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हैदराबाद मेट्रो‑RTC का संयुक्त मोबिलिटी कार्ड मासिक पास कीमत आधी, अब ₹4,000 से उपलब्ध।

हैदराबाद में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है: हाइड्राबाद मेट्रो और राज्यमंदिर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (RTC) के संयुक्त मोबिलिटी कार्ड के मासिक पास की कीमत नवंबर 8, 2026 से ₹8,500 के बजाय केवल ₹4,000 कर दी गई है। यह नई मूल्य निर्धारण नीति, जो दो प्रमुख शहर-परिवहन एजेंसियों के

बीच सहयोगी समझौते के तहत लागू की गई है, यात्रियों के बोझ को घटाने और सार्वजनिक यात्रा को अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इस कदम ने दैनिक आवागमन करने वाले कार्यरत वर्ग, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों में व्यापक चर्चा उत्पन्न कर दी है, क्योंकि यह लगभग आधी कीमत पर

समान सुविधाएँ प्रदान करता है।

हाइड्राबाद मेट्रो और RTC ने 2019 में संयुक्त मोबिलिटी कार्ड प्रणाली को शुरू किया, जिसका लक्ष्य विभिन्न परिवहन साधनों—मेट्रो, बस, और भविष्य में राइड‑शेयर विकल्प—को एक ही कार्ड में समाहित कर यात्रियों को एकीकृत टिकटिंग सुविधा देना था। प्रारंभिक चरण में कार्ड की कीमतें उच्च रखी गईं, जिससे कई संभावित

उपयोगकर्ता इसे आर्थिक रूप से कठिन मानते थे। पिछले पाँच वर्षों में, शहर की जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि, निजी वाहन के बढ़ते उपयोग और ट्रैफ़िक जाम की समस्याओं ने सार्वजनिक परिवहन की मांग को पुनः पुनरावलोकन के लिए प्रेरित किया। इसी संदर्भ में, सरकार ने लागत‑समीक्षा समिति का गठन किया, जिसने विभिन्न मूल्य‑निर्धारण

मॉडल का विश्लेषण किया।

समिति के निष्कर्षों के अनुसार, मौजूदा ₹8,500 मासिक पास की कीमत, विशेषकर मध्यवर्गीय और निम्न आय वर्ग के यात्रियों के लिए अत्यधिक बोझ बन चुका था। डेटा दर्शाता है कि लगभग 57 % नियमित यात्रियों ने वैकल्पिक निजी परिवहन, जैसे टैक्सी और ऑटो‑रिक्शा, को प्राथमिकता दी, जिससे सार्वजनिक सिस्टम की उपयोगिता घट

गई। इस कारण, मेट्रो और बसों के अधिभोग स्तर में गिरावट देखी गई, जबकि राजस्व में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रही, क्योंकि उच्च कीमतों के बावजूद कुछ ही उपयोगकर्ता ही कार्ड खरीदे थे। इन आँकड़ों ने मूल्य‑संरचना में सुधार की दिशा में सरकारी कार्रवाई को वैधता प्रदान की।

नवीन मूल्य निर्धारण के लागू होने से पहले,

कई सार्वजनिक सुनवाईयों और परामर्श सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में यात्रियों, व्यावसायिक संघों और सामाजिक संगठनों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कई समूहों ने कहा कि मौजूदा कीमतें आर्थिक असमानता को और बढ़ा रही थीं, जबकि कुछ व्यापारी वर्ग ने डर व्यक्त किया कि कम कीमतें राजस्व में गिरावट का कारण

बनेंगी और सेवा गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। इन विभिन्न ध्वनियों को सुनते हुए, मेट्रो और RTC ने निर्णय लिया कि कीमत को आधा कर देना ही एक संतुलित समाधान होगा, जिससे आय के स्रोत को विविधित किया जा सके और उपयोगकर्ता आधार को विस्तृत किया जा सके।

नवीन मूल्य निर्धारण का पहला चरण

नवंबर 8, 2026 से शुरू हुआ, जब आधिकारिक वेबसाइट और टर्मिनल पर अपडेट किए गए शुल्क प्रदर्शित हुए। इस बदलाव के साथ, पहले से खरीदे गए कार्डधारकों को मौजूदा मासिक पास का उपयोग जारी रखने की अनुमति दी गई, जबकि नए उपयोगकर्ताओं को नई कीमत पर ही आवेदन करना होगा। ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के

माध्यम से कार्ड की खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया गया, जिससे उपयोगकर्ता केवल डिजिटल भुगतान के जरिए ₹4,000 में पास प्राप्त कर सकें। साथ ही, कार्ड रिचार्ज के लिए अतिरिक्त छूट और प्रोमोशन भी उपलब्ध कराए गए, जिससे लंबी अवधि के उपयोग को प्रोत्साहन मिला।

पहले दो हफ़्तों में, विभिन्न शहर क्षेत्रों से आए रिपोर्टों

ने बताया कि नई कीमत ने यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है। मेट्रो की दो मुख्य लाइनों—लाल और नीली—पर औसत यात्रियों की संख्या 12 % बढ़ी, जबकि RTC की प्रमुख बस मार्गों पर भी 9 % की वृद्धि दर्ज हुई। इस वृद्धि का मुख्य कारण आर्थिक लाभ के साथ-साथ एकीकृत कार्ड के द्वारा यात्रा

की सहजता को माना गया। कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि अब वे एक ही कार्ड से मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं, जिससे समय की बचत और यात्रा की योजना बनाना आसान हो गया है।

इसी बीच, मेट्रो और RTC के वरिष्ठ प्रबंधन ने नई कीमत नीति पर अपने विचार

साझा किए। मेट्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यात्रियों को सस्ती और विश्वसनीय सेवा प्रदान करना है; इस मूल्य में कटौती से हम अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित कर पाएंगे।” वहीं, RTC के निदेशक ने कहा कि “आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ध्यान में रखकर यह निर्णय

लिया गया है, जिससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।” दोनों एजेंसियों ने यह भी बताया कि नई कीमत के बावजूद, संचालन लागत को नियंत्रित करने के लिए इंधन दक्षता और ऊर्जा‑संचयन तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

राज्य सरकार की ओर से भी इस बदलाव को

Updated: November 6, 2026

By slashing the metro‑bus pass to ₹4,000, Hyderabad is betting that lower fares will pull commuters back from private cars, easing congestion and boosting city‑wide mobility. If the trend holds, the move could set a precedent for other metros, proving that affordability can coexist with sustainable transit growth

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