Press "Enter" to skip to content

दिवाली-छठ बुकिंग में एरर; रेलवे ने बिहार के लिए 8 स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया

दिवाली‑छठ के अवकाश को लक्षित कर बिहार की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को 13 सितंबर को IRCTC पर टिकट बुकिंग के दौरान “हाई सिस्टम लोड”, “एरर” और “रेग्रेट” जैसे संदेशों का सामना करना पड़ा, जिससे व्यापक असंतोष उत्पन्न हुआ।
टिकट आरक्षण का उद्घाटन 12 नवंबर की यात्रा के लिए किया गया था, परन्तु उच्च ट्रैफ़िक के कारण सर्वर पर भारी दबाव बना, जिससे कई उपयोगकर्ता बुकिंग प्रक्रिया में रुकावटों का अनुभव कर रहे थे। सोशल मीडिया पर इस समस्या की व्यापक चर्चा देखने को मिली, और कई यात्रियों ने सीधे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से समाधान की मांग की।IRCTC की तकनीकी टीम ने बताया कि इस अवधि में वेबसाइट पर उपयोगकर्ता संख्या सामान्य से तीन गुना अधिक थी, जिससे बैक‑एंड सिस्टम में अस्थायी ओवरलोडिंग हुई। प्लेटफ़ॉर्म ने इस समस्या को तुरंत पहचानते हुए सर्वर क्षमता को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त क्लाउड संसाधनों का उपयोग किया, परंतु कुछ उपयोगकर्ता अभी भी एरर संदेश देख रहे थे। इस घटना से पहले भी उच्च अवकाशों के दौरान टिकट बुकिंग में समान बाधाएँ रिपोर्ट की गई हैं, लेकिन इस बार समस्या का पैमाना और सामाजिक प्रतिक्रिया अधिक तीव्र रही।

बिहार की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों की मांग में निरंतर वृद्धि के कारण पिछले कुछ वर्षों में आरक्षण प्रणाली पर दबाव बढ़ता जा रहा है। विशेषकर दिवाली‑छठ के मिश्रित अवकाश में, प्रवासी कार्यकर्ता, छात्र और व्यापारिक यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। भारतीय रेलवे ने इस प्रवृत्ति को पहले भी पहचानते हुए विभिन्न उपाय अपनाए हैं, जैसे विशेष ट्रेनों का परिचालन और बुकिंग विंडो का विस्तारित करना। हालांकि, तकनीकी अवसंरचना में सुधार की गति और उपयोगकर्ता अनुभव के बीच अंतर स्पष्ट रूप से सामने आया है।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रेलवे ने 8 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया, जो 12 नवंबर से 15 नवंबर के बीच चलेंगी। इन ट्रेनों को विशेष रूप से बिहार के विभिन्न प्रमुख स्टेशन – पटना, मुजफरपुर, गया और भागलपुर – को जोड़ने के लिए नियोजित किया गया है। प्रत्येक ट्रेन में अतिरिक्त 24 कोच जोड़ने की योजना है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 2 हजार अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। यह कदम यात्रियों की तत्काल बुकिंग समस्या को कम करने और यात्रा की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

रेल मंत्रालय ने इस मुद्दे पर तत्काल कदम उठाने की घोषणा की और कहा कि भविष्य में ऐसे उच्च‑लोड अवधि में सिस्टम की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सर्वर अपग्रेड, सॉफ्टवेयर पैच और अधिक लचीला बुकिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर लागू किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों को सलाह दी गई कि वे बुकिंग के शुरुआती घंटों में न लॉगिन करने और वैकल्पिक बुकिंग एजेंसियों या मोबाइल ऐप्स का उपयोग करने का प्रयास करें।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर कई यात्रियों की शिकायतों का उत्तर देते हुए कहा, “हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा है, और इस प्रकार की तकनीकी बाधाएँ अस्वीकार्य हैं। हमने त्वरित समाधान के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है और तकनीकी टीम को सर्वर क्षमता बढ़ाने के लिए निर्देशित किया है।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसे मुद्दों को रोकने हेतु निरंतर निगरानी और प्री‑इम्प्रूवमेंट योजनाएँ लागू की जाएँगी।

IRCTC की मुख्य अधिकारी ने भी टेलीफ़ोनिक टिप्पणी में कहा, “सिस्टम लोड को कम करने के लिए हमने कई वैकल्पिक पोर्टल तैयार किए हैं, जिसमें मोबाइल ऐप और एपीआई आधारित बुकिंग विकल्प शामिल हैं। उपयोगकर्ता को सलाह दी जाती है कि वे विभिन्न चैनलों पर बुकिंग का प्रयास करें, जिससे सफलता की संभावनाएँ बढ़ेंगी।” उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो हफ्तों में सर्वर का फ़ुल अपग्रेडेशन किया जाएगा, जिससे भविष्य में इसी प्रकार की समस्याएँ न्यूनतम रहेंगे।

समुदाय के कई प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। बिहार की यात्रा के लिए नियमित रूप से ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने कहा, “हम अपने ग्राहकों को पहले से ही वैकल्पिक बुकिंग तिथियों और ट्रेन विकल्पों की सलाह दे रहे हैं, ताकि वे असुविधा से बच सकें।” वहीं, प्रवासी श्रमिक संगठनों ने रेलवे से तुरंत अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेन की मांग की, क्योंकि कई यात्रियों को नौकरी के कारण समय पर यात्रा करना अनिवार्य है।

एक प्रमुख ऑनलाइन यात्रा पोर्टल के विश्लेषक ने बताया कि उच्च-लोड अवधि में टिकट बुकिंग में अक्सर “रेग्रेट” संदेश दिखाई देता है, जिसका अर्थ है कि उपलब्ध सीटें समाप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा, “सिस्टम लोड को संभालने के लिए अधिक डायनामिक कैपेसिटी मॉडल अपनाना आवश्यक है, जिससे उपयोगकर्ता को वास्तविक समय में उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी मिल सके।”

Updated: September 14, 2026


Heavy traffic paralysed IRCTC bookings for Diwali-Chhath travel, prompting complaints and forcing the Railway Ministry to deploy extra special trains with additional coaches. Officials promised immediate server upgrades while advising passengers to utilize alternative booking channels to secure tickets amidst the surge.

Technical failures during peak holiday travel highlighted critical capacity constraints in the national railway booking infrastructure.
Emergency special train deployments provide immediate relief but confirm the need for sustained digital system upgrades.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »
More from देश - भारतMore posts in देश - भारत »
More from बिहार ब्रेकिंग न्यूज़More posts in बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ »