विद्युत एसडीओ अमरजीत कुमार और जेई कुंदन ने संयुक्त रूप से इस मेंटेनेंस कार्य की जानकारी जारी की। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान सभी प्रभावित क्षेत्रों को पूर्व सूचना दी जा रही है और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक स्रोतों से आपातकालीन आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। कार्य शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 9 घंटे पर कोल्लुा फीडर में विद्युत प्रवाह को रोक कर जंफर इकाई स्थापित की जाएगी। दोपहर 12 तक काम पूरा होने पर फीडर को पुनः सक्रिय किया जाएगा और सामान्य आपूर्ति पुनः शुरू होगी। इस प्रक्रिया में ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और कंट्रोल पैनल की जाँच भी की जाएगी, जिससे संभावित दोषों की पहचान और उनका निराकरण संभव होगा।
संबंधित विभाग ने बताया कि इस मेंटेनेंस कार्य के दौरान 1 मेगा वाट के अतिरिक्त लोड को अन्य निकटवर्ती ग्रिड्स से शिफ्ट किया जाएगा, जिससे कुल डिमांड संतुलित रहेगी। इस व्यवस्था से न केवल आउटेज के दौरान उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा होगी, बल्कि ग्रिड की स्थिरता भी बनी रहेगी। स्थानीय वितरण कंपनी ने आपातकालीन जनसंवाद केंद्र स्थापित कर नागरिकों के सवालों का जवाब देने का भी प्रबंध किया है।
बनियापुर क्षेत्र में इस प्रकार की अवधि‑व्यापी विद्युत कटौती पहले भी कई बार हुई है, परन्तु इस बार कार्य का दायरा व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत बताया गया है। स्थानीय उद्योग और कृषि इकाइयों ने इस कार्य को सहयोगात्मक स्वर में देखा है, क्योंकि जंफर जोड़ने से बिजली के वैविध्य और क्षति को कम करने में मदद मिलेगी।
विद्युत विभाग के प्रमुख ने कहा कि इस मेंटेनेंस से ग्रिड की लोड‑फ़्लो क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में अत्यधिक मौसम‑सम्बन्धी उतार‑चढ़ाव के कारण होने वाले व्यवधानों को नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस सफल कार्यान्वयन के बाद अन्य ग्रिड्स में भी समान सुधारात्मक उपाय अपनाए जा सकते हैं।
सारण जिले के किसान संघ ने इस कार्य के बारे में आशावादी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जंफर की स्थापना से फसल सिंचाई के लिये स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे उत्पादन में संभावित वृद्धि होगी। संघ के प्रमुख ने यह भी कहा कि यदि कार्य में कोई अनपेक्षित समस्या उत्पन्न हुई तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों ने भी इस योजना का समर्थन किया, क्योंकि बिजली की निरंतर आपूर्ति उनके उत्पादन और बिक्री को प्रभावित करती है। कई छोटे उद्योगों ने बताया कि वे इस तीन घंटे की व्यवधान को कम से कम नुकसान के साथ सहन करेंगे, क्योंकि उन्हें पहले से ही वैकल्पिक पावर बैकअप की व्यवस्था है।
राज्य सरकार ने इस मेंटेनेंस को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। वित्त विभाग ने कहा कि इस प्रकार के उन्नयन से दीर्घकालिक रूप से लागत में कमी आएगी और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। इस संबंध में अगले वित्तीय वर्ष के बजट में इसी तरह के प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त निधि आवंटित करने की योजना है।
आर्थिक विश्लेषकों ने बताया कि ग्रिड में जंफर जोड़ने से औद्योगिक उत्पादन की निरंतरता बढ़ेगी और बिजली के कारण होने वाले उत्पादन नुकसानों में कमी आएगी।
Updated: September 28, 2026
The three‑hour outage enables installation of a Juniper unit and related checks, which are intended to improve fault‑clearing speed and load‑balancing on the Banipur‑GSS sub‑substation.
Enhanced grid stability is expected to reduce future supply interruptions for residential and commercial customers.
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