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IMD ने दिल्ली‑उत्तरी भारत में 16‑17 सितंबर को लगातार बारिश‑गरज और तापमान में गिरावट की चेतावनी जारी की।

दिल्ली‑उत्तरी भारत में 16 सितंबर को मौसम परिवर्तन की आशंका है, जहाँ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों में लगातार बारिश और गरज‑चमक की संभावनाओं की चेतावनी जारी की है। राजधानी के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ तापमान में गिरावट देखी जा सकती है। इस मौसम बदलाव का प्रभाव बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में जल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों में संभावित बाधा उत्पन्न कर सकता है।

IMD के विशेष मौसम बुलेटिन के अनुसार, 15 से 17 सितंबर के दौरान उत्तर‑पश्चिमी भारत में मानसून की पहली लहर प्रवेश कर रही है। इस लहर में बायु‑वायु की तीव्र गति और उच्च आर्द्रता के कारण धुंध, धूप‑छाँव और तेज़ हवाओं की संभावना बनी हुई है। विशेषकर पंजाब‑हरियाणा सीमा के निकट स्थित क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना को लेकर पूर्व चेतावनी जारी की गई है। पिछले कुछ हफ्तों में यहाँ का मौसम अत्यधिक धूप‑सुखी रहा, जिससे जल स्रोतों में कमी और फसल उत्पादन पर दबाव बढ़ा था।

इन परिस्थितियों के मद्देनज़र, मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष की मानसून की शुरुआत में असमान वितरण देखी जा रही है। पूर्व में अधिकांश बारिश दक्षिणी कोस्ट पर केंद्रित थी, जबकि अब उत्तर‑पश्चिमी क्षेत्रों में भी समान रूप से बिंदु‑बिंदु बारिश शुरू हुई है। इस बदलाव का कारण समुद्री सतह तापमान में असामान्य वृद्धि और ज्वार‑भाटा प्रणाली में परिवर्तन माना जा रहा है। इस वर्ष के पहले दो महीनों में तापमान में निरंतर वृद्धि ने जलवायु में नई चुनौतियां पेश की हैं।

दिल्ली में 16 सितंबर को बादलों का घना आवरण रहेगा, दोपहर से शाम के बीच हल्की बूँदाबाँदी की संभावना है। तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि नमी स्तर 70 परसेंट से अधिक रहेगा। इस परिस्थितियों के कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफ़िक जाम और पावर आउटेज की संभावनाएं बढ़ रही हैं। शहर के मुख्य राजमार्गों पर जलजला और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं की रिपोर्टें मिल रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने जल्द‑से‑जल्द साफ़‑सफ़ाई और जल निकासी कार्यों को तेज़ करने का निर्देश दिया है।

उत्तरी प्रदेशों में, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, कानपुर तथा वाराणसी जैसे शहरों में भी समान परिस्थितियों की अपेक्षा की जा रही है। इन क्षेत्रों में हल्की बूँदाबाँदी के साथ तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। कृषि क्षेत्र में इस बारिश को फसल के लिये वरदान माना जा रहा है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से निचले स्तर की जल निकासी प्रणाली पर दबाव पड़ सकता है। स्थानीय जल निकायों में जल स्तर में अचानक वृद्धि से बाढ़ की आशंका बढ़ी है।

पंजाब में 16‑17 सितंबर को भारी बारिश की संभावना के साथ तेज़ हवाओं की भी चेतावनी जारी की गई है। लुधियाना, अमृतसर एवं जालंधर के आसपास बूँदाबाँदी से फसल पर पानी की भरमार हो सकती है, जिससे फसल कटाई में देरी और संभावित नुकसान हो सकता है। इस प्रदेश में जलसंधारण के लिये कई जलाशयों की जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है, जो जल संरक्षण योजना के लिये सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

हरियाणा में भी समान मौसम स्थितियों की उम्मीद है, जहाँ गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल में दोपहर के बाद हल्की बूँदाबाँदी का अनुमान है। तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि आर्द्रता 68 परसेंट तक पहुँच सकती है। प्रदेश के प्रमुख जल निकाय, जैसे यमुना और सरस्वती, में जलस्तर में हल्की वृद्धि देखी गई है, जिससे जल आपूर्ति में अस्थायी सुधार की संभावना बनी है।

चंडीगढ़ में भी मौसम विभाग ने हल्की बूँदाबाँदी की सूचना जारी की है। शहर के शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की कमी के कारण पानी जमा होने की संभावना है, जिससे सड़कों पर जल जाम और ट्रैफ़िक में बाधा उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निकासी प्रणाली को त्वरित रूप से सक्रिय करने का आदेश दिया है।

उपरोक्त क्षेत्रों के साथ, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के अहमदाबाद में भी समान मौसम का प्रभाव देखा गया। इंदौर में दोपहर के बाद हल्की बारिश और तापमान में 31 से 33 डिग्री की गिरावट की संभावना है। अहमदाबाद में भी हल्की बूँदाबाँदी और 33 से 35 डिग्री के तापमान के साथ हवा में नमी का स्तर बढ़ेगा। दोनों शहरों में कृषि और उद्योग क्षेत्र में जल की उपलब्धता में अस्थायी सुधार की उम्मीद है।

राज्य और केंद्र सरकार ने मौसम परिवर्तन के मद्देनज़र

Updated: September 16, 2026


Summary: Delhi and northern states brace for a brief spell of rain and thunderstorms on September 16‑17, with temperatures slipping into the low‑30s and humidity soaring above 70 percent. The unsettled weather could spur localized flooding, traffic snarls and power cuts, while offering a short‑term boost to water supplies and crops.

The delayed monsoon surge across the NW heartland hints that climate‑driven sea‑surface warming is redistributing rainfall, turning water‑scarce zones into temporary reservoirs while straining already‑fragile drainage.
If infrastructure upgrades lag, the same showers that revive crops could quickly morph into flash‑f

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