भू‑विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में इस साल की सर्दियों की शुरुआत अपेक्षाकृत देर से हुई, परन्तु ठंड की तीव्रता में अचानक उछाल आया। पिछले सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में तापमान 25 °C के आसपास स्थिर रहा था, परन्तु गुरुवार से पूर्वी हिमालयी हवाओं के प्रभाव से ठंडी वायुमंडलीय दाब की स्थिति बनी। इस मौसमिक बदलाव के कारण कोहरा और धुंध के निर्माण में तेजी आई, जिससे कई नगरों में विजिबिलिटी घटने लगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी परिस्थितियाँ अगले दो हफ्तों तक बनी रह सकती हैं।
पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में समान ठंड और कोहरा के प्रकरणों की तुलना करने पर यह देखा गया कि इस बार कोहरे की घनत्व अधिक रही। विशेष रूप से लखनऊ में कोहरा शाम 6 बजे तक बना रहा, जिससे मुख्य राजमार्गों पर धुंध के कारण धीमी गति से वाहन चलना पड़ा। बरेली में कोहरा कई घंटों तक बना रहा, जिसके कारण स्थानीय बस सेवा में देरें हुईं। देवरिया और कुशीनगर में, ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे के कारण किसानों को फसल की जाँच और पशुधन की देखभाल में कठिनाई हुई।
इन परिस्थितियों में प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की कि धुंध और ठंड के कारण सर्दी, ब्रॉन्काइटिस और अन्य श्वसन रोगों में वृद्धि हो सकती है। अस्पतालों में रेस्पिरेटरी रोगों की शिकायतें बढ़ी हैं, विशेषकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों में। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों ने एंटीबायोटिक दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया, साथ ही लोगों को घर में रहकर गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।
परिवहन विभाग ने भी कोहरे के कारण सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को लेकर विशेष चेतावनी जारी की। कई हाईवे पर गति सीमा 60 किमी/घंटा तक घटा दी गई, और ट्रैक्टर्स व बड़े ट्रकों को दो लेन में चलाने के लिए निर्देशित किया गया। डाक विभाग ने कोहरे के कारण डाक वितरण में देरी का संकेत दिया, जबकि रेलवे ने कुछ स्थानीय ट्रेनों की समय सारिणी में परिवर्तन किया।
सामाजिक संगठनों ने भी इस मौसमिक स्थिति को देखते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। कई गैर‑सरकारी संगठनों ने ठंड से प्रभावित असहाय परिवारों को गर्म कपड़े, कम्बल और भोजन प्रदान किया। ग्रामीण इलाकों में, स्वयंसेवकों ने किसान मित्रों को कोहरे के कारण फसल निरीक्षण में मदद की, जिससे नुकसान कम करने की कोशिश की गई।
राज्य सरकार ने इस सर्दी के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों का एलान किया। मुख्यमंत्री के कार्यालय ने तत्काल राहत कार्य के लिए विशेष टीम गठित की, जो कोहरे और ठंड से प्रभावित क्षेत्रों में जल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में एसी और हीटिंग उपकरणों की व्यवस्था तेज़ी से की जा रही है।
विपक्षी दल के नेता और कई सांसदों ने इस स्थिति में सरकार की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की, साथ ही कहा कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढाँचे की कमी के कारण ऐसी मौसमिक आपदाओं से निपटना कठिन हो जाता है। उन्होंने कृषि मंत्रालय से अनुरोध किया कि किसानों को कोहरे से बचाने के लिए उचित बीज और फसल संरक्षण उपाय उपलब्ध कराए जाएँ।
वाणिज्य मंडलों ने कहा कि कोहरा और ठंड के कारण बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा है। विशेषकर सब्ज़ियों और फल‑सब्ज़ी के व्यापारियों ने बताया कि कोहरे के कारण परिवहन में देरी के कारण कीमतें बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों ने भी ग्राहकों को सूचित किया कि देर रात या सुबह के समय में खरीदारी करने से बचा जाए, ताकि स्वास्थ्य जोखिम कम हो।
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार की मौसमिक असामान्यताओं से राज्य की कृषि उत्पादन और बाजार आपूर्ति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। कोहरे से फसल की फसलन की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है, जिससे पैदावार में गिरावट और बाजार में कमी आ सकती है। इसके अतिरिक्त, परिवहन में देरी से लॉजिस्टिक लागत बढ़ेगी, जो उपभोक्ता मूल्यों में परिलक्षित होगी।
साम
Updated: November 4, 2026
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