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गुटेरेस ने गाज़ा के मानवीय आपातकाल पर तुरंत संघर्षविराम की मांग की, संयुक्त राष्ट्र में विशेष सत्र बुलाया।

अंटोनियो गुटेरेस ने 7 अक्टूबर को गाज़ा में हुई त्रासदी के एक साल बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तत्काल संघर्ष विराम की अपील की, यह बात उन्होंने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में एक विशेष सत्र में कही। गुटेरेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाज़ा में रहने वाले फिलिस्तीनियों ने “जीवन की व्यापक

हानि, विस्थापन और विनाश” का सामना किया है, जबकि उन्होंने सटीक मौतों की संख्या नहीं बताई। यह बयान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच आया, जहाँ इज़राइल‑फ़िलिस्तीन संघर्ष ने कई देशों को दोबारा अपनी नीतियों की समीक्षा करने पर मजबूर किया है।

गाज़ा में 7 अक्टूबर 2022 को इज़राइल द्वारा शुरू

किए गए बड़े पैमाने के सैन्य आक्रमण की पृष्ठभूमि में कई सालों से चल रहा यह संघर्ष फिर से वैश्विक ध्यान का केन्द्र बन गया। 2007 से इज़राइल द्वारा लगाए गए नाकाबंदी और सीमित मानवाधिकारों के कारण गाज़ा में मानवीय संकट गहरा था। इस प्रतिबंध ने आर्थिक विकास को ठप्प कर दिया, बेरोज़गारी

बढ़ाई और मूलभूत सुविधाओं की कमी को और अधिक बढ़ा दिया। इन परिस्थितियों में 2023 में भी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने गाज़ा में मानवीय सहायता के अभाव को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की थी।

संयुक्त राष्ट्र ने पिछले कुछ वर्षों में गाज़ा में मानवीय स्थिति का लगातार आकलन किया है, जिसमें स्वास्थ्य,

जल, भोजन और आवास की अत्यंत कमी पर बल दिया गया है। 2021 में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि गाज़ा के लगभग आधे जनसंख्या को पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल नहीं मिल पाती, और जल की गुणवत्ता में गिरावट ने रोगों के प्रसार को बढ़ा दिया। इस रिपोर्ट ने कई देशों को

मानवीय सहायता के लिए वित्तीय और लॉजिस्टिक समर्थन देने का आह्वान किया, परन्तु वास्तविक सहायता अक्सर राजनीतिक बाधाओं के कारण बाधित रही।

गुटेरेस के इस बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक विशेष सत्र का आयोजन किया, जिसमें कई सदस्य देशों ने गाज़ा में शरणार्थियों के लिए तत्काल राहत की

मांग की। सत्र में इज़राइल के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका लक्ष्य आतंकवाद का मुकाबला करना है, और उन्होंने सुरक्षा के कारण कई क्षेत्रों को सैन्य नियंत्रण में रखा है। दूसरी ओर, फ़िलिस्तीनी प्रतिनिधित्व ने कहा कि इज़राइल की कार्रवाइयों ने नागरिक जनसंख्या को बेतहाशा पीड़ा पहुंचाई है और अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन

को उजागर किया है।

इसी बीच, कई प्रमुख पश्चिमी देशों के विदेश मंत्रियों ने गुटेरेस की अपील को “आवश्यक” कहा और मानवीय सहायता के विस्तार का वादा किया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पूर्वी तट पर स्थित एक सैन्य पोत से मानवीय वस्तुओं के शिपमेंट की योजना का उल्लेख किया, जबकि यूरोपीय

संघ ने गाज़ा के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए विशेष फंड स्थापित करने की घोषणा की। इन देशों ने साथ ही इज़राइल को सुरक्षा कारणों से अपने कदमों की पुनः समीक्षा करने की भी सलाह दी।

इज़राइल की सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उसने गाज़ा में अपने सैन्य

अभियानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संचालित किया है और किसी भी नागरिक हानि को कम करने के लिए “सटीक लक्ष्यीकरण” का उपयोग किया है। इस दौरान इज़राइल ने कई बार कहा कि गाज़ा में मौजूद सैन्य समूहों ने अपने ठिकानों को नागरिक क्षेत्रों में छिपाया है, जिससे संघर्ष के दौरान नागरिक हानि

अपरिहार्य हो गई। इज़राइल के इस बयान को कई अंतर्राष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने “अस्पष्ट” और “जिम्मेदारी से परे” कहा, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास का अंतराल बढ़ता दिखा।

फ़िलिस्तीनी अधिकार समूहों ने गुटेरेस के शब्दों को “काफी देर से” कहा और इज़राइल के अत्यधिक बल प्रयोग की कड़ी निंदा की। उन्होंने

बताया कि गाज़ा में कई स्कूल, अस्पताल और घर ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे हजारों बच्चे और बुजुर्ग बेघर हो गए हैं। इन संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में इज़राइल के खिलाफ युद्ध अपराध के आरोपों को दर्ज करने की तैयारी भी जताई। इस बीच, गाज़ा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि वे “अंतर्राष्ट्रीय

समुदाय की मौनता” से निराश हैं और तत्काल शरणार्थी सुरक्षा के उपायों की मांग कर रहे हैं।

इस विकास के साथ ही मध्य पूर्व के विभिन्न देशों ने अपने-अपने दृष्टिकोण पेश किए। सऊदी अरब ने गुटेरेस की अपील को “सहज” कहा और “स्थायी शांति” के लिए द्विपक्षीय वार्ता की आवश्यकता पर बल

दिया। इरान ने इज़राइल के कार्यों को “अवैध” बताया और गाज़ा के लोगों को “अंतिम समर्थन” का आश्वासन दिया। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने मानवीय सहायता के साथ-साथ आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए “लॉजिस्टिक सहयोग” की पेशकश की, जिससे क्षेत्रीय राजनैतिक गतिशीलता में

Updated: October 6, 2026


Antonio Guterres appealed to the UN for an immediate cease‑fire in Gaza, highlighting the severe humanitarian toll a year after the October 7 onslaught, while the Security Council convened to press for swift relief amid divergent Israeli and Palestinian narratives. Major Western powers pledged expanded aid and urged Israel to reassess its tactics, as regional actors offered varying levels of support and called for broader diplomatic solutions.

The UN Secretary‑General’s cease‑fire appeal has prompted a special Security Council session, focusing diplomatic attention on Gaza’s humanitarian emergency.

It has also spurred pledges of aid and reconstruction funding from several states, influencing international response coordination.

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