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ईस्ट ज़ोन ने 13 वर्ष बाद पहली बार दलीप ट्रॉफी 2026 जीती, बिहार के खिलाड़ी चमके

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट ज़ोन ने 13 साल बाद पहली बार खिताब जीतते हुए भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखा। ईशान किशन के कप्तान में बिहार से जुड़े चार खिलाड़ी—ईशान, वैभव सूर्यवंशी, अनुकूल राय और मुकेश कुमार—ने टीम को निर्णायक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण

भूमिका निभाई, जिससे ईस्ट ज़ोन का इतिहास बदल गया। यह जीत न केवल टीम के लिए बल्कि बिहार के क्रिकेट विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि इस टूर्नामेंट में उनकी प्रदर्शन को व्यापक प्रशंसा मिली है।

दलीप ट्रॉफी, जो भारतीय घरेलू प्रथम श्रेणी में चार्जी

ज़ोन के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, 2026 के संस्करण में कई परिवर्तन देखे गए। पहले ज़ोन के पुनर्संरचनाओं और नई टीमों के जोड़ से प्रतियोगिता की प्रतिस्पर्धात्मकता में इज़ाफ़ा हुआ। इस वर्ष के टूर्नामेंट में, ईस्ट ज़ोन ने शुरुआती चरणों में लगातार जीत दर्ज कर अपनी शक्ति

सिद्ध की, जबकि पश्चिम और दक्षिण ज़ोन में पारंपरिक रूप से मजबूत टीमें भी कठिनाई का सामना कर रही थीं। इस पृष्ठभूमि में ईस्ट ज़ोन की जीत को एक आश्चर्यजनक मोड़ माना गया।

टॉफ़ी के प्रारंभिक मैचों में बिहार के ईशान किशन ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाते हुए विकेटकीपर, बैट्समैन

और टीम लीडर के रूप में सभी भूमिकाओं को सहजता से संभाला। पहला मैच उन्होंने 78 रन की तेज़ी से पारी लिखी, जिससे टीम ने एक ठोस शुरुआती लाभ हासिल किया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने युवा उम्र में ही दोहरा शतक बनाया, जिसने न केवल उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड

को मजबूत किया बल्कि टीम के स्कोरबोर्ड को भी ऊँचा उठाया। इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नई मानदंड स्थापित किए।

मुकेश कुमार ने गेंदबाजी में अपनी गति और सटीकता से प्रतिद्वंद्वियों को निराश किया। क्वार्टरफ़ाइनल में उन्होंने पाँच विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया, जिससे ईस्ट ज़ोन

ने एक कठिन लक्ष्य पर विजय पाई। अनुकूल राय ने ऑलराउंडर के रूप में अपने योगदान को दोहराते हुए बैटिंग और बॉलिंग दोनों में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। फाइनल के पहले दिन उन्होंने 45 रन बनाए और साथ ही दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को संतुलित किया। इस बहुपक्षीय योगदान

ने ईस्ट ज़ोन को स्थिरता प्रदान की।

फ़ाइनल में ईस्ट ज़ोन ने प्रतिद्वंद्वी उत्तर ज़ोन के खिलाफ एक तीव्र मुकाबला खेला। शुरुआती पारी में ईशान ने 102 रन बनाए, जिससे टीम ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया। वैभव ने तेज़ी से 76 रन बनाए, जबकि अनुकूल ने तेज़ी से दो

अर्द्धशतक बनाए। उत्तर ज़ोन की टीम ने शुरुआती ओवरों में कुछ झटके झेले, परंतु अंततः 280 रन बनाकर प्रतिस्पर्धी रहे। ईस्ट ज़ोन की गेंदबाज़ी ने इस लक्ष्य को दबाया, मुकेश ने चार विकेट और अनुकूल ने दो विकेट लेकर जीत की नींव रखी। इस जीत ने ईस्ट ज़ोन को

13 साल बाद पहली बार ट्रॉफी दिलाई।

मैदान के बाद ईशान ने बताया कि टीम की एकजुटता और युवा ऊर्जा ने इस जीत को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि बिहार के क्रिकेट के विकास में इस जीत का विशेष महत्व है, क्योंकि यह खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने

में सहायक होगा। वैभव ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों को टीम के साथियों के सहयोग के बिना अधूरा माना, और आगे भी निरंतर सुधार की बात की। मुकेश और अनुकूल ने भी टीम के साथियों की मेहनत को सराहते हुए, इस जीत को सभी बिहारियों के लिए गर्व की बात

बताया।

ईस्ट ज़ोन की जीत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के प्रमुख ने बधाई जताते हुए कहा कि यह जीत भारतीय क्रिकेट के विविधता और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा खिलाड़ियों को इस मंच पर देखना भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए एक

सकारात्मक संकेत है। भारतीय राष्ट्रीय टीम के कोच ने भी इस जीत को उत्कृष्ट प्रदर्शन के रूप में सराहा और कहा कि इस तरह की टॉफ़ी में उभरे खिलाड़ी राष्ट्रीय चयन में प्राथमिकता पा सकते हैं। कई खेल विश्लेषकों ने इस जीत को भारत के क्रिकेट में नई ऊर्जा

के रूप में माना।

विपक्षी उत्तर ज़ोन के कप्तान ने हार के बाद कहा कि ईस्ट ज़ोन ने शानदार खेल दिखाया और उनका सम्मान किया गया। उन्होंने ईशान और वैभव के प्रदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि यह जीत उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उत्तर ज़ोन

Updated: September 15, 2026


Summary: East Zone clinched the Duleep Trophy after a 13‑year wait, with Bihar‑born stars Ishan Kishan, Vaibhav Suryavanshi, Anukool Rai and Mukesh Kumar driving the triumph in the final against North Zone. Their all‑round heroics not only broke a long drought but also highlighted Bihar’s rising stature in Indian domestic cricket.

The victory ends a 13‑year title drought for East Zone, marking a notable shift in the domestic competition’s balance of power. It also highlights emerging talent from Bihar, potentially expanding the pool of players considered for higher‑level selection.

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