पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, बिहार पुलिस में एएसआई वर्ग का वेतन स्तर राष्ट्रीय औसत से थोड़ा कम रहा है, जिससे कई अधिकारियों ने प्रोन्नति की मांग की थी। सरकार ने इस अंतर को पाटने के लिए कई बार अधिसूचना जारी की, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हुई। इस प्रोन्नति से उन अधिकारियों को वित्तीय राहत मिलने की संभावना है, जो कई सालों से इस पद की प्रतीक्षा में थे।
आधिकारिक अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि दारोगा कोटि में अस्थायी व्यवस्था के तहत कार्यभार सौंपे जाने पर भी इन अधिकारियों को स्थायी पद की गारंटी नहीं दी गई है। यह व्यवस्था केवल कार्यशीलता के लिए है, जिससे पुलिस विभाग में खाली पदों को त्वरित रूप से भरने में मदद मिलेगी। इस निर्णय के बाद, विभाग ने सभी प्रभावित एएसआई को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया और उन्हें नई जिम्मेदारियों की तैयारी हेतु निर्देशित किया।
प्रोन्नति प्रक्रिया में चयनित एएसआई को दो सप्ताह के भीतर अपने पद पर रिपोर्ट देना होगा। विभाग ने बताया कि इस अवधि में उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में भाग लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, उन्हें दारोगा के कार्यकुशलता मानक को पूरा करने के लिए अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक परीक्षणों से गुजरना पड़ेगा। यह कदम विभाग की दक्षता बढ़ाने और सेवा गुणवत्ता को सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने बताया कि इस प्रोन्नति से न केवल व्यक्तिगत लाभ होगा, बल्कि संपूर्ण पुलिस बल की कार्यशैली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अस्थायी प्रभार के तहत दारोगा की जिम्मेदारियों को संभालने वाले एएसआई को उचित मार्गदर्शन और समर्थन मिलेगा। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि भविष्य में स्थायी प्रोन्नति के लिए और अधिक मानक स्थापित किए जाएंगे।
विभिन्न पुलिस संघों ने इस प्रोन्नति पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ संघों ने इसे कर्मचारियों की मेहनत का उचित मान्यता बताया, जबकि अन्य ने कहा कि अस्थायी व्यवस्था के तहत लाभों का स्थायी होना जरूरी है। संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस निर्णय को देखते हुए आगे की नीतियों पर भी नजर रखें گے।
राज्य सरकार ने इस प्रोन्नति को सामाजिक न्याय और कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के कदम के रूप में सराहा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि पुलिस बल की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए ऐसी पहलें आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इसी प्रकार की प्रोन्नति प्रक्रियाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने इस प्रोन्नति को लेकर कहा कि दारोगा कोटि के वेतनमान में वृद्धि का बजट पहले ही आवंटित किया गया है और यह अतिरिक्त खर्च राज्य के कुल बजट पर अधिक बोझ नहीं डालेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय नियोजन में इस तरह की प्रोन्नति को नियमित रूप से शामिल किया जाएगा।
आर्थिक विश्लेषकों ने कहा कि इस प्रोन्नति से पुलिस विभाग की कुल वेतनबढ़ी में लगभग 1.5% की वृद्धि होगी, जो बजट के भीतर समायोजित की जा सकती है। उन्होंने यह संकेत दिया कि यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और विभागीय दक्षता में सुधार करेगा
Updated: September 15, 2026
Bihar Police has announced the temporary promotion of 6,800 Assistant Superintendents to the rank of Daroga, effective with corresponding pay scales.
This measure, aimed at bridging officer vacancies and boosting force efficiency, was ratified by the Central Screening Committee following rigorous eligibility assessments.
मोटी संख्या में अस्थायी प्रभार देना वर्तमान व्यय को 1.5% तक सीमित रखता है, जो स्थायी पदों की कमी भरने का एक चalta कीमत पर टिकाऊ धापोस है।
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