राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव आया है, जहां आम आदमी पार्टी (आप) के 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय को मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा की वेबसाइट पर अब सातों सांसद बीजेपी के सदस्यों की सूची में दिखाए गए हैं। 24 अप्रैल को आप छोड़कर बीजेपी में विलय करने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी ने सदस्यता रद्द करने की मांग की थी, लेकिन राज्यसभा के सभापति ने बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सातों सांसदों का एनडीए में स्वागत किया और कहा कि वे अब बीजेपी संसदीय दल के सदस्य हैं।
किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि राज्यसभा के माननीय सभापति श्री सीपी राधाकृष्णन जी ने AAP के 7 सांसदों के BJP में विलय को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण करने वाले NDA में आपका स्वागत है, और ‘टुकड़े-टुकड़े’ INDI गठबंधन को अलविदा।
बीजेपी में विलय के बाद राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। यह बदलाव राज्यसभा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेगा। आम आदमी पार्टी ने इस बदलाव को लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि यह बदलाव पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
राघव चड्ढा ने आप छोड़ने के एक दिन बाद कहा था कि शीशमहल दिल्ली चुनाव में हार की प्रमुख वजह थी। संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी पंजाब में ऑपरेशन लोटस चला रही है। यह बदलाव राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण को बदलने में मदद करेगा और बीजेपी को आगामी चुनावों में फायदा पहुंचा सकता है।
कुल मिलाकर, राज्यसभा में AAP के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी मिलना एक बड़ा बदलाव है, जो राज्यसभा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेगा। यह बदलाव आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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