वीकृति प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाये।

प्रधानाध्यापक जगमोहन सहनी ने निलंबन के बाद एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह इस आरोप को बिल्कुल निराधार मानते हैं और उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में कोई व्यक्तिगत भागीदारी नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय के कर्मचारियों को कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं थी और वे भी इस अनैतिक कार्य के प्रति अज्ञान रहे। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार करने की बात कही।

विपरीत पक्ष से, विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी निराशा व्यक्त की। कई अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को इस विद्यालय में सुरक्षित शिक्षा की आशा से भेजा था, परन्तु इस प्रकार के कार्यक्रम ने उनके विश्वास को ठेस पहुँचाई। कुछ अभिभावकों ने विद्यालय के प्रबंधन से तुरंत पुनर्संरचना और उत्तरदायित्व के स्पष्ट कदम मांगे। शिक्षकों ने भी कहा कि उन्हें कार्यक्रम की योजना में शामिल नहीं किया गया था और उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी।

शिक्षा विभाग ने इस मामले में आगे की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। टीम को वीडियो के स्रोत, कार्यक्रम के आयोजकों, और विद्यालय प्रशासन के बीच संचार का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सिद्ध हुई तो कड़ी सजा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभाग ने अन्य विद्यालयों को भी चेतावनी दी है कि वे समान कार्यक्रमों के दौरान कड़े नियंत्रण रखें और अनधिकृत व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश न करने दें।

Updated: September 20, 2026


The DEO suspended SBLC High School principal Jagmohan Sahni after a viral video showed obscene content being aired during a Ganesh‑puja fair, raising alarms over student safety and the school’s educational environment. Authorities have ordered a security audit, temporarily closed the campus and launched a probe into the lapse that allowed unauthorised performers to breach school protocols.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from झारखंडMore posts in झारखंड »