केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बिहार के किशनगंज में एक उच्च स्तरीय बैठक में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर चर्चा की। यह बैठक मेंची सभागार में आयोजित की गई, जहां जिला प्रशासन, एसएसबी, बीएसएफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
अमित शाह का यह दौरा 25 से 27 फरवरी तक चलेगा और इसका मुख्य फोकस किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों पर है, जो नेपाल सीमा से सटे हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माने जाते हैं और सीमा पार गतिविधियों, घुसपैठ और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
अमित शाह ने किशनगंज के ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम में भी भाग लिया और कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। रात में उन्होंने मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास पर एक राजनीतिक बैठक में भाग लिया, जिसमें 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी तंत्र मजबूत करने, अवैध गतिविधियों पर रोक, खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के तालमेल को भी प्राथमिकता दी गई।
अमित शाह 26 फरवरी को अररिया और पूर्णिया का दौरा करेंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। यह दौरा भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।