अग्निशमन विभाग के अधीक्षक श्रेयांस बिप्रा ने बैठक में कहा कि 300 वर्गमीटर से अधिक पंडाल के लिये विस्तृत संरचनात्मक योजना, सामग्री की प्रमाणित सूची और विद्युत कार्यों की प्रमाणन प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंडाल का आधारभूत संरचना को न्यूनतम दो स्तर की अग्निरोधी परतों से सुदृढ़ किया जाना चाहिए और सभी विद्युत कनेक्शन को मानक नियामक के अनुसार ही चलाया जाएगा।
बैठक में पंडाल समिति के अध्यक्षों ने कहा कि वे निर्देशों का पूर्ण पालन करेंगे और समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेज़ तैयार करेंगे। कुछ समितियों ने बताया कि उन्होंने पहले ही स्थानीय ठेकेदारों को अग्निरोधी सामग्री की आपूर्ति के लिए निर्देशित किया है और सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों को विशेषज्ञों के पास भेजा गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पंडाल निर्माण में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलेगा, जिससे आर्थिक लाभ भी होगा।
विपरीत रूप से, कुछ छोटे पंडाल समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि 300 वर्गमीटर की सीमा से ऊपर जाने पर अतिरिक्त लागत का बोझ बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि कई समुदायिक समूहों के पास सीमित बजट है और अतिरिक्त NOC प्रक्रिया के कारण निर्माण में देरी हो सकती है। इस कारण से उन्होंने विभाग से लचीलापन की मांग की, जिससे कि छोटे पंडाल भी सुरक्षित रूप से निर्मित हो सकें।
दुर्गा पूजा के प्रमुख आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत पंडाल की ऊँचाई को 30 मीटर से अधिक नहीं रखा जाएगा और भीड़ नियंत्रण के लिए उचित प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू किया जाएगा, जिससे किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचा जा सके।
राज्य स्तर के अधिकारी और नगर पालिका की ओर से भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की गई। राज्य गृह विभाग ने कहा कि सभी पंडालों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाना अनिवार्य है और कोई भी अनधिकृत पंडाल कार्यवाही में नहीं आना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में पंडाल सुरक्षा के लिये विशेष निरीक्षक टीम गठित की जा सकती है।
वाणिज्य मंडल ने कहा कि पंडाल निर्माण से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, विशेषकर सजावट, प्रकाश उपकरण और सुरक्षा उपकरणों की मांग में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पंडाल से जुड़ी आर्थिक गतिविधियाँ छोटे व्यापारियों और हस्तशिल्पियों के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत बनती हैं, जिससे समग्र स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
Updated: September 30, 2026
The fire‑department’s mandatory NOC for pandals larger than 300 sq m formalizes safety checks, aiming to prevent fire incidents that have caused deaths and losses in previous festivals.
Compliance also standardises construction, electrical and fire‑resistance measures across venues.
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