स्वच्छाथॉन की उत्पत्ति 2020 में हुई, जब आंध्र प्रदेश सरकार ने गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता के संदेश को खेल के माध्यम से फैलाने का विचार किया। प्रारम्भिक रूप से यह एक स्थानीय कार्यक्रम था, परन्तु विभिन्न राज्य सरकारों और स्वच्छता अभियानों के समर्थन से यह तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हुआ। इस वर्ष के आयोजन में, पिछले वर्षों की तुलना में अधिक राज्य प्रतिनिधित्व और विस्तृत दूरी के साथ प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
विजयनगर में आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारी कई महीनों से चल रही थी। स्वच्छ आंध्र कॉर्पोरेशन ने स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और खेल संघों के साथ समन्वय कर सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और जल उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित कीं। साथ ही, स्वच्छता जागरूकता के लिए पोस्टर, बैनर और डिजिटल स्क्रीन लगाए गए, जिससे दर्शकों को साफ-सफ़ाई के महत्व की याद दिलाई गई।
दौड़ के दिन, सुबह सात बजे से शुरू हुई 5K की शुरुआती रेस में लगभग तीन हजार धावकों ने भाग लिया। क्रमशः 10K और आधा मैराथन में भागीदारी बढ़ी, जिसमें कई अनुभवी एथलीट और आम नागरिक शामिल हुए। मार्ग पर स्थापित स्वच्छता स्टेशनों पर पानी की बोतलें, कचरा डिब्बे और हाथ धोने की सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गईं, जिससे प्रतिभागियों ने स्वच्छता के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाया।
दौड़ के दौरान, स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक तरफ पर्यावरणीय समूहों ने प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रण करने के तरीके दिखाए, जबकि दूसरी ओर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने धावकों को उचित पोषण और व्यायाम के महत्व पर व्याख्यान दिए। इस संयोजन ने दर्शकों को खेल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को गहरा करने में मदद की।
स्वच्छाथॉन के समापन समारोह में, स्वच्छ आंध्र कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम को वार्षिक बनाने का मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग को स्वच्छता और फिटनेस के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, “गाँधी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वच्छ भारत की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन को सुदृढ़ करता है।” उन्होंने भविष्य में अधिक राज्यों को इस पहल में जोड़ने की योजना भी साझा की।
राज्य सरकार के प्रमुख अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम पर टिप्पणी की। आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छाथॉन जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के लक्ष्यों को साकार करने में सहायक हैं और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं। अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की और अपने-अपने क्षेत्रों में समान कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय खेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार खेल के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को उजागर करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छाथॉन जैसे आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों के साथ संगत हैं और नागरिक जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। साथ ही, उन्होंने भविष्य में इस प्रकार के इवेंट्स को अधिक वित्तीय समर्थन देने का संकेत दिया।
सामाजिक संगठनों ने भी इस कार्यक्रम को सकारात्मक रूप से देखा। पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष ने उल्लेख किया कि खेल के साथ स्वच्छता जागरूकता का यह मिश्रण जनसमुदाय में स्थायी बदलाव लाने की संभावना रखता है। उन्होंने कहा कि यदि इस मॉडल को नियमित रूप से लागू किया जाए तो शहरी कचरा प्रबंधन में भी सुधार देखा जा सकता है।
आर्थिक दृष्टिकोण से इस प्रकार के बड़े पैमाने पर आयोजनों का स्थानीय व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। होटल, खानपान और परिवहन सेवाओं को इस दौड़ से उल्लेखनीय आय हुई। साथ ही, स्वच्छता उत्पादों के निर्माता और वितरक भी इस कार्यक्रम से लाभान्व
Updated: October 2, 2026
The Swachhathon attracted roughly ten thousand runners from 23 states, expanding a regional event to a national platform.
Its integration of sport with cleanliness and health themes supports the objectives of the Swachh Bharat Mission and related public‑health initiatives.
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