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तमिलनाडु खेल प्राधिकरण ने मायिलवागनन को संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया, खेल बुनियादी ढाँचा एवं एथलीट विकास

तमिलनाडु के खेल विकास प्राधिकरण (Sports Development Authority of Tamil Nadu) ने हाल ही में मायिलवागनन को संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Joint CEO) के रूप में नियुक्त किया, यह घोषणा सोमवार को प्राधिकरण के आधिकारिक ब्रीफ़िंग में की गई। नियुक्ति के तहत वह सदस्य सचिव के अधीन कार्य करेंगे और प्राधिकरण की रणनीतिक योजना

एवं संचालन में सहयोग करेंगे। इस नई भूमिका में मायिलवागनन को खेल बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षण संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राज्य के खेल परिदृश्य को सुदृढ़ करने के लक्ष्य को तेज़ी मिल सके।

मायिलवागनन का खेल प्रशासन में विस्तृत अनुभव है; उन्होंने पहले कई

राज्य और केंद्र सरकार के खेल परियोजनाओं में प्रमुख भूमिका निभाई है। पिछले दशक में वह तमिलनाडु के खेल नीति निर्माण में सक्रिय रहे, जहाँ उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार और युवा प्रतिभा की पहचान में योगदान दिया। उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि में खेल विज्ञान, वित्तीय प्रबंधन और सार्वजनिक नीति

का समन्वय शामिल है, जो इस पद की मांगों को पूरा करने में सहायक माना जाता है।

तमिलनाडु में खेल विकास की पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है। राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में ऑलिम्पिक खेलों में पदक जीतने वाले एथलीटों की संख्या बढ़ाई है, परंतु बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशिक्षण

के अपर्याप्त स्तर ने अक्सर प्रगति को बाधित किया। इस संदर्भ में प्राधिकरण ने 2022 में एक व्यापक सुधार योजना जारी की, जिसमें नई स्टेडियम, प्रशिक्षण केन्द्र और खेल विज्ञान लैब की स्थापना का लक्ष्य था। इस योजना की कार्यवाही में कई बाधाएँ आईं, जिससे प्रशासनिक पुनर्गठन की आवश्यकता महसूस हुई।

नए संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति से पहले, प्राधिकरण ने एक विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया चलायी। इस प्रक्रिया में वित्तीय ऑडिट, परियोजना मूल्यांकन और प्रबंधन संरचना का विश्लेषण शामिल था। समीक्षा के परिणामस्वरूप कई प्रबंधन स्तरों को दोबारा व्यवस्थित करने की सिफारिश की गई, जिससे निर्णय लेने की गति और जवाबदेही में

सुधार हो सके। मायिलवागनन को इस पुनर्गठन में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए चुना गया, क्योंकि उन्हें पिछले कार्यकाल में समान परिवर्तन प्रोजेक्टों का सफलतापूर्वक संचालन करने का रिकॉर्ड मिला है।

नियुक्ति के बाद पहली बैठक में, मायिलवागनन ने तीन प्राथमिक दिशा-निर्देश प्रस्तुत किए। पहला, मौजूदा खेल सुविधाओं का डिजिटल मानचित्रण

कर उनका उपयोगिता स्तर बढ़ाना; दूसरा, निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित कर सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल के तहत नई सुविधाएँ बनाना; तीसरा, एथलीट विकास कार्यक्रमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाकर ओलंपिक और एशियन खेलों में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना। इन बिंदुओं को कार्यान्वित करने के लिए उन्होंने एक विशेष कार्यसमिति गठित करने

की घोषणा की, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

प्रमुख घटनाक्रम के अनुसार, नियुक्ति के तुरंत बाद प्राधिकरण ने पाँच प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता दी। इनमें चेन्नई के नवीनतम बहु-खेल परिसर का निर्माण, कोयंबतूर में एथलेटिक ट्रैक का उन्नयन, और पुदुचेरी में खेल विज्ञान एवं पोषण केंद्र की स्थापना

शामिल है। साथ ही, राज्य भर में 200 से अधिक स्कूलों में खेल शिक्षा को अनिवार्य बनाने के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया, जिसका उद्देश्य युवा पीढ़ी में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है। इन पहलों के लिए वित्तीय योजना में केंद्रीय और राज्य दोनों स्तरों से अनुमानित ₹3,500 करोड़ का

बजट आवंटित किया गया है।

जवाबदेह पक्षों ने नियुक्ति पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं। तमिलनाडु सरकार के खेल मंत्री ने कहा कि मायिलवागनन की नियुक्ति प्राधिकरण को एक सुदृढ़ नेतृत्व प्रदान करेगी, जिससे खेल नीति के कार्यान्वयन में गति आएगी। प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने भी कहा कि संयुक्त CEO

के रूप में उनकी भूमिका रणनीतिक निर्णयों में सहयोगी होगी और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करेगी। वहीं, कुछ खेल संघों ने बताया कि उन्हें नई संरचना के तहत अपने हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट संवाद की आवश्यकता है।

विपक्षी दलों और कुछ नागरिक समूहों ने भी इस नियुक्ति पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि केवल एक व्यक्ति को इस स्तर पर अधिक अधिकार देना प्रशासनिक पारदर्शिता को कमजोर कर सकता है और निर्णय प्रक्रिया में केंद्रीकरण की समस्या उत्पन्न कर सकता है। इन समूहों ने प्राधिकरण से अपेक्षा की कि वह नियमित सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करे और सभी हितधारकों को नीति निर्माण में

भागीदारी का अवसर दे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बजट आवंटन की जाँच करने और परियोजनाओं की प्रगति को समय-समय पर सार्वजनिक रिपोर्ट में प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

राजनीतिक प्रभाव की दृष्टि से इस नियुक्ति का विश्लेषण किया जा रहा है।

Updated: September 22, 2026


Summary: Sports Development Authority of Tamil Nadu has named Mayilvaganam as joint CEO, tasking him with overhauling infrastructure, training centres and Olympic‑level athlete programmes through digital mapping, PPPs and a new work‑committee. The move follows a comprehensive audit and restructuring aimed at accelerating the state’s sport‑development agenda, backed by a ₹3,500 crore budget and mixed reactions from officials, federations and opposition groups.

The appointment adds experienced leadership to the Sports Development Authority, aiming to accelerate implementation of infrastructure, training and international‑competition projects. It also supports the authority’s ongoing restructuring to improve decision‑making speed and accountability.

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