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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान दौरा: यूपी में निवेश का न्योता और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं, जहां उन्होंने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया। यह उनका पहला जापान दौरा है, जहां उन्हें एक बच्ची ने तिलक लगाकर स्वागत किया।

टोक्यो में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक नया अध्याय लिख रहा है, जहां विकास, विरासत और उत्सवों की पहचान है। उन्होंने कहा कि जापान को ‘राइजिंग सन’ की धरती कहा जाता है, लेकिन भारत ‘सन ऑफ द सन’ की भूमि है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का जिक्र किया, जहां 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे वर्ष में लगभग 156 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी समाज अपनी विरासत पर गर्व करके ही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विरासत पर गर्व अपने पूर्वजों और महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में दंगा और कर्फ्यू की खबरें नहीं आतीं, बल्कि विकास और उत्सवों की चर्चा होती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया और कहा कि प्रदेश में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जापान की कई कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है और उन्हें प्रदेश में सुरक्षित महसूस हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्केल को स्किल में बदलने का सामर्थ्य है और प्रदेश में सुरक्षित माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में यंग वर्कफोर्स है और इंडस्ट्रियल पार्क के लिए फोरलेन कनेक्टिविटी और पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं और प्रदेश में 34 से ज्यादा सेक्टरल पॉलिसीज हैं। उन्होंने कहा कि 55% मोबाइल बनाने का काम सिर्फ उत्तर प्रदेश में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60% मैन्युफैक्चर उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने यह भी कहा कि डाटा सेंटर बनाने का प्रस्ताव मिले हैं और हाल ही में सेमी कंडक्टर यूनिट का शिलान्यास किया गया है।

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