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आसनसोल‑दुर्गापुर में नशा-अवैध व्यापार ध्वस्त, 14 गिरफ्तार, फेंटानिल‑सामग्री व 12 केस दर्ज, 8 बैंक

आसनसोल‑दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के अवैध कारोबार को ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें कुल 14 आरोपी को गिरफ्तार किया गया और 12 नए केस दर्ज किए गए। यह कार्रवाई पिछले दो महीनों में शुरू किए गए विशेष ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें नशीले पदार्थों, हथियारों, सोने के आभूषण और नकदी

सहित कई मूल्यवान वस्तुएँ बरामद की गईं। साथ ही, आर्थिक नेटवर्क को कुचलने के लिए आठ बैंक खातों को फ्रीज किया गया, जिनमें लगभग 31 लाख रुपये जमा थे। इस कदम को राज्य के नशा नियंत्रण विभाग ने एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उजागर किया है।

आसनसोल‑दुर्गापुर क्षेत्र में नशीले पदार्थों का व्यापार

पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है, विशेषकर फेंटानिल और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती उपलब्धता के कारण। पुलिस की जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में छोटे‑छोटे ड्रग डीलर्स ने अपने संचालन को विस्तारित किया है, जिससे स्थानीय सामाजिक व्यवस्था में गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। इस संदर्भ

में, राज्य सरकार ने 2022 में नशा नियंत्रण हेतु विशेष टास्क‑फोर्स स्थापित किया, जिसका प्राथमिक उद्देश्य आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना और आपराधिक धन को जप्त करना था।

पिछले वर्ष के आंकड़ों से पता चलता है कि आसनसोल‑दुर्गापुर क्षेत्र में फेंटानिल से जुड़ी अपराध दर में 35 % की वृद्धि हुई थी। साथ ही, इस क्षेत्र

में हथियारों के साथ नशे की बिक्री का प्रमाण भी कई बार सामने आया, जिससे पुलिस के लिए अपराधियों को पकड़ना और उनका आर्थिक आधार समाप्त करना कठिन होता गया। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, पुलिस ने विशेष जासूसी इकाइयों को तैनात किया, जिससे नशा सप्लाई चेन के विभिन्न स्तरों की पहचान की जा सके।

अभियान के दौरान, पुलिस ने एक गोदाम में 285 बोतलें फेंटानिल और 2.40 लाख अल्प्राजोलम की बड़ी मात्रा जब्त की। इस सामग्री की कीमत बाजार में करोड़ों रुपये के बराबर अनुमानित की गई है। साथ ही, 14 गिरफ्तारियों में ब्राउन शुगर सप्लायर पिंटू को मुख्य आरोपी के रूप में पहचाना गया, जिसे कई बार नशे

के कारोबार में संलग्न पाया गया था। अन्य गिरफ्तारियों में ड्रग वितरण, पैकेजिंग और वित्तीय लेन‑देन में सहयोग करने वाले कई व्यक्तियों को शामिल किया गया, जिससे अपराध नेटवर्क का व्यापक चित्र सामने आया।

जबरदस्त मात्रा में बरामद हुई नशीली दवाओं के साथ पुलिस ने 12 सशस्त्र हथियार, 18 कारतूस और कई कीमती आभूषण

भी जब्त किए। यह वस्तुएँ मुख्यतः नशे की तस्करी के दौरान उपयोग या भुगतान के रूप में रखी जाती थीं। इन सबकी बरामदगी ने यह स्पष्ट किया कि नशे के साथ वित्तीय और भौतिक संसाधनों का गठबंधन अपराधियों की शक्ति को बढ़ाता है। इस कारण, पुलिस ने आर्थिक पहलू को तोड़ने के लिए आठ बैंक

खातों को फ्रीज किया, जिसमें कुल 31 लाख रुपये जमा थे, जिससे आपराधिक धन धारा को बाधित किया गया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस कार्रवाई से नशा व्यापारियों को यह संदेश दिया गया है कि उनका कोई भी आर्थिक या भौतिक समर्थन अब सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में

ऐसे ही कई अभियानों का संचालन किया जाएगा, जिससे नशे के व्यापारियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। इस संदर्भ में, पुलिस ने स्थानीय समुदाय से सहयोग की अपील की, ताकि सूचना साझा करने से अपराधियों को और अधिक बाधित किया जा सके।

गिरफ्तार व्यक्तियों में से कई ने अपने आपराधिक

कार्यों को नकारते हुए कहा कि वे केवल आर्थिक कठिनाइयों के कारण इस क्षेत्र में प्रवेश किए। कुछ ने यह भी कहा कि वे नशे के कारोबार से जुड़े नहीं हैं, बल्कि सप्लाई चेन में एक छोटे कड़ी के रूप में कार्य कर रहे थे। वहीं, अन्य ने आरोप लगाया कि स्थानीय राजनीतिक दलों के

कुछ सदस्य उनके खिलाफ दबाव बना रहे थे। इन विभिन्न बयानों के बावजूद, पुलिस ने सभी आरोपियों को ठोस साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में शामिल कई व्यक्तियों के पास पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड था, जिसमें नशे

के व्यापार, चोरी और दंगाइयों के आरोप शामिल थे। इस प्रकार के दोहराव वाले अपराधियों को विशेष रूप से कड़ी सजा की संभावना है। साथ ही, न्यायालय ने इस मामले को विशेष ट्रायल कोर्ट में भेजने की सिफारिश की है, जिससे तेज़ी से न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को

सराहते हुए कहा कि नशा नियंत्रण में पुलिस की तत्परता और सक्रियता एक उदाहरण स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार सभी स्तरों पर सहयोग जारी रखेगी और आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए अतिरिक्त उपाय करेगी। वित्त विभाग ने भी


A special police operation in Asansol‑Durgapur seized large stocks of fentanyl, weapons and cash, froze eight bank accounts and arrested 14 suspects, including a key drug supplier. Authorities hailed the crackdown as a major blow to the region’s growing synthetic‑drug trade and vowed to pursue further raids to dismantle the criminal network.

This bust shows that disrupting a drug ring is as much a financial fight as a street‑level raid—freezing bank accounts sends a clear message that money is the lifeblood of the trade.
By cutting off both the cash flow and the physical inventory, the police are forcing traffickers to choose

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