Press "Enter" to skip to content

विराट कोहली ने 13 हज़ार वनडे रन बनाकर तीसरे क्रम में यह आंकड़ा पार करने वाला पहला खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा.

विराट कोहली ने 13 हज़ार वनडे रन का मील का पत्थर हासिल किया, जिससे वह इतिहास रचते हुए वनडे में नंबर‑3 क्रम में यह आंकड़ा पार करने वाले पहले बल्लेबाज बन गये। यह उपलब्धि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे में कोहली ने अपने 13वें गेंद पर हासिल की, जिससे वह पूर्व ऑस्ट्रेलिया कप्तान रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ गये। इस कदम ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नई दास्तां लिखी, जहाँ कोहली की निरंतरता और आक्रामकता को एक बार फिर प्रशंसा का पात्र बना दिया।

विराट कोहली का अंतरराष्ट्रीय करियर 2008 में शुरू हुआ, तब से उन्होंने कई शॉर्ट‑फॉर्म फॉर्मैट में अपनी छाप छोड़ी है। वनडे में उनका पहला शतकोटि 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ आया था, और तब से उन्होंने लगातार औसत 50 से ऊपर बनाए रखे हैं। 2020‑21 के दौरान उन्होंने 12 शतक और 10 अर्धशतक बनाए, जिससे उनका औसत 58.5 तक पहुँच गया। इस प्रकार, कोहली ने न केवल व्यक्तिगत रेकॉर्ड तोड़े, बल्कि टीम के लिये कई बार जीत की नींव भी रखी।

कोहली के इस नए मील के पत्थर की पृष्ठभूमि में 2022‑23 में भारत ने कई बड़े टूर्नामेंट में मिश्रित प्रदर्शन किया। टीम को लगातार शीर्ष‑श्रेणी की जगह नहीं मिल पाई, और कोहली को अक्सर अपनी फ़ॉर्म को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई। इस दबाव के बावजूद, कोहली ने अपनी तकनीकी दृढ़ता और मानसिक शक्ति का परिचय देते हुए, बैटरियों को एक नई रणनीति के साथ खेलते हुए, अपने व्यक्तिगत आंकड़ों को लगातार बढ़ाते गये।

ऑकलैंड में इस मैच की शुरुआती पारी में कोहली ने तेज़ी से रन बनाये, और 13वें गेंद पर उनका चौका ही वह क्षण बना जहाँ उन्होंने 13 हज़ार रन का आंकड़ा पार किया। इस पारी में उन्होंने 81 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे। टीम ने कुल 315 रन बनाकर जीत हासिल की, जबकि न्यूज़ीलैंड को 279 पर गिरकर हार का सामना करना पड़ा। कोहली की इस पारी को कई विशेषज्ञों ने तकनीकी कौशल और स्थिति जागरूकता के उदाहरण के रूप में सराहा।

इस उपलब्धि पर भारत के प्रमुख क्रिकेट अधिकारियों ने तुरंत टिप्पणी की। BCCI के अध्यक्ष ने कोहली को “क्रिकेट की दुनिया में एक अद्वितीय उपलब्धि” कहा और टीम के साथियों के सहयोग को भी सराहा। टीम के कोच ने बताया कि कोहली की निरंतरता उनके प्रशिक्षण और मानसिक तैयारी का परिणाम है, जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है। कोहली स्वयं इस रिकॉर्ड को “एक व्यक्तिगत माइलस्टोन” बताते हुए कहा कि वह इस क्षण को अपनी टीम और देश के साथ साझा करना चाहते हैं।

न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भी कोहली की इस उपलब्धि को “उत्कृष्टता का प्रतीक” कहा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोहली का आक्रमणात्मक खेल शैली आज के क्रिकेट में नई मानकों को स्थापित कर रही है। न्यूज़ीलैंड के कप्तान ने कहा कि कोहली का प्रदर्शन उनके लिए एक सीख है, और भविष्य में दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा और अधिक रोमांचक होगी।

विराट कोहली की इस नई उपलब्धि का असर भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर स्पष्ट हो रहा है। कई युवा बैटरियों ने कोहली को मॉडल माना है, और इस प्रकार उनका खेल शैली और मानसिक दृढ़ता को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। साथ ही, कोहली के निरंतर प्रदर्शन से भारतीय टीम के चयन में स्थिरता आती दिखी है, जिससे अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी जगह बनाने का अवसर मिल रहा है।

आर्थिक दृष्टिकोण से इस रिकॉर्ड ने कोहली की ब्रांड वैल्यू को और भी बढ़ा दिया है। विज्ञापनदाताओं और स्पॉन्सर कंपनियों ने कोहली के इस कदम को एक “मार्केटिंग अवसर” बताया, जिससे भविष्य में अधिक अनुबंध और साझेदारी की संभावनाएँ बन रही हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय क्रिकेट की टेलीविजन रेटिंग्स में भी इस तरह के मील के पत्थर को लेकर वृद्धि देखी गई, जिससे विज्ञापन राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।

समाजिक स्तर पर, कोहली की इस उपलब्धि ने भारतीय जनता में गर्व की भावना को पुनः जगा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लाखों लोगों ने इस खबर को साझा किया और कोहली को “क्रिके

ट का रॉयल” कहा। कई शैक्षणिक संस्थानों ने कोहली के खेल शैली को प्रेरणा के रूप में ले कर युवा विद्यार्थियों को खेल में अनुशासन और समर्पण सिखाने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए हैं। इस प्रकार, खेल का प्रभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं रहकर सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में भी देखा गया।

राजनीतिक रूप से, इस रिकॉर्ड ने भारतीय सरकार के खेल नीति में नई दिशा प्रदान की है। खेल मंत्रालय ने कोहली को “राष्ट्रीय खेल अवार्ड” के लिए नामांकित किया है, और भविष्य

Updated: November 4, 2026


Virat Kohli crossed the 13,000‑run mark in ODIs, becoming the first batsman to reach the milestone while sitting third on the all‑time list, a feat he achieved with a brisk 81 against New Zealand at Eden Park. The record not only cements his dominance in the format but also boosts his commercial appeal and sparks renewed pride across Indian cricket fans.

Insight: Viraat’s 13‑thousand milestone is less about the numbers than a signal that India’s batting core has finally found a steady anchor amid a turbulent era, reassuring selectors that consistency can coexist with aggressive ambition. His record‑breaking innings also nudges younger talent to value mental resilience as the real

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खेलMore posts in खेल »

Be First to Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *