पटना में होली के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अश्लीलता या हुड़दंग नहीं हो। प्रशासन ने ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और गश्ती के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी ड्रोन, वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का आदेश दिया गया है। अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ साइबर सेल तुरंत कार्रवाई करेगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि होली में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, नशीले पदार्थों के सेवन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शांति समिति की बैठकें समय पर आयोजित कर स्थानीय स्तर पर संवाद बनाए रखें, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।
होली के मद्देनजर जिले में कई स्थानों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। थानों में अतिरिक्त गश्ती दल बनाए जा रहे हैं और 28 फरवरी से 5 मार्च तक विशेष सतर्कता बरती जाएगी। हुड़दंगियों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही वीडियोग्राफी और सीसीटीवी के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
बिहार राज्य महिला आयोग ने भी होली के दौरान अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखा है। आयोग का मानना है कि ऐसे गानों से न केवल सामाजिक माहौल दूषित होता है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जो अक्सर छेड़खानी और विवाद का कारण बनता है। पुलिस अब ऐसे डीजे और साउंड सिस्टम मालिकों को चिह्नित कर रही है जो अश्लीलता परोसेंगे।
होली के दौरान आपको कहीं भी हिंसा, अशांति या अश्लीलता की शिकायत करनी हो, तो प्रशासन ने इसके लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। 0612-2219810, 2219234, और 2210116 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में डायल 112 हमेशा की तरह सक्रिय रहेगा।