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मुंबई गणेशोत्सव में सुरक्षा इकाई बढ़ाई, पुलिस ने 16,800 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती के लिए दी घोषणा

मुंबई‑फ़ेस्टिवल के मुख्य आकर्षण गणेशोत्सव के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मुंबई पुलिस ने 16,800 से अधिक कर्मचारियों को तैनात करने की योजना घोषित की है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दो‑तीन गुना अधिक है और इसका उद्देश्य भीड़‑भाड़ वाले स्थानों पर

क्रमबद्ध नियंत्रण, ट्रैफ़िक प्रबंधन तथा सार्वजनिक व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। तैनाती में पुलिस के साथ साथ महिला पुलिस, ट्रैफ़िक पुलिस, थैंपिंग यूनिट और विशेष रूप से नियुक्त सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे, जिन्हें विभिन्न प्रमुख स्थानों पर बंटाया जाएगा।

गणेशोत्सव, जो आमतौर पर सितंबर‑अक्टूबर में मनाया जाता है, मुंबई

में सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। इस दौरान शहर की सड़कों पर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इकट्ठा होते हैं, जिससे ट्रैफ़िक जाम, भीड़‑भाड़ और असंतुलन की समस्या उत्पन्न होती है। पिछले कुछ वर्षों में भीड़‑संकट के कारण कई बार दंगे और चोरी‑चोरी की

घटनाएँ रिपोर्ट हुई हैं, जिससे पुलिस को सुरक्षा के मानक को लगातार बढ़ाना पड़ता है।

पिछले वर्ष के गणेशोत्सव में, लगभग 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद भीड़‑प्रबंधन में कठिनाइयाँ सामने आई थीं। विशेषकर लार्कोवागी, बांधवगढ़, वर्ली और सेंट्रल बॉर्डर पर भीड़‑भाड़ के कारण दुर्घटनाएँ और छोटे‑मोटे अपराध सामने

आए। इस अनुभव के आधार पर इस वर्ष की योजना में सुरक्षा कर्मियों की संख्या को बढ़ाते हुए, विशेष रूप से भीड़‑प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाली थैंपिंग यूनिट को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

गणेशोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों की शुरुआत 18 सितंबर को हुई, जिसमें समुद्र तट पर स्थापित

बड़े पैमाने के पंडालों में प्रथम चरण का पूजा समारंभ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने प्री‑फ़ेस्टिवल सुरक्षा जाँचें शुरू कर दीं, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई और अस्थायी जांच चौकियों की स्थापना की गई। इसके अतिरिक्त, प्रमुख प्रवेश‑निकास बिंदुओं पर बॅरिकेड

और नियंत्रण बिंदु स्थापित किए गए, जिससे अवैध वस्तुओं और अवांछित भीड़ को रोकने में मदद मिली।

समारोह के पहले दिन, लार्कोवागी के प्रमुख पंडाल के आसपास 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, जिसमें 200 महिला पुलिस को भी शामिल किया गया। इस व्यवस्था के तहत भीड़‑प्रबंधन के लिए

दो‑तीन किलोमीटर तक की परिधि में सुरक्षा बाड़ें लगाई गईं, और भीड़‑भाड़ को नियंत्रित करने हेतु सिग्नलिंग उपकरण और ध्वनि संकेतक स्थापित किए गए। यह कदम स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयास से संभव हुआ, जिसका उद्देश्य सुरक्षा जोखिम को न्यूनतम स्तर पर रखना था।

उसी ही दिन,

वर्ली के किनारे स्थापित पंडाल के पास भी 2,300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, जहाँ ट्रैफ़िक को सुगमता से चलाने के लिए विशेष ट्रैफ़िक पुलिस की इकाइयाँ तैनात की गईं। इस प्रक्रिया में मुख्य सड़कों को एक‑एक कर बंद कर वैकल्पिक मार्गों का निर्माण किया गया, जिससे भीड़‑भाड़ को दूर

रखा जा सके। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन के प्रमुख बिंदुओं पर अतिरिक्त रैंच स्थापित किए गए, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित हुई।

इन सुरक्षा उपायों पर मुंबई पुलिस के महानिदेशक अजय शर्मा ने कहा कि “गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस वर्ष हम

अधिक सख्त सुरक्षा मानक लागू कर रहे हैं, जिससे नागरिकों को बिना किसी भय के उत्सव मनाने का अवसर मिले।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने विशेष रूप से भीड़‑प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित थैंपिंग इकाइयों को सक्रिय किया है, जो भीड़‑भाड़ वाले क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में सक्षम

होंगी।

शहर के प्रमुख व्यवसायिक संघ, मुंबई चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री (MCCI) ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की। MCCI के अध्यक्ष ने बताया कि “विस्तारित सुरक्षा व्यवस्था न केवल नागरिकों की सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि व्यवसायिक गतिविधियों को भी स्थिर रखेगी। इस दौरान शॉपिंग मॉल,

रेस्तरां और होटल में भीड़‑भाड़ के कारण संभावित नुकसान को रोका जा सकेगा।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा की इस ठोस योजना से पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और आर्थिक लाभ में भी इजाफा होगा।

गणेशोत्सव के प्रमुख आयोजकों में से एक, लार्कोवागी पंडाल ट्रस्ट के प्रमुख ने पुलिस की विस्तृत

तैयारी को “एक सकारात्मक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि “बढ़ी हुई पुलिस उपस्थिति और ट्रैफ़िक नियंत्रण से हमें अपने कार्यक्रम को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। हम भी अपने स्वयं के सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करेंगे, जैसे कि प

Updated: September 13, 2026


Mumbai police will deploy over 16,800 officers – including women, traffic units and specialised thumping squads – to tighten crowd control, traffic flow and overall security for the upcoming Ganeshotsav, a three‑fold increase from previous years. The heightened deployment aims to curb past incidents of unrest and crime at key sites such as Larkovagi, Bhandhgaon, Worli and the Central Border, ensuring a safer festive atmosphere for millions of devotees and tourists.

The deployment of over 16,800 police personnel, including specialized units, expands crowd‑control and traffic‑management capacity for the Ganeshotsav celebrations.
Enhanced security measures aim to maintain public order and protect economic activities during the high‑attendance festival.

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