गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांचल में एक कार्यक्रम के दौरान घुसपैठियों को चिह्नित कर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए जल्द ही अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सीमांचल इलाके में घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और फिर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है, लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा चैलेंजिंग होती है। उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि लगभग 554 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड के निर्माण की भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि सीमा से करीब 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण किए गए हैं, उसे हटाया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।
अमित शाह ने सीमा पर तैनात जवानों को ट्रेनिंग देने की बात भी कही और बंगाल में बीजेपी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ा गया था और इसे जनता ने स्वीकार भी किया। अब बंगाल में चुनाव है और वहां भी बीजेपी जीतेगी। जीत के बाद सबसे पहले वहां सीमा वाले इलाके में बाड़ का काम किया जाएगा और चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा।