केवल तीन महीने निर्धारित किया गया है। इस परियोजना को पूर्णतः लागू करने के बाद अंचल की मौजूदा बुनियादी ढाँचा आधुनिक मानकों के अनुरूप हो जाएगा, जिससे यातायात के साथ‑साथ जल निकासी में भी उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
बांकीपुर अंचल, जो पिछले कुछ दशकों से बुनियादी ढाँचा अभाव और जलजमाव की समस्याओं से
जूझता आया है, की स्थिति को समझते हुए नगर निगम ने इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की। अंचल में कई वार्डों में असमान्य जल निकासी, सड़कों का फुटनिल होना और मौसमी बाढ़ जैसी समस्याएँ नियमित रूप से सामने आती रही हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए निगम ने स्थानीय सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन
के बाद नौ प्राथमिक कार्य क्षेत्रों की पहचान की, जहाँ सबसे पहले सड़कों की मरम्मत और नालों की पुनर्रचना की जाएगी।
परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्यों में मुख्यतः दो प्रकार के बुनियादी ढाँचा शामिल हैं: पहला, पीसीसी सामग्री से निर्मित नई सड़कों का निर्माण, जिससे सतह की टिकाऊपन और भार वहन क्षमता में वृद्धि
होगी; दूसरा, भूगर्भ नालों की नयी प्रणाली, जो जल प्रवाह को सुगम बनाते हुए जलजमाव को रोकने में मदद करेगी। इन दोनों कार्यों का समन्वय नगर निगम के तकनीकी विभाग ने किया है और निर्माण के लिए उपयुक्त ठेकेदारों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित किया गया है। योजना में उपयोग की
जाने वाली सामग्री और तकनीक राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है, जिससे दीर्घकालिक स्थायित्व की गारंटी है।
निविदा जारी होने के बाद, तीन प्रमुख ठेकेदारों ने बोली प्रस्तुत की, जिनमें से दो को प्राथमिकता के आधार पर कार्य आरंभ करने की अनुमति मिली। पहला कार्य चरण पहले वार्ड में पीसीसी सड़क की 2.5 किलोमीटर लंबी
खंड को तैयार करना है, जिसे दो सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, उसी वार्ड में दो प्रमुख नालों को पुनः स्थापित करने के लिए भूगर्भीय इंजीनियरिंग की टीम ने विस्तृत योजना बनायी है, जिससे वर्षा जल का सीधा निकास सुनिश्चित हो सके। इस चरण में प्रयोग की
जाने वाली नालें प्री‑कास्ट कंक्रीट से निर्मित होंगी, जिससे निर्माण अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी।
दूसरे चरण में, निकटवर्ती दो वार्डों में कुल 3.8 किलोमीटर की पीसीसी सड़कों और 1.2 किलोमीटर के नालों का निर्माण किया जाएगा। इस चरण में विशेष रूप से ट्रैफ़िक जाम को कम करने हेतु चौड़ाई में वृद्धि और मोड़
के कोनों को सुगम बनाना प्राथमिकता है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों को अस्थायी रूटिंग और रिहाइशी व्यवस्था के बारे में सूचित किया गया है, ताकि दैनिक जीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। निगम ने सुरक्षा उपायों को भी कड़ाई से लागू किया है, जिसमें निर्माण स्थल पर संकेतक बोर्ड, रक्षात्मक बाड़ और
रात में कार्य प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं।
तीसरे चरण में शेष चार वार्डों में कुल 5.1 किलोमीटर की सड़कों और 1.5 किलोमीटर की नालों की व्यवस्था की जाएगी। इस चरण में विशेष ध्यान जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अत्यधिक वर्षा को संभालने हेतु नालों की क्षमताओं को बढ़ाने पर दिया गया है। इसके साथ ही,
सड़कों पर जलरोधक लेयर लागू की जाएगी, जिससे बादलों के कारण उत्पन्न जल क्षति को न्यूनतम किया जा सके। निर्माण कार्य के दौरान नगर निगम ने पर्यावरणीय मानकों को भी मानते हुए कचरा प्रबंधन योजना तैयार की, जिससे निर्माण स्थल पर उत्पन्न अपशिष्ट का पुनर्चक्रण और उचित निपटान सुनिश्चित हो।
परियोजना की शुरुआत
से ही स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिक समूहों ने इसे सकारात्मक रूप से देखा है। बांकीपुर अंचल के वार्ड अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार का बुनियादी ढांचा विकास न केवल यातायात समस्याओं को हल करेगा, बल्कि जल निकासी की समस्याओं से जूझ रहे परिवारों को राहत प्रदान करेगा। वार्ड के कई निवासियों ने
कहा कि पिछले कई वर्षों में सड़कों की खराबी और जलजमाव ने उनके दैनिक जीवन को प्रभावित किया है, और इस नई योजना से उन्हें आशा की किरण दिख रही है। कुछ स्थानीय व्यापारियों ने भी बताया कि सड़कों के सुधार से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक लाभ भी होगा।
नगर निगम
के मुख्य तकनीकी अधिकारी ने बताया कि तीन महीने का समयसीमा चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उचित योजना और समय प्रबंधन से इसे संभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य स्थल पर दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी और प्रमुख माइलस्टोन को
Updated: November 3, 2026
The project upgrades road durability and drainage capacity, addressing long‑standing infrastructure gaps in the Bankipur area.
Its completion is expected to improve traffic flow and reduce water‑logging, aligning local facilities with national standards.
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