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अर्नब चेतावनी के बीच मंदारमणि समुद्र तट पर तेज लहरों में तीन पर्यटक डूबे, 18 वर्षीय युवक की मृत्यु; सुरक्षा जांच शुरू

मंदारमणि (ताजपुर) में समुद्र तट पर हुए त्रासदीपूर्ण हादसे की सूचना मिली, जहाँ चक्रवात ‘अर्नब’ की चेतावनी के बीच तीन पर्यटक तेज लहरों की चपेट में आकर डूब गये; बचाव कर्मियों द्वारा तुरंत बाहर निकाले जाने के बाद भी 18 वर्षीय युवक का निधन हो गया। घटना की पुष्टि पश्चिम बंगाल

सरकार के सार्वजनिक कार्य विभाग ने की और स्थानीय पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी। इस दुर्घटना ने तटवर्ती पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर कमी को उजागर किया, जबकि मौसम विभाग ने अभी भी अर्नब के प्रकोप को लेकर सतर्कता जारी रखी है।

मंदारमणि, जो पूर्व मेदिनीपुर

जिले का प्रमुख समुद्री पर्यटन स्थल है, पिछले कुछ दशकों से सौर्य स्नान और जल खेलों के कारण बड़ी भीड़ आकर्षित करता आया है। इस क्षेत्र में हर साल सैकड़ों घरेलू और विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में पर्यटन राजस्व का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। हालांकि, 2023 में इस

क्षेत्र में कई बार अनपेक्षित लहरें और तेज हवाएँ आईं, जिससे स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने का आदेश मिला था। फिर भी, अर्नब की संभावित धारा को लेकर जारी अलर्ट के बावजूद, कई पर्यटन सुविधाएँ पूरी तरह बंद नहीं हुईं।

चक्रवात ‘अर्नब’ के बारे में भारतीय मौसम

विज्ञान केंद्र ने कहा है कि यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात अभी भी पश्चिम बंगाल के तटवर्ती भागों में अपने प्रभाव को बनाए रखे हुए है और अगले 48 घंटों में भारी वर्षा, तेज हवाएँ और ऊँची लहरें लाने की संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों

और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। इस चेतावनी के बावजूद, कई स्थानीय यात्रा एजेंसियों ने समुद्र तट पर आयोजित जल क्रीड़ाओं को जारी रखा, जिससे संभावित जोखिम बढ़ गया।

हादसे के क्षण में, समुद्र तट पर मौजूद नुलिया (समुद्री बचाव कर्मी) ने

तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की। उनका कहना है कि लहरों की तीव्र गति ने उन्हें भी कठिनाई में डाल दिया, पर उन्होंने सभी को तट पर लाया। हालांकि, घायल युवकों को तुरंत तट से निकाले जाने के बाद स्थानीय अस्पताल ले जाया गया,

जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद भी 18 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। दो अन्य पर्यटकों की स्थिति स्थिर बताई गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर रखा गया।

स्थानीय पुलिस ने घटना स्थल का सर्वेक्षण किया और कहा कि लहरों की तीव्रता ने समुद्र के किनारे स्थापित सुरक्षा बाड़ों

को भी नष्ट कर दिया था। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि कई पर्यटक सुरक्षा बाड़ों के बाहर तैरने के लिए आगे बढ़े थे, जिससे उन्हें तेज लहरों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के बाद तटवर्ती सभी जलक्रीड़ा गतिविधियों को अस्थायी रूप

से बंद कर दिया गया है और भविष्य में सुरक्षा उपायों की पुनः जाँच की जाएगी।

पर्यटन विभाग ने तुरंत इस घटना के बाद सभी समुद्री गतिविधियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया और स्थानीय प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा

कि अर्नब की चेतावनी के चलते तटवर्ती सभी जल क्रीड़ाओं को बंद कर दिया गया है और तट पर सुरक्षा बाड़ों की स्थिति की पुनरावृत्ति की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक प्रशिक्षित बचाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी और स्थानीय निवासियों

को भी आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

घटना के बाद कई पर्यटक समूहों ने सामाजिक मीडिया पर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की, जहाँ उन्होंने सुरक्षा उपायों की कमी और प्रशासन की लापरवाही की आलोचना की। कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्होंने तट पर आधिकारिक चेतावनी

संकेत नहीं देखे और स्थानीय गाइडों ने भी उन्हें लहरों के खतरों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी। इस पर स्थानीय होटल और ट्रैवल एजेंसियों ने कहा कि उन्होंने सभी ग्राहकों को मौसम विभाग की चेतावनी के बारे में सूचित किया था, परन्तु कुछ ग्राहक स्वयं जोखिम को कम करके

समझते थे।

राजनीतिक पक्षों ने भी इस हादसे पर प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री ने दुर्घटना की गहरी शोक प्रकट करते हुए कहा कि राज्य सरकार तुरंत इस मामले की पूरी जांच करेगी और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए कड़े

Updated: November 3, 2026


Three tourists were swept away by rogue waves at Mandarmani beach amid Cyclone Arnab warnings; rescuers pulled them ashore but an 18‑year‑old later died, prompting a police probe and a temporary ban on water sports. The tragedy has highlighted glaring safety lapses in the popular seaside resort, drawing criticism of officials and urging stricter protocols ahead of the storm.

Insight: The tragedy at Mandarmani exposes a systemic failure: tourists were lured by profit‑driven operators into a known hazard zone even as a cyclone warning loomed. It underscores that safety protocols, once deemed adequate, can quickly become obsolete without continuous risk assessment and genuine community education.

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